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Pujari Ji

ग्रहण जनन शांति पूजा

श्री गुरु बृहस्पति मंदिर, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
ग्रहण जनन शांति पूजा

ग्रहण जनन शांति पूजा उन शिशुओं के लिए विशेष रूप से कराई जाती है जिनका जन्म सूर्य ग्रहण अथवा चंद्र ग्रहण के समय हुआ हो। वैदिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में जन्म होने पर जन्मकुंडली में ग्रहण जनन योग अथवा ग्रहण दोष बनने की संभावना मानी जाती है। ऐसे ग्रहयोगों से जुड़े संभावित अशुभ प्रभावों की शांति तथा शिशु के स्वास्थ्य, सुरक्षा, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना के लिए यह अनुष्ठान किया जाता है।

बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न होने वाली इस पूजा में देवगुरु बृहस्पति, भगवान शिव, सूर्य देव, चंद्र देव, राहु, केतु एवं नवग्रहों की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार देवगुरु बृहस्पति ज्ञान, विवेक एवं शुभता के कारक हैं, जबकि भगवान शिव की उपासना आध्यात्मिक संरक्षण एवं ग्रहजन्य बाधाओं की शांति की भावना से की जाती है।

Duration

3h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • ग्रहण जनन योग एवं ग्रहण दोष की शांति तथा जीवन में शुभता और कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
  • शिशु के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुरक्षा एवं समग्र कल्याण के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक भय, तनाव तथा नकारात्मक प्रभावों से संरक्षण एवं मानसिक संतुलन की कामना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति, सौहार्द एवं सकारात्मक वातावरण के संवर्धन हेतु यह पूजा लाभकारी मानी जाती है।
  • शिक्षा, बुद्धि, विवेक एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभ आशीर्वाद और मंगलकामना की जाती है।
  • देवगुरु बृहस्पति एवं भगवान शिव की कृपा से जीवन में शुभता, सकारात्मक सोच, आध्यात्मिक उन्नति एवं आंतरिक शांति की प्रार्थना की जाती है।

ग्रहण जनन शांति पूजा

ग्रहण जनन शांति पूजा एक शास्त्रोक्त वैदिक अनुष्ठान है, जिसका उद्देश्य ग्रहण काल में जन्म लेने वाले शिशु के लिए ग्रहण जनन योग तथा उससे संबंधित ग्रह प्रभावों की शांति की मंगलकामना करना है।

पूजा का प्रारम्भ भगवान श्री गणेश के पूजन एवं संकल्प से किया जाता है। इसके पश्चात नवग्रह पूजन, सूर्य एवं चंद्र देव की आराधना, राहु-केतु पूजन, देवगुरु बृहस्पति पूजन, भगवान शिव की आराधना, महामृत्युंजय मंत्र जाप, ग्रहण जनन शांति मंत्र जाप, वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति सम्पन्न की जाती है। अंत में शिशु के उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षा, दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना के साथ आरती एवं आशीर्वाद प्रदान किया जाता है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

  • देवगुरु बृहस्पति
  • भगवान शिव
  • भगवान गणेश
  • सूर्य देव
  • चंद्र देव
  • राहु
  • केतु
  • नवग्रह देवता

धार्मिक मान्यता के अनुसार देवगुरु बृहस्पति ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि एवं शुभ मार्गदर्शन के कारक माने जाते हैं। भगवान शिव की आराधना आध्यात्मिक संरक्षण एवं ग्रहजन्य बाधाओं की शांति की भावना से की जाती है। सूर्य एवं चंद्र देव की पूजा ग्रहण से संबंधित प्रभावों की शांति के लिए तथा राहु-केतु की आराधना ग्रहण योग से संबंधित ग्रह प्रभावों के शमन की मंगलकामना से की जाती है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • यदि शिशु का जन्म सूर्य ग्रहण के समय हुआ हो।
  • यदि शिशु का जन्म चंद्र ग्रहण के समय हुआ हो।
  • जन्मकुंडली में ग्रहण जनन योग अथवा ग्रहण दोष होने पर।
  • राहु-केतु के प्रतिकूल प्रभावों की शांति की आवश्यकता होने पर।
  • जन्म के बाद योग्य ज्योतिषाचार्य के परामर्शानुसार।
  • शिशु के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना हेतु।

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • ग्रहण काल में जन्म होने पर।
  • जन्मकुंडली में ग्रहण जनन योग बनने पर।
  • राहु-केतु से संबंधित अशुभ ग्रह प्रभाव होने पर।
  • शिशु के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की विशेष मंगलकामना हेतु।
  • मानसिक भय एवं अस्थिरता से रक्षा की प्रार्थना के लिए।
  • शिक्षा एवं भविष्य में शुभता की मंगलकामना हेतु।

प्रमुख मंत्र

  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

  • ॐ रां राहवे नमः॥
  • ॐ कें केतवे नमः॥
  • ॐ बृं बृहस्पतये नमः॥

पूजा के लाभ

  • ग्रहण जनन योग एवं ग्रहण दोष से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • शिशु के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सुरक्षा के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक भय, तनाव एवं नकारात्मक प्रभावों से रक्षा की कामना की जाती है।
  • शिक्षा, बुद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभ आशीर्वाद की मंगलकामना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति एवं सकारात्मक वातावरण की प्रार्थना की जाती है।
  • राहु-केतु से संबंधित ग्रह प्रभावों के शमन की मंगलकामना की जाती है।
  • देवगुरु बृहस्पति एवं भगवान शिव की कृपा से सद्बुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति एवं जीवन में शुभता की प्रार्थना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि एवं शुभ मार्गदर्शन का कारक माना जाता है। भगवान शिव को आध्यात्मिक संरक्षण एवं कल्याण के अधिष्ठाता के रूप में पूजा जाता है। इन दोनों की आराधना के साथ नवग्रह पूजन एवं ग्रहण से संबंधित ग्रहों की शांति का अनुष्ठान शिशु के मंगलमय जीवन की प्रार्थना के लिए सम्पन्न किया जाता है।

बृहस्पति मंदिर की पवित्र आध्यात्मिक परंपरा में सम्पन्न यह अनुष्ठान वैदिक मंत्रोच्चार, संकल्प, देव आराधना, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से शिशु एवं परिवार के लिए शुभता, शांति तथा आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना करता है।

विशेष जानकारी

  • बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • शिशु के नाम, जन्म विवरण एवं गोत्र के अनुसार वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्मकुंडली के आधार पर विशेष शांति विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • पूजा के लिए आवश्यक सम्पूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
  • ऑनलाइन अथवा प्रत्यक्ष सहभागिता की व्यवस्था उपलब्ध है।
  • नवग्रह पूजन, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।

बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न यह ग्रहण जनन शांति पूजा देवगुरु बृहस्पति एवं भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने हेतु अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान मानी जाती है। यह पूजा ग्रहण जनित दोषों की शांति, शिशु के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुरक्षा, सकारात्मक ऊर्जा तथा सुखमय एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक सम्पन्न की जाती है।

पूजा स्थानवाराणसी

श्री गुरु बृहस्पति मंदिर

श्री गुरु बृहस्पति मंदिर

वाराणसी

श्री बृहस्पति मंदिर, वाराणसी के दशाश्वमेध घाट रोड पर स्थित एक प्राचीन और प्रमुख मंदिर है, जो देवगुरु बृहस्पति (गुरु ग्रह) को समर्पित है। यह मंदिर काशी विश्वनाथ मंदिर के निकट स्थित है और काशी की धार्मिक परंपरा में बृहस्पति को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। गुरु बृहस्पति को ज्ञान, गुरु-मार्गदर्शन, वैवाहिक सुख, धन-समृद्धि तथा ग्रह-दोष शांति का कारक माना जाता है।

पौराणिक पृष्ठभूमि

पुराणों के अनुसार गुरु बृहस्पति अंगिरा ऋषि के पुत्र थे। अपनी गहन शिवभक्ति के कारण उन्हें देवताओं के गुरु तथा “वाचस्पति” (श्रेष्ठ वक्ता) का सम्मान प्राप्त हुआ। मान्यता है कि बृहस्पति देव ने इसी स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर वर्षों तक तपस्या की, जिससे यह स्थल अत्यंत पवित्र माना जाता है।

धार्मिक महत्व

गुरु का आशीर्वाद

गुरु बृहस्पति की उपासना से करियर में उन्नति, वैवाहिक सुख, संतान प्राप्ति, धनलाभ एवं ग्रह-दोष निवारण का मार्ग प्रशस्त होता है। भक्तों का विश्वास है कि गुरु कृपा से जीवन की कठिन बाधाएँ सरल हो जाती हैं।

गुरुवार का विशेष महत्व

गुरुवार के दिन बृहस्पति पूजा, पीले वस्त्र, हल्दी, चंदन एवं पीले प्रसाद का अर्पण अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष रूप से जब गुरुवार और पुष्य नक्षत्र का संयोग होता है, तब यहाँ की गई पूजा अनेक गुना फलदायी मानी जाती है।

गुरु-राहु दोष निवारण

मंदिर में गुरु-राहु युति एवं गुरु चांडाल दोष निवारण हेतु विशेष यज्ञ और मंत्र-अनुष्ठान कराए जाते हैं, जिससे मानसिक संतुलन, समृद्धि और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है।

भक्ति से प्राप्त लाभ

समृद्धि और मार्गदर्शन

गुरु बृहस्पति की कृपा से ज्ञान-बुद्धि, करियर-सफलता, वैवाहिक जीवन में सुख तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है।

ग्रहदोष शांति

विशेष पूजा-अनुष्ठानों द्वारा गुरु दोष एवं गुरु-राहु दोष के प्रभाव को शांत किया जाता है।

श्रावण एवं गुरुवार पर्व

श्रावण मास में बृहस्पति देव का हरियाली श्रृंगार एवं विशेष पूजा-आरती भक्तों को आध्यात्मिक आनंद प्रदान करती है।

पुजारी जी.कॉम द्वारा उपलब्ध सेवाएँ

  • बृहस्पति पूजा एवं देवगुरु अनुष्ठान – वैदिक मंत्र, संकल्प एवं शुद्ध पूजा सामग्री सहित।
  • गुरु-राहु दोष निवारण पूजा – विशेष यज्ञ एवं मंत्र जाप सेवाएँ।
  • अनुभवी पंडित मार्गदर्शन – प्रत्येक चरण में वैदिक विशेषज्ञों द्वारा पूजन।
  • ऑन-साइट एवं ऑनलाइन विकल्प – स्थल पर या घर बैठे पूजा कराने की सुविधा।

हम आपकी जीवन-यात्रा को गुरु-आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा से सम्पन्न कराने हेतु संकल्पित हैं।

श्री बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में गुरु बृहस्पति की उपासना से भक्तों को आध्यात्मिक समाधान, वैवाहिक सुख, करियर-विघ्न से मुक्ति और जीवन में समृद्धि प्राप्त होती है। काशी विश्वनाथ दर्शन के पश्चात यहाँ पूजा करना एक शुभ परंपरा मानी जाती है।

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जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।

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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    यह विशेष वैदिक ग्रह शांति अनुष्ठान बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में देवगुरु बृहस्पति, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा प्राप्त करने हेतु पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा विशेष रूप से उन बच्चों के लिए की जाती है जिनका जन्म सूर्य ग्रहण अथवा चंद्र ग्रहण के समय हुआ हो। धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह अनुष्ठान ग्रहण जनन दोष, ग्रहण योग तथा राहु-केतु के अशुभ प्रभावों की शांति, शिशु के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुरक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना के लिए कराया जाता है। इस उन्नत पैकेज में 2 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा पूजा, मंत्र जाप एवं हवन सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्तिवाचन एवं संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • मातृका पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • देवगुरु बृहस्पति पूजन
    • भगवान शिव पूजन
    • सूर्य, चंद्र, राहु एवं केतु पूजन
    • राहु मंत्र जाप – 1,800 जप
    • सूर्य मंत्र जाप – 700 जप
    • केतु मंत्र जाप – 1,700 जप
    • ग्रहण जनन शांति हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    शामिल सेवाएं

    • 2 अनुभवी वैदिक आचार्य
    • सभी पूजा सामग्री
    • ब्राह्मण दक्षिणा

    विशेष सुविधाएं

    • बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त अनुष्ठान।
    • सूर्य, चंद्र, राहु, केतु एवं बृहस्पति के विशेष पूजन एवं मंत्र जाप।
    • ग्रहण जनन दोष की शांति हेतु विशेष हवन एवं वैदिक अनुष्ठान।
    • शिशु के नाम एवं जन्म विवरण के आधार पर संकल्प किया जाएगा।
    • सम्पूर्ण पूजा व्यवस्था शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न की जाएगी।

    आवश्यक जानकारी

    • बच्चे का नाम
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • गोत्र (यदि ज्ञात हो)
    • जन्म कुंडली (यदि उपलब्ध हो)

    देवगुरु बृहस्पति एवं भगवान शिव की कृपा से सम्पन्न यह ग्रहण जनन शांति अनुष्ठान शिशु के उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षा, दीर्घायु, ग्रहण जनन दोष की शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करने वाला अत्यंत पवित्र वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹13,00015% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    यह विशेष वैदिक ग्रह शांति अनुष्ठान बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में देवगुरु बृहस्पति, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा प्राप्त करने हेतु पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा विशेष रूप से उन बच्चों के लिए की जाती है जिनका जन्म सूर्य ग्रहण अथवा चंद्र ग्रहण के समय हुआ हो। धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार ग्रहण काल में जन्म लेने पर ग्रहण जनन दोष तथा राहु-केतु से संबंधित अशुभ प्रभाव माने जाते हैं। इस अनुष्ठान के माध्यम से शिशु के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुरक्षा, मानसिक शांति एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की जाती है। इस श्रेष्ठ पैकेज में 5 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा विस्तृत पूजा, मंत्र जाप, रुद्राभिषेक एवं विशेष हवन सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्तिवाचन एवं संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • मातृका पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • देवगुरु बृहस्पति पूजन
    • भगवान शिव पूजन एवं रुद्राभिषेक
    • सूर्य, चंद्र, राहु एवं केतु पूजन
    • राहु मंत्र जाप – 18,000 जप
    • केतु मंत्र जाप – 17,000 जप
    • विशेष ग्रहण जनन शांति हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    शामिल सेवाएं

    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्य
    • सभी पूजा सामग्री
    • ब्राह्मण दक्षिणा

    विशेष सुविधाएं

    • बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त अनुष्ठान।
    • ग्रहण जनन दोष की शांति हेतु राहु, केतु एवं बृहस्पति के विशेष मंत्र जाप।
    • भगवान शिव का पूजन एवं रुद्राभिषेक सहित विस्तृत वैदिक अनुष्ठान।
    • शिशु के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं मंगलमय भविष्य की विशेष मंगलकामना।
    • वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान।

    आवश्यक जानकारी

    • बच्चे का नाम
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • गोत्र (यदि ज्ञात हो)

    देवगुरु बृहस्पति एवं भगवान शिव की कृपा से सम्पन्न यह ग्रहण जनन शांति अनुष्ठान शिशु के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुरक्षा, मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं मंगलमय भविष्य की मंगलकामना करने वाला अत्यंत पवित्र वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹18,000₹21,00014% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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  1. आप

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    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

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    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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