“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

यह पवित्र अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न कराया जाता है, जो वैदिक अनुष्ठानों एवं आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत सिद्ध एवं पुण्यदायी स्थल माना जाता है। क्षिप्रा नदी के पावन तट पर किया गया गजेन्द्र मोक्ष पाठ विशेष रूप से भयंकर पितृ दोष, संतान प्राप्ति में बाधा, आर्थिक संकट, पारिवारिक अशांति एवं नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
Duration
3h – 5h
Best time
सुबह
Starting price
₹11,000
यह पवित्र गजेन्द्र मोक्ष पाठ पावन रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। उज्जैन प्राचीन काल से आध्यात्मिक साधना, वैदिक अनुष्ठानों एवं मोक्ष प्रदान करने वाले प्रमुख तीर्थों में से एक माना जाता है। रामघाट पर सम्पन्न होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व बताया गया है।
गजेन्द्र मोक्ष पाठ श्रीमद्भागवत महापुराण के अष्टम स्कंध में वर्णित भगवान श्रीहरि विष्णु एवं गजेन्द्र हाथी की दिव्य कथा पर आधारित है। शास्त्रों के अनुसार जब गजेन्द्र हाथी एक मगरमच्छ के चंगुल में फँस गया और अपने सभी प्रयासों के बाद भी स्वयं को मुक्त नहीं करा सका, तब उसने पूर्ण श्रद्धा एवं समर्पण के साथ भगवान श्रीहरि विष्णु का स्मरण किया। अपने भक्त की करुण पुकार सुनकर भगवान विष्णु तत्काल प्रकट हुए, गजेन्द्र को संकट से मुक्त किया और उसे मोक्ष प्रदान किया।
इसी कारण गजेन्द्र मोक्ष पाठ को जीवन के बड़े संकटों, भय, रोग, आर्थिक कठिनाइयों, ऋण, नकारात्मक परिस्थितियों एवं अप्रत्याशित बाधाओं से मुक्ति दिलाने वाला अत्यंत प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। यह पाठ पूर्ण श्रद्धा, समर्पण एवं भगवान की कृपा में अटूट विश्वास का प्रतीक है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है जहाँ भयंकर पितृ दोष, संतान प्राप्ति में बाधा, घर में निरंतर कलह, सुख-शांति का अभाव, बार-बार आर्थिक संकट, मानसिक तनाव अथवा नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती हो। भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा से यह दिव्य अनुष्ठान परिवार में शांति, समृद्धि, सुरक्षा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करने वाला माना जाता है।
भगवान महाकाल की पावन नगरी उज्जैन तथा मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के तट पर सम्पन्न होने वाला यह अनुष्ठान विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। श्रद्धा एवं संकल्प के साथ सम्पन्न किया गया गजेन्द्र मोक्ष पाठ भगवान विष्णु की विशेष कृपा, मानसिक शांति, सुरक्षा एवं जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम माना जाता है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस पवित्र अनुष्ठान में मुख्य रूप से भगवान श्रीहरि विष्णु, भगवान लक्ष्मी नारायण एवं भगवान महाकाल (भगवान शिव) की उपासना की जाती है।
गजेन्द्र मोक्ष पाठ पूर्ण भक्ति, समर्पण एवं ईश्वर की असीम कृपा का प्रतीक माना जाता है। रामघाट, उज्जैन में शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न यह अनुष्ठान जीवन के संकटों से रक्षा, आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति एवं सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।
यह पाठ कब कराना चाहिए?
किन समस्याओं में यह पाठ कराना चाहिए?
गजेन्द्र मोक्ष पाठ के लाभ
आध्यात्मिक महत्व
गजेन्द्र मोक्ष पाठ पूर्ण समर्पण, अटूट श्रद्धा एवं भगवान श्रीहरि विष्णु की दिव्य कृपा का प्रतीक माना जाता है। यह अनुष्ठान व्यक्ति को यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति एवं पूर्ण समर्पण से जीवन के सबसे कठिन संकटों से भी मुक्ति प्राप्त की जा सकती है।
रामघाट, उज्जैन में वैदिक मंत्रों एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न यह पाठ मन, बुद्धि एवं आत्मा को शुद्ध कर आध्यात्मिक जागृति, मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा से व्यक्ति के जीवन में सुरक्षा, समृद्धि, आत्मबल एवं आध्यात्मिक उन्नति का संचार होता है।
हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रों के अनुसार यह अनुष्ठान सम्पन्न कराते हैं।
विशेष जानकारी
रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह गजेन्द्र मोक्ष पाठ भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा से जीवन में शांति, सुरक्षा, सकारात्मक ऊर्जा, पितृ दोष शांति, संतान सुख, पारिवारिक सौहार्द, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करने वाला अत्यंत प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

उज्जैन
पवित्र क्षिप्रा नदी के दिव्य तट पर स्थित राम घाट उज्जैन के सबसे प्रमुख, प्राचीन एवं पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। यह घाट सनातन धर्म के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आस्था, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के दौरान इस पवित्र क्षेत्र में आगमन किया था, जिसके कारण इस घाट का नाम राम घाट पड़ा।
उज्जैन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु सबसे पहले राम घाट पर स्नान, तर्पण एवं पूजा-अर्चना कर अपनी धार्मिक यात्रा का शुभारंभ करते हैं। क्षिप्रा नदी का यह पवित्र तट मोक्ष, पितृ तृप्ति, ग्रह शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
राम घाट का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्मग्रंथों एवं पुराणों में क्षिप्रा नदी को अत्यंत पवित्र एवं मोक्षदायिनी बताया गया है। राम घाट को उज्जैन के प्रमुख तीर्थस्थलों में विशेष स्थान प्राप्त है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां स्नान, दान, तर्पण एवं पूजा करने से—
विशेष रूप से अमावस्या, पूर्णिमा, श्राद्ध पक्ष, सोमवती अमावस्या एवं सिंहस्थ महापर्व के दौरान राम घाट का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
राम घाट में होने वाले प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान
राम घाट पर प्रतिदिन अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।
प्रमुख पूजाएं एवं अनुष्ठान
श्राद्ध पक्ष एवं अमावस्या के दिनों में यहां विशेष रूप से हजारों श्रद्धालु अपने पितरों की शांति हेतु धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।
राम घाट के प्रमुख पवित्र स्थल
मुख्य स्नान घाट
क्षिप्रा नदी के किनारे बना मुख्य घाट श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमुख केंद्र है। यहां स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
दीपदान स्थल
सायंकाल के समय श्रद्धालु क्षिप्रा नदी में दीप प्रवाहित कर सुख, समृद्धि एवं पितृ कृपा की कामना करते हैं। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी एवं आध्यात्मिक माना जाता है।
तर्पण एवं श्राद्ध क्षेत्र
राम घाट पर विशेष स्थान निर्धारित हैं जहां आचार्यों के मार्गदर्शन में पितृ तर्पण एवं पिंडदान अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।
यज्ञ एवं हवन स्थल
यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विभिन्न ग्रह शांति एवं धार्मिक यज्ञ सम्पन्न होते हैं।
राम घाट में पूजा करवाने के लाभ
ऐसी मान्यता है कि राम घाट पर विधिपूर्वक पूजा एवं अनुष्ठान कराने से श्रद्धालुओं को अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं—
विशेष रूप से पितृ दोष, कालसर्प दोष एवं पूर्वजों की अशांति से पीड़ित श्रद्धालुओं के लिए राम घाट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
राम घाट का आध्यात्मिक वातावरण
राम घाट का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र एवं भक्तिमय रहता है। प्रातःकालीन स्नान, वैदिक मंत्रोच्चार, संध्या आरती एवं दीपदान का दृश्य श्रद्धालुओं को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।
सायंकाल होने वाली क्षिप्रा महाआरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।
विशेष अवसरों पर यहां अत्यधिक भीड़ रहती है—
राम घाट कैसे पहुंचे
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा, इंदौर है, जो उज्जैन से लगभग पचपन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
रेल मार्ग
उज्जैन जंक्शन देश के प्रमुख नगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, अहमदाबाद एवं भोपाल से सीधे जुड़ा हुआ है।
सड़क मार्ग
उज्जैन राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से सुगमता से जुड़ा हुआ है। इंदौर, भोपाल, ओंकारेश्वर एवं अन्य प्रमुख नगरों से नियमित बस एवं किराये के वाहन उपलब्ध रहते हैं।
उज्जैन नगर के किसी भी भाग से राम घाट तक स्थानीय परिवहन आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
दर्शन एवं अनुष्ठान हेतु सर्वोत्तम समय
राम घाट वर्षभर दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खुला रहता है, किन्तु निम्न अवसर विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं—
प्रातःकालीन समय स्नान, संकल्प एवं पूजा-अनुष्ठान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
निष्कर्ष: राम घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि श्रद्धा, पितृ तृप्ति, मोक्ष एवं आध्यात्मिक साधना का महान केंद्र है। पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित यह दिव्य तीर्थ श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति एवं पूर्वजों का आशीर्वाद प्रदान करने वाला अत्यंत पुण्यदायी स्थल माना जाता है। यहां सम्पन्न होने वाले वैदिक अनुष्ठान जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले माने जाते हैं।
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह दिव्य वैदिक अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन की मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के तट पर भगवान श्रीहरि विष्णु एवं भगवान महाकाल की कृपा से पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया जाता है। गजेन्द्र मोक्ष पाठ जीवन की बाधाओं, मानसिक तनाव, आर्थिक संकट, पितृ दोष, संतान प्राप्ति में आने वाली बाधाओं, पारिवारिक कलह तथा नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा से यह पाठ जीवन में शांति, सुरक्षा, सौभाग्य एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उन्नत पैकेज में 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ गजेन्द्र मोक्ष पाठ एवं विशेष पूजा सम्पन्न कराई जाती है।
यदि आप उज्जैन में उपस्थित नहीं हो सकते, तो आपके नाम, गोत्र एवं संकल्प के साथ रामघाट, उज्जैन में यह पूजा सम्पन्न की जाएगी। ऑनलाइन पूजा की सुविधा भी उपलब्ध है। पूजा के फोटो, वीडियो एवं संकल्प की जानकारी आपको उपलब्ध कराई जाएगी।
पूजा प्रक्रिया:
विशेष सुविधाएं:
आवश्यक जानकारी:
रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह गजेन्द्र मोक्ष पाठ पूजा भगवान श्रीहरि विष्णु एवं भगवान महाकाल की कृपा से पितृ दोष शांति, संतान सुख, पारिवारिक सुख-शांति, संकटों से रक्षा, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने वाला अत्यंत प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
7 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह अत्यंत दिव्य एवं शक्तिशाली वैदिक अनुष्ठान पवित्र रामघाट, उज्जैन की मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के तट पर भगवान श्रीहरि विष्णु एवं भगवान महाकाल की कृपा से पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया जाता है। यह विशेष अनुष्ठान पितृ दोष, संतान प्राप्ति में आने वाली बाधाओं, जीवन की बड़ी समस्याओं, मानसिक तनाव, आर्थिक संकट, पारिवारिक कलह, दुर्भाग्य तथा नकारात्मक ऊर्जा की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा से यह पाठ जीवन में शांति, सुरक्षा, सौभाग्य, समृद्धि एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
श्रेष्ठ पैकेज में 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विस्तृत वैदिक विधि-विधान, विशेष पाठ एवं महाहवन सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है। यह अनुष्ठान लगभग 5 से 7 घंटे तक चलता है।
यदि आप उज्जैन में उपस्थित नहीं हो सकते, तो आपके नाम, गोत्र एवं संकल्प के साथ रामघाट, उज्जैन में यह पूजा सम्पन्न की जाएगी। ऑनलाइन पूजा की सुविधा भी उपलब्ध है। पूजा के फोटो, वीडियो एवं संकल्प की जानकारी आपको उपलब्ध कराई जाएगी।
पूजा प्रक्रिया:
विशेष सुविधाएं:
आवश्यक जानकारी:
रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह गजेन्द्र मोक्ष पाठ पूजा भगवान श्रीहरि विष्णु एवं भगवान महाकाल की कृपा से पितृ दोष शांति, संतान सुख, पारिवारिक सुख-शांति, आर्थिक उन्नति, संकटों से रक्षा, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने वाला अत्यंत प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
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“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।