“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

दिवाली लक्ष्मी पूजा दीपावली पर्व का एक महत्वपूर्ण अंग है। इस अवसर पर माँ महालक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी तथा भगवान गणेश को शुभारंभ और विघ्नों के निवारण के देवता के रूप में पूजने की परंपरा है। भक्त दीप प्रज्वलित करते हैं, मंत्रों का जाप करते हैं और आरती के माध्यम से देवी-देवताओं से परिवार की सुख-शांति एवं उन्नति का आशीर्वाद माँगते हैं।
पुजारीजी.कॉम के माध्यम से आप अपने घर पर अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से दिवाली लक्ष्मी पूजा करवा सकते हैं।
Duration
2h – 4h
Best time
मुहूर्त अनुसार
Starting price
₹7,100
दिवाली लक्ष्मी पूजा कार्तिक मास की अमावस्या को मनाए जाने वाले दीपावली पर्व की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक है। इस पूजा में माँ महालक्ष्मी और भगवान गणेश का विधिपूर्वक पूजन किया जाता है। घर की स्वच्छता, दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण, मंत्रोच्चार और आरती इस पूजा के महत्वपूर्ण अंग हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भक्त इस पूजा के माध्यम से परिवार में सुख-समृद्धि, सौभाग्य, शांति और मंगल की कामना करते हैं। व्यवसायी वर्ग भी नए कार्यों के शुभारंभ और व्यापार की उन्नति के लिए देवी-देवताओं का आशीर्वाद माँगता है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
माँ महालक्ष्मीः माँ महालक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य, वैभव, सौभाग्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। दीपावली पर उनकी आराधना परिवार के कल्याण, संतोष और सुख-समृद्धि की मंगलकामना के लिए की जाती है।
भगवान गणेशः भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। लक्ष्मी पूजा के साथ उनका पूजन शुभ कार्यों की निर्विघ्न पूर्णता, बुद्धि और विवेक की कामना से किया जाता है।
शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?
दिवाली लक्ष्मी पूजा सामान्यतः कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को प्रदोष काल में शुभ मुहूर्त के अनुसार की जाती है। पूजा का सही समय स्थानीय पंचांग, तिथि और स्थान के अनुसार निर्धारित करना चाहिए। दीपावली के दिन पूजा की तैयारी पहले से करना और पूजन सामग्री व्यवस्थित रखना उपयोगी होता है।
किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?
प्रमुख मंत्र
माँ महालक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
भगवान गणेश मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः॥
इन मंत्रों का जाप श्रद्धापूर्वक पूजा के दौरान किया जा सकता है। मंत्रों की संख्या और पूजन विधि परिवार की परंपरा तथा वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार रखी जा सकती है।
पूजा के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली लक्ष्मी पूजा माँ महालक्ष्मी और भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने तथा परिवार के मंगल की प्रार्थना करने का पवित्र अवसर है।
ये लाभ धार्मिक आस्था और परंपरागत मान्यताओं पर आधारित हैं। पूजा को निश्चित आर्थिक लाभ या व्यावसायिक सफलता की गारंटी के रूप में नहीं देखना चाहिए।
आध्यात्मिक महत्व
दिवाली लक्ष्मी पूजा प्रकाश, सद्भाव, कृतज्ञता और शुभता का प्रतीक मानी जाती है। दीप प्रज्वलित करना अज्ञान और निराशा से दूर होकर ज्ञान, आशा और सकारात्मकता की ओर बढ़ने का आध्यात्मिक संदेश देता है। माँ महालक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना के माध्यम से भक्त परिवार के कल्याण, विवेकपूर्ण आचरण और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।
विशेष जानकारी
जो परिवार दीपावली के शुभ अवसर पर माँ महालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की पूजा करना चाहते हैं, घर में सुख-समृद्धि, शांति और मंगलमय वातावरण की कामना करते हैं या अपने व्यवसाय एवं कार्यक्षेत्र में उन्नति के लिए प्रार्थना करना चाहते हैं, वे श्रद्धापूर्वक इस पूजा का आयोजन कर सकते हैं।
1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस उन्नत पैकेज के अंतर्गत अनुभवी वैदिक पंडित द्वारा आपके घर पर दिवाली लक्ष्मी पूजा पारंपरिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई जाएगी। दीपावली के शुभ अवसर पर माँ महालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की आराधना धन-धान्य, सुख-समृद्धि, सौभाग्य और परिवार के कल्याण की मंगलकामना के लिए की जाती है। यह पूजा गृहस्थ परिवारों द्वारा घर में सुख-शांति, आर्थिक स्थिरता एवं व्यवसाय की उन्नति की प्रार्थना के लिए कराई जा सकती है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
यजमान द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री
पंडित जी द्वारा हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी दल, दूर्वा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी एवं अन्य निर्धारित पूजन सामग्री लाई जाएगी।
माँ महालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पावन पूजा परिवार में सुख-शांति, धन-धान्य, समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मकता के लिए की जाती है। दीप प्रज्वलन, मंत्रोच्चार, पूजन, हवन एवं आरती के माध्यम से घर और व्यवसाय में मंगल, स्थिरता तथा कल्याण की प्रार्थना की जाती है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
दिवाली के पावन अवसर पर यजमान के घर या व्यापारिक प्रतिष्ठान में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा माँ महालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की पूजा पारंपरिक विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई जाएगी। इस अनुष्ठान में श्रीसूक्त का 51 बार पाठ किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूजा धन-धान्य, सुख-समृद्धि, सौभाग्य, पारिवारिक शांति एवं व्यापार में उन्नति की मंगलकामना के लिए की जाती है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
यजमान द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री
आचार्य द्वारा हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी दल, दूर्वा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी एवं अन्य निर्धारित पूजा सामग्री लाई जाएगी। फूल एवं फल तथा हवन की व्यवस्था पैकेज में निर्धारित सेवाओं के अनुसार की जाएगी।
माँ महालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पावन पूजा परिवार में सुख-शांति, धन-धान्य, सौभाग्य एवं समृद्धि की प्रार्थना के लिए की जाती है। श्रीसूक्त पाठ, पूजन, हवन एवं आरती के माध्यम से यजमान के परिवार और व्यापार में मंगल, स्थिरता तथा उन्नति की कामना की जाती है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।