विवाह, शादी या विवाह संस्कार जीवन की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। यह ब्रह्मचर्य से गृहस्थ जीवन में प्रवेश का संकेत देता है। यह वह अवस्था है जब समाज और परिवार यह स्वीकार करते हैं कि संतान अब एक नया परिवार शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। विवाह एक पवित्र बंधन है, जो केवल दो व्यक्तियों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों को भी जोड़ता है।
विवाह समारोह में पूजा करना देवी-देवताओं को आमंत्रित करने और जोड़े को आशीर्वाद देने का एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। विभिन्न विधियों और मंत्रों के साथ यह पूजा सम्पन्न होती है, जिससे नवविवाहित दंपति को सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन प्राप्त हो। अग्नि इस पवित्र बंधन की साक्षी होती है और विवाह के दौरान लिए गए संकल्प जीवनभर निभाई जाने वाली प्रतिज्ञाएँ होती हैं। पूर्वजों और देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यह पूजा आवश्यक मानी जाती है।
विवाह पूजा (शादी समारोह) कब करें?
विवाह का शुभ मुहूर्त दूल्हा-दुल्हन की कुंडली के अनुसार निकाला जाता है, ताकि यह उनके जीवन के लिए मंगलकारी और शुभ फलदायी हो। विवाह तिथि ज्योतिषीय गणना के आधार पर तय की जाती है।
विवाह पूजा या शादी समारोह के लिए पंडित की बुकिंग करें।
हमारे अनुभवी और योग्य पंडित जी सभी आवश्यक पूजा सामग्री के साथ आएंगे और विवाह संस्कार को शास्त्रों के अनुसार विधिपूर्वक सम्पन्न करेंगे, जिससे आपका दांपत्य जीवन सुखमय और मंगलमय हो