“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ भगवान श्री बटुक भैरव के विविध नामों, स्वरूपों, गुणों एवं दिव्य शक्तियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण करने वाला विशेष धार्मिक अनुष्ठान है। सहस्रनाम का अर्थ भगवान के एक हजार नामों का पाठ है। धार्मिक परंपरा में भगवान बटुक भैरव को भगवान शिव के उग्र एवं रक्षक स्वरूप से संबद्ध माना जाता है तथा उनकी उपासना साहस, सुरक्षा, निर्भयता एवं आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना से की जाती है।
पवित्र बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में यजमान के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर भगवान श्री बटुक भैरव का विशेष पूजन एवं सहस्रनाम पाठ विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। पाठ के माध्यम से भगवान के प्रति श्रद्धा, भक्ति एवं समर्पण का भाव प्रकट किया जाता है तथा जीवन में शांति, सुरक्षा, आत्मबल एवं सकारात्मकता की प्रार्थना की जाती है।
यह अनुष्ठान किसी विशेष धार्मिक कामना, पारिवारिक मंगलकामना, कार्यों में आने वाली बाधाओं की शांति अथवा भगवान श्री बटुक भैरव की विशेष कृपा प्राप्त करने की भावना से कराया जा सकता है।
Duration
2h – 4h
Best time
किसी भी समय
Starting price
₹6,100
काशी नगरी भगवान शिव एवं उनकी विभिन्न उपासना परंपराओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। बटुक भैरव को काशी के रक्षक देवता के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है। बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ में भगवान के एक हजार नामों का श्रद्धापूर्वक उच्चारण एवं स्मरण किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान बटुक भैरव की आराधना भय, बाधाओं एवं प्रतिकूल परिस्थितियों से रक्षा, साहस, आत्मबल तथा आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना से की जाती है। सहस्रनाम पाठ के माध्यम से भगवान के अनेक स्वरूपों एवं गुणों का स्मरण करते हुए भक्त उनके प्रति अपनी श्रद्धा एवं समर्पण व्यक्त करता है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
मुख्य आराध्य भगवान श्री बटुक भैरव हैं। पूजा की परंपरा के अनुसार भगवान गणेश, भगवान शिव तथा अन्य संबंधित देवताओं का पूजन भी किया जा सकता है।
बटुक भैरव भगवान शिव के बाल स्वरूप से संबद्ध माने जाते हैं और काशी की धार्मिक परंपरा में उनका विशेष स्थान है। उनकी उपासना को सुरक्षा, निर्भयता, साहस एवं आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना से जोड़ा जाता है।
बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ कब कराया जा सकता है?
किन परिस्थितियों में यह पाठ कराया जाता है?
मुख्य मंत्र
बटुक भैरव उपासना में परंपरा एवं आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार संबंधित मंत्रों का जाप किया जाता है। सहस्रनाम पाठ में भगवान श्री बटुक भैरव के एक हजार नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ किया जाता है।
बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ के धार्मिक लाभ
उपरोक्त सभी लाभ धार्मिक एवं पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें किसी स्वास्थ्य, कानूनी, आर्थिक अथवा अन्य समस्या के निश्चित समाधान के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
आध्यात्मिक महत्व
बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ भगवान श्री बटुक भैरव के दिव्य नामों के निरंतर स्मरण एवं भक्ति का विशेष माध्यम है। सहस्रनाम पाठ के दौरान भगवान के विभिन्न स्वरूपों एवं गुणों का ध्यान किया जाता है, जिससे भक्त के भीतर श्रद्धा, समर्पण एवं आध्यात्मिक भाव को बढ़ावा देने की प्रार्थना की जाती है।
काशी स्थित बटुक भैरव मंदिर में यह अनुष्ठान भगवान श्री बटुक भैरव की पवित्र साक्षी में सम्पन्न कराया जाता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार इस पावन स्थल पर भैरव आराधना के माध्यम से सुरक्षा, साहस, मानसिक शांति एवं जीवन के समग्र कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
विशेष जानकारी
बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन में यजमान के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर भगवान श्री बटुक भैरव का विशेष पूजन एवं सहस्रनाम पाठ पूर्ण विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार एवं श्रद्धा के साथ सम्पन्न कराया जाता है।

वाराणसी
श्री बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी
काशी के कोतवाल — जहाँ भय मिटता है, कृपा बरसती है
जहाँ काशी की रक्षा होती है
वाराणसी के कामाच्छा क्षेत्र में, गलियों की आत्मा में बसा है एक ऐसा धाम — जो आकार में छोटा है, पर शक्ति में अपार।
यहाँ विराजते हैं श्री बटुक भैरव — भगवान शिव का बाल स्वरूप। न रणभूमि के भैरव, न विकराल। यहाँ वे हैं एक बालक के रूप में — निश्छल, सरल, और अपने भक्तों के लिए करुणा से भरे।
काशी उन्हें अपना कोतवाल मानती है। जो इस नगरी की रक्षा करते हैं — दिन में भी, रात में भी। जो हर संकट में ढाल बनते हैं, हर भय को हरते हैं।
पौराणिक महत्व
बटुक भैरव — यह नाम ही अपने आप में एक आश्वासन है।
पुराणों में कथा है कि जब काशी पर अदृश्य शक्तियों का संकट मँडराने लगा, तब स्वयं महादेव ने एक बालक का रूप धारण किया। वही बालक जो हर भक्त के जीवन में प्रकाश लेकर आता है, हर अड़चन को मार्ग देता है।
उनका वाहन है कुत्ता — वह पवित्र प्राणी जो स्वामिभक्ति का प्रतीक है। मंदिर के आस-पास आपको उनकी उपस्थिति मिलेगी — और भक्त इसे भैरव बाबा की जीवंत उपस्थिति मानते हैं।
मंदिर का स्वरूप
अखण्ड दीप — जो कभी नहीं बुझता
मंदिर के भीतर एक दीपक अनादिकाल से जल रहा है। यह केवल ज्योति नहीं — यह भरोसे की लौ है। इस दीपक का तेल अनेक भक्त प्रसाद स्वरूप ग्रहण करते हैं, जिसे वे आध्यात्मिक शुद्धि और कृपा का वाहक मानते हैं।
सरल भाव, असीम फल
यहाँ भेंट में आडंबर नहीं चाहिए। फूल, धूप, तेल का दीपक, मिठाई — यहाँ तक कि बिस्कुट और टॉफी भी बटुक बाबा को प्रिय हैं। क्योंकि वे बालक हैं, और बालक को सच्चा प्रेम ही चाहिए।
आरती और भजन का वातावरण
प्रातःकाल की पहली आरती से लेकर संध्या की अंतिम ज्योति तक — मंदिर में मंत्रोच्चार, घंटे की ध्वनि और दीपों की आभा एक अलग ही लोक की अनुभूति कराती है।
पूजा और अनुष्ठान
नित्य पूजा में सम्मिलितः
विशेष अनुष्ठानः
भैरव हवन/यज्ञ — वैदिक मंत्रों, घी, तिल और आहुतियों से संपन्न यह यज्ञ मानसिक शांति, बाधा-निवारण और जीवन में प्रगति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
उत्सवः
दर्शन समय
मंदिर प्रतिदिन लगभग प्रातः 5 बजे से रात्रि 10ः30 बजे तक खुला रहता है। आरती के समय भक्तों की विशेष भीड़ रहती है।
स्थान एवं मार्ग
रथयात्रा–कामाच्छा मार्ग, कामाच्छा–भेलूपुर क्षेत्र, वाराणसी ऑटो, रिक्शा या टैक्सी से सुगमता से पहुँचा जा सकता है।
निकटवर्ती स्थानः कामाक्षी देवी मंदिर
अनेक भक्त अखण्ड दीप के तेल से आध्यात्मिक उपचार का अनुभव साझा करते हैं।
पुजारी जी के साथ पूजा बुक करें
श्री बटुक भैरव मंदिर में प्रामाणिक और व्यवस्थित पूजा सेवाएं — अब आपकी पहुँच में।
हर अनुष्ठान सम्पूर्ण वैदिक विधि, श्रद्धा और प्रामाणिकता के साथ सम्पन्न किया जाता है।
पुजारी जी पर अभी बुक करें और पाएं बटुक बाबा की दिव्य सुरक्षा, साहस और कृपा।
आपकी श्रद्धा — हमारी सेवा।
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ भगवान श्री बटुक भैरव के एक हजार दिव्य नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ एवं स्मरण करने वाला विशेष धार्मिक अनुष्ठान है। यह पवित्र पाठ बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा यजमान के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री बटुक भैरव की आराधना से भय एवं बाधाओं की शांति, साहस, आत्मविश्वास, सुरक्षा, सफलता एवं आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना की जाती है। इस उन्नत पैकेज में 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा बटुक भैरव सहस्रनाम का 11 पाठ सहित विशेष पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति सम्पन्न कराई जाती है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
भगवान श्री बटुक भैरव की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र सहस्रनाम पाठ भय एवं बाधाओं की शांति, साहस, आत्मविश्वास, सुरक्षा एवं मानसिक दृढ़ता की मंगलकामना करता है। भगवान के एक हजार दिव्य नामों का श्रद्धापूर्वक स्मरण यजमान एवं उनके परिवार के सुख, शांति, कल्याण एवं आध्यात्मिक संरक्षण की प्रार्थना के साथ सम्पन्न किया जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ भगवान श्री बटुक भैरव की विशेष आराधना का पवित्र वैदिक अनुष्ठान है, जिसमें भगवान के एक हजार दिव्य नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ एवं स्मरण किया जाता है। यह अनुष्ठान बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा यजमान के नाम एवं गोत्र से विशेष संकल्प लेकर शास्त्रीय परंपरा और विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री बटुक भैरव की कृपा से जीवन में सुरक्षा, साहस, आत्मविश्वास, सफलता एवं विजय की मंगलकामना की जाती है तथा भय, बाधाओं एवं विरोध से सुरक्षा की प्रार्थना की जाती है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
भगवान श्री बटुक भैरव की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र सहस्रनाम अनुष्ठान जीवन में आध्यात्मिक संरक्षण, साहस, आत्मविश्वास, सफलता एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना करता है। श्रद्धा और संकल्प के साथ किया गया यह विशेष पाठ भय एवं बाधाओं की शांति, कार्यों में विजय तथा परिवार के सुख, शांति, सुरक्षा एवं कल्याण की प्रार्थना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
15 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ भगवान श्री बटुक भैरव के एक हजार दिव्य नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ एवं स्मरण करने वाला विशेष वैदिक अनुष्ठान है। यह पवित्र अनुष्ठान बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में यजमान के नाम एवं गोत्र से विशेष संकल्प लेकर सम्पन्न कराया जाता है। इस विशिष्ट पैकेज में भगवान श्री बटुक भैरव का विस्तृत पूजन, विशेष अर्चन, सहस्रनाम पाठ, स्तोत्र पाठ, मंत्र जाप एवं हवन सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान 11 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अनुष्ठान के माध्यम से सुरक्षा, साहस, आत्मविश्वास, सफलता, विजय, यश, मानसिक दृढ़ता तथा परिवार के सुख-शांति एवं कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
भगवान श्री बटुक भैरव की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र सहस्रनाम पाठ एवं वैदिक अनुष्ठान जीवन में आध्यात्मिक संरक्षण, साहस, आत्मविश्वास, मानसिक दृढ़ता, सफलता एवं शुभता की मंगलकामना करता है। श्रद्धा एवं संकल्प के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान भय एवं बाधाओं की शांति तथा परिवार के सुख, शांति, सुरक्षा एवं कल्याण की प्रार्थना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ पूजा के बारे में हमसे बात करें
WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।