“The entire process was seamless. The pandit performed the Satyanarayan Puja with complete devotion and we received the video proof the same day.”
Priya Sharma
Mumbai• Satyanarayan Puja

चंडी पाठ में दुर्गा सप्तशती के 700 पवित्र श्लोकों का पाठ किया जाता है, जो मां दुर्गा की दिव्य शक्ति का आह्वान करता है। यह बाधाओं को दूर करता है, नकारात्मक शक्तियों का नाश करता है और जीवन में सफलता, शांति व समृद्धि लाता है।
Duration
3h
Starting price
₹7,100
चंडी पाठ हिंदू धर्म की एक अत्यंत शक्तिशाली और पूजनीय साधना है, जो देवी दुर्गा के उग्र और रक्षक स्वरूप को समर्पित है। इसमें दुर्गा सप्तशती (देवी महात्म्य) का संपूर्ण पाठ किया जाता है, जिसमें 13 अध्याय और 700 श्लोक होते हैं, जो देवी की दुष्ट शक्तियों पर विजय का वर्णन करते हैं।
इस अनुष्ठान की शुरुआत संकल्प से होती है, इसके बाद गणेश पूजा और कलश स्थापना की जाती है। मुख्य अनुष्ठान में चंडी पाठ का पूर्ण पाठ, अर्पण, मंत्र जाप और आरती शामिल होती है। कई बार इसकी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए अंत में हवन भी किया जाता है।
यह पाठ विशेष रूप से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने, बड़ी बाधाओं को समाप्त करने, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सफलता पाने के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। नवरात्रि के समय इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
विधि-विधान और श्रद्धा के साथ किया गया चंडी पाठ जीवन में सुरक्षा, साहस, शक्ति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।

वाराणसी
दुर्गा मंदिर, जिसे दुर्गा कुंड मंदिर भी कहा जाता है, पवित्र नगरी वाराणसी में स्थित एक प्राचीन, प्रसिद्ध एवं अत्यंत पूजनीय शक्तिपीठ है। यह मंदिर माँ दुर्गा को समर्पित है और हिंदू धर्म में इसका विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। यह वाराणसी के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं।
मंदिर का इतिहास
दुर्गा मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में बंगाल की महान महारानी रानी भवानी (नाटोर) द्वारा कराया गया था। ऐसी मान्यता है कि मंदिर में विराजमान माँ दुर्गा की प्रतिमा स्वयंभू (स्वयं प्रकट) है, अर्थात् इसे किसी मानव ने निर्मित नहीं किया।
देवी भागवत पुराण के अध्याय 23 के अनुसार, काशी नरेश की पुत्री शशिकला और वनवासी राजकुमार सुदर्शन की कथा इस मंदिर की स्थापना से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि एक युद्ध के समय माँ दुर्गा सिंह पर सवार होकर प्रकट हुईं और काशी की रक्षा की। उसी दिव्य घटना की स्मृति तथा काशी की निरंतर सुरक्षा के उद्देश्य से इस मंदिर की स्थापना की गई।
मंदिर की वास्तुकला
दुर्गा मंदिर का निर्माण उत्तर भारतीय नागर शैली में किया गया है। मंदिर का लाल और केसरिया रंग शक्ति, ऊर्जा और तेज का प्रतीक माना जाता है।
मंदिर में सुंदर नक्काशीदार पत्थर, आपस में जुड़े छोटे-छोटे शिखर और भव्य संरचना इसकी दिव्यता और आकर्षण को और अधिक बढ़ाते हैं।
दुर्गा कुंड
मंदिर के समीप स्थित दुर्गा कुंड एक पवित्र सरोवर है, जो पूर्वकाल में गंगा नदी से जुड़ा हुआ था। यह कुंड मंदिर की पवित्रता और सौंदर्य को और अधिक बढ़ाता है।
नवरात्रि एवं अन्य प्रमुख पर्वों के दौरान यहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से भर जाता है।
धार्मिक महत्व
मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन और श्रद्धा से यहाँ माँ दुर्गा की पूजा करता है, उसे—
• भय एवं कष्टों से मुक्ति
• शत्रुओं और बाधाओं का नाश
• मनोकामनाओं की पूर्ति
• शक्ति, साहस और आत्मविश्वास की प्राप्ति
होती है।
Puजरिजि.coम पर उपलब्ध सेवाएँ
श्रद्धालु Puजरिजि.coम के माध्यम से दुर्गा मंदिर, वाराणसी में निम्नलिखित पूजाएँ बुक कर सकते हैं—
✔️ विशेष दुर्गा पूजा
✔️ नवरात्रि विशेष अनुष्ठान
✔️ मनोकामना पूर्ति पूजा
श्रद्धा आपकी, सेवा हमारी
How It Works
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1 Acharya + All Puja Material
इस पैकेज में 1 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो दुर्गा सप्तशती मध्यम चरित्र पाठ एवं हवन को विधि-विधान से सम्पन्न करने के लिए उपयुक्त है।
पूजा प्रक्रिया:
नोट: सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यह पूजा निर्धारित मंदिर में सम्पन्न की जाती है।
2 items included
1 Acharya + All Puja Material
इस पैकेज में 1 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो दुर्गा सप्तशती संपूर्ण पाठ एवं हवन को विधि-विधान से सम्पन्न करने के लिए उपयुक्त है।
यह पाठ नवरात्रि के दौरान 9 दिनों में सम्पन्न किया जाता है, जिसमें नवमी के दिन हवन किया जाता है।
अन्य दिनों में यह पूरा पाठ एक ही दिन में भी किया जा सकता है।
पूजा प्रक्रिया:
नोट: यह पूजा मंदिर में सम्पन्न की जाती है और सभी आवश्यक सामग्री आचार्य द्वारा लाई जाती है। बुकिंग के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
2 items included
1 Acharya + All Puja Material
इस पैकेज में 1 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो दुर्गा सप्तशती के 9 बार पाठ एवं हवन को विधि-विधान से सम्पन्न करने के लिए उपयुक्त है।
इसमें दुर्गा सप्तशती का 9 बार पूर्ण पाठ किया जाता है तथा एक पाठ के साथ हवन सम्पन्न किया जाता है, जिससे यह अनुष्ठान अधिक प्रभावशाली बनता है।
नवरात्रि के अलावा अन्य दिनों में यह प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी की जा सकती है।
पूजा प्रक्रिया:
नोट: यह पूजा मंदिर में सम्पन्न की जाती है और सभी व्यवस्था आचार्य द्वारा की जाती है। बुकिंग के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
2 items included
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“The entire process was seamless. The pandit performed the Satyanarayan Puja with complete devotion and we received the video proof the same day.”
Priya Sharma
Mumbai• Satyanarayan Puja
“Living abroad, I was worried about getting authentic puja done at Kashi. Pujariji handled everything — from samagri to sankalp. Highly recommended!”
Rajesh Gupta
San Francisco, USA• Rudrabhishek
“Booked Graha Shanti puja for my new home. The pandit was very knowledgeable and explained every step. The video recording was a wonderful touch.”
Meena Iyer
Bangalore• Graha Shanti Puja
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