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Pujari Ji

दिवाली लक्ष्मी पूजा

इन शहरों में घर पर सेवा उपलब्ध:बेंगलुरुगुरुग्राममुंबईदिल्लीलखनऊनोएडा
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
दिवाली लक्ष्मी पूजा

दिवाली लक्ष्मी पूजा दीपावली पर्व का एक महत्वपूर्ण अंग है। इस अवसर पर माँ महालक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी तथा भगवान गणेश को शुभारंभ और विघ्नों के निवारण के देवता के रूप में पूजने की परंपरा है। भक्त दीप प्रज्वलित करते हैं, मंत्रों का जाप करते हैं और आरती के माध्यम से देवी-देवताओं से परिवार की सुख-शांति एवं उन्नति का आशीर्वाद माँगते हैं।

पुजारीजी.कॉम के माध्यम से आप अपने घर पर अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से दिवाली लक्ष्मी पूजा करवा सकते हैं।

Duration

2h – 4h

Best time

मुहूर्त अनुसार

Starting price

₹7,100

लाभ

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली लक्ष्मी पूजा के माध्यम से माँ महालक्ष्मी की कृपा, आशीर्वाद एवं संरक्षण प्राप्त करने के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • घर में धन-धान्य, सुख-समृद्धि, वैभव एवं आर्थिक उन्नति की प्राप्ति के लिए माँ लक्ष्मी से मंगलकामना की जाती है।
  • व्यापार एवं व्यवसाय में प्रगति, सफलता, आर्थिक स्थिरता एवं अनुकूल अवसरों की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति, सद्भाव एवं सौभाग्य बनाए रखने के लिए माँ महालक्ष्मी से आशीर्वाद की प्रार्थना की जाती है।
  • दीप प्रज्वलन, मंत्र जाप एवं विधिपूर्वक पूजन के माध्यम से घर में सकारात्मकता, पवित्रता एवं मंगलमय वातावरण बनाए रखने का प्रयास किया जाता है।
  • माँ लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा करके बुद्धि, विवेक, शुभारंभ एवं जीवन की बाधाओं की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • नए कार्य, व्यापार एवं आर्थिक योजनाओं की शुरुआत के अवसर पर शुभता, प्रगति एवं सफलता की मंगलकामना करने के लिए दिवाली लक्ष्मी पूजा को महत्वपूर्ण माना जाता है।

दिवाली लक्ष्मी पूजा

दिवाली लक्ष्मी पूजा कार्तिक मास की अमावस्या को मनाए जाने वाले दीपावली पर्व की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक है। इस पूजा में माँ महालक्ष्मी और भगवान गणेश का विधिपूर्वक पूजन किया जाता है। घर की स्वच्छता, दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण, मंत्रोच्चार और आरती इस पूजा के महत्वपूर्ण अंग हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भक्त इस पूजा के माध्यम से परिवार में सुख-समृद्धि, सौभाग्य, शांति और मंगल की कामना करते हैं। व्यवसायी वर्ग भी नए कार्यों के शुभारंभ और व्यापार की उन्नति के लिए देवी-देवताओं का आशीर्वाद माँगता है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

माँ महालक्ष्मीः माँ महालक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य, वैभव, सौभाग्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। दीपावली पर उनकी आराधना परिवार के कल्याण, संतोष और सुख-समृद्धि की मंगलकामना के लिए की जाती है।

भगवान गणेशः भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। लक्ष्मी पूजा के साथ उनका पूजन शुभ कार्यों की निर्विघ्न पूर्णता, बुद्धि और विवेक की कामना से किया जाता है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

दिवाली लक्ष्मी पूजा सामान्यतः कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को प्रदोष काल में शुभ मुहूर्त के अनुसार की जाती है। पूजा का सही समय स्थानीय पंचांग, तिथि और स्थान के अनुसार निर्धारित करना चाहिए। दीपावली के दिन पूजा की तैयारी पहले से करना और पूजन सामग्री व्यवस्थित रखना उपयोगी होता है।

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • दीपावली पर माँ महालक्ष्मी और भगवान गणेश की पारंपरिक पूजा करने के लिए।
  • परिवार में सुख, शांति, सौभाग्य और समृद्धि की मंगलकामना के लिए।
  • व्यवसाय या कार्यक्षेत्र में उन्नति और नए कार्यों के शुभारंभ के लिए प्रार्थना करने हेतु।
  • घर में भक्तिमय, सकारात्मक और मंगलमय वातावरण बनाने के लिए।
  • धन-धान्य और आर्थिक स्थिरता के लिए देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने की धार्मिक भावना से।

प्रमुख मंत्र

माँ महालक्ष्मी मंत्र

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

भगवान गणेश मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः॥

इन मंत्रों का जाप श्रद्धापूर्वक पूजा के दौरान किया जा सकता है। मंत्रों की संख्या और पूजन विधि परिवार की परंपरा तथा वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार रखी जा सकती है।

पूजा के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली लक्ष्मी पूजा माँ महालक्ष्मी और भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने तथा परिवार के मंगल की प्रार्थना करने का पवित्र अवसर है।

  • सुख-समृद्धि की मंगलकामनाः परिवार में धन-धान्य, संतोष, सौभाग्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • परिवार में सुख-शांतिः पूजा परिवार के सदस्यों को एक साथ धार्मिक परंपरा में सहभागी बनाती है और आपसी सद्भाव की भावना को प्रोत्साहित करती है।
  • व्यवसाय में उन्नति की प्रार्थनाः व्यापारी और व्यवसायी अपने कार्यों की प्रगति, उचित निर्णयों और नए अवसरों के लिए देवी-देवताओं का आशीर्वाद माँगते हैं।
  • आर्थिक स्थिरता की मंगलकामनाः धन का सदुपयोग, विवेकपूर्ण निर्णय और आर्थिक जीवन में संतुलन बनाए रखने की भावना के साथ पूजा की जाती है।
  • सकारात्मक वातावरणः दीप प्रज्वलन, मंत्रोच्चार और आरती से घर में भक्तिमय एवं मंगलमय वातावरण बनता है।
  • शुभारंभ का संकल्पः नए व्यवसाय, कार्य या आगामी योजनाओं के लिए शुभ संकल्प लेकर देवी-देवताओं का स्मरण किया जाता है।
  • आध्यात्मिक संतोषः श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक जुड़ाव और मन की शांति का अनुभव हो सकता है।

ये लाभ धार्मिक आस्था और परंपरागत मान्यताओं पर आधारित हैं। पूजा को निश्चित आर्थिक लाभ या व्यावसायिक सफलता की गारंटी के रूप में नहीं देखना चाहिए।

आध्यात्मिक महत्व

दिवाली लक्ष्मी पूजा प्रकाश, सद्भाव, कृतज्ञता और शुभता का प्रतीक मानी जाती है। दीप प्रज्वलित करना अज्ञान और निराशा से दूर होकर ज्ञान, आशा और सकारात्मकता की ओर बढ़ने का आध्यात्मिक संदेश देता है। माँ महालक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना के माध्यम से भक्त परिवार के कल्याण, विवेकपूर्ण आचरण और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।

विशेष जानकारी

  • पूजा की तिथि और शुभ मुहूर्त स्थानीय पंचांग के अनुसार निर्धारित करना उचित है।
  • पूजा सामग्री की उपलब्धता चुने गए पैकेज और सेवा की शर्तों के अनुसार हो सकती है।
  • पूजा से पहले घर के पूजन स्थल की सफाई, दीपक, आसन और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर लें।
  • पूजा की विधि, मंत्रोच्चार और संकल्प परिवार की परंपरा तथा वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार निर्धारित किए जा सकते हैं।

जो परिवार दीपावली के शुभ अवसर पर माँ महालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की पूजा करना चाहते हैं, घर में सुख-समृद्धि, शांति और मंगलमय वातावरण की कामना करते हैं या अपने व्यवसाय एवं कार्यक्षेत्र में उन्नति के लिए प्रार्थना करना चाहते हैं, वे श्रद्धापूर्वक इस पूजा का आयोजन कर सकते हैं।

हमारी गारंटी

100% प्रमाणित पुजारी
पूरी पूजा सामग्री शामिल
वैदिक विधि-विधान
मार्गदर्शन व सहायता

पैकेज चुनें

  • उन्नत

    1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    इस उन्नत पैकेज के अंतर्गत अनुभवी वैदिक पंडित द्वारा आपके घर पर दिवाली लक्ष्मी पूजा पारंपरिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई जाएगी। दीपावली के शुभ अवसर पर माँ महालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की आराधना धन-धान्य, सुख-समृद्धि, सौभाग्य और परिवार के कल्याण की मंगलकामना के लिए की जाती है। यह पूजा गृहस्थ परिवारों द्वारा घर में सुख-शांति, आर्थिक स्थिरता एवं व्यवसाय की उन्नति की प्रार्थना के लिए कराई जा सकती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्ति वाचन
    • महासंकल्प
    • गणपति पूजन
    • माँ महालक्ष्मी पूजन
    • दीपावली विशेष पूजन
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • घर पर पारंपरिक विधि-विधान से दिवाली लक्ष्मी पूजा
    • अनुभवी वैदिक पंडित द्वारा मंत्रोच्चार सहित पूजन
    • पुष्प, फल एवं हवन की व्यवस्था
    • स्थानीय शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजा का समय निर्धारित करने की सुविधा
    • पूजा की तैयारी के लिए आवश्यक वस्तुओं की सूची उपलब्ध कराई जाएगी

    यजमान द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री

    • बर्तन, दीपक एवं आसन
    • कटोरी, चौकी एवं थाली
    • प्रसाद
    • बही-खाता, यदि आवश्यक हो
    • देवी-देवताओं के चित्र
    • घर में उपलब्ध अन्य आवश्यक वस्तुएँ

    पंडित जी द्वारा हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी दल, दूर्वा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी एवं अन्य निर्धारित पूजन सामग्री लाई जाएगी।

    माँ महालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पावन पूजा परिवार में सुख-शांति, धन-धान्य, समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मकता के लिए की जाती है। दीप प्रज्वलन, मंत्रोच्चार, पूजन, हवन एवं आरती के माध्यम से घर और व्यवसाय में मंगल, स्थिरता तथा कल्याण की प्रार्थना की जाती है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹7,100₹9,10022% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    दिवाली के पावन अवसर पर यजमान के घर या व्यापारिक प्रतिष्ठान में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा माँ महालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की पूजा पारंपरिक विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई जाएगी। इस अनुष्ठान में श्रीसूक्त का 51 बार पाठ किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूजा धन-धान्य, सुख-समृद्धि, सौभाग्य, पारिवारिक शांति एवं व्यापार में उन्नति की मंगलकामना के लिए की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्ति वाचन
    • महासंकल्प
    • गणपति पूजन
    • माँ महालक्ष्मी पूजन
    • श्रीसूक्त पाठ — 51 बार
    • हवन
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • यजमान के घर या व्यापारिक प्रतिष्ठान में पूजा की सुविधा
    • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से पूजा
    • श्रीसूक्त का 51 बार पाठ
    • हवन एवं पूर्णाहुति सहित विशेष पूजन
    • पूजा की तिथि एवं समय स्थानीय शुभ मुहूर्त तथा आचार्यों की उपलब्धता के अनुसार निर्धारित किया जाएगा

    यजमान द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री

    • आवश्यक बर्तन, दीपक एवं आसन
    • कटोरी, चौकी एवं थाली
    • प्रसाद
    • बही-खाता, यदि व्यापारिक प्रतिष्ठान में पूजा हो
    • देवी-देवताओं के चित्र
    • अन्य आवश्यक घरेलू वस्तुएँ

    आचार्य द्वारा हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी दल, दूर्वा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी एवं अन्य निर्धारित पूजा सामग्री लाई जाएगी। फूल एवं फल तथा हवन की व्यवस्था पैकेज में निर्धारित सेवाओं के अनुसार की जाएगी।

    माँ महालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पावन पूजा परिवार में सुख-शांति, धन-धान्य, सौभाग्य एवं समृद्धि की प्रार्थना के लिए की जाती है। श्रीसूक्त पाठ, पूजन, हवन एवं आरती के माध्यम से यजमान के परिवार और व्यापार में मंगल, स्थिरता तथा उन्नति की कामना की जाती है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹15,000₹21,00029% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”

प्रिया शर्मा

मुंबई• Satyanarayan Puja

“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek

“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”

मीना अय्यर

बैंगलोर• Graha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

एक बार बुक करें — बाकी सब पुजारीजी संभाले

एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।

  1. आप

    बुक करें और संकल्प बताएँ

    पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।

  2. पुजारीजी

    हम प्रमाणित पुजारी नियुक्त करते हैं

    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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