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Pujari Ji

बुध राहु योग शांति पूजा

इन शहरों में घर पर सेवा उपलब्ध:बेंगलुरुमुंबई
  • प्रमाणित पुजारी
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  • मार्गदर्शन व सहायता
बुध राहु योग शांति पूजा

बुध-राहु शांति पूजा ग्रह शांति की पारंपरिक विधियों में से एक है। वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क और व्यापार से जोड़ा जाता है, जबकि राहु को भ्रम, असमंजस और अप्रत्याशित परिस्थितियों से संबंधित माना जाता है। इस अनुष्ठान में मंत्र जाप, देव पूजन और हवन जैसी विधियों के माध्यम से शांति, सकारात्मकता और सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।

Duration

3h – 5h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुध-राहु शांति पूजा के माध्यम से जड़त्व योग से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति तथा जीवन में शुभता की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक भ्रम, तनाव एवं अस्थिरता से राहत तथा मन की शांति और भावनात्मक संतुलन की मंगलकामना की जाती है।
  • बुद्धि, तर्कशक्ति एवं सही निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • व्यापार, कार्यक्षेत्र एवं शिक्षा में स्थिरता, प्रगति और अनुकूल अवसरों की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • वाणी में स्पष्टता, आत्मविश्वास एवं सफलता के नए अवसरों की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।

बुध राहु योग शांति पूजा

वैदिक ज्योतिष की कुछ परंपराओं में जन्मकुंडली में बुध और राहु की युति को जड़त्व योग से संबंधित माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग की व्याख्या व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और संवाद शैली के संदर्भ में की जाती है। हालांकि, केवल इस युति के आधार पर किसी व्यक्ति के जीवन में कठिनाइयों या नकारात्मक परिणामों का निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

बुध-राहु शांति पूजा ग्रहों से संबंधित धार्मिक चिंताओं के लिए श्रद्धापूर्वक किया जाने वाला अनुष्ठान है। इसमें भगवान गणेश, भगवान शिव और नवग्रह देवताओं की उपासना की जाती है। इसका उद्देश्य स्पष्ट सोच, धैर्य, विवेक और जीवन में सकारात्मक दिशा के लिए प्रार्थना करना है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा में मुख्य रूप से भगवान गणेश, भगवान शिव और नवग्रह देवताओं की आराधना की जाती है।

  • भगवान गणेशः उन्हें बुद्धि, विवेक और विघ्नों को दूर करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। उनकी उपासना शुभ आरंभ और उचित निर्णय लेने की प्रेरणा के लिए की जाती है।
  • भगवान शिवः भगवान शिव की आराधना मानसिक शांति, आत्मचिंतन, धैर्य और आध्यात्मिक संतुलन की कामना से की जाती है।
  • नवग्रह देवताः नवग्रहों की पूजा ग्रह शांति, जीवन में संतुलन और मंगलमय परिस्थितियों की प्रार्थना के लिए की जाती है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

बुधवार को बुध ग्रह से संबंधित उपासना के लिए तथा शनिवार को राहु से संबंधित कुछ पारंपरिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त माना जाता है। पूजा का मुहूर्त जन्मकुंडली, संकल्प और पारिवारिक धार्मिक परंपराओं के अनुसार निर्धारित किया जा सकता है।

यदि जन्मकुंडली में बुध और राहु की युति हो, इन ग्रहों की दशा या अंतर्दशा चल रही हो अथवा ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार ग्रह शांति की आवश्यकता महसूस हो, तो अनुभवी ज्योतिषी या वैदिक आचार्य से परामर्श लेकर उपयुक्त समय चुना जा सकता है। किसी विशेष नक्षत्र या ग्रह स्थिति में पूजा कराना अनिवार्य नहीं है।

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जब जन्मकुंडली में बुध और राहु की स्थिति के संबंध में ग्रह शांति अनुष्ठान कराने की इच्छा हो।
  • जब बार-बार असमंजस की स्थिति बनती हो और व्यक्ति स्पष्ट सोच तथा विवेक के लिए आध्यात्मिक संबल चाहता हो।
  • जब पढ़ाई, कामकाज या व्यवसाय से जुड़ी चुनौतियों के बीच एकाग्रता और धैर्य बनाए रखने की कामना हो।
  • जब संवाद में आत्मविश्वास, वाणी में संयम और आपसी समझ विकसित करने की इच्छा हो।
  • जब जीवन में अप्रत्याशित बदलावों के बीच मानसिक संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की आवश्यकता हो।
  • जब ज्योतिषीय परामर्श के आधार पर बुध और राहु से संबंधित शांति अनुष्ठान कराने का संकल्प लिया गया हो।

प्रमुख मंत्र

भगवान गणेश मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः॥

भगवान शिव मंत्र

ॐ नमः शिवाय॥

राहु मंत्र

ॐ रां राहवे नमः॥

बुध मंत्र

ॐ बुं बुधाय नमः॥

इन मंत्रों का जाप श्रद्धा और निर्धारित विधि के अनुसार किया जा सकता है। मंत्र जाप की संख्या और पूजा की प्रक्रिया अनुष्ठान के संकल्प तथा वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार निर्धारित की जा सकती है।

पूजा के लाभ

धार्मिक मान्यता के अनुसार, बुध-राहु शांति पूजा ग्रह शांति की प्रार्थना और आध्यात्मिक संबल प्राप्त करने का एक माध्यम है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित माने जाते हैं।

  • बुद्धि एवं विवेक के लिए प्रार्थनाः भगवान गणेश की उपासना स्पष्ट सोच, विवेकपूर्ण निर्णय और कार्यों में एकाग्रता की कामना से की जाती है।
  • मानसिक शांतिः मंत्र जाप और पूजा के दौरान एकाग्रता का अभ्यास मन को शांत रखने तथा तनावपूर्ण परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
  • निर्णय क्षमता में संतुलनः यह अनुष्ठान सोच-समझकर निर्णय लेने, परिस्थितियों का विवेकपूर्ण आकलन करने और जल्दबाजी से बचने की प्रेरणा देता है।
  • शिक्षा एवं कार्यक्षेत्र में एकाग्रताः विद्यार्थी और कामकाजी व्यक्ति अध्ययन, कार्यों की प्राथमिकता तय करने तथा अपने प्रयासों में निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।
  • व्यापार एवं आर्थिक स्थिरता की कामनाः व्यवसाय से जुड़ी चुनौतियों के बीच सही योजना, अनुशासन और विवेकपूर्ण निर्णयों के लिए आध्यात्मिक संबल प्राप्त करने की कामना की जाती है।
  • वाणी एवं संवाद में सुधारः बुध की उपासना वाणी में संयम, स्पष्ट अभिव्यक्ति और दूसरों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने की प्रेरणा से जुड़ी है।
  • जीवन में सकारात्मक दिशाः भगवान शिव और नवग्रह देवताओं की आराधना से धैर्य, आत्मचिंतन और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा मिल सकती है।
  • आध्यात्मिक उन्नतिः संकल्प, मंत्र जाप और देव पूजन श्रद्धा, अनुशासन और धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करने में सहायक हो सकते हैं।

इन लाभों को धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक परंपरा के संदर्भ में समझना चाहिए। पूजा से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य या जीवन की अन्य परिस्थितियों में किसी निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं दी जा सकती।

आध्यात्मिक महत्व

बुध-राहु शांति पूजा का आध्यात्मिक महत्व विवेक, आत्मचिंतन और ग्रह शांति की प्रार्थना से जुड़ा है। भगवान गणेश की उपासना बुद्धि और शुभ आरंभ का स्मरण कराती है, जबकि भगवान शिव की आराधना शांति, धैर्य और आंतरिक स्थिरता की प्रेरणा देती है। मंत्र जाप और हवन के माध्यम से श्रद्धालु अपने जीवन में स्पष्टता, संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।

हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य आपके घर पर पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार बुध-राहु शांति पूजा सम्पन्न कराने में सहायता करते हैं।

विशेष जानकारी

  • पूजा की विधि, मंत्र जाप की संख्या और हवन की प्रक्रिया संकल्प, पारिवारिक परंपरा तथा वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
  • बुध और राहु की युति को अकेले किसी समस्या, असफलता या मानसिक परेशानी का निश्चित कारण नहीं माना जाना चाहिए।
  • यदि मानसिक तनाव या एकाग्रता से संबंधित कठिनाइयाँ लगातार बनी रहती हैं, तो आवश्यकतानुसार योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित है।
  • यह पूजा घर पर या मंदिर में कराई जा सकती है। स्थान और अनुष्ठान की विधि का चयन परिवार की सुविधा तथा धार्मिक परंपरा के अनुसार किया जा सकता है।

घर पर सम्पन्न किया जाने वाला यह बुध-राहु शांति अनुष्ठान बुध और राहु से संबंधित दोषों की शांति तथा जीवन में स्पष्टता, मानसिक संतुलन, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक कराया जाता है।

हमारी गारंटी

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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    बुध-राहु योग शांति पूजा एक वैदिक अनुष्ठान है, जो घर पर पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कुंडली में बुध-राहु से संबंधित जड़त्व योग के अशुभ प्रभावों की शांति के लिए यह पूजा की जाती है। एक अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा संपन्न होने वाला यह अनुष्ठान लगभग 2 से 3 घंटे तक चलता है। इसका उद्देश्य मानसिक स्पष्टता, विवेकपूर्ण निर्णय क्षमता, व्यापारिक स्थिरता तथा जीवन की बाधाओं से निपटने के लिए आध्यात्मिक संबल प्राप्त करना है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश पूजन
    • मातृका पूजन
    • नवग्रह पूजन
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    • बुध मंत्र जाप — 900 बार: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
    • राहु मंत्र जाप — 1,800 बार: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
    • महामृत्युंजय मंत्र जाप
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • घर पर पारंपरिक वैदिक विधि-विधान से संपूर्ण पूजा।
    • पूजा की आवश्यक व्यवस्था और अनुष्ठान का संचालन।
    • पूजा की प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, बुध-राहु योग शांति पूजा मानसिक भ्रम और निर्णय संबंधी कठिनाइयों से शांति प्राप्त करने तथा जीवन में सकारात्मकता के लिए प्रार्थना करने का आध्यात्मिक माध्यम है। श्रद्धापूर्वक संपन्न यह अनुष्ठान विवेक, आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु किया जाता है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹15,00027% off

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    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    बुध-राहु योग शांति पूजा एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है, जो घर पर पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कुंडली में बुध-राहु से संबंधित जड़त्व योग के अशुभ प्रभावों की शांति के लिए यह पूजा की जाती है। पाँच अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा संपन्न होने वाला यह अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे तक चलता है। इसका उद्देश्य मानसिक स्पष्टता, विवेकपूर्ण निर्णय क्षमता, व्यापारिक स्थिरता तथा जीवन की बाधाओं का सामना करने के लिए आध्यात्मिक संबल प्राप्त करना है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश पूजन
    • मातृका पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • बुध देव पूजन
    • राहु देव पूजन
    • बुध मंत्र जाप — 9,000 बार: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
    • राहु मंत्र जाप — 18,000 बार: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
    • महामृत्युंजय मंत्र जाप
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • घर पर पारंपरिक वैदिक विधि-विधान से संपूर्ण पूजा।
    • पूजा की आवश्यक व्यवस्था और अनुष्ठान का संचालन।
    • पूजा की प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, बुध-राहु योग शांति पूजा मानसिक भ्रम और निर्णय संबंधी कठिनाइयों से शांति प्राप्त करने तथा जीवन में सकारात्मकता के लिए प्रार्थना करने का आध्यात्मिक माध्यम है। श्रद्धापूर्वक संपन्न यह अनुष्ठान विवेक, आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और व्यापारिक स्थिरता के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु किया जाता है। सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी। यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

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    ₹25,000₹31,00019% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”

प्रिया शर्मा

मुंबई• Satyanarayan Puja

“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek

“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”

मीना अय्यर

बैंगलोर• Graha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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