“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

यह पवित्र अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न कराया जाता है, जो जन्म दोष शांति, ग्रह शांति एवं नवजात शिशु की सुरक्षा के लिए अत्यंत सिद्ध एवं पुण्यदायी स्थल माना जाता है। क्षिप्रा नदी के पावन तट पर किया गया यह भद्रा जनन शांति अनुष्ठान विशेष रूप से भद्रा काल में जन्म से जुड़े अशुभ प्रभावों की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
Duration
2h – 4h
Best time
सुबह
Starting price
₹6,100
यह पवित्र अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न कराया जाता है, जो जन्म दोष शांति, ग्रह शांति एवं नवजात शिशु की सुरक्षा के लिए अत्यंत सिद्ध एवं पुण्यदायी स्थल माना जाता है। क्षिप्रा नदी के पावन तट पर किया गया यह भद्रा जनन शांति अनुष्ठान विशेष रूप से भद्रा काल में जन्म से जुड़े अशुभ प्रभावों की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
भद्रा जनन शांति पूजा एक विशेष वैदिक शांति अनुष्ठान है, जो उन जातकों अथवा नवजात शिशुओं के लिए किया जाता है जिनका जन्म भद्रा काल में हुआ हो। वैदिक ज्योतिष एवं पंचांग के अनुसार भद्रा काल को कुछ शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि भद्रा समय में जन्म होने पर व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव, पारिवारिक बाधाएं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, कार्यों में रुकावट एवं जीवन में अस्थिरता जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
इन्हीं अशुभ प्रभावों की शांति एवं शुभता प्राप्त करने के लिए यह पूजा कराई जाती है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से नवजात शिशु, माता-पिता एवं परिवार की सुख-शांति, सुरक्षा एवं सकारात्मक ऊर्जा के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस अनुष्ठान में मुख्य रूप से भगवान गणेश, नवग्रह देवता एवं शिव परिवार की उपासना की जाती है।
वैदिक मान्यता के अनुसार जन्म के समय ग्रहों एवं नक्षत्रों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालता है।
रामघाट, उज्जैन में किया गया यह अनुष्ठान भद्रा काल के अशुभ प्रभावों को शांत कर नवजात शिशु के जीवन में सुरक्षा, शुभता एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
यह पूजा कब करानी चाहिए?
किन समस्याओं में यह पूजा करानी चाहिए?
भद्रा जनन शांति पूजा के लाभ
आध्यात्मिक महत्व
यह पूजा पूर्ण वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न की जाती है। पूजा में गणेश पूजन, नवग्रह पूजन, विशेष शांति मंत्र जप एवं हवन कराया जाता है।
यह अनुष्ठान नवजात शिशु एवं परिवार को दिव्य ऊर्जा से जोड़कर जीवन में शुभता, सुरक्षा एवं आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करता है।
हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रों के अनुसार यह अनुष्ठान सम्पन्न कराते हैं।
रामघाट, उज्जैन में किया गया यह भद्रा जनन शांति अनुष्ठान शिशु एवं परिवार के जीवन में सुख, शांति, सुरक्षा एवं शुभता का संचार करता है।

उज्जैन
पवित्र क्षिप्रा नदी के दिव्य तट पर स्थित राम घाट उज्जैन के सबसे प्रमुख, प्राचीन एवं पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। यह घाट सनातन धर्म के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आस्था, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के दौरान इस पवित्र क्षेत्र में आगमन किया था, जिसके कारण इस घाट का नाम राम घाट पड़ा।
उज्जैन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु सबसे पहले राम घाट पर स्नान, तर्पण एवं पूजा-अर्चना कर अपनी धार्मिक यात्रा का शुभारंभ करते हैं। क्षिप्रा नदी का यह पवित्र तट मोक्ष, पितृ तृप्ति, ग्रह शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
राम घाट का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्मग्रंथों एवं पुराणों में क्षिप्रा नदी को अत्यंत पवित्र एवं मोक्षदायिनी बताया गया है। राम घाट को उज्जैन के प्रमुख तीर्थस्थलों में विशेष स्थान प्राप्त है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां स्नान, दान, तर्पण एवं पूजा करने से—
विशेष रूप से अमावस्या, पूर्णिमा, श्राद्ध पक्ष, सोमवती अमावस्या एवं सिंहस्थ महापर्व के दौरान राम घाट का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
राम घाट में होने वाले प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान
राम घाट पर प्रतिदिन अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।
प्रमुख पूजाएं एवं अनुष्ठान
श्राद्ध पक्ष एवं अमावस्या के दिनों में यहां विशेष रूप से हजारों श्रद्धालु अपने पितरों की शांति हेतु धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।
राम घाट के प्रमुख पवित्र स्थल
मुख्य स्नान घाट
क्षिप्रा नदी के किनारे बना मुख्य घाट श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमुख केंद्र है। यहां स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
दीपदान स्थल
सायंकाल के समय श्रद्धालु क्षिप्रा नदी में दीप प्रवाहित कर सुख, समृद्धि एवं पितृ कृपा की कामना करते हैं। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी एवं आध्यात्मिक माना जाता है।
तर्पण एवं श्राद्ध क्षेत्र
राम घाट पर विशेष स्थान निर्धारित हैं जहां आचार्यों के मार्गदर्शन में पितृ तर्पण एवं पिंडदान अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।
यज्ञ एवं हवन स्थल
यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विभिन्न ग्रह शांति एवं धार्मिक यज्ञ सम्पन्न होते हैं।
राम घाट में पूजा करवाने के लाभ
ऐसी मान्यता है कि राम घाट पर विधिपूर्वक पूजा एवं अनुष्ठान कराने से श्रद्धालुओं को अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं—
विशेष रूप से पितृ दोष, कालसर्प दोष एवं पूर्वजों की अशांति से पीड़ित श्रद्धालुओं के लिए राम घाट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
राम घाट का आध्यात्मिक वातावरण
राम घाट का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र एवं भक्तिमय रहता है। प्रातःकालीन स्नान, वैदिक मंत्रोच्चार, संध्या आरती एवं दीपदान का दृश्य श्रद्धालुओं को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।
सायंकाल होने वाली क्षिप्रा महाआरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।
विशेष अवसरों पर यहां अत्यधिक भीड़ रहती है—
राम घाट कैसे पहुंचे
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा, इंदौर है, जो उज्जैन से लगभग पचपन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
रेल मार्ग
उज्जैन जंक्शन देश के प्रमुख नगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, अहमदाबाद एवं भोपाल से सीधे जुड़ा हुआ है।
सड़क मार्ग
उज्जैन राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से सुगमता से जुड़ा हुआ है। इंदौर, भोपाल, ओंकारेश्वर एवं अन्य प्रमुख नगरों से नियमित बस एवं किराये के वाहन उपलब्ध रहते हैं।
उज्जैन नगर के किसी भी भाग से राम घाट तक स्थानीय परिवहन आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
दर्शन एवं अनुष्ठान हेतु सर्वोत्तम समय
राम घाट वर्षभर दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खुला रहता है, किन्तु निम्न अवसर विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं—
प्रातःकालीन समय स्नान, संकल्प एवं पूजा-अनुष्ठान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
निष्कर्ष: राम घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि श्रद्धा, पितृ तृप्ति, मोक्ष एवं आध्यात्मिक साधना का महान केंद्र है। पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित यह दिव्य तीर्थ श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति एवं पूर्वजों का आशीर्वाद प्रदान करने वाला अत्यंत पुण्यदायी स्थल माना जाता है। यहां सम्पन्न होने वाले वैदिक अनुष्ठान जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले माने जाते हैं।
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह पवित्र अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न कराया जाता है, जो जन्म दोष शांति, ग्रह शांति एवं नवजात शिशु की सुरक्षा के लिए अत्यंत सिद्ध एवं पुण्यदायी स्थल माना जाता है। क्षिप्रा नदी के पावन तट पर किया गया यह भद्रा जनन शांति अनुष्ठान विशेष रूप से भद्रा (विष्टि करण) दोष एवं जन्म से जुड़े अशुभ प्रभावों की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
इस पैकेज में 1 अनुभवी आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जिनके द्वारा सम्पूर्ण भद्रा जनन शांति पूजा शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराई जाती है। यह पवित्र अनुष्ठान सामान्यतः 2 से 3 घंटे में सम्पन्न होता है।
इस अनुष्ठान के माध्यम से भद्रा दोष, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, मानसिक अशांति एवं नकारात्मक प्रभावों की शांति की जाती है, जिससे बच्चे को सुरक्षा, स्थिरता एवं सुख-शांति प्राप्त होती है।
यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन बच्चों के लिए लाभकारी माना जाता है जिनका जन्म भद्रा काल में हुआ हो तथा जिन्हें बार-बार बीमारी, भय, चिड़चिड़ापन अथवा विकास में बाधा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हो।
पूजा प्रक्रिया:
विशेष सुविधाएं:
आवश्यक जानकारी:
नोट: रामघाट उज्जैन में किया गया यह भद्रा जनन शांति अनुष्ठान आपके शिशु एवं परिवार के जीवन में सुख, शांति, सुरक्षा एवं शुभता का संचार करता है।
2 वस्तुएँ शामिल
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह पवित्र अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न कराया जाता है, जो जन्म दोष शांति, ग्रह शांति एवं नवजात शिशु की सुरक्षा के लिए अत्यंत सिद्ध एवं पुण्यदायी स्थल माना जाता है। क्षिप्रा नदी के पावन तट पर किया गया यह भद्रा जनन शांति अनुष्ठान विशेष रूप से भद्रा (विष्टि करण) दोष एवं जन्म से जुड़े अशुभ प्रभावों की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
इस पैकेज में 3 अनुभवी आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जिनके द्वारा सम्पूर्ण भद्रा जनन शांति पूजा शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराई जाती है। यह पवित्र अनुष्ठान सामान्यतः 3 से 4 घंटे में सम्पन्न होता है।
इस अनुष्ठान के माध्यम से भद्रा दोष, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, मानसिक अशांति एवं नकारात्मक प्रभावों की शांति की जाती है, जिससे बच्चे को सुरक्षा, स्थिरता एवं सुख-शांति प्राप्त होती है।
यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन बच्चों के लिए लाभकारी माना जाता है जिनका जन्म भद्रा काल में हुआ हो तथा जिन्हें बार-बार बीमारी, चिड़चिड़ापन, भय अथवा विकास में बाधा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हो।
पूजा प्रक्रिया:
विशेष सुविधाएं:
आवश्यक जानकारी:
नोट: रामघाट उज्जैन में किया गया यह भद्रा जनन शांति अनुष्ठान आपके शिशु एवं परिवार के जीवन में सुख, शांति, सुरक्षा एवं शुभता का संचार करता है।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
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