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Pujari Ji

अमावस्या जनन शांति पूजा

राम घाट, उज्जैन
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
अमावस्या जनन शांति पूजा

यह पवित्र अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न कराया जाता है, जो ग्रह शांति, जन्म दोष निवारण एवं आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत सिद्ध एवं पुण्यदायी स्थल माना जाता है। क्षिप्रा नदी के पावन तट पर किया गया अमावस्या जनन शांति अनुष्ठान विशेष रूप से अमावस्या योग, चंद्र दोष एवं जन्म दोष शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

Duration

2h 30m – 5h

Best time

सुबह

Starting price

₹10,000

लाभ

  • अमावस्या जनन शांति पूजा से जन्मकालीन दोषों एवं उनके अशुभ प्रभावों की शांति प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
  • यह पितृ दोष, मानसिक अशांति एवं पारिवारिक बाधाओं को कम करने के लिए लाभकारी मानी जाती है।
  • भगवान शिव, पितृ देवताओं एवं शनिदेव की कृपा प्राप्त करने का यह एक महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है।
  • परिवार में सुख, शांति, सामंजस्य एवं सकारात्मक ऊर्जा के संचार में सहायक होती है।
  • जीवन में आने वाली रुकावटों को दूर कर संतुलन, स्थिरता एवं प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है।
  • यह पूजा मानसिक शांति, सफलता, सौभाग्य एवं समग्र कल्याण की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।

अमावस्या जनन शांति पूजा

यह पवित्र अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न कराया जाता है, जो ग्रह शांति, जन्म दोष निवारण एवं आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत सिद्ध एवं पुण्यदायी स्थल माना जाता है। क्षिप्रा नदी के पावन तट पर किया गया अमावस्या जनन शांति अनुष्ठान विशेष रूप से अमावस्या योग, चंद्र दोष एवं जन्म दोष शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

अमावस्या जनन शांति एक विशेष वैदिक एवं ज्योतिषीय अनुष्ठान है, जो उन जातकों अथवा नवजात शिशुओं के लिए किया जाता है जिनका जन्म कृष्ण चतुर्दशी, अमावस्या अथवा प्रतिपदा तिथि में हुआ हो। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ऐसे योग में जन्म लेने वाले जातकों के जीवन में मानसिक तनाव, पारिवारिक बाधाएं, निर्णय क्षमता की कमजोरी, करियर में रुकावट एवं जीवन में अस्थिरता जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कुंडली के किसी एक ही भाव में सूर्य एवं चंद्रमा एक साथ स्थित होते हैं, तब अमावस्या योग बनता है। सूर्य आत्मा एवं चंद्रमा मन का कारक माना जाता है। दोनों ग्रहों का एक साथ होना व्यक्ति के मन, भावनाओं एवं मानसिक संतुलन पर विशेष प्रभाव डालता है। इसी कारण जीवन में भ्रम, तनाव, निर्णय लेने में कठिनाई एवं भावनात्मक असंतुलन जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

जब किसी जातक का जन्म अमावस्या तिथि में होता है, तो उसे दर्श शांति कराना आवश्यक माना जाता है। चतुर्दशी युक्त अमावस्या को सिनीवाली अमावस्या तथा प्रतिपदा युक्त अमावस्या को कुहु अमावस्या कहा जाता है। यह योग हिंदू पंचांग एवं ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत संवेदनशील एवं प्रभावशाली माना गया है।

इस अमावस्या जनन शांति का उल्लेख शांति रत्नम, अनुष्ठान प्रकाश एवं अन्य ज्योतिष एवं धर्मशास्त्रीय ग्रंथों में भी प्राप्त होता है, जहाँ जन्म दोष एवं तिथि शांति के लिए विशेष वैदिक अनुष्ठानों का विधान बताया गया है।

मुख्य उद्देश्य एवं धार्मिक महत्व

यह अनुष्ठान अमावस्या योग, जन्म दोष एवं चंद्र दोष के अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए किया जाता है।

इस पूजा के माध्यम से सूर्य एवं चंद्रमा के असंतुलित प्रभावों को शांत कर मानसिक शांति, पारिवारिक सुख एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है।

रामघाट, उज्जैन में किया गया यह अनुष्ठान विशेष रूप से पितृ दोष, मानसिक अस्थिरता एवं नकारात्मक ऊर्जा की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • योग्य ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार शुभ मुहूर्त में यह पूजा करानी चाहिए
  • अमावस्या तिथि अथवा सोमवार का दिन विशेष फलदायी माना जाता है
  • जन्म के तुरंत बाद अथवा बाद में जानकारी होने पर भी यह पूजा कराई जा सकती है
  • चंद्र महादशा, मानसिक तनाव अथवा पारिवारिक बाधाओं के समय यह पूजा विशेष लाभकारी होती है

किन समस्याओं में यह पूजा करानी चाहिए?

  • मानसिक तनाव एवं भावनात्मक अस्थिरता
  • बार-बार बाधाएं एवं असफलताएं
  • पारिवारिक कलह एवं अशांति
  • करियर में रुकावट एवं अस्थिरता
  • पितृ दोष एवं ग्रह दोष के प्रभाव
  • माता-पिता के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं

अमावस्या जनन शांति पूजा के लाभ

  • अमावस्या योग एवं जन्म दोष के अशुभ प्रभाव शांत होने लगते हैं
  • मानसिक शांति एवं भावनात्मक संतुलन प्राप्त होता है
  • परिवार में सुख-शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
  • करियर एवं जीवन में स्थिरता प्राप्त होने लगती है
  • पितृ दोष एवं नकारात्मक प्रभावों में कमी आती है

आध्यात्मिक महत्व

यह अनुष्ठान व्यक्ति के मन, बुद्धि और आत्मिक ऊर्जा को संतुलित करता है।

वैदिक मंत्रों एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न यह पूजा जीवन में सकारात्मकता, सुरक्षा एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।

हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रों के अनुसार यह अनुष्ठान सम्पन्न कराते हैं।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पूर्ण पूजा सम्पन्न कराई जाती है
  • पूजा के लिए सभी आवश्यक ंaतेरिaल आचार्य अपने साथ लेकर आते हैं
  • पूजा बुकिंग के बाद विस्तृत जानकारी एवं आवश्यक निर्देश प्रदान किए जाते हैं
  • यदि जन्म के समय शांति न हो पाई हो, तो बाद में जानकारी होने पर भी यह पूजा कराई जा सकती है

रामघाट, उज्जैन में किया गया यह अमावस्या जनन शांति अनुष्ठान जीवन में शांति, सुरक्षा, सकारात्मक ऊर्जा एवं शुभता का संचार करता है।

पूजा स्थानउज्जैन

राम घाट

राम घाट

उज्जैन

पवित्र क्षिप्रा नदी के दिव्य तट पर स्थित राम घाट उज्जैन के सबसे प्रमुख, प्राचीन एवं पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। यह घाट सनातन धर्म के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आस्था, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के दौरान इस पवित्र क्षेत्र में आगमन किया था, जिसके कारण इस घाट का नाम राम घाट पड़ा।

उज्जैन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु सबसे पहले राम घाट पर स्नान, तर्पण एवं पूजा-अर्चना कर अपनी धार्मिक यात्रा का शुभारंभ करते हैं। क्षिप्रा नदी का यह पवित्र तट मोक्ष, पितृ तृप्ति, ग्रह शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

राम घाट का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्मग्रंथों एवं पुराणों में क्षिप्रा नदी को अत्यंत पवित्र एवं मोक्षदायिनी बताया गया है। राम घाट को उज्जैन के प्रमुख तीर्थस्थलों में विशेष स्थान प्राप्त है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां स्नान, दान, तर्पण एवं पूजा करने से—

  • पितरों को तृप्ति प्राप्त होती है।
  • पितृ दोष में शांति मिलती है।
  • ग्रह बाधाओं का निवारण होता है।
  • जीवन के पापों का क्षय होता है।
  • आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त होती है।
  • सुख, समृद्धि एवं मानसिक शांति प्राप्त होती है।
  • मोक्ष मार्ग की प्राप्ति का पुण्य मिलता है।

विशेष रूप से अमावस्या, पूर्णिमा, श्राद्ध पक्ष, सोमवती अमावस्या एवं सिंहस्थ महापर्व के दौरान राम घाट का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

राम घाट में होने वाले प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान

राम घाट पर प्रतिदिन अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।

प्रमुख पूजाएं एवं अनुष्ठान

  • पितृ तर्पण
  • पिंडदान
  • नारायणबली पूजा
  • त्रिपिंडी श्राद्ध
  • कालसर्प दोष शांति पूजा
  • नवग्रह शांति पूजा
  • महामृत्युंजय जाप
  • रुद्राभिषेक
  • क्षिप्रा दीपदान
  • संकल्प पूजा
  • ग्रह शांति हवन
  • पूर्वज मोक्ष अनुष्ठान
  • विशेष अमावस्या तर्पण

श्राद्ध पक्ष एवं अमावस्या के दिनों में यहां विशेष रूप से हजारों श्रद्धालु अपने पितरों की शांति हेतु धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।

राम घाट के प्रमुख पवित्र स्थल

मुख्य स्नान घाट

क्षिप्रा नदी के किनारे बना मुख्य घाट श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमुख केंद्र है। यहां स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

दीपदान स्थल

सायंकाल के समय श्रद्धालु क्षिप्रा नदी में दीप प्रवाहित कर सुख, समृद्धि एवं पितृ कृपा की कामना करते हैं। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी एवं आध्यात्मिक माना जाता है।

तर्पण एवं श्राद्ध क्षेत्र

राम घाट पर विशेष स्थान निर्धारित हैं जहां आचार्यों के मार्गदर्शन में पितृ तर्पण एवं पिंडदान अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।

यज्ञ एवं हवन स्थल

यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विभिन्न ग्रह शांति एवं धार्मिक यज्ञ सम्पन्न होते हैं।

राम घाट में पूजा करवाने के लाभ

ऐसी मान्यता है कि राम घाट पर विधिपूर्वक पूजा एवं अनुष्ठान कराने से श्रद्धालुओं को अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं—

  • पितृ दोष से मुक्ति
  • पूर्वजों की कृपा प्राप्ति
  • ग्रह दोषों की शांति
  • मानसिक तनाव में कमी
  • परिवार में सुख एवं समृद्धि
  • स्वास्थ्य एवं आयु में वृद्धि
  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश
  • व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में उन्नति
  • आध्यात्मिक जागृति
  • मोक्ष प्राप्ति का पुण्य

विशेष रूप से पितृ दोष, कालसर्प दोष एवं पूर्वजों की अशांति से पीड़ित श्रद्धालुओं के लिए राम घाट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

राम घाट का आध्यात्मिक वातावरण

राम घाट का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र एवं भक्तिमय रहता है। प्रातःकालीन स्नान, वैदिक मंत्रोच्चार, संध्या आरती एवं दीपदान का दृश्य श्रद्धालुओं को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।

सायंकाल होने वाली क्षिप्रा महाआरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।

विशेष अवसरों पर यहां अत्यधिक भीड़ रहती है—

  • सिंहस्थ कुंभ
  • सोमवती अमावस्या
  • श्राद्ध पक्ष
  • पूर्णिमा
  • अमावस्या
  • श्रावण मास
  • महाशिवरात्रि
  • कार्तिक पूर्णिमा

राम घाट कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा, इंदौर है, जो उज्जैन से लगभग पचपन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

रेल मार्ग

उज्जैन जंक्शन देश के प्रमुख नगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, अहमदाबाद एवं भोपाल से सीधे जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग

उज्जैन राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से सुगमता से जुड़ा हुआ है। इंदौर, भोपाल, ओंकारेश्वर एवं अन्य प्रमुख नगरों से नियमित बस एवं किराये के वाहन उपलब्ध रहते हैं।

उज्जैन नगर के किसी भी भाग से राम घाट तक स्थानीय परिवहन आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

दर्शन एवं अनुष्ठान हेतु सर्वोत्तम समय

राम घाट वर्षभर दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खुला रहता है, किन्तु निम्न अवसर विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं—

  • अमावस्या
  • पूर्णिमा
  • श्राद्ध पक्ष
  • सोमवती अमावस्या
  • कार्तिक मास
  • श्रावण मास
  • महाशिवरात्रि

प्रातःकालीन समय स्नान, संकल्प एवं पूजा-अनुष्ठान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

निष्कर्ष: राम घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि श्रद्धा, पितृ तृप्ति, मोक्ष एवं आध्यात्मिक साधना का महान केंद्र है। पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित यह दिव्य तीर्थ श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति एवं पूर्वजों का आशीर्वाद प्रदान करने वाला अत्यंत पुण्यदायी स्थल माना जाता है। यहां सम्पन्न होने वाले वैदिक अनुष्ठान जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले माने जाते हैं।

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    2h 30m

    यह पवित्र अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न कराया जाता है, जो जन्म दोष शांति, पितृ दोष निवारण एवं ग्रह शांति के लिए अत्यंत सिद्ध एवं पुण्यदायी स्थल माना जाता है। क्षिप्रा नदी के पावन तट पर किया गया यह अमावस्या जनन शांति अनुष्ठान विशेष रूप से अमावस्या जन्म दोष, चंद्र दोष एवं मानसिक अशांति की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

    इस पैकेज में 2 अनुभवी आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जिनके द्वारा सम्पूर्ण अमावस्या जनन शांति अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। इसके माध्यम से अमावस्या जन्म दोष, पितृ दोष तथा मानसिक अशांति का निवारण होता है, जिससे जीवन में संतुलन, शांति एवं सफलता प्राप्त होती है।

    यह अनुष्ठान विशेष रूप से अमावस्या में जन्मे जातकों, चंद्र दोष से पीड़ित व्यक्तियों, पारिवारिक समस्याओं का सामना कर रहे लोगों तथा भगवान शिव, पितृ देवताओं एवं शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के इच्छुक साधकों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • संकल्प
    • गौरी गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • भगवान शिव (रुद्र) पूजन
    • पितृ पूजन
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    • मंत्र जाप
    • हवन
    • पूर्णाहुति
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    • 2 अनुभवी आचार्यों द्वारा शास्त्रानुसार पूजा सम्पन्न
    • वैदिक मंत्रों एवं हवन सहित सम्पूर्ण शांति अनुष्ठान
    • पूजा बुकिंग के बाद विस्तृत जानकारी एवं अद्यतन विवरण प्रदान किए जाते हैं

    आवश्यक जानकारी:

    • संकल्प के लिए यजमान का नाम, गोत्र, जन्म तिथि, समय एवं स्थान आवश्यक होगा
    • पूजा हेतु सभी आवश्यक सामग्री आचार्यों द्वारा व्यवस्थित की जाती है
    • बच्चे के जन्म का विवरण उपलब्ध होने के बाद यह पूजा किसी भी समय कराई जा सकती है

    नोट: रामघाट उज्जैन में किया गया यह अमावस्या जनन शांति अनुष्ठान आपके जीवन में शांति, सुरक्षा, सकारात्मक ऊर्जा एवं स्थिरता का संचार करता है।

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    इस पैकेज में 5 अनुभवी आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जिनके द्वारा सम्पूर्ण अमावस्या जनन शांति अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। इसके माध्यम से अमावस्या जन्म दोष, पितृ दोष तथा मानसिक अशांति का निवारण होता है, जिससे जीवन में संतुलन, शांति एवं सफलता प्राप्त होती है।

    यह अनुष्ठान विशेष रूप से अमावस्या में जन्मे जातकों, चंद्र दोष से पीड़ित व्यक्तियों, पारिवारिक समस्याओं का सामना कर रहे लोगों तथा भगवान शिव, पितृ देवताओं एवं शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के इच्छुक साधकों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • संकल्प
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    • संकल्प के लिए यजमान का नाम, गोत्र, जन्म तिथि, समय एवं स्थान आवश्यक होगा
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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

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