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गण्ड मूल ज्येष्ठा नक्षत्र शान्ति

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गण्ड मूल ज्येष्ठा नक्षत्र शान्ति
सत्तईसा पूजा, जिसे गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा भी कहा जाता है, सनातन धर्म में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। यह पूजा तब की जाती है जब किसी बच्चे का जन्म गंड मूल नक्षत्र में होता है। यह पूजा बच्चे के जन्म के 27 वें दिन की जाती है, जब चंद्रमा उसी नक्षत्र में पुनः प्रवेश करता है। गंड मूल नक्षत्रों में अश्विनी, आश्लेषा, मघा, रेवती, ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र शामिल हैं। इन नक्षत्रों में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा अनिवार्य मानी जाती है।अगर आप यह पूजा किसी कारनवश नहीं करवा पाए है तो 27 वें महीने या उचित मुहूर्त में जब भी आप करवा सकें तब करवा लेना चाहिए ।

Duration

4h

Starting price

₹9,100

लाभ

  • गंड मूल नक्षत्र केअशुभ प्रभावों से छुटकारा पाने के लिए।
  • इस पूजा में नवजात के लिए अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की जाती है।
  • गण्डमूल शांति पूजा जन्म के 27वें दिन, 27 वें महीने या उचित मुहूर्त में कराई जाती है
  • इसमें 27 पेड़ के पत्ते और 27 कुएँ के पानी का इस्तेमाल किया जाता है।
  • मुख्य मघा नक्षत्र देवता -पितृदेव (पितर)

गण्ड मूल ज्येष्ठा नक्षत्र शान्ति

गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा उन शिशुओं के लिए जो अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल और रेवती नक्षत्रों में जन्म लेते हैं। ये नक्षत्र गंड मूल दोष उत्पन्न कर सकते हैं, जिससे बच्चे, माता-पिता और विशेष रूप से मामा (मातृ पक्ष) को प्रभावित करने की संभावना रहती है। इस दोष को शांत करने के लिए मूल शांति पूजा की जाती है।

गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है और व्यक्ति के जीवन में अशुभता लाती है। इन नक्षत्रों के अशुभ परिणामों को मूल शांति पूजा के माध्यम से शांत किया जा सकता है।

गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा विधि

पूजा की शुरुआत गौरी-गणेश पूजन से होती है।

सभी 27 नक्षत्रों की विशेष पूजा की जाती है।

गंड मूल नक्षत्र के लिए विशेष हवन किया जाता है।

27 विभिन्न पेड़ों की पत्तियों और जल से बच्चे और माता-पिता का अभिषेक किया जाता है।

नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए ब्राह्मण भोजन व दान किया जाता है।

वैदिक ज्येष्ठा मंत्र ्

ॐ यो जात एव प्रथमोज्येष्ठ इन्द्रः स ददर्श जनुषेमानः ।

अहन्नहिं मनसा शचीभिः शक्रो वज्री द्युम्नं दधाति ॥

गंड मूल नक्षत्र शांति के लाभ

बचपन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं।

माता-पिता की स्वास्थ्य व धन संबंधी समस्याओं का निवारण।

करियर, विवाह और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार।

सताइसा पूजा एक पारंपरिक हिन्दू अनुष्ठान है, जिसे विशेष रूप से नवजात शिशु के जन्म के बाद किया जाता है। यह पूजा बच्चे के सत्ताईसवें दिन (27वें दिन) उसी जन्म नक्षत्र पे संपन्न की जाती है और इसका उद्देश्य शिशु के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और समृद्धि की प्रार्थना करना होता है।

अनुभवी वैदिक पंडित जी सभी पूजा विधियाँ संपन्न कराते हैं।

अगर आप गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा के लिए पंडित जी को बुक करना चाहते हैं, तो अनुभवी वैदिक पंडित जी को बुक करें। वे पूरी विधि के अनुसार पूजा संपन्न करेंगे और सभी आवश्यक पूजा सामग्री साथ लाएंगे।

कैसे काम करता है

3 आसान चरणों में पूजा बुक करें

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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    इस पैकेज में 2 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो ज्येष्ठा नक्षत्र शांति के लिए विधि-विधान से सम्पन्न की जाती है।

    इसमें ज्येष्ठा नक्षत्र मंत्र जाप, शांति पूजा एवं बालक और माता-पिता का अभिषेक शामिल है।

    पूजा की कुल अवधि लगभग 4 घंटे होती है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • गौरी गणेश पूजा
    • कलश स्थापना
    • मातृका पूजा
    • नवग्रह पूजा
    • नक्षत्र पूजा
    • ज्येष्ठा नक्षत्र मंत्र जाप
    • स्तोत्र पाठ
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • उत्तर पूजा
    • अभिषेक
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹9,100₹10,10010% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    इस पैकेज में 5 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो शांति, सुरक्षा और दीर्घायु के लिए एक अधिक विस्तृत अनुष्ठान प्रदान करता है।

    इसमें ज्येष्ठा नक्षत्र मंत्र जाप एवं महामृत्युंजय मंत्र जाप, शांति पूजा तथा बालक और माता-पिता का अभिषेक शामिल है।

    पूजा की अवधि लगभग 4+ घंटे होती है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • गौरी गणेश पूजा
    • कलश स्थापना
    • मातृका पूजा
    • नवग्रह पूजा
    • नक्षत्र पूजा
    • ज्येष्ठा नक्षत्र मंत्र जाप
    • स्तोत्र पाठ
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • उत्तर पूजा
    • अभिषेक
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹16,100₹17,1006% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

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