“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

कार्तिक दोष शांति पूजा में भगवान विष्णु और सूर्य देव की आराधना के साथ वैदिक मंत्रों का जाप एवं निर्धारित धार्मिक विधियों का पालन किया जाता है। वैदिक ज्योतिष की कुछ परंपराओं में जन्म मास, नक्षत्र और कुंडली की विशेष स्थितियों के आधार पर शांति अनुष्ठान का सुझाव दिया जाता है। पूजा की विधि जातक की जन्म संबंधी जानकारी और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार निर्धारित की जा सकती है।
Duration
3h – 5h
Best time
सुबह
Starting price
₹12,000
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक दोष शांति पूजा उन जातकों के लिए कराई जाती है, जिनकी जन्म संबंधी परिस्थितियों को कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में कार्तिक दोष से जोड़ा जाता है। इस अनुष्ठान में सूर्य देव और भगवान विष्णु की उपासना करके स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, मानसिक शांति और जीवन में संतुलन के लिए प्रार्थना की जाती है।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कार्तिक मास या कृत्तिका नक्षत्र में जन्म लेना अपने आप में किसी निश्चित दोष अथवा स्वास्थ्य समस्या का प्रमाण नहीं है। पूजा कराने का निर्णय व्यक्तिगत आस्था और योग्य वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के आधार पर लिया जा सकता है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
भगवान सूर्य देवः हिंदू धर्म में सूर्य देव को ऊर्जा, प्रकाश, आत्मबल और जीवनशक्ति का प्रतीक माना जाता है। उनकी उपासना के माध्यम से व्यक्ति स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, अनुशासन और सफलता के लिए प्रार्थना करता है।
भगवान विष्णुः भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनकर्ता माना जाता है। उनकी आराधना से जीवन में स्थिरता, संरक्षण, सद्बुद्धि और आध्यात्मिक संतुलन की कामना की जाती है।
शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?
कार्तिक दोष शांति पूजा का शुभ समय जातक की जन्म संबंधी जानकारी, पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार निर्धारित किया जा सकता है।
कार्तिक मास, रविवार अथवा सूर्य देव की उपासना के लिए शुभ माने जाने वाले अवसरों पर पूजा कराने का सुझाव दिया जा सकता है। सटीक मुहूर्त के लिए योग्य वैदिक आचार्य से परामर्श करना उचित है।
किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?
प्रमुख मंत्र
सूर्य देव मंत्र
ॐ घृणि सूर्याय नमः॥
भगवान विष्णु मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥
इन मंत्रों का जाप श्रद्धा और परंपरागत विधि के अनुसार किया जा सकता है।
पूजा के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक दोष शांति पूजा के माध्यम से व्यक्ति भगवान सूर्य देव और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करता है। इस अनुष्ठान के आध्यात्मिक एवं पारंपरिक लाभ निम्नलिखित माने जाते हैं।
इन लाभों को धार्मिक आस्था और पारंपरिक मान्यताओं के संदर्भ में समझना चाहिए। पूजा से किसी विशेष परिणाम की निश्चित गारंटी नहीं दी जा सकती।
आध्यात्मिक महत्व
कार्तिक दोष शांति पूजा का आध्यात्मिक महत्व भगवान सूर्य देव और भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा अर्पित करने में निहित है। सूर्य देव प्रकाश, ऊर्जा और चेतना के प्रतीक माने जाते हैं, जबकि भगवान विष्णु पालन, संतुलन और संरक्षण के प्रतीक हैं। इस पूजा के माध्यम से व्यक्ति जीवन में सद्बुद्धि, धैर्य, सकारात्मकता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त करने की कामना करता है।
विशेष जानकारी
घर पर सम्पन्न किया जाने वाला यह कार्तिक दोष शांति अनुष्ठान कार्तिक दोष से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति तथा जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, ऊर्जा, सकारात्मकता एवं सफलता की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक कराया जाता है।
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह विशेष वैदिक अनुष्ठान यजमान के घर पर 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक दोष शांति पूजा कार्तिक मास, कृत्तिका नक्षत्र अथवा अष्टमी तिथि में जन्म से संबंधित ज्योतिषीय मान्यताओं के अंतर्गत कराई जाती है। इस अनुष्ठान में भगवान सूर्य, भगवान शिव एवं नवग्रहों की आराधना के माध्यम से स्वास्थ्य, आत्मबल, मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मकता की मंगलकामना की जाती है। पूजा की अवधि लगभग 3 से 5 घंटे होती है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
पूजा के लिए आवश्यक व्यवस्था
भगवान सूर्य, भगवान शिव एवं नवग्रहों की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह अनुष्ठान स्वास्थ्य, आत्मबल, मानसिक शांति, सकारात्मकता एवं जीवन में संतुलन की प्रार्थना के लिए किया जाता है। वैदिक मंत्रों, आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ, पूजन एवं हवन के माध्यम से यजमान और परिवार के सुख, कल्याण, समृद्धि तथा मंगलमय जीवन की कामना की जाती है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
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