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Pujari Ji

कात्यायनी मंत्र जाप पूजा

मंगला गौरी मंदिर, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
कात्यायनी मंत्र जाप पूजा

माता कात्यायनी की आराधना का विवाह संबंधी मंगलकामनाओं से विशेष संबंध माना जाता है। श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित परंपरा के अनुसार वृंदावन की गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में प्राप्त करने की कामना से कात्यायनी व्रत का पालन करते हुए माता कात्यायनी की आराधना की थी। इसी धार्मिक परंपरा के कारण माता कात्यायनी की उपासना को योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, विवाह संबंधी बाधाओं की शांति तथा सुखी वैवाहिक जीवन की मंगलकामना से जोड़ा जाता है।

मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में माता मंगला गौरी के पावन सान्निध्य में कात्यायनी मंत्र जाप विवाह संबंधी विशेष संकल्प के साथ कराया जा सकता है। माता मंगला गौरी को सौभाग्य, वैवाहिक सुख तथा पारिवारिक मंगल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है। इसलिए इस पवित्र स्थल पर माता कात्यायनी की आराधना श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है।

यह अनुष्ठान अविवाहित कन्याओं के साथ-साथ अविवाहित पुरुषों के लिए भी कराया जा सकता है। माता-पिता अपनी संतान के विवाह की मंगलकामना से उसके नाम, गोत्र तथा आवश्यक जन्म विवरण के आधार पर संकल्प लेकर यह अनुष्ठान करा सकते हैं।

Duration

3h – 5h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता कात्यायनी की श्रद्धापूर्वक आराधना एवं मंत्र जाप से विवाह तथा वैवाहिक जीवन से संबंधित मंगलकामनाएँ की जाती हैं।
  • शीघ्र एवं मंगलमय विवाह की प्रार्थना की जाती है।
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह में आने वाली बाधाओं की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • विवाह में हो रहे विलंब से राहत तथा अनुकूल परिस्थितियों की मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह संबंध में शुभता, सकारात्मकता एवं सौहार्द की प्रार्थना की जाती है।
  • प्रेम विवाह में सफलता एवं पारिवारिक सहमति की मंगलकामना की जाती है।
  • दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास एवं आपसी सामंजस्य की प्रार्थना की जाती है।
  • वैवाहिक जीवन में सुख, शांति एवं संतोष की मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक शांति एवं आत्मविश्वास की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • माता कात्यायनी एवं माता मंगला गौरी की कृपा प्राप्त करने की भावना से श्रद्धापूर्वक आराधना की जाती है।
  • इन सभी मंगलकामनाओं को धार्मिक आस्था एवं परंपरा के संदर्भ में समझना चाहिए। पूजा किसी निश्चित सांसारिक परिणाम की गारंटी नहीं देती।

कात्यायनी मंत्र जाप पूजा

मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी देवी उपासना का प्राचीन एवं पूजनीय धार्मिक स्थल माना जाता है। माता मंगला गौरी की आराधना विवाह, सौभाग्य, पारिवारिक सुख तथा मंगलमय जीवन की प्रार्थना के लिए की जाती है।

माता कात्यायनी को देवी दुर्गा के छठे स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक परंपरा में उनकी उपासना विवाह संबंधी शुभ संकल्पों के लिए विशेष महत्व रखती है। श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित कात्यायनी व्रत की परंपरा माता कात्यायनी की आराधना को विवाह की मंगलकामना से जोड़ती है।

ज्योतिषीय दृष्टि से विवाह में विलंब या बाधा के अनेक संभावित कारण माने जाते हैं। इनमें ग्रहों की स्थिति, दशा, अंतर्दशा तथा जन्मकुंडली में उपस्थित विभिन्न योगों का विचार किया जाता है। ऐसी परिस्थितियों में योग्य ज्योतिषाचार्य के परामर्शानुसार देवी आराधना एवं मंत्र जाप के माध्यम से शुभता और ग्रह अनुकूलता की मंगलकामना की जा सकती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस अनुष्ठान में मुख्य रूप से माता कात्यायनी एवं माता मंगला गौरी की आराधना की जाती है। पूजा की परंपरा के अनुसार भगवान गणेश तथा अन्य आवश्यक देवताओं का पूजन भी किया जा सकता है।

माता कात्यायनी को शक्ति, साहस एवं विवाह संबंधी मंगलकामनाओं से जुड़ी देवी के रूप में पूजा जाता है। माता मंगला गौरी को सौभाग्य, वैवाहिक सुख एवं पारिवारिक मंगल की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है।

माता कात्यायनी की आराधना से संबंधित कात्यायनी व्रत की परंपरा श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित है। इसी कारण विवाह योग्य कन्याओं द्वारा की जाने वाली देवी उपासना में कात्यायनी आराधना का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • नवरात्रि के पावन दिनों में
  • शुक्रवार को
  • देवी आराधना के लिए निर्धारित शुभ तिथि में
  • विवाह संबंधी विशेष संकल्प के समय
  • योग्य ज्योतिषाचार्य के परामर्शानुसार
  • पंचांग के अनुसार निर्धारित शुभ मुहूर्त में

विशेष विवाह संकल्प के लिए मंत्र जाप की तिथि एवं संख्या यजमान के संकल्प तथा आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार निर्धारित की जा सकती है।

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • विवाह में अधिक विलंब होने पर
  • योग्य जीवनसाथी मिलने में कठिनाई होने पर
  • विवाह की बातचीत बार-बार रुकने पर
  • विवाह संबंध तय होकर टूट जाने पर
  • विवाह संबंधी बाधाओं की शांति की मंगलकामना से
  • प्रेम विवाह में पारिवारिक सहमति की प्रार्थना हेतु
  • सुखी एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना से
  • दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास एवं सामंजस्य की प्रार्थना हेतु
  • विवाह से संबंधित ज्योतिषीय बाधाओं की शांति की मंगलकामना से

प्रमुख मंत्र

कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।

नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥

पूजा विधि एवं संकल्प के अनुसार निम्न मंत्र का जाप भी किया जा सकता हैः

ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥

मंत्र जाप की संख्या यजमान के संकल्प, अनुष्ठान की विधि तथा वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार निर्धारित की जाती है।

कात्यायनी मंत्र जाप की विधि

कात्यायनी मंत्र जाप का प्रारम्भ शुद्धिकरण, भगवान गणेश के पूजन तथा वैदिक संकल्प से किया जाता है। इसके पश्चात कलश स्थापना एवं माता कात्यायनी का आवाहन करके विधिपूर्वक पूजन किया जाता है।

पूजा की परंपरा के अनुसार माता को पुष्प, अक्षत, धूप, दीप, नैवेद्य, मधु तथा हल्दी सहित आवश्यक पूजन सामग्री अर्पित की जाती है। इसके बाद निर्धारित संख्या में कात्यायनी मंत्र का जाप किया जाता है। संकल्प एवं पूजा विधि के अनुसार हवन तथा पूर्णाहुति भी सम्पन्न की जा सकती है। अंत में आरती एवं देवी की कृपा से विवाह संबंधी मंगलकामनाओं के साथ अनुष्ठान पूर्ण किया जाता है।

पूजा के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता कात्यायनी की श्रद्धापूर्वक आराधना एवं मंत्र जाप से विवाह तथा वैवाहिक जीवन से संबंधित मंगलकामनाएं की जाती हैं।

  • शीघ्र एवं मंगलमय विवाह की प्रार्थना की जाती है।
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह में आने वाली बाधाओं की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • विवाह में हो रहे विलंब से राहत की मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह संबंध में शुभता एवं सकारात्मकता की प्रार्थना की जाती है।
  • प्रेम विवाह में सफलता एवं पारिवारिक सहमति की मंगलकामना की जाती है।
  • दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास एवं सामंजस्य की प्रार्थना की जाती है।
  • वैवाहिक जीवन में सुख एवं शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक शांति एवं आत्मविश्वास के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • माता कात्यायनी एवं माता मंगला गौरी की कृपा प्राप्त करने की भावना से आराधना की जाती है।

इन सभी लाभों को धार्मिक आस्था एवं परंपरा के संदर्भ में समझना चाहिए। पूजा किसी निश्चित सांसारिक परिणाम की गारंटी नहीं देती।

आध्यात्मिक महत्व

माता कात्यायनी की आराधना शक्ति एवं देवी उपासना की महत्वपूर्ण परंपरा से जुड़ी हुई है। श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित कात्यायनी व्रत की परंपरा उनके विवाह संबंधी मंगलकामनाओं में विशेष धार्मिक महत्व को दर्शाती है।

मंगला गौरी मंदिर में माता मंगला गौरी के पावन सान्निध्य में कात्यायनी मंत्र जाप श्रद्धा, संकल्प एवं देवी आराधना के माध्यम से वैवाहिक सुख, पारिवारिक मंगल तथा जीवन में शुभता की प्रार्थना का माध्यम माना जाता है।

यह अनुष्ठान भक्त को नियमित मंत्र साधना, देवी भक्ति एवं आध्यात्मिक अनुशासन से जोड़ने वाला माना जाता है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • यजमान के नाम एवं गोत्र से वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकतानुसार जन्म विवरण एवं जन्मकुंडली के आधार पर संकल्प निर्धारित किया जा सकता है।
  • अविवाहित कन्या अथवा पुरुष के लिए व्यक्तिगत विवाह संकल्प लिया जा सकता है।
  • माता-पिता अपनी संतान के नाम एवं गोत्र से भी यह अनुष्ठान करा सकते हैं।
  • ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से पूजा में सहभागिता की व्यवस्था उपलब्ध है।
  • आवश्यकतानुसार मंत्र जाप के साथ हवन एवं पूर्णाहुति सम्पन्न की जा सकती है।

यदि आपके विवाह में विलंब हो रहा है, योग्य जीवनसाथी की तलाश में कठिनाई आ रही है, विवाह की बातचीत बार-बार रुक रही है या विवाह संबंध तय होकर टूट जाता है, तो माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में कात्यायनी मंत्र जाप विशेष विवाह संकल्प के साथ श्रद्धापूर्वक कराया जा सकता है।

पूजा स्थानवाराणसी

मंगला गौरी मंदिर

मंगला गौरी मंदिर

वाराणसी

मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी

माँ मंगला गौरी — मंगल, सौभाग्य और विवाह की मंगलकामना की आराध्या देवी

वाराणसी की पवित्र धार्मिक भूमि पर स्थित माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी माँ गौरी के मंगलमयी स्वरूप को समर्पित एक महत्वपूर्ण देवी मंदिर है। काशी की धार्मिक परंपरा में माँ मंगला गौरी की आराधना को मंगल, सौभाग्य, वैवाहिक सुख, पारिवारिक कल्याण और देवी कृपा की कामना से जोड़ा जाता है।

माँ मंगला गौरी की पूजा विशेष रूप से विवाह की मंगलकामना के लिए भी कराई जाती है। जिन अविवाहित कन्याओं या पुरुषों के विवाह में विलंब हो रहा हो, विवाह तय होने में बार-बार बाधाएं आ रही हों, विवाह की बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही हो अथवा विवाह तय होकर किसी कारणवश संबंध टूट जाता हो, वे माँ मंगला गौरी के समक्ष श्रद्धापूर्वक संकल्प लेकर पूजा एवं मंत्र जाप करा सकते हैं।

धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की आराधना के माध्यम से भक्त शीघ्र, शुभ एवं मंगलमय विवाह तथा योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की प्रार्थना करते हैं। यह पूजा केवल कन्याओं के लिए ही नहीं, बल्कि अविवाहित पुरुष भी अपने विवाह की मंगलकामना से करा सकते हैं।

विवाहित महिलाएं भी अपने दांपत्य जीवन में सुख, शांति, प्रेम, सौहार्द एवं अखंड सौभाग्य की प्रार्थना के लिए माँ की आराधना कर सकती हैं।

माँ मंगला गौरी का धार्मिक महत्व

हिंदू धार्मिक परंपरा में माँ गौरी को स्त्री शक्ति, सौभाग्य, मंगल, पवित्रता और पारिवारिक कल्याण से संबंधित देवी स्वरूप माना जाता है। माँ मंगला गौरी की पूजा विशेष रूप से जीवन में शुभता और मंगल की कामना के लिए की जाती है।

लक्सा, वाराणसी स्थित मंगला गौरी मंदिर में श्रद्धालु माँ के दर्शन एवं पूजन कर अपने जीवन, विवाह, दांपत्य सुख और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करते हैं।

विशेष रूप से विवाह योग्य कन्या या पुरुष के लिए माँ मंगला गौरी की पूजा विवाह संबंधी मंगलकामना के साथ कराई जा सकती है। यदि विवाह में लगातार विलंब हो रहा हो, योग्य रिश्ता मिलने में कठिनाई हो, विवाह की बातचीत बार-बार रुक जाती हो या विवाह तय होकर संबंध टूट जाता हो, तो श्रद्धालु धार्मिक आस्था के अनुसार माँ के समक्ष विशेष विवाह संकल्प लेकर पूजा करा सकते हैं।

विवाहित महिलाएं भी अपने दांपत्य जीवन में सुख, शांति, प्रेम एवं सामंजस्य बनाए रखने तथा सौभाग्य की मंगलकामना से माँ की पूजा कर सकती हैं।

मंगला गौरी मंदिर में होने वाली प्रमुख पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठान

माँ मंगला गौरी की आराधना श्रद्धालुओं द्वारा अपनी श्रद्धा, मनोकामना और विशेष संकल्प के अनुसार की जाती है। विवाह संबंधी मंगलकामना के लिए माँ मंगला गौरी पूजन, मंगला चण्डिका मंत्र जाप तथा आवश्यकतानुसार हवन कराया जा सकता है।

पूजा की निर्धारित विधि के अनुसार गणेश पूजन, कलश पूजन, देवी आवाहन, माँ मंगला गौरी पूजन, पुष्प एवं नैवेद्य अर्पण, मंत्र जाप, हवन तथा आरती जैसी धार्मिक विधियां सम्मिलित की जा सकती हैं।

विवाह के लिए पूजा कराते समय विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र एवं विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ देवी की आराधना की जाती है।

प्रमुख धार्मिक विधियां

  • माँ मंगला गौरी पूजन
  • विवाह मंगलकामना संकल्प
  • मंगला चण्डिका मंत्र जाप
  • देवी आराधना
  • हवन
  • आरती
  • पुष्प एवं नैवेद्य अर्पण

मंगला गौरी मंदिर में विवाह के लिए विशेष पूजा

माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में विवाह की मंगलकामना के लिए विशेष पूजा एवं मंत्र जाप कराया जा सकता है। धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की आराधना विवाह से संबंधित शुभ संकल्पों के लिए विशेष महत्व रखती है।

यह पूजा अविवाहित कन्या और अविवाहित पुरुष दोनों अपनी विवाह संबंधी मंगलकामना के लिए करा सकते हैं।

जिनके विवाह में विलंब हो रहा हो, विवाह तय होने में बार-बार बाधाएं आ रही हों, विवाह की बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही हो या विवाह तय होकर संबंध टूट जाता हो, वे माँ के समक्ष श्रद्धापूर्वक विशेष विवाह संकल्प लेकर पूजा एवं मंत्र जाप करा सकते हैं।

विशेष रूप से विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र एवं विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ माँ मंगला गौरी का पूजन, मंगला चण्डिका मंत्र जाप एवं आवश्यकतानुसार हवन कराया जा सकता है।

यह पूजा विशेष रूप से इन मंगलकामनाओं के लिए कराई जा सकती है

  • विवाह में हो रहे विलंब के लिए देवी कृपा की कामना
  • विवाह तय होने में आने वाली बाधाओं के निवारण की प्रार्थना
  • शीघ्र एवं मंगलमय विवाह की प्रार्थना
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की मंगलकामना
  • बार-बार विवाह संबंध टूटने की स्थिति में मंगलकामना
  • दांपत्य जीवन में सुख और शांति की प्रार्थना
  • पति-पत्नी के बीच प्रेम एवं सामंजस्य की मंगलकामना
  • अखंड सौभाग्य एवं पारिवारिक सुख की प्रार्थना

माँ मंगला गौरी की पूजा क्यों कराई जाती है?

माँ मंगला गौरी की पूजा श्रद्धा और धार्मिक आस्था के अनुसार जीवन में मंगल एवं देवी कृपा की कामना से की जाती है। विशेष रूप से विवाह एवं दांपत्य जीवन से संबंधित मंगलकामनाओं के लिए माँ की आराधना का महत्व माना जाता है।

मंगला गौरी पूजा के माध्यम से श्रद्धालु विवाह, पारिवारिक सुख, दांपत्य शांति, सौभाग्य तथा जीवन में शुभता की प्रार्थना करते हैं। अविवाहित कन्या और पुरुष विवाह की मंगलकामना से तथा विवाहित महिलाएं दांपत्य सुख एवं सौभाग्य की प्रार्थना से देवी की आराधना कर सकती हैं।

इन लाभों को धार्मिक मान्यता एवं आस्था के संदर्भ में समझना चाहिए। पूजा किसी निश्चित सांसारिक परिणाम की गारंटी नहीं होती, बल्कि श्रद्धालु इसे देवी के प्रति अपनी श्रद्धा, संकल्प और मंगलकामना के रूप में करते हैं।

मंगला गौरी पूजा करवाने के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कराने से श्रद्धालु अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक मंगलकामनाओं के लिए देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।

माँ मंगला गौरी की आराधना से संबंधित प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक मंगलकामनाएं इस प्रकार हैंः

  • विवाह में आने वाली बाधाओं के निवारण की प्रार्थना
  • विवाह में हो रहे विलंब के लिए देवी कृपा की कामना
  • शीघ्र एवं मंगलमय विवाह की प्रार्थना
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की मंगलकामना
  • विवाह संबंधों में शुभता एवं स्थिरता की प्रार्थना
  • दांपत्य जीवन में सुख, शांति और प्रेम की कामना
  • पति-पत्नी के बीच सामंजस्य की प्रार्थना
  • अखंड सौभाग्य एवं पारिवारिक सुख की मंगलकामना
  • परिवार में सुख-शांति एवं कल्याण की प्रार्थना
  • मातृशक्ति की आराधना एवं देवी कृपा की प्रार्थना
  • आध्यात्मिक शांति एवं भक्ति भावना को बढ़ाने की कामना
  • जीवन में मंगल एवं सकारात्मकता की प्रार्थना

मंगला चण्डिका मंत्र जाप

माँ मंगला गौरी की विशेष आराधना में मंगला चण्डिका मंत्र जाप कराया जा सकता है। यह मंत्र देवी के मंगलमय स्वरूप की उपासना और विशेष संकल्प के साथ किया जाता है।

मंगला चण्डिका मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवि मङ्गलचण्डिके ह्रूं फट् स्वाहा॥

मंत्र जाप के दौरान श्रद्धालु अपनी विशेष मंगलकामना एवं संकल्प के साथ देवी की आराधना करते हैं। विवाह संबंधी पूजा में विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र और विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ मंत्र जाप कराया जा सकता है।

मंदिर परिसर के प्रमुख पवित्र स्थल

उपलब्ध विवरण में मंदिर परिसर के भीतर स्थित अन्य विशिष्ट पवित्र स्थलों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए बिना प्रमाण के किसी गर्भगृह, कुंड, प्रतिमा, यज्ञशाला या अन्य देवालय के संबंध में विशिष्ट जानकारी नहीं जोड़ी जा रही है।

मंदिर का मुख्य धार्मिक केंद्र माँ मंगला गौरी की आराधना और दर्शन है, जहां श्रद्धालु अपनी श्रद्धा एवं संकल्प के अनुसार देवी का पूजन करते हैं।

मंगला गौरी मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण

काशी की धार्मिक परंपरा से जुड़ा यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए देवी आराधना, प्रार्थना और आध्यात्मिक साधना का स्थान है। माँ मंगला गौरी के समक्ष श्रद्धालु अपने विवाह, दांपत्य जीवन, परिवार और व्यक्तिगत मंगलकामनाओं के लिए संकल्प लेकर पूजा करते हैं।

देवी की आराधना के दौरान मंत्र जाप, पूजन, नैवेद्य अर्पण, हवन और आरती जैसी धार्मिक विधियां श्रद्धा एवं भक्ति का वातावरण निर्मित करती हैं। भक्त माँ के समक्ष अपनी मनोकामनाएं रखते हुए जीवन में मंगल, सौभाग्य और पारिवारिक सुख की प्रार्थना करते हैं।

विशेष अवसरों पर मंगला गौरी मंदिर का महत्व

माँ मंगला गौरी की पूजा का महत्व विशेष रूप से मंगल, सौभाग्य, विवाह एवं दांपत्य जीवन की मंगलकामना से जुड़ी धार्मिक आस्था के संदर्भ में देखा जाता है।

विशेष धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालु देवी के दर्शन और पूजन के लिए मंदिर में आते हैं। हालांकि उपलब्ध विवरण में मंदिर के विशिष्ट वार्षिक पर्वों एवं उनके निश्चित आयोजन का विस्तृत प्रमाण उपलब्ध नहीं है, इसलिए किसी विशेष पर्व को मंदिर का आधिकारिक प्रमुख पर्व बताकर प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

मंदिर वाराणसी में स्थित है। वाराणसी की यात्रा के लिए हवाई मार्ग का उपयोग करने वाले श्रद्धालु वाराणसी के प्रमुख हवाई अड्डे तक पहुंचकर वहां से स्थानीय परिवहन के माध्यम से मंदिर क्षेत्र की ओर जा सकते हैं।

रेल मार्ग

वाराणसी रेल मार्ग से देश के अनेक प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। रेल से आने वाले श्रद्धालु वाराणसी के प्रमुख रेलवे स्टेशन तक पहुंचकर स्थानीय परिवहन के माध्यम से लक्सा स्थित मंदिर तक जा सकते हैं।

सड़क मार्ग

वाराणसी शहर के भीतर सड़क मार्ग से मंगला गौरी मंदिर, लक्सा तक पहुंचा जा सकता है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध परिवहन साधनों के माध्यम से श्रद्धालु मंदिर क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं।

मंदिर तक पहुंचने की सटीक दूरी और मार्ग यात्रा के प्रारंभिक स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

दर्शन हेतु सर्वोत्तम समय

माँ मंगला गौरी के दर्शन एवं पूजा के लिए श्रद्धालु अपनी सुविधा और धार्मिक संकल्प के अनुसार मंदिर जा सकते हैं। विवाह एवं दांपत्य जीवन से संबंधित विशेष पूजा कराने से पहले पूजा की उपलब्धता, निर्धारित समय और आवश्यक धार्मिक विधि की जानकारी संबंधित मंदिर व्यवस्था या पूजा कराने वाले आचार्य से प्राप्त करना उचित रहेगा।

विशेष धार्मिक अवसरों पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो सकती है, इसलिए ऐसे अवसरों पर यात्रा की योजना पहले से बनाना सुविधाजनक हो सकता है।

निष्कर्ष

माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी माँ गौरी के मंगलमय स्वरूप की आराधना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की पूजा विवाह, सौभाग्य, दांपत्य सुख, पारिवारिक कल्याण और जीवन में मंगल की कामना के लिए की जाती है।

अविवाहित कन्या और पुरुष विवाह की मंगलकामना के लिए तथा विवाहित महिलाएं दांपत्य सुख और अखंड सौभाग्य की प्रार्थना के लिए माँ की आराधना कर सकते हैं। मंगला चण्डिका मंत्र जाप, देवी पूजन, संकल्प, हवन और आरती जैसी विधियों के माध्यम से श्रद्धालु माँ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं और अपने जीवन में शुभता एवं देवी कृपा की मंगलकामना करते हैं।

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    माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा माँ कात्यायनी की विशेष पूजा एवं 11,000 मंत्र जाप शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाएगा। यह पवित्र अनुष्ठान विवाह में विलंब, विवाह संबंधी बाधाओं, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा प्रेम विवाह से जुड़ी मंगलकामनाओं के लिए श्रद्धापूर्वक कराया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माँ कात्यायनी की आराधना से विवाह संबंधी बाधाओं की शांति, वैवाहिक सुख एवं शुभ जीवनसाथी की प्राप्ति की प्रार्थना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ कात्यायनी षोडशोपचार पूजन
    • माँ कात्यायनी मंत्र जाप – 11,000 जप
    • मधु अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    विशेष सुविधाएं

    • माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में शास्त्रोक्त विधि-विधान से अनुष्ठान
    • 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विशेष पूजा एवं मंत्र जाप
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से वैदिक संकल्प
    • विवाह संबंधी बाधाओं की शांति एवं योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु विशेष मंगलकामना
    • प्रेम विवाह एवं वैवाहिक जीवन में शुभता की प्रार्थना

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान

    मुख्य मंत्र

    कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।

    नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥

    माँ कात्यायनी की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान विवाह संबंधी बाधाओं की शांति, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, वैवाहिक सुख एवं जीवन में प्रेम, सौहार्द और मंगलमयता की प्रार्थना हेतु श्रद्धापूर्वक किया जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
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    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h 1m

    माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा माँ कात्यायनी की विशेष पूजा एवं 25,000 मंत्र जाप पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया जाएगा। यह पवित्र अनुष्ठान विवाह में विलंब, विवाह संबंधी बार-बार आने वाली बाधाओं, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखी और मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए विशेष रूप से कराया जाता है। माँ कात्यायनी की श्रद्धापूर्वक आराधना के माध्यम से शीघ्र एवं शुभ विवाह तथा वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ कात्यायनी आवाहन
    • षोडशोपचार पूजन
    • 25,000 कात्यायनी मंत्र जाप
    • मधु अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    विशेष सुविधाएं

    • माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विशेष अनुष्ठान
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से वैदिक संकल्प
    • विवाह में आने वाली बाधाओं की शांति हेतु विशेष पूजा
    • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति एवं शीघ्र विवाह की मंगलकामना
    • सुखी, स्थिर एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए विशेष प्रार्थना
    • माँ कात्यायनी की आराधना एवं निर्धारित मंत्र जाप के साथ शास्त्रोक्त अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान

    माँ कात्यायनी की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान विवाह संबंधी बाधाओं की शांति, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, शीघ्र एवं मंगलमय विवाह तथा सुखी वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए अत्यंत श्रद्धापूर्ण धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹21,000₹25,00016% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • विशिष्ट

    9 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में 9 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा माँ कात्यायनी की विशेष पूजा एवं 41,000 मंत्र जाप पूर्ण वैदिक विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराया जाता है। यह विशेष अनुष्ठान विवाह में होने वाले विलंब, विवाह संबंधी बार-बार आने वाली बाधाओं तथा योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की मंगलकामना के लिए कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माँ कात्यायनी की आराधना सुखी, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना के लिए विशेष महत्व रखती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ कात्यायनी आवाहन
    • षोडशोपचार पूजन
    • 41,000 कात्यायनी मंत्र जाप
    • मधु अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • विशेष हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद अर्पण

    विशेष सुविधाएं

    • माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में 9 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विशेष अनुष्ठान
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से वैदिक संकल्प
    • विवाह संबंधी बाधाओं की शांति हेतु विशेष मंत्र जाप
    • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना
    • माँ कात्यायनी की आराधना के साथ विधि-विधानपूर्वक हवन एवं पूर्णाहुति

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान

    माँ कात्यायनी की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र अनुष्ठान विवाह में आने वाली बाधाओं की शांति, शीघ्र एवं शुभ विवाह, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखी और मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹31,000₹35,00011% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • दिव्य

    25 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में 25 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा माँ कात्यायनी की विशेष पूजा एवं 1,25,000 कात्यायनी मंत्र जाप विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराया जाएगा। यह विस्तृत वैदिक अनुष्ठान विवाह में आने वाली बाधाओं की शांति, विवाह में विलंब दूर होने, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखी और मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए कराया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माँ कात्यायनी की आराधना विवाह संबंधी मनोकामनाओं की पूर्ति एवं वैवाहिक जीवन में शुभता के लिए विशेष महत्व रखती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ कात्यायनी आवाहन
    • षोडशोपचार पूजन
    • 1,25,000 कात्यायनी मंत्र जाप
    • मधु अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    विशेष सुविधाएं

    • माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में विशेष वैदिक अनुष्ठान
    • 25 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक मंत्र जाप
    • 1,25,000 कात्यायनी मंत्र जाप का विशेष संकल्प
    • विवाह संबंधी बाधाओं की शांति एवं योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की मंगलकामना
    • अनुष्ठान मंत्र जाप की संख्या एवं विस्तृत पूजा-विधि के अनुसार 1 या 3 दिनों में सम्पन्न कराया जा सकता है

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान

    माँ कात्यायनी की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान विवाह संबंधी बाधाओं की शांति, शीघ्र एवं मंगलमय विवाह, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखी और सौहार्दपूर्ण वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए समर्पित है। श्रद्धापूर्वक किए गए मंत्र जाप एवं पूजन के माध्यम से माँ कात्यायनी से जीवन में शुभता, प्रेम, संतुलन और वैवाहिक सुख की प्रार्थना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹75,000₹81,0007% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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  1. आप

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  2. पुजारीजी

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    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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