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शतचंडी पाठ

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शतचंडी पाठ

शतचंडी पाठ, चंडी पाठ का एक उन्नत और विस्तृत रूप है, जिसे कई पंडितों द्वारा कई दिनों तक किया जाता है। इसमें दुर्गा सप्तशती का बार-बार पाठ, हवन और विशेष अनुष्ठान शामिल होते हैं, जिससे प्रबल दिव्य ऊर्जा का आह्वान होता है। यह पूजा बड़ी समस्याओं को दूर करने, सफलता प्राप्त करने और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाने के लिए की जाती है।

Duration

2h – 3h

Best time

सुबह

Starting price

₹75,000

Benefits

  • व्यापार में उन्नति व जीवन में सुख शांति में  सहायक ।
  • कार्यालय में प्रगति और आर्थिक लाभ के लिए भी किया जाता है।
  • नवरात्रि के समय या शुक्रवार या तिथि विशेष पर किया जाता है।
  • मुख्य देवताः श्री दुर्गा माता जी

शतचंडी पाठ

शतचंडी दुर्गा पाठ विशेष पूजा

शतचंडी पाठ क्या है?

“शत” का अर्थ है – सौ और शतचंडी पाठ का अर्थ है दुर्गा सप्तशती के 13 अध्यायों (700+ श्लोक) का 100 बार विधिपूर्वक पाठ करना।

इस दिव्य अनुष्ठान के माध्यम से माँ दुर्गा (माँ चंडी) की विशेष कृपा प्राप्त की जाती है, जिन्हें मानव जाति की रक्षक और सृष्टि की आद्यशक्ति माना गया है।

माँ दुर्गा को संसार की आत्मा एवं एकमात्र सत्य कहा गया है, जिनमें सम्पूर्ण ब्रह्मांडीय शक्तियाँ समाहित हैं।

शतचंडी पाठ उनके आशीर्वाद को जाग्रत करने का सर्वोत्तम वैदिक माध्यम है।

शतचंडी दुर्गा पाठ का आध्यात्मिक महत्व

शतचंडी पाठ में महिषासुर पर देवी की विजय का वर्णन है, जो यह दर्शाता है कि माँ दुर्गा सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं पर विजय दिलाती हैं।

इस अनुष्ठान का उद्देश्य माँ दुर्गा की कृपा से जीवन के कष्ट, संघर्ष, भय एवं असफलताओं का निवारण करना है।

शतचंडी दुर्गा पाठ के प्रमुख लाभ

व्यापार में वृद्धि एवं आर्थिक उन्नति

विवाह में विलंब एवं वैवाहिक बाधाओं का निवारण

गंभीर रोगों एवं मानसिक तनाव में विशेष लाभकारी

कुंडली के अशुभ दोष (ग्रह दोष, कालसर्प, पितृदोष आदि) का शमन

तंत्र बाधा, नकारात्मक ऊर्जा एवं शत्रु दोष से रक्षा

ऋण मुक्ति एवं सौभाग्य में वृद्धि

दीर्घायु, सुख, शांति एवं समृद्ध जीवन की प्राप्ति

मोक्ष मार्ग को प्रशस्त करने में सहायक

वातावरण को शुद्ध कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है

मन, शरीर और आत्मा का पूर्ण शुद्धिकरण

पूजा विधि

पूजा माँ दुर्गा के आवाहन से प्रारंभ होती है, तत्पश्चात मंत्रोच्चारण, दुर्गा सप्तशती के 100 पाठ एवं षोडशोपचार विधि से देवी की विधिवत आराधना की जाती है।

इसके पश्चात हवन, प्रार्थना एवं माँ दुर्गा की आरती संपन्न होती है, जिससे साधक को देवी का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त होता है।

ब्राह्मण संख्या एवं आयोजन अवधि

शतचंडी पाठ अनेक ब्राह्मणों द्वारा संपन्न कराया जाता हैः

साधारण पाठ हेतु – 21 ब्राह्मण

संपुट पाठ हेतु – 51 ब्राह्मण

यह अनुष्ठान 1, 3, 5 या 7 दिनों में ब्राह्मणों की उपलब्धता एवं अनुष्ठान स्तर के अनुसार विधिपूर्वक संपन्न किया जाता है।

शुभ समय

मंगलवार एवं शुक्रवार को विशेष फलदायी

नवरात्रि, अष्टमी एवं पूर्णिमा तिथि पर अत्यंत शुभ

विशेष लाभ हेतु शुभ मुहूर्त में आरंभ कराया जाता है

शतचंडी पाठ क्यों कराना चाहिए?

शतचंडी पाठ जीवन में निडरता, सुरक्षा कवच और दैवीय संरक्षण प्रदान करता है।

जो जातक भारी ऋण, गृह क्लेश, स्वास्थ्य समस्या या जीवन संघर्ष से जूझ रहे हों, उनके लिए यह अनुष्ठान विशेष रूप से लाभकारी है।

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  • उन्नत

    21 Acharya + All Puja Material

    इस पैकेज में दुर्गा सप्तशती अनुष्ठान एवं हवन शामिल है, जो 21 आचार्यों द्वारा सभी आवश्यक पूजा सामग्री सहित सम्पन्न किया जाता है।

    यह अनुष्ठान सुरक्षा, समृद्धि एवं आध्यात्मिक शक्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

    पूजा की अवधि 1 दिन, 3 दिन या 5 दिन (बुकिंग के अनुसार) में पूर्ण की जा सकती है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • स्वस्ति वाचन
    • संकल्प
    • गणपति पूजा
    • कलश पूजा
    • पुण्याहवाचन
    • मातृका पूजा
    • नवग्रह पूजा
    • वास्तु पूजा
    • क्षेत्रपाल पूजा
    • सर्वतोभद्र पूजा
    • माँ दुर्गा पूजा
    • आरती एवं पुष्पांजलि

    इस अनुष्ठान में दुर्गा सप्तशती (13 अध्यायों के 700 श्लोक) का 100 बार पाठ किया जाता है, जिसके पश्चात हवन सम्पन्न किया जाता है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को आवश्यक घरेलू वस्तुओं की व्यवस्था करनी होगी, जिसकी जानकारी बुकिंग के बाद दी जाएगी।

    All Puja MaterialDakshina
    ₹75,000₹81,0007% off

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  • श्रेष्ठ

    51 Acharya + All Puja Material

    इस पैकेज में दुर्गा सप्तशती सम्पुट अनुष्ठान एवं हवन शामिल है, जो 51 आचार्यों द्वारा सभी आवश्यक पूजा सामग्री सहित सम्पन्न किया जाता है।

    यह अनुष्ठान सुरक्षा, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

    पूजा की अवधि 1 दिन, 3 दिन या 5 दिन (बुकिंग के अनुसार) में पूर्ण की जा सकती है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • स्वस्ति वाचन
    • संकल्प
    • गणपति पूजा
    • कलश पूजा
    • पुण्याहवाचन
    • मातृका पूजा
    • नवग्रह पूजा
    • वास्तु पूजा
    • क्षेत्रपाल पूजा
    • सर्वतोभद्र पूजा
    • माँ दुर्गा पूजा
    • आरती एवं पुष्पांजलि

    इस अनुष्ठान में दुर्गा सप्तशती (13 अध्यायों के 700 श्लोक) का 100 बार सम्पुट सहित पाठ किया जाता है, जिसके पश्चात हवन सम्पन्न किया जाता है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को आवश्यक घरेलू वस्तुओं की व्यवस्था करनी होगी, जिसकी जानकारी बुकिंग के बाद दी जाएगी।

    नोट: पूजा का समय और अन्य विवरण बुकिंग के बाद साझा किए जाएंगे।

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The entire process was seamless. The pandit performed the Satyanarayan Puja with complete devotion and we received the video proof the same day.

Priya Sharma

MumbaiSatyanarayan Puja

Living abroad, I was worried about getting authentic puja done at Kashi. Pujariji handled everything — from samagri to sankalp. Highly recommended!

Rajesh Gupta

San Francisco, USARudrabhishek

Booked Graha Shanti puja for my new home. The pandit was very knowledgeable and explained every step. The video recording was a wonderful touch.

Meena Iyer

BangaloreGraha Shanti Puja

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