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Pujari Ji

गरुड़ पुराण पाठ

इन शहरों में घर पर सेवा उपलब्ध:बेंगलुरुगुरुग्राममुंबईदिल्लीलखनऊनोएडा
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
गरुड़ पुराण पाठ

गरुड़ पुराण पाठ भगवान श्रीहरि विष्णु के स्मरण और गरुड़ पुराण में वर्णित आध्यात्मिक शिक्षाओं के श्रवण से जुड़ा धार्मिक अनुष्ठान है। परंपरागत रूप से किसी परिजन के निधन के बाद इसका आयोजन दिवंगत के प्रति श्रद्धा अर्पित करने, आत्मा की शांति एवं सद्गति की मंगलकामना करने और परिवार को जीवन तथा मृत्यु के आध्यात्मिक पक्ष पर चिंतन करने का अवसर देने के लिए किया जाता है।

पुजारीजी.कॉम के माध्यम से आप अपने घर पर अनुभवी वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में गरुड़ पुराण पाठ का आयोजन करा सकते हैं।

Duration

1h – 2h

Best time

मुहूर्त अनुसार

Starting price

₹11,800

लाभ

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गरुड़ पुराण पाठ के माध्यम से दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए श्रद्धापूर्वक मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान श्रीहरि विष्णु के स्मरण एवं उपासना के माध्यम से उनकी कृपा, आशीर्वाद एवं आध्यात्मिक संरक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
  • गरुड़ पुराण में वर्णित कर्म, धर्म एवं सदाचार से संबंधित शिक्षाओं को समझने तथा जीवन में धर्ममय आचरण अपनाने की प्रेरणा मिलती है।
  • शोक के समय यह धार्मिक पाठ परिवार के सदस्यों को आध्यात्मिक संबल, चिंतन एवं सांत्वना प्राप्त करने में सहायक हो सकता है।
  • जीवन, मृत्यु एवं आत्मा से संबंधित पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं को समझने तथा जीवन के आध्यात्मिक पक्ष पर चिंतन करने का अवसर मिलता है।
  • दिवंगत परिजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने तथा उनकी शांति के लिए प्रार्थना करने का पवित्र अवसर प्राप्त होता है।
  • भगवान विष्णु की भक्ति, सदाचार एवं धर्ममय जीवन के प्रति श्रद्धा विकसित करने की प्रेरणा मिलती है।

गरुड़ पुराण पाठ

गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक है। इसमें भगवान श्रीहरि विष्णु और गरुड़ देव के संवाद के माध्यम से कर्म, धर्म, सदाचार, मृत्यु के बाद की यात्रा और मोक्ष जैसे विषयों का वर्णन मिलता है। गरुड़ पुराण पाठ के दौरान इसके निर्धारित अध्यायों और प्रसंगों का पाठ किया जाता है। परिवार अपनी धार्मिक परंपरा और संकल्प के अनुसार इस अनुष्ठान का आयोजन कर सकता है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पाठ के प्रमुख आराध्य भगवान श्रीहरि विष्णु हैं। गरुड़ पुराण में वर्णित शिक्षाएँ धर्ममय जीवन, कर्मों के महत्व, सदाचार और आध्यात्मिक चिंतन पर बल देती हैं।

किसी प्रियजन के निधन के बाद गरुड़ पुराण पाठ कराना कई हिंदू परिवारों की धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इसे दिवंगत के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने, उनकी शांति एवं सद्गति के लिए प्रार्थना करने और शोक की घड़ी में परिवार को धार्मिक आधार प्रदान करने का माध्यम माना जाता है।

शुभ समय / यह पाठ कब कराना चाहिए?

परंपरागत रूप से गरुड़ पुराण पाठ किसी परिजन के निधन के बाद शोक एवं संबंधित धार्मिक संस्कारों की अवधि में कराया जाता है। पाठ के आरंभ का दिन, उसकी अवधि और समापन की विधि परिवार की कुल परंपरा, स्थानीय रीति-रिवाजों और योग्य वैदिक आचार्य के परामर्श के अनुसार निर्धारित की जाती है।

किन परिस्थितियों में यह पाठ कराना चाहिए?

  • किसी प्रियजन के निधन के बाद उनकी स्मृति में धार्मिक पाठ कराने के लिए।
  • दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए प्रार्थना करने हेतु।
  • दिवंगत परिजन के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने के लिए।
  • परिवार को जीवन, मृत्यु, कर्म और धर्म के आध्यात्मिक पक्ष से परिचित कराने के उद्देश्य से।
  • शोक की अवधि में धार्मिक चिंतन, भक्ति और आध्यात्मिक संबल प्राप्त करने के लिए।
  • भगवान श्रीहरि विष्णु का स्मरण करने और उनके आशीर्वाद की मंगलकामना करने हेतु।

प्रमुख मंत्र

भगवान विष्णु मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥

भगवान विष्णु स्मरण मंत्र

ॐ विष्णवे नमः॥

इन मंत्रों का जप श्रद्धापूर्वक किया जा सकता है। गरुड़ पुराण पाठ में निर्धारित अध्यायों और प्रसंगों का पाठ परिवार की परंपरा तथा अनुष्ठान के संकल्प के अनुसार किया जाता है।

पूजा के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गरुड़ पुराण पाठ दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए प्रार्थना करने और परिवार को आध्यात्मिक चिंतन का अवसर प्रदान करने वाला अनुष्ठान है।

  • दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाः पाठ के माध्यम से दिवंगत परिजन की शांति एवं सद्गति की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान विष्णु की भक्तिः भगवान श्रीहरि विष्णु के स्मरण और उपासना के माध्यम से परिवार को भक्ति एवं श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर मिलता है।
  • धर्म और कर्म का ज्ञानः गरुड़ पुराण में वर्णित शिक्षाओं से कर्म, सदाचार, कर्तव्य और धर्ममय जीवन के महत्व को समझने का अवसर मिलता है।
  • शोक के समय आध्यात्मिक संबलः धार्मिक पाठ और सामूहिक प्रार्थना शोकाकुल परिवार को चिंतन, सांत्वना और भावनात्मक सहारे का अवसर प्रदान कर सकते हैं।
  • जीवन और मृत्यु के आध्यात्मिक पक्ष की समझः इस पाठ के माध्यम से आत्मा, मृत्यु के बाद की यात्रा और मोक्ष से संबंधित पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं को जानने का अवसर मिलता है।
  • पितरों के प्रति श्रद्धाः दिवंगत परिजन को स्मरण करने और उनके प्रति सम्मान तथा श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर मिलता है।
  • भक्ति एवं सदाचार की प्रेरणाः गरुड़ पुराण की शिक्षाएँ सत्य, सदाचार, कर्तव्य और आध्यात्मिक मूल्यों के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं।

इन लाभों को धार्मिक आस्था और परंपरा के संदर्भ में समझना चाहिए। पाठ को किसी निश्चित परिणाम की गारंटी के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाता।

आध्यात्मिक महत्व

गरुड़ पुराण पाठ जीवन की नश्वरता, कर्मों के महत्व और धर्ममय आचरण पर चिंतन करने का अवसर प्रदान करता है। भगवान श्रीहरि विष्णु के स्मरण और पुराण की शिक्षाओं के श्रवण से परिवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। शोक की घड़ी में यह पाठ दिवंगत परिजन की स्मृति में प्रार्थना करने तथा परिवार के साथ मिलकर धार्मिक परंपराओं का पालन करने का माध्यम भी बन सकता है।

हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य परिवार की परंपरा और निर्धारित संकल्प के अनुसार आपके घर पर गरुड़ पुराण पाठ सम्पन्न कराने में सहायता करते हैं।

विशेष जानकारी

  • मुख्य आराध्यः भगवान श्रीहरि विष्णु।
  • पाठः गरुड़ पुराण के निर्धारित अध्याय एवं प्रसंग।
  • आयोजन स्थलः यजमान का घर।
  • अवधिः परिवार के संकल्प, परंपरा और निर्धारित पाठ के अनुसार।
  • वैदिक आचार्यः उपलब्धता के अनुसार अनुभवी वैदिक आचार्यों की व्यवस्था की जा सकती है।
  • पूजा सामग्रीः आवश्यक सामग्री की उपलब्धता और समावेश की पुष्टि बुकिंग के समय कर लें।
  • विधि-विधानः पाठ की अवधि, आरंभ और समापन से संबंधित रीति-रिवाजों के लिए योग्य वैदिक आचार्य से परामर्श लें।

अपने घर पर गरुड़ पुराण पाठ का आयोजन कराने के लिए पूजारिजी.कॉम से संपर्क करें। हमारी टीम आपको उपलब्ध वैदिक आचार्य, पाठ की अवधि, विधि-विधान एवं पूजा से संबंधित अन्य आवश्यक जानकारी प्रदान करेगी।

हमारी गारंटी

100% प्रमाणित पुजारी
पूरी पूजा सामग्री शामिल
वैदिक विधि-विधान
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  • उन्नत

    1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    गरुड़ पुराण पाठ हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें भगवान श्रीहरि विष्णु की शिक्षाओं तथा जीवन, मृत्यु, कर्म और आत्मा की यात्रा से संबंधित प्रसंगों का पाठ किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी प्रियजन के निधन के बाद यह पाठ दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति की मंगलकामना तथा शोकाकुल परिवार को आध्यात्मिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से कराया जाता है। इस पैकेज के अंतर्गत एक अनुभवी पंडित जी यजमान के घर पर निर्धारित अवधि तक गरुड़ पुराण पाठ संपन्न करेंगे।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • आवश्यक पूजन एवं प्रार्थना
    • गरुड़ पुराण पाठ
    • निर्धारित प्रसंगों एवं अध्यायों का पाठ
    • समापन प्रार्थना

    विशेष सुविधाएं

    • घर पर श्रद्धापूर्वक गरुड़ पुराण पाठ
    • प्रतिदिन शाम को निर्धारित समय पर पाठ
    • पंडित जी के मार्गदर्शन में पाठ का संचालन
    • परिवार की सुविधा एवं चयनित अवधि के अनुसार पाठ का कार्यक्रम

    पाठ की अवधि एवं कार्यक्रम

    • 5 दिवसीय पाठ: प्रतिदिन शाम को लगभग 1 घंटा 30 मिनट से 2 घंटे।
    • 7 दिवसीय पाठ: प्रतिदिन शाम को लगभग 1 घंटा 30 मिनट।
    • 10 दिवसीय पाठ: प्रतिदिन शाम को लगभग 1 घंटा।

    पाठ की अवधि, अध्यायों का चयन एवं दैनिक कार्यक्रम पंडित जी के मार्गदर्शन तथा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तय किए जाएंगे।

    भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा की मंगलकामना के साथ गरुड़ पुराण पाठ का आयोजन दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए प्रार्थना करने और परिवार को धर्म, कर्म तथा आध्यात्मिक जीवन से संबंधित शिक्षाओं का स्मरण कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। श्रद्धापूर्वक किए गए पाठ एवं प्रार्थना के माध्यम से दिवंगत आत्मा के कल्याण और परिवार को धैर्य, शांति एवं आध्यात्मिक संबल प्राप्त होने की मंगलकामना की जाती है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,800₹15,00021% off

    2 वस्तुएँ शामिल

गरुड़ पुराण पाठ के बारे में हमसे बात करें

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”

प्रिया शर्मा

मुंबई• Satyanarayan Puja

“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek

“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”

मीना अय्यर

बैंगलोर• Graha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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    आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।

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    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

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