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Pujari Ji

भैरव स्तोत्र पाठ

बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
भैरव स्तोत्र पाठ

भैरव स्तोत्र पाठ भगवान भैरव की स्तुति में किए जाने वाले पवित्र श्लोकों का पाठ है, जो भगवान शिव के उग्र स्वरूप हैं। यह पाठ नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है, अदृश्य बाधाओं से रक्षा करता है और जीवन में साहस, स्थिरता व सफलता प्रदान करता है।

Duration

2h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • न्यायालय में विजय, मुकदमे और कानूनी मामलों में सफलता के लिए।
  • वाद-विवाद, शत्रु बाधा और षड्यंत्र से रक्षा हेतु।
  • निरपराध व्यक्ति की सम्मानपूर्वक बरी और सत्य की विजय के लिए।
  • भय, मानसिक तनाव और अनिश्चितता को दूर कर आत्मबल बढ़ाने हेतु।
  • मुख्य देवताः बटुक भैरव — त्वरित न्याय, सुरक्षा और साहस के दाता।

भैरव स्तोत्र पाठ

भैरव स्तोत्र पाठ पूजा भगवान बटुक भैरव की विशेष अनुकम्पा प्राप्त करने हेतु की जाने वाली एक अत्यंत प्रभावशाली वैदिक पूजा है। बटुक भैरव को न्याय के रक्षक, सत्य के संरक्षक और त्वरित फल प्रदान करने वाले देवता माना जाता है। यह पूजा विशेष रूप से उन भक्तों के लिए अत्यंत लाभकारी है जो न्यायालयी मामलों, मुकदमों, वाद-विवाद, शत्रु बाधा या षड्यंत्र से पीड़ित हैं तथा निरपराध होकर भी मानसिक या सामाजिक संकट झेल रहे हैं।

भैरव स्तोत्र का विधिपूर्वक पाठ करने से भय, अनिश्चितता, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक तनाव का नाश होता है। यह पूजा साहस, आत्मबल और निर्णय क्षमता को बढ़ाती है, जिससे व्यक्ति सत्य के मार्ग पर दृढ़ रहता है। बटुक भैरव की कृपा से झूठे आरोप, कानूनी अड़चनें और विरोधी शक्तियाँ निष्फल होती हैं तथा सम्मानपूर्वक समाधान और विजय की प्राप्ति होती है।

पुजारीजी के माध्यम से यह पूजा काशी स्थित सिद्ध बटुक भैरव मंदिर में अनुभवी आचार्यों द्वारा पूर्ण वैदिक विधि से संपन्न कराई जाती है। पूजा में संकल्प, भैरव स्तोत्र पाठ, विशेष मंत्र जप और आवश्यकता अनुसार हवन शामिल होता है। जो श्रद्धालु स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते, उनके लिए लाइव वीडियो दर्शन और ऑनलाइन पूजा विकल्प भी उपलब्ध है।

यह पूजा जीवन में सुरक्षा, न्याय, स्थिरता और शीघ्र फल प्रदान करती है तथा भगवान भैरव की कृपा से भक्त को भयमुक्त और आत्मविश्वास से परिपूर्ण बनाती है।

पूजा स्थानवाराणसी

बटुक भैरव मंदिर

बटुक भैरव मंदिर

वाराणसी

श्री बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी

काशी के कोतवाल — जहाँ भय मिटता है, कृपा बरसती है

जहाँ काशी की रक्षा होती है

वाराणसी के कामाच्छा क्षेत्र में, गलियों की आत्मा में बसा है एक ऐसा धाम — जो आकार में छोटा है, पर शक्ति में अपार।

यहाँ विराजते हैं श्री बटुक भैरव — भगवान शिव का बाल स्वरूप। न रणभूमि के भैरव, न विकराल। यहाँ वे हैं एक बालक के रूप में — निश्छल, सरल, और अपने भक्तों के लिए करुणा से भरे।

काशी उन्हें अपना कोतवाल मानती है। जो इस नगरी की रक्षा करते हैं — दिन में भी, रात में भी। जो हर संकट में ढाल बनते हैं, हर भय को हरते हैं।

पौराणिक महत्व

बटुक भैरव — यह नाम ही अपने आप में एक आश्वासन है।

पुराणों में कथा है कि जब काशी पर अदृश्य शक्तियों का संकट मँडराने लगा, तब स्वयं महादेव ने एक बालक का रूप धारण किया। वही बालक जो हर भक्त के जीवन में प्रकाश लेकर आता है, हर अड़चन को मार्ग देता है।

उनका वाहन है कुत्ता — वह पवित्र प्राणी जो स्वामिभक्ति का प्रतीक है। मंदिर के आस-पास आपको उनकी उपस्थिति मिलेगी — और भक्त इसे भैरव बाबा की जीवंत उपस्थिति मानते हैं।

मंदिर का स्वरूप

अखण्ड दीप — जो कभी नहीं बुझता

मंदिर के भीतर एक दीपक अनादिकाल से जल रहा है। यह केवल ज्योति नहीं — यह भरोसे की लौ है। इस दीपक का तेल अनेक भक्त प्रसाद स्वरूप ग्रहण करते हैं, जिसे वे आध्यात्मिक शुद्धि और कृपा का वाहक मानते हैं।

सरल भाव, असीम फल

यहाँ भेंट में आडंबर नहीं चाहिए। फूल, धूप, तेल का दीपक, मिठाई — यहाँ तक कि बिस्कुट और टॉफी भी बटुक बाबा को प्रिय हैं। क्योंकि वे बालक हैं, और बालक को सच्चा प्रेम ही चाहिए।

आरती और भजन का वातावरण

प्रातःकाल की पहली आरती से लेकर संध्या की अंतिम ज्योति तक — मंदिर में मंत्रोच्चार, घंटे की ध्वनि और दीपों की आभा एक अलग ही लोक की अनुभूति कराती है।

पूजा और अनुष्ठान

नित्य पूजा में सम्मिलितः

  • दीपदान
  • पुष्प, धूप, और नैवेद्य अर्पण
  • भैरव मंत्र का जापः "ॐ बटुक भैरवाय नमः"
  • प्रातः एवं सायंकालीन आरती व भजन

विशेष अनुष्ठानः

भैरव हवन/यज्ञ — वैदिक मंत्रों, घी, तिल और आहुतियों से संपन्न यह यज्ञ मानसिक शांति, बाधा-निवारण और जीवन में प्रगति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

उत्सवः

  • बटुक भैरव जयंती — विशेष पूजा, भजन संध्या, प्रसाद वितरण
  • महाशिवरात्रि और नवरात्रि — भव्य आयोजन, विशेष दीपदान एवं अनुष्ठान

दर्शन समय

मंदिर प्रतिदिन लगभग प्रातः 5 बजे से रात्रि 10ः30 बजे तक खुला रहता है। आरती के समय भक्तों की विशेष भीड़ रहती है।

स्थान एवं मार्ग

रथयात्रा–कामाच्छा मार्ग, कामाच्छा–भेलूपुर क्षेत्र, वाराणसी ऑटो, रिक्शा या टैक्सी से सुगमता से पहुँचा जा सकता है।

निकटवर्ती स्थानः कामाक्षी देवी मंदिर

  • भक्तों को प्राप्त होने वाले आशीर्वाद
  • भय से मुक्ति और नकारात्मकता से सुरक्षा
  • मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन की बाधाओं का नाश
  • स्वास्थ्य, समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति
  • आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास का संचार

अनेक भक्त अखण्ड दीप के तेल से आध्यात्मिक उपचार का अनुभव साझा करते हैं।

पुजारी जी के साथ पूजा बुक करें

श्री बटुक भैरव मंदिर में प्रामाणिक और व्यवस्थित पूजा सेवाएं — अब आपकी पहुँच में।

  • सम्पूर्ण बटुक भैरव पूजा व्यवस्था
  • दीपदान एवं संकल्प पूजा
  • भैरव हवन और विशेष मंत्र जाप
  • मनोकामना पूर्ति एवं सुरक्षा अनुष्ठान
  • अनुभवी वैदिक पुजारियों का मार्गदर्शन
  • ऑन-साइट एवं ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
  • आपकी विशेष समस्या के अनुसार व्यक्तिगत पूजा

हर अनुष्ठान सम्पूर्ण वैदिक विधि, श्रद्धा और प्रामाणिकता के साथ सम्पन्न किया जाता है।

पुजारी जी पर अभी बुक करें और पाएं बटुक बाबा की दिव्य सुरक्षा, साहस और कृपा।

आपकी श्रद्धा — हमारी सेवा।

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जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।

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  • उन्नत

    3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    इस पैकेज में 3 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जिसमें भगवान बटुक भैरव के लिए 500 भैरव स्तोत्र पाठ विधि-विधान से सम्पन्न किया जाता है।

    यह पूजा विशेष रूप से कोर्ट केस में विजय, विवादों में सफलता, शत्रुओं से मुक्ति, भय निवारण और बाधाओं को दूर करने के लिए लाभकारी मानी जाती है।

    पूजा की अवधि लगभग 3 घंटे होती है और यह निर्धारित पवित्र स्थान पर सम्पन्न की जाती है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • संकल्प
    • गौरी गणेश पूजा
    • नवग्रह पूजा
    • बटुक भैरव विशेष पूजा
    • 500 भैरव स्तोत्र पाठ
    • हवन

    दान सामग्री:

    काला तिल, काली उड़द, सरसों का तेल, कंबल, काले वस्त्र, नारियल, गुड़ आदि। साथ ही चंदन/भस्म का तिलक लगाया जाता है, जो नकारात्मक ऊर्जा और भय को कम करने में सहायक माना जाता है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत जानकारी और अपडेट साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹15,00027% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    9 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    इस पैकेज में 3 दिनों तक चलने वाला बटुक भैरव अनुष्ठान (4,400 भैरव स्तोत्र पाठ) शामिल है, जो 9 आचार्यों द्वारा सभी आवश्यक पूजा सामग्री सहित विधि-विधान से सम्पन्न किया जाता है।

    यह पूजा विशेष रूप से कोर्ट केस में विजय, विवादों में सफलता, शत्रुओं से मुक्ति, भय निवारण और बाधाओं को दूर करने के लिए लाभकारी मानी जाती है।

    इसमें स्तोत्रों का 4 गुना (कुल 4,400 पाठ) किया जाता है, जो कलियुग में शीघ्र फल प्रदान करने वाला माना जाता है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • संकल्प
    • गौरी गणेश पूजा
    • नवग्रह पूजा
    • बटुक भैरव विशेष पूजा
    • 4,400 भैरव स्तोत्र पाठ

    दान सामग्री:

    काला तिल, काली दाल, सरसों का तेल, कंबल, काले वस्त्र, नारियल, गुड़ आदि। साथ ही चंदन/भस्म का तिलक लगाया जाता है, जो नकारात्मक ऊर्जा और भय को कम करने में सहायक माना जाता है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    नोट: यह पूजा निर्धारित पवित्र स्थान पर सम्पन्न की जाती है। बुकिंग के बाद विस्तृत जानकारी और अपडेट साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹56,000₹61,0008% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

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    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

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