नकारात्मक उर्जा का नाश करता है और शक्ति व समृद्धि प्रदान करता है
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विंध्यवासिनी मंदिर, विंध्याचल धाम
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Sunday, 30 March 2025,
प्रतिपद
अब तक 350+ से अधिक भक्त पुजारी जी की इस पूजा को बुक कर चुके हैं।
दुर्गा सप्तशती पाठ एक शक्तिशाली और पवित्र पाठ है, जो देवी दुर्गा की महिमा का वर्णन करता है। इस पाठ से जीवन में आत्म-शांति और मानसिक शांति प्राप्त होती है।आध्यात्मिक विकास और आत्म-ज्ञान प्राप्त होता है।स्वास्थ्य लाभ और रोगों से मुक्ति प्राप्त होती है।धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।परिवार की सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।मानसिक शक्ति और साहस प्राप्त होता है।भावनात्मक शांति और स्थिरता प्राप्त होती है।आत्म-विश्वास और आत्म-सम्मान प्राप्त होता है।सुखी जीवन और शांति प्राप्त होती है।देवी दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।आध्यात्मिक शक्ति और सामर्थ्य प्राप्त होता है।जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।मानसिक और भावनात्मक संतुलन प्राप्त होता है।
सम्पूर्ण दुर्गासप्तशती पाठ जीवन के हर प्रकार के संकट, जैसे मानसिक, शारीरिक, आर्थिक, पारिवारिक समस्याओं और शत्रुओं से मुक्ति दिलाने में मदद करता है। माँ दुर्गा की कृपा से किसी भी संकट का सामना किया जा सकता है
दुर्गा सप्तशती का पाठ व्यक्ति को अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सहायक होता है। यह पाठ युद्ध और संघर्षों में सफलता पाने के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
इस पाठ को करने से घर में समृद्धि आती है और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है। यह व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति के लिए भी मदद करता है।
दुर्गा सप्तशती का पाठ शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्ति दिलाने के लिए लाभकारी है। देवी दुर्गा की पूजा करने से स्वास्थ्य में सुधार और जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि होती है।
अपनी आवश्यकताओं के आधार पर पूजा और पैकेज चुनें, जैसे व्यक्तिगत, युगल या पारिवारिक पूजा।
अपनी पूजा के साथ-साथ गौ सेवा, दीप दान, वस्त्र दान, अन्न दान, ब्राह्मण तर्पण जैसे अतिरिक्त विकल्प भी चुनें।
चुने गए पूजा के आधार पर अपना नाम, वंश (गोत्र) और पता (यदि लागू हो) के साथ संकल्प फॉर्म भरें।
चयनित पूजा में अपनी भागीदारी की पुष्टि करने के लिए भुगतान करें। अपने पंजीकृत व्हाट्सएप नंबर पर पूजा के वास्तविक समय के अपडेट प्राप्त करें।
आपके नाम और वंश के साथ की गई पूजा का एक वीडियो 3-4 दिनों के भीतर आपके साथ साझा किया जाएगा और यह आपकी प्रोफ़ाइल पर भी उपलब्ध होगा। प्रसाद 8-10 दिनों के भीतर दिए गए पते पर भेज दिया जाएगा।
विंध्याचल मंदिर, उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में स्थित एक प्रमुख हिन्दू धार्मिक स्थल है, जो देवी महाकाली (विंध्यवासिनी देवी) को समर्पित है। यह मंदिर विंध्या पर्वत की तलहटी में स्थित है और भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे महत्वपूर्ण शक्ति पीठों में से एक माना जाता है। देवी विंध्यवासिनी की पूजा विशेष रूप से उन भक्तों द्वारा की जाती है, जो शक्ति, शांति और समृद्धि की प्राप्ति के लिए यहां आते हैं।
1. स्थान और महत्व:
विंध्याचल मंदिर विंध्या पर्वत के नीचे स्थित होने के कारण यह स्थल भूगोलिक और धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। विंध्या पर्वत, जिसे प्राचीन भारतीय शास्त्रों में विशेष स्थान प्राप्त है, न केवल प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक है बल्कि यहाँ का धार्मिक महत्व भी अत्यधिक है। इस क्षेत्र में स्थित विंध्याचल मंदिर शक्ति और शांति के मिलन का प्रतीक है, जो भक्तों के जीवन में आंतरिक संतुलन और शांति प्रदान करने के लिए प्रसिद्ध है।
2. इतिहास और पौराणिक कथा:
विंध्याचल मंदिर का इतिहास प्राचीनकाल से जुड़ा हुआ है और यह हिन्दू धर्म की शक्ति उपासना से संबंधित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवी महाकाली ने महिषासुर का वध किया था, तब उनकी उपासना के लिए यह स्थान स्थापित हुआ। यही नहीं, विंध्याचल का उल्लेख महाभारत और पुराणों में भी मिलता है, जहाँ इसे एक शक्तिशाली और तीव्र ऊर्जा का स्रोत माना गया है। यह भी कहा जाता है कि देवी महाकाली ने यहाँ अपना वास स्थापित किया था, ताकि वे संसार के जीवों की रक्षा कर सकें।
कष्ट निवारण और दुखों से मुक्ति:
विंध्याचल मंदिर में की जाने वाली पूजा का एक विशेष उद्देश्य भक्तों के जीवन के कष्टों को दूर करना भी है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी विंध्यवासिनी का पूजन उन सभी बाधाओं, विघ्नों और दुखों को समाप्त करने का रास्ता है, जो जीवन में आ सकते हैं। इस पूजा से व्यक्ति के सारे भौतिक और मानसिक दुख समाप्त होते हैं, और उसे सुख, समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। खासतौर पर उन भक्तों के लिए यह पूजा अत्यंत प्रभावशाली होती है, जो जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रहे होते हैं, जैसे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ, आर्थिक संकट या पारिवारिक विवाद।
व्यक्तिगत
दम्पति पूजा
पारिवारिक पूजा
पारिवारिक विशेष पूजा + धन वृद्धि हवन