“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

बुध-राहु योग शांति पूजा भगवान मार्कण्डेय महादेव, भगवान गणेश, भगवान बुध तथा राहु देव की आराधना से युक्त एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है। वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, शिक्षा, तर्कशक्ति, व्यापार एवं निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है, जबकि राहु को भ्रम, अस्थिरता, अनिश्चितता तथा मानसिक द्वंद्व से संबंधित ग्रह माना जाता है।
जन्मकुंडली में बुध और राहु की विशेष युति अथवा परस्पर प्रभाव होने पर ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शिक्षा, व्यापार, कार्यक्षेत्र, निर्णय क्षमता तथा मानसिक संतुलन से संबंधित चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में ग्रहों की शांति तथा जीवन में सकारात्मकता और स्थिरता की मंगलकामना के लिए यह अनुष्ठान कराया जाता है।
Duration
3h – 4h
Best time
सुबह
Starting price
₹11,000
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी भगवान शिव का प्राचीन एवं पूजनीय तीर्थ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार महर्षि मार्कण्डेय ने इस पावन क्षेत्र में भगवान शिव की आराधना की थी। भगवान मार्कण्डेय महादेव की उपासना आयु, आरोग्य, ग्रह शांति तथा आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना से की जाती है।
बुध-राहु योग को कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में जड़त्व योग के नाम से भी जाना जाता है। जन्मकुंडली में बुध और राहु की युति अथवा उनके बीच विशेष ग्रह संबंध होने पर ज्योतिषीय दृष्टि से बुध से संबंधित विषयों पर राहु के प्रभाव की चर्चा की जाती है। इस पूजा का उद्देश्य ऐसे ग्रह प्रभावों की शांति तथा भगवान शिव एवं संबंधित ग्रह देवताओं की कृपा की प्रार्थना करना है।
पूजा में भगवान गणेश का पूजन एवं वैदिक संकल्प, भगवान मार्कण्डेय महादेव की आराधना, बुध एवं राहु की पूजा, मंत्र जाप, नवग्रह आराधना, हवन तथा पूर्णाहुति जैसी वैदिक प्रक्रियाएँ सम्मिलित की जा सकती हैं।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस अनुष्ठान में मुख्य रूप से निम्न देवताओं की आराधना की जाती हैः
भगवान शिव की आराधना ग्रह शांति एवं आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना के लिए की जाती है। भगवान गणेश को बुद्धि एवं विघ्नों के निवारण से संबंधित देवता माना जाता है। बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, शिक्षा, तर्क एवं व्यापार का कारक माना जाता है, जबकि राहु से संबंधित ग्रह प्रभावों की शांति के लिए विशेष पूजा एवं मंत्र जाप किया जाता है।
शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?
किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?
प्रमुख मंत्र
पूजा के लाभ
आध्यात्मिक महत्व
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी भगवान शिव की आराधना का प्राचीन एवं पवित्र स्थल माना जाता है। भगवान मार्कण्डेय महादेव के सान्निध्य में सम्पन्न बुध-राहु योग शांति पूजा ग्रह संबंधी प्रतिकूल प्रभावों की शांति तथा मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन की मंगलकामना के लिए की जाती है।
वैदिक मंत्र जाप, ग्रह पूजन, हवन एवं भगवान शिव की आराधना के माध्यम से श्रद्धालु जीवन में विवेक, सकारात्मकता, मानसिक स्थिरता तथा आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना करते हैं। यह अनुष्ठान श्रद्धा, संकल्प और वैदिक परंपरा के साथ ग्रह शांति की साधना का माध्यम माना जाता है।
विशेष जानकारी
़़मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी (वाराणसी) में सम्पन्न यह बुध-राहु योग शांति पूजा भगवान मार्कण्डेय महादेव, भगवान गणेश, भगवान बुध एवं राहु देव की कृपा से मानसिक शांति, आत्मविश्वास, बुद्धि, सफलता एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना करने वाला अत्यंत पुण्यदायी वैदिक अनुष्ठान है।़़

वाराणसी
मार्कंडेय महादेव मंदिर वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत कैथी गाँव में गंगा–गोमती संगम पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन, पौराणिक और सिद्ध शिवधाम है।
यह मंदिर विशेष रूप से संतान प्राप्ति, अकाल मृत्यु भय निवारण, गंभीर रोग शांति तथा कष्ट मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।
मंदिर का इतिहास
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह स्थान ऋषि मार्कंडेय की तपोभूमि है। अल्पायु होने के कारण जब यमराज उनके प्राण हरने आए, तब ऋषि मार्कंडेय ने यहीं शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की घोर तपस्या की।
भगवान शिव प्रकट हुए, यमराज को रोका और ऋषि मार्कंडेय को अमरता का वरदान प्रदान किया। इसी कारण यह स्थल मार्कंडेय महादेव तथा महामृत्युंजय मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसका उल्लेख मार्कंडेय पुराण में भी मिलता है।
पौराणिक एवं धार्मिक महत्व
यह धाम महामृत्युंजय स्वरूप में भगवान शिव की आराधना का प्रमुख केंद्र है।
मान्यता है कि यहाँ पूजा करने से—
सावन मास, प्रदोष और त्रयोदशी तिथि पर यहाँ विशेष भीड़ रहती है।
यह स्थल पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में गिना जाता है और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के तुल्य प्रभावशाली माना जाता है।
यहाँ होने वाली प्रमुख पूजाएँ
पुजारी जी के माध्यम से या स्थल पर निम्न पूजाएँ कराई जाती हैंः
संतान प्राप्ति विशेष पूजा
महामृत्युंजय पूजा
शिव रुद्राभिषेक
अन्य पूजाएँ
प्रमुख मंत्र (श्रद्धालुओं हेतु)
महामृत्युंजय मंत्रः
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥
संतान गोपाल मंत्रः
ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥
कैसे पहुँचे?
श्रद्धालुओं के लिए विशेष
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा बुध-राहु योग शांति पूजा वैदिक विधि-विधान, मंत्र जाप एवं हवन के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह अनुष्ठान कुंडली में बने बुध-राहु योग, जिसे धार्मिक ज्योतिष परंपरा में जड़त्व योग भी कहा जाता है, से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए किया जाता है। मानसिक भ्रम, निर्णय लेने में कठिनाई, शिक्षा एवं व्यापार से जुड़ी बाधाओं तथा राहु के अशुभ प्रभावों से राहत की मंगलकामना की जाती है। संपूर्ण अनुष्ठान लगभग 2 से 3 घंटे में संपन्न होता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
बुध-राहु योग शांति का यह वैदिक अनुष्ठान भगवान मार्कण्डेय महादेव, भगवान बुध एवं राहु देव की आराधना के साथ मानसिक स्पष्टता, विवेक, आत्मविश्वास, शिक्षा एवं कार्यक्षेत्र में सकारात्मकता तथा जीवन की बाधाओं के शमन की मंगलकामना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में शांति, स्थिरता, सफलता एवं आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी में 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा बुध-राहु योग शांति पूजा वैदिक विधि-विधान, मंत्र जाप एवं हवन सहित श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाएगा। यह अनुष्ठान बुध-राहु योग, मानसिक भ्रम, निर्णय लेने में कठिनाई, शिक्षा एवं व्यापार से संबंधित बाधाओं तथा राहु के अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष रूप से किया जाता है। संपूर्ण अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न होता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
अनुष्ठान की अवधि
यह विशेष बुध-राहु योग शांति अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न कराया जाता है।
आवश्यक जानकारी
भगवान मार्कण्डेय महादेव, भगवान बुध एवं राहु देव की आराधना के साथ संपन्न यह वैदिक अनुष्ठान बुध-राहु योग से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक शांति, विवेक, शिक्षा, व्यापार, करियर एवं जीवन में सकारात्मक उन्नति की मंगलकामना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, स्थिरता, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
15 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी में 15 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा बुध-राहु योग शांति पूजा वैदिक विधि-विधान, मंत्र जाप एवं हवन सहित श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाएगा। यह विशेष अनुष्ठान कुंडली में बनने वाले बुध-राहु योग, जिसे जड़त्व योग भी कहा जाता है, से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना के लिए किया जाता है। इसमें मानसिक भ्रम, निर्णय लेने में कठिनाई, शिक्षा एवं व्यापार से जुड़ी बाधाओं तथा राहु से संबंधित प्रतिकूल प्रभावों के शमन की प्रार्थना की जाती है।
इस अनुष्ठान में भगवान मार्कण्डेय महादेव, भगवान गणेश, भगवान बुध एवं राहु देव की विशेष आराधना के साथ बुध और राहु के वैदिक मंत्रों का निर्धारित संख्या में जाप तथा वैदिक हवन किया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
अनुष्ठान की अवधि
यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न कराया जाता है।
आवश्यक जानकारी
भगवान मार्कण्डेय महादेव, भगवान बुध एवं राहु देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह विशेष अनुष्ठान बुध-राहु योग से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक स्पष्टता, निर्णय क्षमता, शिक्षा, व्यापार, करियर एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रार्थना स्वरूप किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में शांति, स्थिरता, सकारात्मकता एवं कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।