मुख्य सामग्री पर जाएं
Pujari Ji

चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति पूजा

श्री गुरु बृहस्पति मंदिर, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति पूजा

चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति पूजा जन्मकुंडली में चंद्रमा एवं राहु के अशुभ संबंध से उत्पन्न माने जाने वाले ग्रहजन्य प्रभावों की शांति के लिए किया जाने वाला वैदिक अनुष्ठान है। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक शांति एवं मातृभाव का कारक माना जाता है, जबकि राहु को भ्रम, असमंजस, अप्रत्याशित परिस्थितियों एवं मोह से संबंधित ग्रह माना जाता है।

जब जन्मकुंडली में चंद्रमा और राहु की युति अथवा अन्य प्रतिकूल संबंध बनता है, तब धार्मिक मान्यता के अनुसार मानसिक अस्थिरता, भय, भ्रम, अनिद्रा, निर्णय लेने में कठिनाई तथा पारिवारिक या कार्यक्षेत्र संबंधी बाधाओं की स्थिति बन सकती है। ऐसे में देवगुरु बृहस्पति, चंद्रदेव, राहु एवं नवग्रहों की आराधना के साथ ग्रह शांति की प्रार्थना की जाती है।

Duration

3h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • चंद्र-राहु ग्रहण योग की शांति तथा जीवन में संतुलन, शुभता एवं कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन एवं आंतरिक स्थिरता की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • भय, भ्रम एवं नकारात्मक विचारों के प्रभाव को कम करने तथा सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने की कामना की जाती है।
  • देवगुरु बृहस्पति की कृपा से विवेक, समझ एवं निर्णय क्षमता में वृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • शिक्षा, करियर एवं व्यवसाय में आने वाली बाधाओं के निवारण तथा प्रगति के अनुकूल अवसरों की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • परिवार में सुख-शांति, सौहार्द एवं आपसी सामंजस्य के संवर्धन की कामना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति, आंतरिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • जीवन में शुभ अवसरों, सफलता एवं समग्र कल्याण की मंगलकामना की जाती है।

चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति पूजा

बृहस्पति मंदिर, वाराणसी देवगुरु बृहस्पति को समर्पित एक प्राचीन एवं पूजनीय देवालय माना जाता है। धार्मिक परंपरा में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, विवेक, धर्म एवं सद्मार्गदर्शन का कारक माना गया है।

चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति पूजा में देवगुरु बृहस्पति की आराधना के साथ चंद्रदेव एवं राहु ग्रह की वैदिक पूजा की जाती है। संकल्प, मंत्र जाप, नवग्रह पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से ग्रहजन्य अशुभ प्रभावों की शांति तथा जीवन में मानसिक संतुलन एवं शुभता की मंगलकामना की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

  • देवगुरु बृहस्पति
  • चंद्रदेव
  • राहु ग्रह
  • भगवान गणेश
  • नवग्रह देवता

चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक शांति एवं मातृभाव का कारक माना जाता है। राहु को भ्रम, मोह, असमंजस एवं अप्रत्याशित परिस्थितियों से संबंधित माना जाता है। देवगुरु बृहस्पति ज्ञान, विवेक, धर्म एवं उचित मार्गदर्शन के प्रतीक माने जाते हैं।

इन देवताओं की आराधना के माध्यम से चंद्र-राहु से संबंधित ग्रहजन्य प्रभावों की शांति तथा मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन की मंगलकामना की जाती है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • सोमवार
  • गुरुवार
  • अमावस्या
  • पूर्णिमा
  • गुरु पुष्य योग
  • राहु की महादशा अथवा अंतर्दशा के दौरान
  • चंद्रमा की महादशा में राहु की अंतर्दशा के दौरान
  • जन्मकुंडली में चंद्र-राहु ग्रहण योग होने पर
  • योग्य ज्योतिषाचार्य द्वारा निर्धारित शुभ मुहूर्त में

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जन्मकुंडली में चंद्र-राहु ग्रहण योग होने पर
  • चंद्रमा के राहु से पीड़ित होने पर
  • राहु महादशा में चंद्र अंतर्दशा होने पर
  • चंद्र महादशा में राहु अंतर्दशा होने पर
  • मानसिक तनाव अथवा अशांति की स्थिति में
  • भय, भ्रम एवं नकारात्मक विचारों से परेशान होने पर
  • अनिद्रा अथवा भावनात्मक अस्थिरता की स्थिति में
  • निर्णय लेने में कठिनाई होने पर
  • पारिवारिक मतभेद होने पर
  • शिक्षा, कार्यक्षेत्र अथवा व्यवसाय में बार-बार बाधाएँ आने पर
  • आर्थिक अस्थिरता की स्थिति में
  • आध्यात्मिक संतुलन एवं मानसिक स्थिरता की मंगलकामना हेतु

प्रमुख मंत्र

  • ॐ सोम सोमाय नमः॥
  • ॐ रां राहवे नमः॥
  • ॐ बृं बृहस्पतये नमः॥

पूजा के लाभ

  • चंद्र-राहु ग्रहण योग के अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक शांति एवं भावनात्मक संतुलन के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • भय, भ्रम एवं नकारात्मक विचारों में कमी की कामना की जाती है।
  • देवगुरु बृहस्पति की कृपा से विवेक एवं उचित निर्णय क्षमता की मंगलकामना की जाती है।
  • शिक्षा, कार्यक्षेत्र एवं व्यवसाय में स्थिरता की प्रार्थना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख, शांति एवं सौहार्द की कामना की जाती है।
  • सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।
  • जीवन में शुभ अवसर एवं अनुकूल परिस्थितियाँ प्राप्त होने की प्रार्थना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति पूजा ग्रह शांति के साथ मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन की भावना से सम्पन्न किया जाने वाला वैदिक अनुष्ठान है। देवगुरु बृहस्पति की आराधना ज्ञान एवं विवेक की मंगलकामना से की जाती है, जबकि चंद्रदेव की उपासना मानसिक शांति एवं भावनात्मक संतुलन के लिए की जाती है।

राहु ग्रह की वैदिक आराधना के माध्यम से भ्रम एवं असमंजस से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है। बृहस्पति मंदिर की पवित्र परंपरा में सम्पन्न यह अनुष्ठान श्रद्धालु के जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्मबल एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना के साथ किया जाता है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पूर्ण अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराया जाता है।
  • वैदिक संकल्प के लिए यजमान का नाम, गोत्र, जन्म तिथि, जन्म समय एवं जन्म स्थान आवश्यक हो सकता है।
  • उपलब्ध होने पर जन्मकुंडली के आधार पर पूजा-विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • संपूर्ण पूजन एवं हवन सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
  • ऑनलाइन संकल्प एवं प्रत्यक्ष सहभागिता की सुविधा उपलब्ध हो सकती है।

बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न यह चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति पूजा देवगुरु बृहस्पति, चंद्र देव एवं राहु देव की कृपा प्राप्त करने हेतु अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान मानी जाती है। यह पूजा चंद्र-राहु ग्रहण योग के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, शिक्षा एवं करियर में सफलता, पारिवारिक सुख, सकारात्मक ऊर्जा तथा आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक सम्पन्न की जाती है।

पूजा स्थानवाराणसी

श्री गुरु बृहस्पति मंदिर

श्री गुरु बृहस्पति मंदिर

वाराणसी

श्री बृहस्पति मंदिर, वाराणसी के दशाश्वमेध घाट रोड पर स्थित एक प्राचीन और प्रमुख मंदिर है, जो देवगुरु बृहस्पति (गुरु ग्रह) को समर्पित है। यह मंदिर काशी विश्वनाथ मंदिर के निकट स्थित है और काशी की धार्मिक परंपरा में बृहस्पति को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। गुरु बृहस्पति को ज्ञान, गुरु-मार्गदर्शन, वैवाहिक सुख, धन-समृद्धि तथा ग्रह-दोष शांति का कारक माना जाता है।

पौराणिक पृष्ठभूमि

पुराणों के अनुसार गुरु बृहस्पति अंगिरा ऋषि के पुत्र थे। अपनी गहन शिवभक्ति के कारण उन्हें देवताओं के गुरु तथा “वाचस्पति” (श्रेष्ठ वक्ता) का सम्मान प्राप्त हुआ। मान्यता है कि बृहस्पति देव ने इसी स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर वर्षों तक तपस्या की, जिससे यह स्थल अत्यंत पवित्र माना जाता है।

धार्मिक महत्व

गुरु का आशीर्वाद

गुरु बृहस्पति की उपासना से करियर में उन्नति, वैवाहिक सुख, संतान प्राप्ति, धनलाभ एवं ग्रह-दोष निवारण का मार्ग प्रशस्त होता है। भक्तों का विश्वास है कि गुरु कृपा से जीवन की कठिन बाधाएँ सरल हो जाती हैं।

गुरुवार का विशेष महत्व

गुरुवार के दिन बृहस्पति पूजा, पीले वस्त्र, हल्दी, चंदन एवं पीले प्रसाद का अर्पण अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष रूप से जब गुरुवार और पुष्य नक्षत्र का संयोग होता है, तब यहाँ की गई पूजा अनेक गुना फलदायी मानी जाती है।

गुरु-राहु दोष निवारण

मंदिर में गुरु-राहु युति एवं गुरु चांडाल दोष निवारण हेतु विशेष यज्ञ और मंत्र-अनुष्ठान कराए जाते हैं, जिससे मानसिक संतुलन, समृद्धि और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है।

भक्ति से प्राप्त लाभ

समृद्धि और मार्गदर्शन

गुरु बृहस्पति की कृपा से ज्ञान-बुद्धि, करियर-सफलता, वैवाहिक जीवन में सुख तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है।

ग्रहदोष शांति

विशेष पूजा-अनुष्ठानों द्वारा गुरु दोष एवं गुरु-राहु दोष के प्रभाव को शांत किया जाता है।

श्रावण एवं गुरुवार पर्व

श्रावण मास में बृहस्पति देव का हरियाली श्रृंगार एवं विशेष पूजा-आरती भक्तों को आध्यात्मिक आनंद प्रदान करती है।

पुजारी जी.कॉम द्वारा उपलब्ध सेवाएँ

  • बृहस्पति पूजा एवं देवगुरु अनुष्ठान – वैदिक मंत्र, संकल्प एवं शुद्ध पूजा सामग्री सहित।
  • गुरु-राहु दोष निवारण पूजा – विशेष यज्ञ एवं मंत्र जाप सेवाएँ।
  • अनुभवी पंडित मार्गदर्शन – प्रत्येक चरण में वैदिक विशेषज्ञों द्वारा पूजन।
  • ऑन-साइट एवं ऑनलाइन विकल्प – स्थल पर या घर बैठे पूजा कराने की सुविधा।

हम आपकी जीवन-यात्रा को गुरु-आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा से सम्पन्न कराने हेतु संकल्पित हैं।

श्री बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में गुरु बृहस्पति की उपासना से भक्तों को आध्यात्मिक समाधान, वैवाहिक सुख, करियर-विघ्न से मुक्ति और जीवन में समृद्धि प्राप्त होती है। काशी विश्वनाथ दर्शन के पश्चात यहाँ पूजा करना एक शुभ परंपरा मानी जाती है।

मंदिर विवरण देखें

तीर्थ नहीं जा पा रहे हैं?

जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।

व्हाट्सएप पर पूछें

हमारी गारंटी

100% प्रमाणित पुजारी
पूरी पूजा सामग्री शामिल
वैदिक विधि-विधान
मार्गदर्शन व सहायता

पैकेज चुनें

  • उन्नत

    3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    यह दिव्य वैदिक अनुष्ठान बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में देवगुरु बृहस्पति की पावन कृपा से पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा जन्म कुंडली में बनने वाले चंद्र-राहु ग्रहण योग, राहु की चंद्रमा पर अशुभ दृष्टि, राहु महादशा में चंद्र अंतर्दशा अथवा चंद्र महादशा में राहु अंतर्दशा जैसे ग्रह संयोगों के अशुभ प्रभावों की शांति हेतु कराई जाती है। इस अनुष्ठान के माध्यम से मानसिक तनाव, भ्रम, भय, अनिद्रा, भावनात्मक अस्थिरता एवं नकारात्मक विचारों से राहत तथा मानसिक संतुलन, विवेक एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना की जाती है। इस उन्नत पैकेज में 3 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा सम्पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश पूजन
    • मातृका पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • भगवान चंद्रदेव पूजन
    • राहु देव पूजन
    • चंद्र मंत्र जाप – 1,100 जप
    • ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः॥
    • राहु मंत्र जाप – 1,800 जप
    • ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥
    • वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद अर्पण

    शामिल सेवाएं

    • 3 अनुभवी वैदिक आचार्य
    • सभी पूजा सामग्री
    • ब्राह्मण दक्षिणा
    • चंद्र दान सामग्री
    • राहु दान सामग्री

    विशेष सुविधाएं

    • बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में शास्त्रोक्त विधि से चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति अनुष्ठान।
    • 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पूर्ण पूजा सम्पन्न।
    • आपके नाम एवं गोत्र से वैदिक संकल्प।
    • चंद्र एवं राहु के मंत्र जाप सहित विशेष ग्रह शांति अनुष्ठान।
    • वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पूर्ण विधि-विधान।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्म कुंडली (यदि उपलब्ध हो)

    देवगुरु बृहस्पति की कृपा से सम्पन्न यह चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति अनुष्ठान मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, विवेक, आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा एवं ग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना करने वाला अत्यंत पवित्र वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹13,00015% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में देवगुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने हेतु पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा जन्म कुंडली में बने चंद्र-राहु ग्रहण योग, राहु की चंद्रमा पर अशुभ दृष्टि, राहु महादशा में चंद्र अंतर्दशा अथवा चंद्र महादशा में राहु अंतर्दशा के दुष्प्रभावों की शांति के लिए विशेष रूप से कराई जाती है। इस अनुष्ठान के माध्यम से मानसिक तनाव, भय, भ्रम, अनिद्रा, नकारात्मक सोच, भावनात्मक अस्थिरता एवं निर्णय लेने में कठिनाई जैसे प्रभावों से राहत की मंगलकामना की जाती है। इस श्रेष्ठ पैकेज में 5 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा विस्तृत वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्ति वाचन
    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • भगवान चंद्रदेव पूजन
    • राहु देव पूजन
    • देवगुरु बृहस्पति पूजन
    • चंद्र बीज मंत्र जाप – 11,000 जप
    • राहु बीज मंत्र जाप – 18,000 जप
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद अर्पण

    शामिल सेवाएं

    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्य
    • सभी पूजा सामग्री
    • ब्राह्मण दक्षिणा

    विशेष सुविधाएं

    • बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त अनुष्ठान।
    • आपके नाम एवं गोत्र से वैदिक संकल्प।
    • चंद्र एवं राहु के विशेष मंत्र जाप सहित विस्तृत अनुष्ठान।
    • देवगुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने हेतु विशेष पूजन।
    • वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्म कुंडली (यदि उपलब्ध हो)

    देवगुरु बृहस्पति की कृपा से सम्पन्न यह चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति अनुष्ठान मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, विवेक, आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा एवं ग्रहों की शुभता की मंगलकामना करने वाला अत्यंत पवित्र वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹18,000₹21,00014% off

    2 वस्तुएँ शामिल

चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति पूजा के बारे में हमसे बात करें

WhatsApp

भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

और अधिक जानें

कैसे काम करता है

एक बार बुक करें — बाकी सब पुजारीजी संभाले

एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।

  1. आप

    बुक करें और संकल्प बताएँ

    पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।

  2. पुजारीजी

    हम प्रमाणित पुजारी नियुक्त करते हैं

    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

अभी बुक करें चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति पूजा

ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।