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Kaal Sarp Dosh Nivaran Puja

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मृत्युंजय महादेव मंदिर, वाराणसी
Kaal Sarp Dosh Nivaran Puja

काल सर्प दोष तब बनता है जब कुंडली के सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, जिससे जीवन में बाधाएं, देरी और संघर्ष उत्पन्न होते हैं। यह पूजा मंत्र जाप, हवन और विधि-विधान के माध्यम से इसके प्रभाव को कम कर राहत, प्रगति और सकारात्मक परिवर्तन प्रदान करती है।

Duration

2h – 4h

Starting price

₹5,099

लाभ

  • यह पूजा कुंडली के अशुभ योग काल सर्प दोष की शांति के लिए की जाती है।
  • इस पूजा से असामयिक बाधाएँ, रोग, आर्थिक हानि व अन्य समस्याएँ दूर होती हैं।
  • यह प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग से की जाती ।
  • भग्वान शिव, राहु और केतु इस पूजा के मुख्य देवता हैं ।

Kaal Sarp Dosh Nivaran Puja

कालसर्प दोष शांति पूजा

कालसर्प दोष एक विशेष ज्योतिषीय योग है, जो तब बनता है जब किसी जातक की जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित हो जाते हैं। राहु और केतु छाया ग्रह माने जाते हैं और इनका प्रभाव व्यक्ति के कर्म, मानसिक स्थिति और जीवन की दिशा पर गहरा पड़ता है।

शास्त्रों के अनुसार यह दोष पूर्व जन्म या पितृ ऋण से भी जुड़ा हुआ माना जाता है।

कालसर्प दोष को सामान्य दोष नहीं, बल्कि जीवन में बार-बार आने वाले संघर्ष, रुकावट और अस्थिरता का कारण माना गया है। इसी दोष की शांति के लिए कालसर्प दोष शांति पूजा कराई जाती है।

कालसर्प दोष के प्रकार (कुंडली के अनुसार)

कुंडली में राहु-केतु की स्थिति के आधार पर कालसर्प दोष के कई प्रकार होते हैं, जैसे—

अनंत कालसर्प दोष

कुलिक कालसर्प दोष

वासुकी कालसर्प दोष

शंखपाल कालसर्प दोष

पद्म कालसर्प दोष

महापद्म कालसर्प दोष

तक्षक कालसर्प दोष

कर्कोटक कालसर्प दोष

शेषनाग कालसर्प दोष

विषधर कालसर्प दोष

शेषनाग कालसर्प दोष

शंखचूड़ कालसर्प दोष

प्रत्येक दोष का प्रभाव और उसकी शांति विधि कुंडली के अनुसार अलग-अलग होती है। इसलिए बिना कुंडली देखे पूजा करना पूर्ण फलदायी नहीं माना जाता।

कालसर्प दोष के संभावित प्रभाव

कालसर्प दोष से पीड़ित जातक को जीवन में निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैः

बार-बार मेहनत के बाद भी सफलता न मिलना

स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ और मानसिक तनाव

विवाह में देरी या वैवाहिक विवाद

संतान संबंधी बाधाएँ

आर्थिक नुकसान, कर्ज या व्यापार में अस्थिरता

अचानक दुर्घटनाएँ या भय

निर्णय क्षमता की कमजोरी

हालाँकि हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव समान नहीं होता, यह कुंडली की दशा-अंतरदशा पर भी निर्भर करता है।

कालसर्प दोष शांति पूजा का उद्देश्य

कालसर्प दोष शांति पूजा का मुख्य उद्देश्य राहु और केतु के अशुभ प्रभावों को शांत करना और व्यक्ति के जीवन में संतुलन स्थापित करना है।

यह पूजाः

नकारात्मक ऊर्जा को शांत करती है

ग्रह बाधाओं को कम करती है

मानसिक शांति प्रदान करती है

जीवन में स्थिरता और सकारात्मकता लाती है

शास्त्रों में कहा गया है कि ज्योतिर्लिंग क्षेत्र में, विशेषकर त्र्यंबकेश्वर में की गई यह पूजा शीघ्र फलदायी होती है।

कुंडली के अनुसार पूजा विधि

कालसर्प दोष शांति पूजा एक जटिल और विस्तृत वैदिक अनुष्ठान है, जिसे केवल योग्य एवं अनुभवी पंडित द्वारा ही संपन्न कराया जाना चाहिए। कुंडली के अनुसार पूजा में निम्न चरण शामिल होते हैंः

यजमान का नाम, गोत्र एवं जन्म विवरण के साथ संकल्प

गणेश पूजन एवं देव आवाहन

नाग देवता एवं राहु-केतु पूजन

राहु-केतु मंत्र जाप

विशेष हवन एवं आहुति

पूर्णाहुति एवं आशीर्वाद

पूजा की विधि, मंत्र संख्या और हवन सामग्री कुंडली के दोष प्रकार के अनुसार निर्धारित की जाती है।

पूजा का शुभ समय

कालसर्प दोष शांति पूजा के लिए विशेष रूप सेः

अमावस्या

नाग पंचमी

श्रावण मास

राहु-केतु के विशेष मुहूर्त

अत्यंत शुभ माने जाते हैं। हालांकि अंतिम मुहूर्त चयन कुंडली देखकर ही किया जाता है।

पूजा के बाद मिलने वाले लाभ

मानसिक शांति एवं आत्मबल में वृद्धि

जीवन की बाधाओं में कमी

विवाह, संतान और करियर में सुधार

स्वास्थ्य एवं आर्थिक स्थिति में संतुलन

कालसर्प दोष के कारण होने वाले अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाते हैं।

व्यक्ति को सौभाग्य, समृद्धि और परिवार में सद्भाव प्रदान करता है।

व्यक्ति के जीवन में होने वाली असामयिक घटनाएं, बाधाएं या बाधाएं दूर हो जाती हैं।

नकारात्मक ग्रह प्रभावों में कमी

विशेष निर्देश – पूजा के वस्त्र के बारे में

पूजा के समय नए वस्त्र पहनना अनिवार्य है

पूजा पूर्ण होने के बाद, ये वस्त्र वहीं मंदिर में छोड़ना होता है

यह नियम सभी के लिए है — महिला एवं पुरुष दोनों

अतः पूजा में आने से पहले नए कपड़े साथ अवश्य लाएँ और पूजा के दौरान उन्हें ही धारण करें

निष्कर्षः कालसर्प दोष शांति पूजा कोई साधारण पूजा नहीं, बल्कि कुंडली-आधारित वैदिक समाधान है। यदि इसे सही विधि, सही स्थान और योग्य पंडित द्वारा कराया जाए, तो यह व्यक्ति के जीवन में नए सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।

पूजा स्थानवाराणसी

मृत्युंजय महादेव मंदिर

मृत्युंजय महादेव मंदिर

वाराणसी

महा मृत्युंजय मंदिर वाराणसी भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और अत्यंत पवित्र स्थल है। इस मंदिर का विशेष महत्व आयु, स्वास्थ्य और अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए माना जाता है। यहाँ नियमित रूप से महा मृत्युंजय जाप, रुद्राभिषेक और हवन जैसे शक्तिशाली अनुष्ठान किए जाते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है और यहाँ स्थित पवित्र कुंड का जल औषधीय गुणों से भरपूर है। भक्त यहाँ जीवन की बाधाओं, रोगों और भय से मुक्ति पाने के लिए आते हैं। यही कारण है कि यह मंदिर आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

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कैसे काम करता है

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  • उन्नत

    1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    इस पैकेज में 1 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो काल सर्प पूजा को विधि-विधान से पवित्र तीर्थ क्षेत्र में सम्पन्न करने के लिए उपयुक्त है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • गणेश पूजन
    • पुण्याहवाचन
    • मातृका पूजन
    • आचार्य वरण
    • प्रधान मंडल पूजन
    • प्राण प्रतिष्ठा
    • नव नाग पूजन
    • राहु काल सर्प पूजा
    • नवग्रह पूजन
    • रुद्र पूजन
    • हवन
    • विसर्जन

    विशेष निर्देश:

    • पूजा के दौरान नए वस्त्र पहनना अनिवार्य है
    • पूजा के बाद इन वस्त्रों को मंदिर में ही छोड़ना होता है
    • यह नियम पुरुष और महिलाओं दोनों पर लागू होता है
    • कृपया पूजा में आने से पहले नए वस्त्र साथ लेकर आएं और वही पहनें।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹5,099₹6,50022% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    इस पैकेज में 3 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो काल सर्प पूजा को पवित्र तीर्थ क्षेत्र में विधि-विधान से अधिक प्रभावशाली रूप से सम्पन्न करता है।

    इस विशेष अनुष्ठान में तांत्रिक राहु ग्रह मंत्र जाप (18,000) शामिल है, जो काल सर्प दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • गणेश पूजा
    • पुण्याहवाचन
    • मातृका पूजा
    • आचार्य वरण
    • प्रधान मंडल पूजा
    • प्राण प्रतिष्ठा
    • नव नाग पूजन
    • राहु काल सर्प पूजा
    • तांत्रिक राहु ग्रह मंत्र जाप (18,000)
    • नवग्रह पूजा
    • रुद्र पूजा
    • हवन
    • विसर्जन

    विशेष निर्देश:

    • पूजा के दौरान नए वस्त्र पहनना अनिवार्य है
    • पूजा के बाद इन वस्त्रों को मंदिर में ही छोड़ना होता है
    • यह नियम पुरुष और महिलाओं दोनों पर लागू होता है
    • कृपया पूजा में आने से पहले नए वस्त्र साथ लेकर आएं और वही पहनें।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹13,00015% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • विशिष्ट

    4 आचार्य + सभी हवन सामग्री

    इस पैकेज में 4 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो काल सर्प पूजा को पवित्र तीर्थ क्षेत्र में अत्यंत प्रभावशाली और विस्तृत रूप से सम्पन्न करता है।

    इस विशेष अनुष्ठान में तंत्रोक्त राहु एवं केतु ग्रह मंत्र जाप (18,000) शामिल है, जो काल सर्प दोष के प्रभाव को कम करने में अत्यंत सहायक माना जाता है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • गणेश पूजा
    • पुण्याहवाचन
    • मातृका पूजा
    • आचार्य वरण
    • प्रधान मंडल पूजा
    • प्राण प्रतिष्ठा
    • नव नाग पूजन
    • राहु काल सर्प पूजा
    • तंत्रोक्त राहु एवं केतु ग्रह मंत्र जाप (18,000)
    • नवग्रह पूजा
    • रुद्र पूजा
    • हवन
    • विसर्जन

    विशेष निर्देश:

    • पूजा के दौरान नए वस्त्र पहनना अनिवार्य है
    • पूजा के बाद इन वस्त्रों को मंदिर में ही छोड़ना होता है
    • यह नियम पुरुष और महिलाओं दोनों पर लागू होता है
    • कृपया पूजा में आने से पहले नए वस्त्र साथ लेकर आएं और वही पहनें।

    सभी हवन सामग्रीदक्षिणा
    ₹14,000₹21,00033% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • दिव्य

    9 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    इस पैकेज में 9 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो काल सर्प पूजा को पवित्र तीर्थ क्षेत्र में अत्यंत शक्तिशाली और विस्तृत रूप से सम्पन्न करता है।

    इस विशेष अनुष्ठान में तंत्रोक्त राहु एवं केतु ग्रह मंत्र जाप (18,000) के साथ महामृत्युंजय मंत्र जाप (11,000) भी शामिल है, जो दोष निवारण, सुरक्षा और समग्र कल्याण के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • गणेश पूजा
    • पुण्याहवाचन
    • मातृका पूजा
    • आचार्य वरण
    • प्रधान मंडल पूजा
    • प्राण प्रतिष्ठा
    • नव नाग पूजन
    • राहु काल सर्प पूजा
    • नवग्रह पूजा
    • रुद्र पूजा
    • तंत्रोक्त राहु एवं केतु मंत्र जाप (18,000)
    • महामृत्युंजय मंत्र जाप (11,000)
    • हवन
    • विसर्जन

    विशेष निर्देश:

    • पूजा के दौरान नए वस्त्र पहनना अनिवार्य है
    • पूजा के बाद इन वस्त्रों को मंदिर में ही छोड़ना होता है
    • यह नियम पुरुष और महिलाओं दोनों पर लागू होता है
    • कृपया पूजा में आने से पहले नए वस्त्र साथ लेकर आएं और वही पहनें।
    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹28,000₹31,00010% off

    2 वस्तुएँ शामिल

Kaal Sarp Dosh Nivaran Puja के बारे में हमसे बात करें

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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