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Pujari Ji

बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ पूजा

बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ पूजा

बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ भगवान श्री बटुक भैरव के विविध नामों, स्वरूपों, गुणों एवं दिव्य शक्तियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण करने वाला विशेष धार्मिक अनुष्ठान है। सहस्रनाम का अर्थ भगवान के एक हजार नामों का पाठ है। धार्मिक परंपरा में भगवान बटुक भैरव को भगवान शिव के उग्र एवं रक्षक स्वरूप से संबद्ध माना जाता है तथा उनकी उपासना साहस, सुरक्षा, निर्भयता एवं आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना से की जाती है।

पवित्र बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में यजमान के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर भगवान श्री बटुक भैरव का विशेष पूजन एवं सहस्रनाम पाठ विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। पाठ के माध्यम से भगवान के प्रति श्रद्धा, भक्ति एवं समर्पण का भाव प्रकट किया जाता है तथा जीवन में शांति, सुरक्षा, आत्मबल एवं सकारात्मकता की प्रार्थना की जाती है।

यह अनुष्ठान किसी विशेष धार्मिक कामना, पारिवारिक मंगलकामना, कार्यों में आने वाली बाधाओं की शांति अथवा भगवान श्री बटुक भैरव की विशेष कृपा प्राप्त करने की भावना से कराया जा सकता है।

Duration

2h – 4h

Best time

किसी भी समय

Starting price

₹6,100

लाभ

  • भगवान श्री बटुक भैरव की कृपा, आशीर्वाद एवं आध्यात्मिक संरक्षण की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • भय, मानसिक अशांति एवं नकारात्मक विचारों के प्रभाव से राहत तथा मन की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • साहस, आत्मविश्वास, मानसिक दृढ़ता एवं आंतरिक शक्ति में वृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • जीवन में आने वाली विभिन्न बाधाओं एवं कठिन परिस्थितियों के शमन तथा अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • विरोध एवं शत्रु संबंधी बाधाओं से सुरक्षा तथा जीवन में निर्भयता की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • कार्यों में सफलता, प्रगति एवं विजय के लिए श्रद्धापूर्वक मंगलकामना की जाती है।
  • परिवार के सुख, शांति, सुरक्षा एवं समग्र कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति तथा भगवान के प्रति श्रद्धा, भक्ति एवं समर्पण की भावना के विकास के लिए प्रार्थना की जाती है।

बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ पूजा

काशी नगरी भगवान शिव एवं उनकी विभिन्न उपासना परंपराओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। बटुक भैरव को काशी के रक्षक देवता के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है। बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ में भगवान के एक हजार नामों का श्रद्धापूर्वक उच्चारण एवं स्मरण किया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान बटुक भैरव की आराधना भय, बाधाओं एवं प्रतिकूल परिस्थितियों से रक्षा, साहस, आत्मबल तथा आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना से की जाती है। सहस्रनाम पाठ के माध्यम से भगवान के अनेक स्वरूपों एवं गुणों का स्मरण करते हुए भक्त उनके प्रति अपनी श्रद्धा एवं समर्पण व्यक्त करता है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

मुख्य आराध्य भगवान श्री बटुक भैरव हैं। पूजा की परंपरा के अनुसार भगवान गणेश, भगवान शिव तथा अन्य संबंधित देवताओं का पूजन भी किया जा सकता है।

बटुक भैरव भगवान शिव के बाल स्वरूप से संबद्ध माने जाते हैं और काशी की धार्मिक परंपरा में उनका विशेष स्थान है। उनकी उपासना को सुरक्षा, निर्भयता, साहस एवं आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना से जोड़ा जाता है।

बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ कब कराया जा सकता है?

  • मंगलवार को
  • शनिवार को
  • अष्टमी तिथि पर
  • भैरव अष्टमी के अवसर पर
  • किसी विशेष धार्मिक संकल्प के लिए
  • पारिवारिक मंगलकामना के लिए
  • अनुभवी वैदिक आचार्य के परामर्शानुसार निर्धारित शुभ तिथि पर

किन परिस्थितियों में यह पाठ कराया जाता है?

  • जीवन में सुरक्षा एवं सकारात्मकता की मंगलकामना के लिए
  • भय एवं मानसिक अशांति से मुक्ति की प्रार्थना के लिए
  • कार्यों में बार-बार आने वाली बाधाओं की शांति के लिए
  • विरोध एवं शत्रु बाधाओं से रक्षा की प्रार्थना के लिए
  • साहस, आत्मविश्वास एवं मानसिक दृढ़ता की मंगलकामना के लिए
  • ग्रह संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों की शांति के लिए
  • परिवार के सुख, शांति एवं कल्याण की प्रार्थना के लिए
  • भगवान श्री बटुक भैरव की विशेष कृपा एवं आशीर्वाद की मंगलकामना के लिए

मुख्य मंत्र

बटुक भैरव उपासना में परंपरा एवं आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार संबंधित मंत्रों का जाप किया जाता है। सहस्रनाम पाठ में भगवान श्री बटुक भैरव के एक हजार नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ किया जाता है।

बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ के धार्मिक लाभ

  • भगवान श्री बटुक भैरव की कृपा एवं आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना की जाती है।
  • भय एवं मानसिक अशांति से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है।
  • साहस, आत्मविश्वास एवं मानसिक दृढ़ता की मंगलकामना की जाती है।
  • जीवन में आने वाली विभिन्न बाधाओं की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • विरोध एवं शत्रु बाधाओं से सुरक्षा की मंगलकामना की जाती है।
  • कार्यों में सफलता एवं विजय की प्रार्थना की जाती है।
  • परिवार के सुख, शांति एवं कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति एवं भगवान के प्रति श्रद्धा तथा समर्पण की भावना के लिए प्रार्थना की जाती है।

उपरोक्त सभी लाभ धार्मिक एवं पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें किसी स्वास्थ्य, कानूनी, आर्थिक अथवा अन्य समस्या के निश्चित समाधान के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

आध्यात्मिक महत्व

बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ भगवान श्री बटुक भैरव के दिव्य नामों के निरंतर स्मरण एवं भक्ति का विशेष माध्यम है। सहस्रनाम पाठ के दौरान भगवान के विभिन्न स्वरूपों एवं गुणों का ध्यान किया जाता है, जिससे भक्त के भीतर श्रद्धा, समर्पण एवं आध्यात्मिक भाव को बढ़ावा देने की प्रार्थना की जाती है।

काशी स्थित बटुक भैरव मंदिर में यह अनुष्ठान भगवान श्री बटुक भैरव की पवित्र साक्षी में सम्पन्न कराया जाता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार इस पावन स्थल पर भैरव आराधना के माध्यम से सुरक्षा, साहस, मानसिक शांति एवं जीवन के समग्र कल्याण की मंगलकामना की जाती है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • यजमान के नाम एवं गोत्र से वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • विशेष कामना के अनुसार संकल्प में पूजा का उद्देश्य शामिल किया जा सकता है।
  • आवश्यकता के अनुसार भगवान श्री बटुक भैरव का विशेष पूजन एवं सहस्रनाम पाठ सम्पन्न कराया जाता है।
  • ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन सहभागिता की व्यवस्था उपलब्ध हो सकती है।
  • पूजा के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जा सकती है।

बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन में यजमान के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर भगवान श्री बटुक भैरव का विशेष पूजन एवं सहस्रनाम पाठ पूर्ण विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार एवं श्रद्धा के साथ सम्पन्न कराया जाता है।

पूजा स्थानवाराणसी

बटुक भैरव मंदिर

बटुक भैरव मंदिर

वाराणसी

श्री बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी

काशी के कोतवाल — जहाँ भय मिटता है, कृपा बरसती है

जहाँ काशी की रक्षा होती है

वाराणसी के कामाच्छा क्षेत्र में, गलियों की आत्मा में बसा है एक ऐसा धाम — जो आकार में छोटा है, पर शक्ति में अपार।

यहाँ विराजते हैं श्री बटुक भैरव — भगवान शिव का बाल स्वरूप। न रणभूमि के भैरव, न विकराल। यहाँ वे हैं एक बालक के रूप में — निश्छल, सरल, और अपने भक्तों के लिए करुणा से भरे।

काशी उन्हें अपना कोतवाल मानती है। जो इस नगरी की रक्षा करते हैं — दिन में भी, रात में भी। जो हर संकट में ढाल बनते हैं, हर भय को हरते हैं।

पौराणिक महत्व

बटुक भैरव — यह नाम ही अपने आप में एक आश्वासन है।

पुराणों में कथा है कि जब काशी पर अदृश्य शक्तियों का संकट मँडराने लगा, तब स्वयं महादेव ने एक बालक का रूप धारण किया। वही बालक जो हर भक्त के जीवन में प्रकाश लेकर आता है, हर अड़चन को मार्ग देता है।

उनका वाहन है कुत्ता — वह पवित्र प्राणी जो स्वामिभक्ति का प्रतीक है। मंदिर के आस-पास आपको उनकी उपस्थिति मिलेगी — और भक्त इसे भैरव बाबा की जीवंत उपस्थिति मानते हैं।

मंदिर का स्वरूप

अखण्ड दीप — जो कभी नहीं बुझता

मंदिर के भीतर एक दीपक अनादिकाल से जल रहा है। यह केवल ज्योति नहीं — यह भरोसे की लौ है। इस दीपक का तेल अनेक भक्त प्रसाद स्वरूप ग्रहण करते हैं, जिसे वे आध्यात्मिक शुद्धि और कृपा का वाहक मानते हैं।

सरल भाव, असीम फल

यहाँ भेंट में आडंबर नहीं चाहिए। फूल, धूप, तेल का दीपक, मिठाई — यहाँ तक कि बिस्कुट और टॉफी भी बटुक बाबा को प्रिय हैं। क्योंकि वे बालक हैं, और बालक को सच्चा प्रेम ही चाहिए।

आरती और भजन का वातावरण

प्रातःकाल की पहली आरती से लेकर संध्या की अंतिम ज्योति तक — मंदिर में मंत्रोच्चार, घंटे की ध्वनि और दीपों की आभा एक अलग ही लोक की अनुभूति कराती है।

पूजा और अनुष्ठान

नित्य पूजा में सम्मिलितः

  • दीपदान
  • पुष्प, धूप, और नैवेद्य अर्पण
  • भैरव मंत्र का जापः "ॐ बटुक भैरवाय नमः"
  • प्रातः एवं सायंकालीन आरती व भजन

विशेष अनुष्ठानः

भैरव हवन/यज्ञ — वैदिक मंत्रों, घी, तिल और आहुतियों से संपन्न यह यज्ञ मानसिक शांति, बाधा-निवारण और जीवन में प्रगति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

उत्सवः

  • बटुक भैरव जयंती — विशेष पूजा, भजन संध्या, प्रसाद वितरण
  • महाशिवरात्रि और नवरात्रि — भव्य आयोजन, विशेष दीपदान एवं अनुष्ठान

दर्शन समय

मंदिर प्रतिदिन लगभग प्रातः 5 बजे से रात्रि 10ः30 बजे तक खुला रहता है। आरती के समय भक्तों की विशेष भीड़ रहती है।

स्थान एवं मार्ग

रथयात्रा–कामाच्छा मार्ग, कामाच्छा–भेलूपुर क्षेत्र, वाराणसी ऑटो, रिक्शा या टैक्सी से सुगमता से पहुँचा जा सकता है।

निकटवर्ती स्थानः कामाक्षी देवी मंदिर

  • भक्तों को प्राप्त होने वाले आशीर्वाद
  • भय से मुक्ति और नकारात्मकता से सुरक्षा
  • मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन की बाधाओं का नाश
  • स्वास्थ्य, समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति
  • आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास का संचार

अनेक भक्त अखण्ड दीप के तेल से आध्यात्मिक उपचार का अनुभव साझा करते हैं।

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श्री बटुक भैरव मंदिर में प्रामाणिक और व्यवस्थित पूजा सेवाएं — अब आपकी पहुँच में।

  • सम्पूर्ण बटुक भैरव पूजा व्यवस्था
  • दीपदान एवं संकल्प पूजा
  • भैरव हवन और विशेष मंत्र जाप
  • मनोकामना पूर्ति एवं सुरक्षा अनुष्ठान
  • अनुभवी वैदिक पुजारियों का मार्गदर्शन
  • ऑन-साइट एवं ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
  • आपकी विशेष समस्या के अनुसार व्यक्तिगत पूजा

हर अनुष्ठान सम्पूर्ण वैदिक विधि, श्रद्धा और प्रामाणिकता के साथ सम्पन्न किया जाता है।

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आपकी श्रद्धा — हमारी सेवा।

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    बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ भगवान श्री बटुक भैरव के एक हजार दिव्य नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ एवं स्मरण करने वाला विशेष धार्मिक अनुष्ठान है। यह पवित्र पाठ बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा यजमान के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री बटुक भैरव की आराधना से भय एवं बाधाओं की शांति, साहस, आत्मविश्वास, सुरक्षा, सफलता एवं आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना की जाती है। इस उन्नत पैकेज में 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा बटुक भैरव सहस्रनाम का 11 पाठ सहित विशेष पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति सम्पन्न कराई जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्ति वाचन
    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • भगवान शिव पूजन
    • श्री बटुक भैरव का विशेष पूजन
    • बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ – 11 पाठ
    • विशेष कामना प्रार्थना
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    विशेष सुविधाएं

    • बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में विशेष धार्मिक अनुष्ठान
    • अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा शास्त्रीय परंपरा के अनुसार पूजा
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से व्यक्तिगत संकल्प
    • भगवान श्री बटुक भैरव का विशेष पूजन एवं अर्चन
    • बटुक भैरव सहस्रनाम का 11 पाठ
    • हवन एवं पूर्णाहुति सहित विशेष अनुष्ठान
    • सुरक्षा, साहस, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना
    • यजमान एवं परिवार के सुख, शांति एवं कल्याण की प्रार्थना

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्म कुंडली (यदि उपलब्ध हो)

    भगवान श्री बटुक भैरव की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र सहस्रनाम पाठ भय एवं बाधाओं की शांति, साहस, आत्मविश्वास, सुरक्षा एवं मानसिक दृढ़ता की मंगलकामना करता है। भगवान के एक हजार दिव्य नामों का श्रद्धापूर्वक स्मरण यजमान एवं उनके परिवार के सुख, शांति, कल्याण एवं आध्यात्मिक संरक्षण की प्रार्थना के साथ सम्पन्न किया जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
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  • श्रेष्ठ

    3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ भगवान श्री बटुक भैरव की विशेष आराधना का पवित्र वैदिक अनुष्ठान है, जिसमें भगवान के एक हजार दिव्य नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ एवं स्मरण किया जाता है। यह अनुष्ठान बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा यजमान के नाम एवं गोत्र से विशेष संकल्प लेकर शास्त्रीय परंपरा और विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री बटुक भैरव की कृपा से जीवन में सुरक्षा, साहस, आत्मविश्वास, सफलता एवं विजय की मंगलकामना की जाती है तथा भय, बाधाओं एवं विरोध से सुरक्षा की प्रार्थना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्ति वाचन
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से विशेष संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • श्री बटुक भैरव का विस्तृत पूजन
    • बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ – 31 पाठ
    • विशेष स्तोत्र पाठ एवं मंत्र जाप
    • विशेष कामना प्रार्थना
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद अर्पण

    विशेष सुविधाएं

    • बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में विशेष धार्मिक अनुष्ठान
    • 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विधि-विधानपूर्वक पूजा
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से व्यक्तिगत संकल्प
    • भगवान श्री बटुक भैरव का विस्तृत पूजन एवं विशेष अर्चन
    • बटुक भैरव सहस्रनाम का 31 पाठ
    • भय एवं विभिन्न बाधाओं की शांति की मंगलकामना
    • साहस, आत्मविश्वास एवं मानसिक दृढ़ता की प्रार्थना
    • कार्यों में सफलता एवं विजय की मंगलकामना
    • परिवार के सुख, शांति, सुरक्षा एवं कल्याण की मंगलकामना

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • विशेष कामना या संकल्प (यदि कोई हो)

    भगवान श्री बटुक भैरव की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र सहस्रनाम अनुष्ठान जीवन में आध्यात्मिक संरक्षण, साहस, आत्मविश्वास, सफलता एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना करता है। श्रद्धा और संकल्प के साथ किया गया यह विशेष पाठ भय एवं बाधाओं की शांति, कार्यों में विजय तथा परिवार के सुख, शांति, सुरक्षा एवं कल्याण की प्रार्थना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।

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  • विशिष्ट

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    बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ भगवान श्री बटुक भैरव के एक हजार दिव्य नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ एवं स्मरण करने वाला विशेष वैदिक अनुष्ठान है। यह पवित्र अनुष्ठान बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में यजमान के नाम एवं गोत्र से विशेष संकल्प लेकर सम्पन्न कराया जाता है। इस विशिष्ट पैकेज में भगवान श्री बटुक भैरव का विस्तृत पूजन, विशेष अर्चन, सहस्रनाम पाठ, स्तोत्र पाठ, मंत्र जाप एवं हवन सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान 11 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अनुष्ठान के माध्यम से सुरक्षा, साहस, आत्मविश्वास, सफलता, विजय, यश, मानसिक दृढ़ता तथा परिवार के सुख-शांति एवं कल्याण की मंगलकामना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्ति वाचन
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से विशेष संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • श्री बटुक भैरव का विस्तृत विशेष पूजन
    • विशेष पुष्प एवं पूजन सामग्री से अर्चन
    • बटुक भैरव सहस्रनाम पाठ – 108 पाठ
    • बटुक भैरव स्तोत्र पाठ
    • विशेष कामना प्रार्थना
    • विशेष मंत्र जाप
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    विशेष सुविधाएं

    • बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में विस्तृत वैदिक अनुष्ठान
    • 11 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से व्यक्तिगत संकल्प
    • भगवान श्री बटुक भैरव का विशेष पूजन एवं अर्चन
    • बटुक भैरव सहस्रनाम का विधिपूर्वक पाठ
    • विशेष स्तोत्र पाठ, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति
    • भय एवं विभिन्न प्रकार की बाधाओं की शांति की मंगलकामना
    • सुरक्षा, साहस, आत्मविश्वास, सफलता एवं विजय की प्रार्थना
    • परिवार के सुख, शांति, सुरक्षा एवं कल्याण की मंगलकामना

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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  4. पुजारीजी

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    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

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    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

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