“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

चांडाल योग तब बनता है जब बृहस्पति (गुरु) राहु के प्रभाव में आ जाता है, जिससे जीवन में भ्रम, गलत निर्णय और बाधाएं उत्पन्न होती हैं। यह पूजा मंत्र जाप, हवन और विधि-विधान से इन प्रभावों को शांत कर मानसिक स्पष्टता, स्थिरता और प्रगति प्रदान करती है।
Duration
2h – 3h
Best time
सुबह
Starting price
₹11,000
चांडाल योग शांति पूजा एक प्रभावशाली ज्योतिषीय उपाय है, जो कुंडली में गुरु-राहु की युति के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए किया जाता है। वैदिक ज्योतिष में गुरु ज्ञान, बुद्धि और मार्गदर्शन का प्रतीक है, जबकि राहु भ्रम, माया और अनिश्चितता से जुड़ा होता है। इन दोनों के संयोग से व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और जीवन की दिशा प्रभावित हो सकती है।
इस अनुष्ठान की शुरुआत संकल्प से होती है, इसके बाद गणेश पूजा और गुरु (बृहस्पति) व राहु का आह्वान किया जाता है। इसमें विशेष मंत्र जाप, आहुति और हवन शामिल होते हैं, जो राहु के अशुभ प्रभाव को शांत कर गुरु के शुभ प्रभाव को बढ़ाते हैं। योग्य पंडित विधि-विधान के साथ यह पूजा सम्पन्न करते हैं।
यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो निर्णय लेने में भ्रम, करियर या शिक्षा में अस्थिरता, आर्थिक समस्याओं या एकाग्रता की कमी का सामना कर रहे हैं। यह आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देती है।
श्रद्धा और विधि-विधान के साथ किया गया चांडाल योग शांति पूजा जीवन में बाधाओं को दूर करता है, निर्णय क्षमता को मजबूत बनाता है और सफलता, शांति व स्थिरता प्रदान करता है।

वाराणसी
श्री बृहस्पति मंदिर, वाराणसी के दशाश्वमेध घाट रोड पर स्थित एक प्राचीन और प्रमुख मंदिर है, जो देवगुरु बृहस्पति (गुरु ग्रह) को समर्पित है। यह मंदिर काशी विश्वनाथ मंदिर के निकट स्थित है और काशी की धार्मिक परंपरा में बृहस्पति को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। गुरु बृहस्पति को ज्ञान, गुरु-मार्गदर्शन, वैवाहिक सुख, धन-समृद्धि तथा ग्रह-दोष शांति का कारक माना जाता है।
पुराणों के अनुसार गुरु बृहस्पति अंगिरा ऋषि के पुत्र थे। अपनी गहन शिवभक्ति के कारण उन्हें देवताओं के गुरु तथा “वाचस्पति” (श्रेष्ठ वक्ता) का सम्मान प्राप्त हुआ। मान्यता है कि बृहस्पति देव ने इसी स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर वर्षों तक तपस्या की, जिससे यह स्थल अत्यंत पवित्र माना जाता है।
गुरु बृहस्पति की उपासना से करियर में उन्नति, वैवाहिक सुख, संतान प्राप्ति, धनलाभ एवं ग्रह-दोष निवारण का मार्ग प्रशस्त होता है। भक्तों का विश्वास है कि गुरु कृपा से जीवन की कठिन बाधाएँ सरल हो जाती हैं।
गुरुवार के दिन बृहस्पति पूजा, पीले वस्त्र, हल्दी, चंदन एवं पीले प्रसाद का अर्पण अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष रूप से जब गुरुवार और पुष्य नक्षत्र का संयोग होता है, तब यहाँ की गई पूजा अनेक गुना फलदायी मानी जाती है।
मंदिर में गुरु-राहु युति एवं गुरु चांडाल दोष निवारण हेतु विशेष यज्ञ और मंत्र-अनुष्ठान कराए जाते हैं, जिससे मानसिक संतुलन, समृद्धि और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है।
गुरु बृहस्पति की कृपा से ज्ञान-बुद्धि, करियर-सफलता, वैवाहिक जीवन में सुख तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है।
विशेष पूजा-अनुष्ठानों द्वारा गुरु दोष एवं गुरु-राहु दोष के प्रभाव को शांत किया जाता है।
श्रावण मास में बृहस्पति देव का हरियाली श्रृंगार एवं विशेष पूजा-आरती भक्तों को आध्यात्मिक आनंद प्रदान करती है।
🔹 बृहस्पति पूजा एवं देवगुरु अनुष्ठान – वैदिक मंत्र, संकल्प एवं शुद्ध पूजा सामग्री सहित।
🔹 गुरु-राहु दोष निवारण पूजा – विशेष यज्ञ एवं मंत्र जाप सेवाएँ।
🔹 अनुभवी पंडित मार्गदर्शन – प्रत्येक चरण में वैदिक विशेषज्ञों द्वारा पूजन।
🔹 ऑन-साइट एवं ऑनलाइन विकल्प – स्थल पर या घर बैठे पूजा कराने की सुविधा।
हम आपकी जीवन-यात्रा को गुरु-आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा से सम्पन्न कराने हेतु संकल्पित हैं।
श्री बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में गुरु बृहस्पति की उपासना से भक्तों को आध्यात्मिक समाधान, वैवाहिक सुख, करियर-विघ्न से मुक्ति और जीवन में समृद्धि प्राप्त होती है। काशी विश्वनाथ दर्शन के पश्चात यहाँ पूजा करना एक शुभ परंपरा मानी जाती है।
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शुद्ध वैदिक अनुष्ठान—आपके घर या पवित्र तीर्थ स्थलों में
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 3 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो गुरु ग्रह एवं राहु/केतु ग्रह शांति जाप एवं दशांश हवन के माध्यम से चांडाल योग के प्रभाव को कम करने और जीवन में संतुलन, स्पष्टता एवं सकारात्मकता लाने के लिए किया जाता है।
पूजा की अवधि लगभग 3 घंटे होती है।
मंत्र जाप निम्न संयोजन के अनुसार किया जाता है:
पूजा प्रक्रिया:
दान सामग्री (वैकल्पिक):
गुड़, चना, तिल, काली दाल, कंबल, पीला वस्त्र आदि। साथ ही चंदन और केसर का तिलक लगाया जाता है, जो ग्रह दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
नोट: यह पूजा निर्धारित पवित्र स्थान पर सम्पन्न की जाती है। बुकिंग के बाद विस्तृत जानकारी और अपडेट साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 5 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो गुरु ग्रह एवं राहु/केतु ग्रह शांति जाप एवं दशांश हवन के माध्यम से चांडाल योग के प्रभाव को कम करने और जीवन में स्थिरता, सफलता एवं स्पष्टता लाने के लिए किया जाता है।
पूजा की अवधि लगभग 4 से 5 घंटे होती है।
मंत्र जाप निम्न संयोजन के अनुसार किया जाता है:
पूजा प्रक्रिया:
दान सामग्री (वैकल्पिक):
गुड़, चना, तिल, काली दाल, कंबल, पीला वस्त्र आदि। साथ ही चंदन और केसर का तिलक लगाया जाता है, जो ग्रह दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
नोट: यह पूजा निर्धारित पवित्र स्थान पर सम्पन्न की जाती है। बुकिंग के बाद विस्तृत जानकारी और अपडेट साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
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