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Pujari Ji

भद्रा जनन शांति पूजा

इन शहरों में घर पर सेवा उपलब्ध:बेंगलुरुमुंबई
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
भद्रा जनन शांति पूजा

भद्रा जनन शांति पूजा जन्म के समय से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार की जाने वाली शांति पूजा है। इसमें भगवान गणेश, नवग्रह देवताओं तथा अन्य पूजनीय देवताओं का आह्वान करके शिशु और परिवार के कल्याण की प्रार्थना की जाती है। पूजा में संकल्प, मंत्र जाप, पूजन और हवन जैसी विधियाँ सम्मिलित हो सकती हैं। इसे घर पर अनुभवी वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में सम्पन्न कराया जा सकता है।

Duration

2h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा जनन शांति पूजा के माध्यम से भद्रा दोष से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति तथा नवजात शिशु के जीवन में शुभता की मंगलकामना की जाती है।
  • भद्रा देव, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा, आशीर्वाद एवं संरक्षण प्राप्त करने के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • भद्रा दोष से संबंधित धार्मिक आशंकाओं, स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों एवं मानसिक अशांति की शांति तथा बच्चे के कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
  • जन्म के बाद शुभ मुहूर्त में यह अनुष्ठान करना पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लाभकारी माना जाता है।
  • बच्चे की दीर्घायु, जीवन में स्थिरता, सुख-शांति एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।

भद्रा जनन शांति पूजा

हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय परंपराओं में भद्रा काल का विशेष उल्लेख मिलता है। कुछ शुभ कार्यों के लिए इस समय को अनुपयुक्त माना जाता है। भद्रा काल में जन्म होने की स्थिति में कुछ परिवार अपनी धार्मिक परंपरा और ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार भद्रा जनन शांति पूजा कराते हैं।

इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशु के स्वास्थ्य, सुरक्षा, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना करना तथा परिवार में शांति और सकारात्मकता की कामना करना है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि भद्रा काल में जन्म होना अपने आप में किसी बीमारी, बाधा या अशुभ परिणाम का निश्चित संकेत नहीं है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा में मुख्य रूप से भगवान गणेश और नवग्रह देवताओं की उपासना की जाती है। अनुष्ठान की परंपरा के अनुसार अन्य देवताओं का पूजन भी किया जा सकता है।

  • भगवान गणेशः उन्हें विघ्नों को दूर करने वाले और शुभ कार्यों के आरंभ के अधिष्ठाता देवता के रूप में पूजा जाता है। उनकी आराधना शिशु के मंगलमय जीवन और परिवार के कल्याण की प्रार्थना के साथ की जाती है।
  • नवग्रह देवताः नवग्रहों की उपासना ग्रहों से संबंधित ज्योतिषीय चिंताओं की शांति और जीवन में संतुलन की कामना से की जाती है।
  • शांति मंत्र एवं हवनः मंत्र जाप और हवन के माध्यम से शिशु के स्वास्थ्य, सुरक्षा, दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

भद्रा जनन शांति पूजा सामान्यतः जन्म के बाद परिवार की परंपरा और वैदिक आचार्य या ज्योतिषी के परामर्श के अनुसार शुभ मुहूर्त में कराई जाती है। कुछ परंपराओं में जन्म के सत्ताईसवें दिन पूजा कराने का विधान भी माना जाता है। हालांकि, यह नियम सभी परंपराओं में समान नहीं है।

यदि जन्म के तुरंत बाद पूजा नहीं हो पाई हो, तो बाद में भी परिवार की धार्मिक मान्यता और उचित मुहूर्त के अनुसार अनुष्ठान कराया जा सकता है। सही समय निर्धारित करने के लिए जन्म विवरण और पारिवारिक परंपरा के आधार पर परामर्श लेना उपयोगी होता है।

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जब परिवार भद्रा काल में जन्म से संबंधित धार्मिक मान्यता के अनुसार शांति अनुष्ठान कराना चाहता हो।
  • जब नवजात शिशु के स्वास्थ्य, सुरक्षा और दीर्घायु के लिए धार्मिक प्रार्थना करनी हो।
  • जब माता-पिता शिशु के मंगलमय भविष्य और जीवन में शुभता की कामना करते हों।
  • जब परिवार जन्म से संबंधित ज्योतिषीय चिंताओं के लिए पारंपरिक शांति विधि सम्पन्न कराना चाहता हो।
  • जब परिवार में सुख-शांति, सद्भाव और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने के लिए पूजा का संकल्प लिया गया हो।

प्रमुख मंत्र

भगवान गणेश मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः॥

नवग्रह शांति मंत्र

ॐ आदित्याय च सोमाय मङ्गलाय बुधाय च। गुरु शुक्र शनिभ्यश्च राहवे केतवे नमः॥

मंत्रों का जाप वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन में पूजा की निर्धारित विधि और संकल्प के अनुसार किया जा सकता है।

पूजा के लाभ

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भद्रा जनन शांति पूजा शिशु और परिवार के कल्याण के लिए प्रार्थना करने का एक पारंपरिक माध्यम है। इसके प्रमुख आध्यात्मिक लाभ निम्नलिखित माने जाते हैं।

  • नवजात शिशु के कल्याण की प्रार्थनाः शिशु के स्वस्थ, सुरक्षित और मंगलमय जीवन के लिए देवी-देवताओं का आशीर्वाद माँगा जाता है।
  • दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामनाः माता-पिता शिशु के अच्छे स्वास्थ्य, विकास और दीर्घायु के लिए संकल्प लेते हैं।
  • जन्म से संबंधित ज्योतिषीय चिंताओं की शांतिः पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार पूजा के माध्यम से जन्म समय से जुड़ी ज्योतिषीय चिंताओं की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • परिवार में सुख-शांतिः अनुष्ठान परिवार के सदस्यों को शिशु के स्वागत और कल्याण के लिए एक साथ प्रार्थना करने का अवसर प्रदान करता है।
  • सकारात्मक वातावरणः मंत्र जाप, पूजन और हवन से घर में भक्तिमय वातावरण निर्मित होता है तथा परिवार को मानसिक और आध्यात्मिक संबल मिल सकता है।
  • माता-पिता को आध्यात्मिक संतोषः धार्मिक परंपरा के अनुसार अनुष्ठान सम्पन्न करने से माता-पिता को शिशु के कल्याण के लिए अपनी श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर मिलता है।
  • मंगलमय भविष्य की कामनाः परिवार शिशु के जीवन में सुख, सद्बुद्धि, उन्नति और शुभ अवसरों की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करता है।

इन लाभों को धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक परंपरा के संदर्भ में समझना चाहिए। पूजा किसी बीमारी को रोकने, उपचार करने या निश्चित भविष्य की गारंटी नहीं देती। नवजात शिशु के स्वास्थ्य और विकास के लिए नियमित चिकित्सकीय देखभाल आवश्यक है।

आध्यात्मिक महत्व

भद्रा जनन शांति पूजा का आध्यात्मिक महत्व नवजात शिशु के स्वागत, मंगलकामना और परिवार की सामूहिक प्रार्थना से जुड़ा है। संकल्प, मंत्र जाप और हवन के माध्यम से माता-पिता अपने शिशु के स्वस्थ, सुरक्षित और सुखमय जीवन की कामना करते हैं। यह अनुष्ठान परिवार में श्रद्धा, सकारात्मकता और आध्यात्मिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करता है।

विशेष जानकारी

  • पूजा घर, मंदिर या किसी पवित्र स्थान पर कराई जा सकती है। नवजात शिशु की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए घर पर पूजा कराना परिवार के लिए सुविधाजनक हो सकता है।
  • पूजा की विधि, मंत्र जाप और हवन की प्रक्रिया परिवार की परंपरा तथा वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
  • पूजा से पहले आवश्यक सामग्री और तैयारियों के संबंध में वैदिक आचार्य से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
  • नवजात शिशु के स्वास्थ्य संबंधी किसी भी चिंता के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। धार्मिक अनुष्ठान चिकित्सकीय देखभाल का विकल्प नहीं है।

घर पर सम्पन्न किया जाने वाला यह भद्रा जनन शांति अनुष्ठान शिशु के कल्याण, परिवार में सुख-शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा के लिए श्रद्धापूर्वक कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पूजा भद्रा जनन से संबंधित दोषों की शांति तथा शिशु के जीवन में मंगल, सुरक्षा और शुभता की कामना के लिए की जाती है।

हमारी गारंटी

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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h 30m

    भद्रा जनन शांति पूजा एक पारंपरिक वैदिक अनुष्ठान है, जो उन नवजात शिशुओं और बच्चों के कल्याण की कामना से किया जाता है जिनका जन्म भद्रा काल, अर्थात् विष्टि करण के दौरान हुआ हो। एक अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा विधि-विधान से संपन्न होने वाला यह अनुष्ठान लगभग 2 से 3 घंटे तक चलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूजा के माध्यम से भद्रा से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति, बच्चे के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-शांति और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • नवग्रह पूजन
    • भद्रा (विष्टि करण) पूजन
    • भद्रा शांति मंत्र जाप
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपूर्ण पूजा।
    • भद्रा शांति के लिए विशेष पूजन एवं हवन।
    • अनुष्ठान की प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, भद्रा जनन शांति पूजा बच्चे के कल्याण, स्वास्थ्य, सुख-शांति और सुरक्षित भविष्य की कामना से संपन्न की जाती है। श्रद्धा एवं भक्ति के साथ किया गया यह अनुष्ठान परिवार को आध्यात्मिक संबल प्रदान करने तथा बच्चे के जीवन में मंगलमयता और सकारात्मकता के लिए प्रार्थना करने का माध्यम माना जाता है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹15,00027% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    भद्रा जनन शांति पूजा एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है, जो उन बच्चों के कल्याण और मंगलमय जीवन की प्रार्थना के लिए किया जाता है जिनका जन्म भद्रा काल में हुआ हो। तीन अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा संपूर्ण विधि-विधान से संपन्न होने वाला यह अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे तक चलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूजा का उद्देश्य भद्रा अथवा विष्टि करण से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति, बच्चे के स्वास्थ्य एवं कल्याण और परिवार में सुख-शांति के लिए प्रार्थना करना है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • नवग्रह पूजन
    • भद्रा (विष्टि करण) पूजन
    • भद्रा शांति मंत्र जाप
    • महामृत्युंजय मंत्र जाप
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपूर्ण अनुष्ठान।
    • भद्रा शांति के लिए विशेष पूजन, मंत्र जाप और हवन।
    • पूजा की प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, भद्रा जनन शांति पूजा बच्चे के कल्याण, स्वास्थ्य, सुख-शांति और मंगलमय भविष्य के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने का एक आध्यात्मिक माध्यम है। श्रद्धापूर्वक संपन्न यह अनुष्ठान परिवार को मानसिक संतोष प्रदान करने तथा बच्चे के जीवन में शांति, सकारात्मकता और शुभता की कामना के लिए किया जाता है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹15,000₹21,00029% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”

प्रिया शर्मा

मुंबई• Satyanarayan Puja

“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek

“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”

मीना अय्यर

बैंगलोर• Graha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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