“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

यह पवित्र अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न कराया जाता है, जो ग्रह शांति, दोष निवारण एवं विशेष वैदिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत सिद्ध एवं पुण्यदायी स्थल माना जाता है। क्षिप्रा नदी के पावन तट पर किया गया यह बुध-राहु शांति अनुष्ठान विशेष रूप से बुध ग्रह की कमजोरी, राहु के नकारात्मक प्रभाव एवं जड़त्व योग की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
Duration
3h – 5h
Best time
सुबह
Starting price
₹11,000
यह पवित्र बुध-राहु शांति पूजा पावन रामघाट, उज्जैन में वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराई जाती है। क्षिप्रा नदी के पवित्र तट पर स्थित रामघाट प्राचीन काल से ग्रह शांति, दोष निवारण एवं विशेष वैदिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत सिद्ध एवं पुण्यदायी स्थान माना जाता है। यहाँ सम्पन्न किए गए नवग्रह एवं ग्रह दोष निवारण अनुष्ठानों का विशेष महत्व बताया गया है।
बुध-राहु शांति पूजा विशेष रूप से जड़त्व योग, बुध ग्रह की कमजोरी एवं राहु ग्रह के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने के लिए की जाती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, शिक्षा, व्यापार, तर्कशक्ति एवं निर्णय क्षमता का कारक है, जबकि राहु भ्रम, मानसिक अस्थिरता, भय, गलत निर्णय, धोखा, अचानक बाधाएं एवं नकारात्मक परिस्थितियों का प्रतिनिधित्व करता है।
जब जन्म कुंडली में बुध एवं राहु का अशुभ संयोग बनता है, राहु बुध को प्रभावित करता है अथवा बुध-राहु से संबंधित दोष उत्पन्न होते हैं, तब व्यक्ति को मानसिक भ्रम, निर्णय लेने में कठिनाई, व्यापार में नुकसान, शिक्षा में बाधा, आत्मविश्वास की कमी, पारिवारिक तनाव एवं जीवन में अस्थिरता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में बुध-राहु शांति पूजा एक अत्यंत प्रभावशाली वैदिक उपाय मानी जाती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध और राहु का अशुभ प्रभाव व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। कई बार व्यक्ति सही अवसरों को पहचान नहीं पाता, भ्रमित रहता है अथवा बार-बार गलत निर्णय लेता है। इन अशुभ प्रभावों को शांत करने तथा बुध एवं राहु ग्रहों की शुभता प्राप्त करने के लिए यह विशेष अनुष्ठान कराया जाता है।
मुख्य उद्देश्य एवं धार्मिक महत्व
इस पूजा का मुख्य उद्देश्य बुध एवं राहु ग्रह से उत्पन्न दोषों, जड़त्व योग एवं मानसिक भ्रम के प्रभावों को शांत करना है।
रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह अनुष्ठान व्यक्ति की बुद्धि, निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास एवं मानसिक संतुलन को मजबूत करने के लिए किया जाता है। भगवान गणेश, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा एवं सफलता प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त होता है।
यह पूजा कब करानी चाहिए?
किन समस्याओं में यह पूजा करानी चाहिए?
बुध-राहु शांति पूजा के लाभ
आध्यात्मिक महत्व
बुध-राहु शांति पूजा केवल ग्रह दोष निवारण का उपाय नहीं, बल्कि मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त करने का भी महत्वपूर्ण साधन मानी जाती है। यह अनुष्ठान व्यक्ति के मन, बुद्धि एवं विचारों को शुद्ध कर उसे सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करता है।
रामघाट, उज्जैन में वैदिक मंत्रों एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न यह पूजा व्यक्ति को भ्रम, भय एवं नकारात्मकता से मुक्त कर सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास एवं आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करती है। बुध एवं राहु की संतुलित ऊर्जा से जीवन में स्थिरता, स्पष्टता एवं सफलता प्राप्त होती है।
हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रों के अनुसार यह अनुष्ठान सम्पन्न कराते हैं।
विशेष जानकारी
अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पूर्ण पूजा सम्पन्न कराई जाती है
पूजा हेतु आवश्यक समस्त ंaतेरिaल आचार्य द्वारा उपलब्ध कराई जाती है
संकल्प जातक के नाम एवं गोत्र से लिया जाता है
पूजा पूर्ण होने के पश्चात आशीर्वाद एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है
पूजा बुकिंग के बाद विस्तृत प्रक्रिया एवं आवश्यक निर्देश उपलब्ध कराए जाते हैं
विशेष परिस्थितियों में व्यक्तिगत कुंडली के आधार पर अतिरिक्त अनुष्ठान भी कराए जा सकते हैं
रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह बुध-राहु शांति अनुष्ठान जीवन में स्पष्टता, मानसिक संतुलन, सफलता एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है तथा बुध एवं राहु ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत कर उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।

उज्जैन
पवित्र क्षिप्रा नदी के दिव्य तट पर स्थित राम घाट उज्जैन के सबसे प्रमुख, प्राचीन एवं पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। यह घाट सनातन धर्म के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आस्था, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के दौरान इस पवित्र क्षेत्र में आगमन किया था, जिसके कारण इस घाट का नाम राम घाट पड़ा।
उज्जैन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु सबसे पहले राम घाट पर स्नान, तर्पण एवं पूजा-अर्चना कर अपनी धार्मिक यात्रा का शुभारंभ करते हैं। क्षिप्रा नदी का यह पवित्र तट मोक्ष, पितृ तृप्ति, ग्रह शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
राम घाट का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्मग्रंथों एवं पुराणों में क्षिप्रा नदी को अत्यंत पवित्र एवं मोक्षदायिनी बताया गया है। राम घाट को उज्जैन के प्रमुख तीर्थस्थलों में विशेष स्थान प्राप्त है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां स्नान, दान, तर्पण एवं पूजा करने से—
विशेष रूप से अमावस्या, पूर्णिमा, श्राद्ध पक्ष, सोमवती अमावस्या एवं सिंहस्थ महापर्व के दौरान राम घाट का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
राम घाट में होने वाले प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान
राम घाट पर प्रतिदिन अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।
प्रमुख पूजाएं एवं अनुष्ठान
श्राद्ध पक्ष एवं अमावस्या के दिनों में यहां विशेष रूप से हजारों श्रद्धालु अपने पितरों की शांति हेतु धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।
राम घाट के प्रमुख पवित्र स्थल
मुख्य स्नान घाट
क्षिप्रा नदी के किनारे बना मुख्य घाट श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमुख केंद्र है। यहां स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
दीपदान स्थल
सायंकाल के समय श्रद्धालु क्षिप्रा नदी में दीप प्रवाहित कर सुख, समृद्धि एवं पितृ कृपा की कामना करते हैं। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी एवं आध्यात्मिक माना जाता है।
तर्पण एवं श्राद्ध क्षेत्र
राम घाट पर विशेष स्थान निर्धारित हैं जहां आचार्यों के मार्गदर्शन में पितृ तर्पण एवं पिंडदान अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।
यज्ञ एवं हवन स्थल
यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विभिन्न ग्रह शांति एवं धार्मिक यज्ञ सम्पन्न होते हैं।
राम घाट में पूजा करवाने के लाभ
ऐसी मान्यता है कि राम घाट पर विधिपूर्वक पूजा एवं अनुष्ठान कराने से श्रद्धालुओं को अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं—
विशेष रूप से पितृ दोष, कालसर्प दोष एवं पूर्वजों की अशांति से पीड़ित श्रद्धालुओं के लिए राम घाट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
राम घाट का आध्यात्मिक वातावरण
राम घाट का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र एवं भक्तिमय रहता है। प्रातःकालीन स्नान, वैदिक मंत्रोच्चार, संध्या आरती एवं दीपदान का दृश्य श्रद्धालुओं को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।
सायंकाल होने वाली क्षिप्रा महाआरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।
विशेष अवसरों पर यहां अत्यधिक भीड़ रहती है—
राम घाट कैसे पहुंचे
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा, इंदौर है, जो उज्जैन से लगभग पचपन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
रेल मार्ग
उज्जैन जंक्शन देश के प्रमुख नगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, अहमदाबाद एवं भोपाल से सीधे जुड़ा हुआ है।
सड़क मार्ग
उज्जैन राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से सुगमता से जुड़ा हुआ है। इंदौर, भोपाल, ओंकारेश्वर एवं अन्य प्रमुख नगरों से नियमित बस एवं किराये के वाहन उपलब्ध रहते हैं।
उज्जैन नगर के किसी भी भाग से राम घाट तक स्थानीय परिवहन आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
दर्शन एवं अनुष्ठान हेतु सर्वोत्तम समय
राम घाट वर्षभर दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खुला रहता है, किन्तु निम्न अवसर विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं—
प्रातःकालीन समय स्नान, संकल्प एवं पूजा-अनुष्ठान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
निष्कर्ष: राम घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि श्रद्धा, पितृ तृप्ति, मोक्ष एवं आध्यात्मिक साधना का महान केंद्र है। पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित यह दिव्य तीर्थ श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति एवं पूर्वजों का आशीर्वाद प्रदान करने वाला अत्यंत पुण्यदायी स्थल माना जाता है। यहां सम्पन्न होने वाले वैदिक अनुष्ठान जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले माने जाते हैं।
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह पवित्र बुध-राहु शांति अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के पावन तट पर शास्त्रोक्त वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। यह विशेष पूजा कुंडली में बने बुध-राहु योग (जड़त्व योग), मानसिक भ्रम, निर्णयहीनता, व्यापारिक बाधाओं, शिक्षा संबंधी समस्याओं एवं राहु के नकारात्मक प्रभावों की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
इस पैकेज में 2 अनुभवी वैदिक आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जिनके द्वारा सम्पूर्ण बुध-राहु शांति पूजा, मंत्र जाप एवं वैदिक हवन सम्पन्न कराया जाता है। यह पवित्र अनुष्ठान लगभग 2 से 3 घंटे में सम्पन्न होता है।
पूजा प्रक्रिया:
बुध मंत्र जाप (900 जप)
"ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥"
राहु मंत्र जाप (1,800 जप)
"ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥"
विशेष सुविधाएं:
आवश्यक जानकारी:
नोट: रामघाट उज्जैन में सम्पन्न यह बुध-राहु शांति अनुष्ठान जीवन में मानसिक स्पष्टता, संतुलन, सफलता, सकारात्मक ऊर्जा तथा बुध-राहु योग के अशुभ प्रभावों से राहत प्रदान करने वाला अत्यंत प्रभावशाली वैदिक उपाय माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह पवित्र बुध-राहु शांति अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के पावन तट पर शास्त्रोक्त वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। यह विशेष पूजा कुंडली में बने बुध-राहु योग (जड़त्व योग), मानसिक भ्रम, निर्णयहीनता, व्यापारिक बाधाओं, शिक्षा संबंधी समस्याओं, वाणी दोष तथा राहु के नकारात्मक प्रभावों की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
इस पैकेज में 3 अनुभवी वैदिक आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जिनके द्वारा सम्पूर्ण बुध-राहु शांति पूजा, मंत्र जाप एवं वैदिक हवन सम्पन्न कराया जाता है। यह पवित्र अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में सम्पन्न होता है।
पूजा प्रक्रिया:
बुध मंत्र जाप (9,000 जप)
"ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥"
राहु मंत्र जाप (18,000 जप)
"ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥"
विशेष सुविधाएं:
आवश्यक जानकारी:
नोट: रामघाट उज्जैन में सम्पन्न यह बुध-राहु शांति अनुष्ठान जीवन में मानसिक स्पष्टता, निर्णय क्षमता, व्यापारिक उन्नति, शिक्षा में सफलता, सकारात्मक ऊर्जा तथा बुध-राहु योग के अशुभ प्रभावों से मुक्ति प्रदान करने वाला अत्यंत प्रभावशाली वैदिक उपाय माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
15 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह पवित्र बुध-राहु शांति अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के पावन तट पर शास्त्रोक्त वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। यह विशेष पूजा कुंडली में बने बुध-राहु योग (जड़त्व योग), मानसिक भ्रम, निर्णयहीनता, व्यापारिक बाधाओं, शिक्षा संबंधी समस्याओं, वाणी दोष तथा राहु के नकारात्मक प्रभावों की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
इस पैकेज में 15 अनुभवी वैदिक आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जिनके द्वारा सम्पूर्ण बुध-राहु शांति पूजा, वैदिक मंत्र जाप एवं वैदिक हवन सम्पन्न कराया जाता है। यह पवित्र अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में सम्पन्न होता है।
पूजा प्रक्रिया:
वैदिक बुध मंत्र जाप (9,000 जप)
"ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रति जागृहि त्वमिष्टापूर्ते सं सृजेथामयं च।
अस्मिन्सधस्थे अध्युत्तरस्मिन् विश्वेदेवा यजमानश्च सीदत्॥"
वैदिक राहु मंत्र जाप (18,000 जप)
"कयानश्चित्र आ भुवदूती सदावृद्धः सखा।
कया शचिष्ठया वृता॥"
विशेष सुविधाएं:
आवश्यक जानकारी:
नोट: रामघाट उज्जैन में सम्पन्न यह बुध-राहु शांति अनुष्ठान जीवन में मानसिक स्पष्टता, निर्णय क्षमता, व्यापारिक उन्नति, शिक्षा में सफलता, सकारात्मक ऊर्जा तथा बुध-राहु योग के अशुभ प्रभावों से मुक्ति प्रदान करने वाला अत्यंत प्रभावशाली वैदिक उपाय माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
बुध-राहु शांति पूजा के बारे में हमसे बात करें
WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।