“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

व्यक्ति को मानसिक अशांति, भावनात्मक उतार-चढ़ाव, पारिवारिक कलह और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। जब चंद्र कुण्डली में अशुभ/गलत होता है या चौथे, छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित होता है, तो यह स्मृति हानि, आत्मविश्वास में कमी, मासिक धर्म की परेशानी, सांस लेने में समस्या और प्रजनन संबंधी समस्याओं जैसी बाधाओं का कारण बनता है।
चंद्रमा को ज्योतिष में मन, भावनाएं, मातृत्व और शीतलता का कारक माना जाता है। यह व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।
Duration
5h
Starting price
₹9,100
चन्द्र मन का कारक देवता है (चन्द्रमा मनसो जातः)
पृथ्वी के सबसे नजदीक भ्रमणशील होने के कारण शास्त्रों में चन्द्रमा को मन (अन्तःकरण) का प्रतीक कहा गया है। चंद्रमा बचपन, सुख, प्रजनन क्षमता के लिए जिम्मेदार है। निर्णय लेने के कौशल में सुधार करता है।
जब चंद्र कुण्डली में अशुभ/गलत होता है या चौथे, छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित होता है, तो यह स्मृति हानि, आत्मविश्वास में कमी, मासिक धर्म की परेशानी, सांस लेने में समस्या और प्रजनन संबंधी समस्याओं जैसी बाधाओं का कारण बनता है।
अशुभ चन्द्रमा से नुकसान
चन्द्रमा शत्रु एवं क्रूर ग्रह से दृष्ट, युत एवं नीच राशि (वृश्चिक राशि ), अथवा 4, 6, 8, 12वें पर भावों में स्थित चन्द्रमा अशुभ माना जाता है। मानसिक तनाव, अवसाद से बचने के लिए और चन्द्र दशा द्वारा अशुभ प्रभावों से मुक्ति पाने के लिए सोमवार या आपके जन्म नक्षत्र के अनुकूल किसी भी शुभ तिथि को उपाय किया जाता है। चन्द्र अशुभ होने से जातक अति चंचल, उतावलापन, उद्विग्न, स्वार्थी, विलासी, अस्थिर एवं अशान्त मन वाला होता है। अरिष्टकर होने से मानसिक दौर्बल्य, उन्माद, मस्तिष्क, विभ्रम, नेत्र पीड़ा, आलस्य, मानसिक पीड़ा-व्याकुलता, अस्थिर मन, शीत, कफ दोष, कण्ठ से हृदय तक के रोग एवं स्त्री जनित गर्भाशय आदि के रोग भी अशुभ चन्द्रमा के कारण होते हैं। अशुभ चन्द्र के कारण जातक का स्वभाव छिद्रा, वेषी, मिथ्याभ्रमणशील, जिद्दी, क्रोधी, दोषदर्शी, मिथ्याभाषी, अनावश्यक खर्चीला एवं परेशान व चिड़चिड़े स्वभाव का हो जाता है। गुप्त मस्तिष्क विकार आदि अशुभ फल होते हैं।
यह जप चंद्र देवता को प्रसन्न करने के लिए चंद्रमा का आह्वान और मंत्रों का जप किया जाता है।
चन्द्र मंत्र का 11000 की संख्या में निर्धारित है वैदिक और तांत्रिक मंत्रो का जप होता है
वैदिक मंत्र ज्यादा प्रभावी होते है और इनका प्रभाव ज्यादा दिन तक रहता है
तांत्रिक मंत्रो का शीघ्र ही लाभ प्राप्त होता है ।
कलियुग में चार गुना जप से पूर्ण लाभ प्राप्त होता है ।
चंद्र ग्रह जप कब करें
चंद्र ग्रह जप सोमवार के दिन या चन्द्र के नक्षत्रो में करना चाहिए।
किसी व्यक्ति के जन्म नक्षत्र के अनुसार जाप तिथि भी निर्धारित कर सकते हैं।
चंद्र ग्रह जाप के लाभः
पीड़ित चंद्र ग्रह के हानिकारक प्रभाव कम हो जाते हैं और बदले में भौतिक और आध्यात्मिक विकास लाते हैं।
यह जाप नकारात्मक परिणामों को कम करता है और चंद्र ग्रह के सकारात्मक परिणामों को बढ़ाता है।
यह शांति, सद्भाव और इच्छा की पूर्ति में मदद करता है। इस ग्रह शांति जाप को करने से दुर्भाग्य, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, शत्रुओं और बुराई से छुटकारा मिल सकता है।
चंद्र ग्रह वैदिक मंत्र ःॐ इमं देवा असपत्न ग्वं सुवध्वं महते क्षत्राय महते ज्यैष्ठ्याय महते जानराज्यायेन्द्रस्येन्द्रियाय ।
इमममुष्य पुत्रममुष्यै पुत्रमस्यै विश एष वोऽमी राजा सोमो ऽस्माकंब्राह्मणाना ग्वं राजा ॥
तन्त्रोक्त चन्द्र मन्त्र ् ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः ।
चंद्र ग्रह जाप के लिए पुजारी जी को बुक करें। पुजारी जी सारी पूजा सामग्री लेकर आएंगे। सभी पुजारी जी अच्छे अनुभवी हैं और वैदिक पाठशाला से पढ़े हुए हैं।
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शुद्ध वैदिक अनुष्ठान—आपके घर या पवित्र तीर्थ स्थलों में
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में तंत्रोक्त 11,000 चंद्र ग्रह मंत्र जाप एवं दशांश हवन शामिल है, जो 2 आचार्यों द्वारा सभी आवश्यक पूजा सामग्री सहित विधि-विधान से सम्पन्न किया जाता है।
पूजा प्रक्रिया:
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, हवन कुंड, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में तंत्रोक्त 44,000 चंद्र ग्रह मंत्र जाप एवं दशांश हवन शामिल है, जो 5 आचार्यों द्वारा सभी आवश्यक पूजा सामग्री सहित सम्पन्न किया जाता है।
यह मंत्र जाप 11,000 × 4 आवृत्तियों में किया जाता है, जिससे अनुष्ठान का प्रभाव और अधिक बढ़ता है।
पूजा प्रक्रिया:
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, हवन कुंड, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
7 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 3 दिनों तक चलने वाला 44,000 चंद्र ग्रह के वैदिक मंत्रों का जाप एवं दशांश हवन शामिल है, जो 7 आचार्यों द्वारा सभी आवश्यक पूजा सामग्री सहित सम्पन्न किया जाता है, जिससे एक अत्यंत प्रभावशाली और उच्च स्तर का अनुष्ठान अनुभव प्राप्त होता है।
यह मंत्र जाप 11,000 × 4 आवृत्तियों में किया जाता है, जो कलियुग में विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
पूजा प्रक्रिया:
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, हवन कुंड, घी, द्रव्य आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
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