“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

गरुड़ पुराण पाठ भगवान श्रीहरि विष्णु के स्मरण और गरुड़ पुराण में वर्णित आध्यात्मिक शिक्षाओं के श्रवण से जुड़ा धार्मिक अनुष्ठान है। परंपरागत रूप से किसी परिजन के निधन के बाद इसका आयोजन दिवंगत के प्रति श्रद्धा अर्पित करने, आत्मा की शांति एवं सद्गति की मंगलकामना करने और परिवार को जीवन तथा मृत्यु के आध्यात्मिक पक्ष पर चिंतन करने का अवसर देने के लिए किया जाता है।
पुजारीजी.कॉम के माध्यम से आप अपने घर पर अनुभवी वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में गरुड़ पुराण पाठ का आयोजन करा सकते हैं।
Duration
1h – 2h
Best time
मुहूर्त अनुसार
Starting price
₹11,800
गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक है। इसमें भगवान श्रीहरि विष्णु और गरुड़ देव के संवाद के माध्यम से कर्म, धर्म, सदाचार, मृत्यु के बाद की यात्रा और मोक्ष जैसे विषयों का वर्णन मिलता है। गरुड़ पुराण पाठ के दौरान इसके निर्धारित अध्यायों और प्रसंगों का पाठ किया जाता है। परिवार अपनी धार्मिक परंपरा और संकल्प के अनुसार इस अनुष्ठान का आयोजन कर सकता है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस पाठ के प्रमुख आराध्य भगवान श्रीहरि विष्णु हैं। गरुड़ पुराण में वर्णित शिक्षाएँ धर्ममय जीवन, कर्मों के महत्व, सदाचार और आध्यात्मिक चिंतन पर बल देती हैं।
किसी प्रियजन के निधन के बाद गरुड़ पुराण पाठ कराना कई हिंदू परिवारों की धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इसे दिवंगत के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने, उनकी शांति एवं सद्गति के लिए प्रार्थना करने और शोक की घड़ी में परिवार को धार्मिक आधार प्रदान करने का माध्यम माना जाता है।
शुभ समय / यह पाठ कब कराना चाहिए?
परंपरागत रूप से गरुड़ पुराण पाठ किसी परिजन के निधन के बाद शोक एवं संबंधित धार्मिक संस्कारों की अवधि में कराया जाता है। पाठ के आरंभ का दिन, उसकी अवधि और समापन की विधि परिवार की कुल परंपरा, स्थानीय रीति-रिवाजों और योग्य वैदिक आचार्य के परामर्श के अनुसार निर्धारित की जाती है।
किन परिस्थितियों में यह पाठ कराना चाहिए?
प्रमुख मंत्र
भगवान विष्णु मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥
भगवान विष्णु स्मरण मंत्र
ॐ विष्णवे नमः॥
इन मंत्रों का जप श्रद्धापूर्वक किया जा सकता है। गरुड़ पुराण पाठ में निर्धारित अध्यायों और प्रसंगों का पाठ परिवार की परंपरा तथा अनुष्ठान के संकल्प के अनुसार किया जाता है।
पूजा के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गरुड़ पुराण पाठ दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए प्रार्थना करने और परिवार को आध्यात्मिक चिंतन का अवसर प्रदान करने वाला अनुष्ठान है।
इन लाभों को धार्मिक आस्था और परंपरा के संदर्भ में समझना चाहिए। पाठ को किसी निश्चित परिणाम की गारंटी के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाता।
आध्यात्मिक महत्व
गरुड़ पुराण पाठ जीवन की नश्वरता, कर्मों के महत्व और धर्ममय आचरण पर चिंतन करने का अवसर प्रदान करता है। भगवान श्रीहरि विष्णु के स्मरण और पुराण की शिक्षाओं के श्रवण से परिवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। शोक की घड़ी में यह पाठ दिवंगत परिजन की स्मृति में प्रार्थना करने तथा परिवार के साथ मिलकर धार्मिक परंपराओं का पालन करने का माध्यम भी बन सकता है।
हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य परिवार की परंपरा और निर्धारित संकल्प के अनुसार आपके घर पर गरुड़ पुराण पाठ सम्पन्न कराने में सहायता करते हैं।
विशेष जानकारी
अपने घर पर गरुड़ पुराण पाठ का आयोजन कराने के लिए पूजारिजी.कॉम से संपर्क करें। हमारी टीम आपको उपलब्ध वैदिक आचार्य, पाठ की अवधि, विधि-विधान एवं पूजा से संबंधित अन्य आवश्यक जानकारी प्रदान करेगी।
1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
गरुड़ पुराण पाठ हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें भगवान श्रीहरि विष्णु की शिक्षाओं तथा जीवन, मृत्यु, कर्म और आत्मा की यात्रा से संबंधित प्रसंगों का पाठ किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी प्रियजन के निधन के बाद यह पाठ दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति की मंगलकामना तथा शोकाकुल परिवार को आध्यात्मिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से कराया जाता है। इस पैकेज के अंतर्गत एक अनुभवी पंडित जी यजमान के घर पर निर्धारित अवधि तक गरुड़ पुराण पाठ संपन्न करेंगे।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
पाठ की अवधि एवं कार्यक्रम
पाठ की अवधि, अध्यायों का चयन एवं दैनिक कार्यक्रम पंडित जी के मार्गदर्शन तथा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तय किए जाएंगे।
भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा की मंगलकामना के साथ गरुड़ पुराण पाठ का आयोजन दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए प्रार्थना करने और परिवार को धर्म, कर्म तथा आध्यात्मिक जीवन से संबंधित शिक्षाओं का स्मरण कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। श्रद्धापूर्वक किए गए पाठ एवं प्रार्थना के माध्यम से दिवंगत आत्मा के कल्याण और परिवार को धैर्य, शांति एवं आध्यात्मिक संबल प्राप्त होने की मंगलकामना की जाती है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
गरुड़ पुराण पाठ के बारे में हमसे बात करें
WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।