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Pujari Ji

अंगारक योग शांति पूजा

मार्कंडेय महादेव, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
अंगारक योग शांति पूजा

अंगारक योग शांति पूजा मंगल और राहु से संबंधित अशुभ ग्रह प्रभावों की शांति के लिए की जाती है। वैदिक ज्योतिष में मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम और भूमि का कारक माना जाता है, जबकि राहु को छाया ग्रह के रूप में विशिष्ट एवं तीव्र प्रभाव वाला माना जाता है। जन्मकुंडली में दोनों के विशेष संयोग को अंगारक योग कहा जाता है।

मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी भगवान शिव की उपासना का प्राचीन एवं पूजनीय स्थल माना जाता है। भगवान शिव की आराधना के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान ग्रह शांति, मानसिक संतुलन, आत्मबल तथा जीवन में शुभता की प्रार्थना के लिए किया जाता है।

Duration

2h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • अंगारक योग तथा मंगल-राहु से संबंधित अशुभ ग्रह प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक शांति, धैर्य एवं आत्मबल की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • क्रोध, आवेग एवं नकारात्मक विचारों में कमी तथा मानसिक संतुलन की कामना की जाती है।
  • पारिवारिक एवं दांपत्य जीवन में प्रेम, सौहार्द एवं आपसी सामंजस्य की प्रार्थना की जाती है।
  • करियर एवं व्यवसाय में स्थिरता तथा जीवन में आने वाली बाधाओं के शमन की मंगलकामना की जाती है।
  • आकस्मिक संकटों से संरक्षण एवं जीवन में सुरक्षा तथा स्थिरता की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • मंगल ग्रह के शुभ प्रभावों की वृद्धि तथा राहु से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।

अंगारक योग शांति पूजा

मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी वाराणसी के निकट स्थित एक प्राचीन एवं धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण शिव मंदिर है। धार्मिक परंपरा में इस स्थान का संबंध महर्षि मार्कण्डेय से माना जाता है। भगवान शिव के मार्कण्डेय महादेव स्वरूप की आराधना विशेष रूप से आयु, आरोग्य, संकटों से संरक्षण तथा आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना के लिए की जाती है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्मकुंडली में मंगल और राहु की युति अथवा उनके बीच विशेष अशुभ संबंध होने पर अंगारक योग की चर्चा की जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं में इस योग को अत्यधिक ऊर्जा, आवेग, क्रोध, मानसिक अशांति तथा जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में बाधाओं से जोड़ा जाता है। ऐसे ग्रह प्रभावों की शांति तथा मंगल और राहु की अनुकूलता के लिए अंगारक योग शांति पूजा सम्पन्न की जाती है।

यह अनुष्ठान भगवान गणेश के पूजन और संकल्प से आरम्भ होकर मंगल ग्रह, राहु, नवग्रह तथा भगवान मार्कण्डेय महादेव की आराधना के साथ सम्पन्न किया जाता है। वैदिक मंत्र जाप, हवन और पूर्णाहुति के माध्यम से ग्रह शांति एवं मंगलकामना की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा में निम्न देवताओं का विधिपूर्वक पूजन किया जाता हैः

  • भगवान गणेश
  • भगवान मार्कण्डेय महादेव
  • मंगल ग्रह देव
  • राहु देव
  • नवग्रह देवता

मंगल ग्रह को साहस, पराक्रम, ऊर्जा और आत्मबल से संबंधित माना जाता है। राहु को छाया ग्रह के रूप में जीवन में भ्रम, आकस्मिक परिस्थितियों तथा तीव्र मानसिक प्रभावों से जोड़ा जाता है। इसलिए दोनों ग्रहों से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए यह अनुष्ठान धार्मिक एवं ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • मंगलवार
  • अंगारक योग की जन्मकुंडली में स्थिति होने पर
  • मंगल महादशा अथवा अंतर्दशा के दौरान
  • राहु महादशा अथवा अंतर्दशा के दौरान
  • मंगल और राहु के प्रतिकूल गोचर के समय
  • योग्य ज्योतिषाचार्य के परामर्शानुसार
  • शुभ तिथि एवं उपयुक्त नक्षत्र में

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जन्मकुंडली में अंगारक योग होने पर
  • अत्यधिक क्रोध एवं आवेग की स्थिति में
  • मानसिक अशांति एवं तनाव की स्थिति में
  • पारिवारिक मतभेद एवं कलह होने पर
  • वैवाहिक जीवन में तनाव होने पर
  • करियर अथवा व्यवसाय में बार-बार बाधाएँ आने पर
  • आकस्मिक संकटों से संरक्षण की मंगलकामना हेतु
  • मंगल एवं राहु के अशुभ ग्रह प्रभावों की शांति के लिए

प्रमुख मंत्र

  • ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥
  • ॐ रां राहवे नमः॥
  • ॐ नमः शिवाय॥

पूजा के लाभ

  • अंगारक योग तथा मंगल-राहु से संबंधित अशुभ ग्रह प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक शांति, धैर्य एवं आत्मबल के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • क्रोध, आवेग एवं नकारात्मक विचारों में कमी की कामना की जाती है।
  • पारिवारिक एवं दांपत्य जीवन में सौहार्द और सामंजस्य की प्रार्थना की जाती है।
  • करियर एवं व्यवसाय में स्थिरता तथा बाधाओं की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • आकस्मिक संकटों से संरक्षण एवं जीवन में सुरक्षा की प्रार्थना की जाती है।
  • मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव तथा राहु से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति की कामना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

मार्कण्डेय महादेव मंदिर का संबंध भगवान शिव और महर्षि मार्कण्डेय की धार्मिक परंपरा से माना जाता है। भगवान शिव के इस स्वरूप की आराधना श्रद्धालु आयु, आरोग्य, संकटों से संरक्षण तथा आध्यात्मिक शक्ति की मंगलकामना के लिए करते हैं।

अंगारक योग शांति पूजा में भगवान शिव की उपासना के साथ मंगल और राहु से संबंधित ग्रह शांति की प्रार्थना की जाती है। वैदिक मंत्र जाप, देव पूजन, हवन तथा पूर्णाहुति श्रद्धालु को आध्यात्मिक साधना एवं धार्मिक आस्था से जोड़ते हैं। धार्मिक विश्वास के अनुसार यह अनुष्ठान जीवन में शांति, संतुलन, साहस तथा सकारात्मकता की मंगलकामना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • श्रद्धालु के नाम, गोत्र एवं जन्म विवरण के अनुसार वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्मकुंडली के आधार पर ग्रह शांति विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की व्यवस्था उपलब्ध है।
  • पूजा के लिए आवश्यक सम्पूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
  • वैदिक मंत्रोच्चार, ग्रह पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति सहित अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।

यदि आप मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी (वाराणसी) में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से अंगारक योग शांति पूजा कराना चाहते हैं, तो पूजारिजी.कॉम के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन बुकिंग कर सकते हैं। पूजा के प्रत्येक चरण में संकल्प, वैदिक मंत्रोच्चार एवं सम्पूर्ण व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाता है।

पूजा स्थानवाराणसी

मार्कंडेय महादेव

मार्कंडेय महादेव

वाराणसी

मार्कंडेय महादेव मंदिर वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत कैथी गाँव में गंगा–गोमती संगम पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन, पौराणिक और सिद्ध शिवधाम है।

यह मंदिर विशेष रूप से संतान प्राप्ति, अकाल मृत्यु भय निवारण, गंभीर रोग शांति तथा कष्ट मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।

मंदिर का इतिहास

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह स्थान ऋषि मार्कंडेय की तपोभूमि है। अल्पायु होने के कारण जब यमराज उनके प्राण हरने आए, तब ऋषि मार्कंडेय ने यहीं शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की घोर तपस्या की।

भगवान शिव प्रकट हुए, यमराज को रोका और ऋषि मार्कंडेय को अमरता का वरदान प्रदान किया। इसी कारण यह स्थल मार्कंडेय महादेव तथा महामृत्युंजय मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसका उल्लेख मार्कंडेय पुराण में भी मिलता है।

पौराणिक एवं धार्मिक महत्व

यह धाम महामृत्युंजय स्वरूप में भगवान शिव की आराधना का प्रमुख केंद्र है।

मान्यता है कि यहाँ पूजा करने से—

  • संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है
  • गर्भ बाधा का निवारण होता है
  • वंश वृद्धि होती है

सावन मास, प्रदोष और त्रयोदशी तिथि पर यहाँ विशेष भीड़ रहती है।

यह स्थल पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में गिना जाता है और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के तुल्य प्रभावशाली माना जाता है।

यहाँ होने वाली प्रमुख पूजाएँ

पुजारी जी के माध्यम से या स्थल पर निम्न पूजाएँ कराई जाती हैंः

संतान प्राप्ति विशेष पूजा

  • संतान गोपाल मंत्र जप
  • संतान बाधा निवारण हवन
  • दंपत्ति विशेष संकल्प पूजा

महामृत्युंजय पूजा

  • महामृत्युंजय मंत्र जप
  • लघु मृत्युंजय अनुष्ठान
  • अकाल मृत्यु, रोग, भय एवं ग्रहबाधा शांति हेतु

शिव रुद्राभिषेक

  • दूध, दही, घृत, गंगाजल एवं तीर्थ जल से अभिषेक
  • सावन, महाशिवरात्रि एवं नागपंचमी पर विशेष फलदायी

अन्य पूजाएँ

  • मंगल दोष निवारण पूजा
  • विवाह बाधा निवारण पूजा
  • ग्रह शांति एवं विशेष अनुष्ठान

प्रमुख मंत्र (श्रद्धालुओं हेतु)

महामृत्युंजय मंत्रः

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥

संतान गोपाल मंत्रः

ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।

देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥

कैसे पहुँचे?

  • दूरीः वाराणसी शहर से लगभग 30 किमी
  • मार्गः वाराणसी–गाजीपुर राजमार्ग
  • निकटतम रेलवे स्टेशनः
  • राजवारी स्टेशन – लगभग 7 किमी
  • औनिहार जंक्शन – लगभग 11 किमी
  • स्थानः कैथी गाँव, गंगा–गोमती संगम, वाराणसी

श्रद्धालुओं के लिए विशेष

  • यह मंदिर अत्यंत शांत, प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण में स्थित है। संगम तट पर होने के कारण यहाँ ध्यान, जप और अनुष्ठान का प्रभाव विशेष रूप से अनुभव किया जाता है।
  • मार्कंडेय महादेव मंदिर, कैथी केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि संतान सुख, जीवन रक्षा और शिव कृपा का सिद्ध केंद्र है। जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहाँ पूजन करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।
मंदिर विवरण देखें

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जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।

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    मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा अंगारक योग शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह अनुष्ठान अंगारक योग, मंगल-राहु से संबंधित अशुभ प्रभावों, ग्रह बाधाओं, मानसिक तनाव, अत्यधिक क्रोध, पारिवारिक कलह तथा जीवन में आने वाली बाधाओं के शमन की मंगलकामना से किया जाता है। भगवान मार्कण्डेय महादेव, मंगल देव एवं भगवान हनुमान की आराधना के साथ यह अनुष्ठान जीवन में शांति, साहस, आत्मबल एवं सकारात्मकता की प्रार्थना के लिए किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • नवग्रह पूजन
    • भगवान हनुमान पूजन
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव का पूजन
    • मंगल देव पूजन
    • अंगारक मंत्र जाप
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में वैदिक विधि-विधान से अनुष्ठान
    • 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त पूजा
    • अंगारक योग एवं मंगल-राहु से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव, मंगल देव एवं भगवान हनुमान की विशेष आराधना
    • वैदिक मंत्र जाप एवं हवन सहित विस्तृत अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

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    • जन्म तिथि
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    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    मार्कण्डेय महादेव मंदिर में श्रद्धापूर्वक संपन्न यह अंगारक योग शांति अनुष्ठान मंगल एवं राहु से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक शांति, आत्मबल, साहस एवं पारिवारिक सौहार्द की मंगलकामना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सकारात्मकता, स्थिरता और कल्याण की प्रार्थना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
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    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    7 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी में 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा अंगारक योग शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह विशेष अनुष्ठान मंगल-राहु दोष, अंगारक योग तथा ग्रहजनित बाधाओं की शांति की मंगलकामना के लिए किया जाता है। भगवान मार्कण्डेय महादेव की आराधना के साथ संपन्न यह विस्तृत अनुष्ठान मानसिक शांति, स्थिरता, साहस, आत्मबल एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना के लिए किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • नवग्रह पूजन
    • भगवान हनुमान पूजन
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव का विशेष पूजन
    • मंगल देव पूजन
    • राहु तांत्रिक मंत्र जाप — 76,000 जप
    • मंत्र — ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
    • मंगल तांत्रिक मंत्र जाप — 40,000 जप
    • मंत्र — ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
    • विशेष हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी में वैदिक विधि-विधान से अनुष्ठान
    • 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक पूजा
    • राहु एवं मंगल के विशेष तांत्रिक मंत्र जाप सहित विस्तृत अनुष्ठान
    • मंगल-राहु दोष एवं अंगारक योग से संबंधित बाधाओं की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • वैदिक मंत्रोच्चार, हवन एवं पूर्णाहुति सहित संपूर्ण अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

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    भगवान मार्कण्डेय महादेव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह विशेष अनुष्ठान मंगल-राहु से संबंधित ग्रहजनित बाधाओं एवं अंगारक योग के अशुभ प्रभावों की शांति के लिए किया जाता है। राहु एवं मंगल मंत्र जाप, विशेष पूजन, हवन और पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में मानसिक शांति, स्थिरता, साहस, आत्मबल, सकारात्मकता एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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  1. आप

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  3. पुजारीजी

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  4. पुजारीजी

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    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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