प्रेम प्रगाढता एवं विछडे हुए पार्टनर की प्राप्ति के लिए
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मंगलागौरी मंदिर वाराणसी
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Thursday, 3 April 2025,
नवरात्रि षष्ठी कात्यायनी देवी विशेष
अब तक 350+ से अधिक भक्त पुजारी जी की इस पूजा को बुक कर चुके हैं।
पार्वती स्वयंबरा पूजा एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक पूजा है, जो विशेष रूप से विवाह योग्य कन्याओं और उनके परिवारों के लिए एक आशीर्वाद के रूप में मानी जाती है। यह पूजा विवाह के मामलों में सफलता पाने के साथ साथ यह एक व्यक्ति के जीवन में प्रेम, शांति, और समृद्धि लाने के लिए भी की जाती है। स्वयंबरा का अर्थ होता है "स्वयं द्वारा चयन"—यानी व्यक्ति स्वयं अपना जीवनसाथी चुने। पार्वती माता ने अपने स्वयंवर में भगवान शिव को चुना था, और यही कारण है कि यह पूजा एक आदर्श के रूप में मानी जाती है। स्वयंबरा पूजा के माध्यम से, व्यक्ति न केवल अपने जीवनसाथी को चुनता है, बल्कि वह अपने बिछड़े हुए जीवन साथी को प्राप्तकर जीवन में प्रेम, समर्पण और संतुलन की भावना भी विकसित करता है। प्रेम के मामलों में सफलता पाने के लिए यह पूजा अत्यधिक लाभकारी मानी जाती है। अगर किसी को विवाह में विघ्न आ रहे हैं या वह सही साथी से नहीं मिल पा रहा है, तो इस पूजा से उनके जीवन में समृद्धि और उचित मार्गदर्शन मिलता है।
यह पूजा विशेष रूप से अविवाहितों के लिए फायदेमंद मानी जाती है। इसके द्वारा वे अपने जीवन साथी को प्राप्त करने के लिए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यह पूजा विवाह के मार्ग में आ रही अड़चनों को दूर करने में सहायक होती है।
पार्वती स्वयंबरा पूजा से पति-पत्नी, परिवार के सदस्यों, मित्रों और रिश्तेदारों के बीच संबंधों में भी सुधार हो सकता है। देवी पार्वती की कृपा से परिवार के बीच प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।
संतान सुख की प्राप्ति के लिए भी यह पूजा विशेष रूप से प्रभावी मानी जाती है। माता पार्वती की पूजा से संतान सुख की प्राप्ति होती है और संतान संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।
इस पूजा से किसी भी प्रकार के रिश्ते की समस्याएं दूर हो सकती हैं और बिछड़े हुए पार्टनर को वापस लाने में मदद मिल सकती है।
अपनी आवश्यकताओं के आधार पर पूजा और पैकेज चुनें, जैसे व्यक्तिगत, युगल या पारिवारिक पूजा।
अपनी पूजा के साथ-साथ गौ सेवा, दीप दान, वस्त्र दान, अन्न दान, ब्राह्मण तर्पण जैसे अतिरिक्त विकल्प भी चुनें।
चुने गए पूजा के आधार पर अपना नाम, वंश (गोत्र) और पता (यदि लागू हो) के साथ संकल्प फॉर्म भरें।
चयनित पूजा में अपनी भागीदारी की पुष्टि करने के लिए भुगतान करें। अपने पंजीकृत व्हाट्सएप नंबर पर पूजा के वास्तविक समय के अपडेट प्राप्त करें।
आपके नाम और वंश के साथ की गई पूजा का एक वीडियो 3-4 दिनों के भीतर आपके साथ साझा किया जाएगा और यह आपकी प्रोफ़ाइल पर भी उपलब्ध होगा। प्रसाद 8-10 दिनों के भीतर दिए गए पते पर भेज दिया जाएगा।
मंगलागौरी मंदिर वाराणसी का एक विशेष धार्मिक स्थल है, जहाँ देवी मंगलागौरी की पूजा की जाती है, और यह विशेष रूप से प्रेम और वैवाहिक जीवन के संदर्भ में महत्व रखता है। प्रेमी-प्रेमिकाएँ जो एक-दूसरे से दूर हो गए हैं या उनके बीच आपसी मतभेद हो गए हैं, वे इस मंदिर में पूजा कराके अपने संबंधों में सुधार प्राप्त करते हैं। देवी मंगलागौरी का आशीर्वाद प्राप्त करने से उन्हें अपने रिश्ते को फिर से सहेजने और समझदारी से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
मंगलागौरी मंदिर का एक विशेष महत्व प्रेम विवाह करने की इच्छा रखने वाले जोड़ों के लिए भी है। इस मंदिर में पूजा करने से प्रेम विवाह की बाधाएँ दूर हो सकती हैं और जोड़े के बीच सामंजस्य और समझदारी बनी रहती है। इस मंदिर में प्रेम विवाह की सफलता के लिए विशेष रूप से पूजा की जाती है।
व्यक्तिगत
दम्पति पूजा