“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

यह पवित्र अनुष्ठान पावन रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के पवित्र तट पर पूर्ण वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। भगवान महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में सम्पन्न यह पूजा विशेष रूप से केमद्रुम योग, चंद्र दोष, मानसिक अशांति, भावनात्मक अस्थिरता, आर्थिक बाधाओं एवं जीवन में बार-बार आने वाली रुकावटों की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
Duration
2h – 4h 10m
Best time
सुबह
Starting price
₹11,000
यह पवित्र केमद्रुम योग शांति पूजा पावन रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराई जाती है। प्राचीन काल से उज्जैन ग्रह शांति, वैदिक अनुष्ठानों एवं आध्यात्मिक साधना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। भगवान महाकाल की नगरी में स्थित रामघाट पर सम्पन्न ग्रह शांति, मंत्र जप एवं हवन विशेष रूप से शीघ्र फलदायी माने जाते हैं।
केमद्रुम योग शांति पूजा एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है, जो जन्मकुंडली में बनने वाले केमद्रुम योग के अशुभ प्रभावों की शांति के लिए किया जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब चंद्रमा के दोनों ओर कोई ग्रह स्थित नहीं होता, तब केमद्रुम योग का निर्माण होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस योग के कारण व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव, अकेलेपन की भावना, आर्थिक अस्थिरता, आत्मविश्वास की कमी, भावनात्मक असंतुलन, बार-बार संघर्ष तथा जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
चंद्रमा मन, भावनाओं, मानसिक संतुलन, सुख एवं शांति का कारक ग्रह माना जाता है। जब चंद्रमा अशुभ, निर्बल या पीड़ित होता है, तब व्यक्ति को मानसिक अशांति, निर्णय लेने में कठिनाई, पारिवारिक तनाव, आर्थिक बाधाएं तथा भावनात्मक अस्थिरता जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इन अशुभ प्रभावों की शांति एवं चंद्र ग्रह की शुभता प्राप्त करने के लिए केमद्रुम योग शांति पूजा को अत्यंत प्रभावशाली वैदिक उपाय माना गया है।
पूजा का प्रारम्भ भगवान श्री गणेश के पूजन एवं संकल्प से किया जाता है। इसके पश्चात भगवान शिव, चंद्र देव एवं नवग्रहों का पूजन, वैदिक मंत्र जप, महामृत्युंजय मंत्र जप, चंद्र मंत्र जप, विशेष हवन तथा ग्रह शांति अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है। अंत में पूर्णाहुति, आरती एवं आशीर्वाद के साथ अनुष्ठान सम्पन्न होता है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस पवित्र अनुष्ठान में मुख्य रूप से भगवान शिव, चंद्र देव एवं नवग्रह देवताओं की विशेष आराधना की जाती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव चंद्रमा के अधिपति हैं। उनकी कृपा से मानसिक शांति, आत्मबल, भावनात्मक संतुलन एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। चंद्र देव की आराधना से मन की चंचलता, भय एवं नकारात्मक विचारों में कमी आने की प्रार्थना की जाती है। रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह पूजा केमद्रुम योग एवं चंद्र दोष की शांति के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है।
यह पूजा कब करानी चाहिए?
. जन्मकुंडली में केमद्रुम योग होने पर।
. चंद्र महादशा, अंतर्दशा अथवा प्रतिकूल गोचर के समय।
. मानसिक तनाव, भावनात्मक अस्थिरता अथवा आत्मविश्वास की कमी होने पर।
. सोमवार, पूर्णिमा अथवा योग्य आचार्य द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त में।
. जन्मकुंडली के परीक्षण के बाद वैदिक ज्योतिषीय परामर्श अनुसार।
किन समस्याओं में यह पूजा करानी चाहिए?
. केमद्रुम योग।
. चंद्र दोष।
. मानसिक तनाव एवं भावनात्मक अस्थिरता।
. अकेलेपन की भावना एवं आत्मविश्वास की कमी।
. आर्थिक अस्थिरता एवं बार-बार नुकसान।
. पारिवारिक तनाव।
. निर्णय लेने में कठिनाई।
. एकाग्रता की कमी।
. जीवन में बार-बार बाधाएं एवं संघर्ष।
केमद्रुम योग शांति पूजा के लाभ
. मानसिक तनाव, भय एवं नकारात्मक विचारों से राहत की मंगलकामना की जाती है।
. चंद्र दोष एवं केमद्रुम योग के अशुभ प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
. आत्मविश्वास, मानसिक शक्ति एवं भावनात्मक संतुलन में वृद्धि की कामना की जाती है।
. आर्थिक स्थिरता एवं पारिवारिक सुख-शांति की प्रार्थना की जाती है।
. निर्णय क्षमता एवं एकाग्रता में सुधार की मंगलकामना की जाती है।
. सकारात्मक ऊर्जा एवं मानसिक संतुलन की प्राप्ति की प्रार्थना की जाती है।
. जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की जाती है।
आध्यात्मिक महत्व
केमद्रुम योग शांति पूजा केवल ग्रह दोष की शांति का उपाय नहीं, बल्कि मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त करने का भी एक महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। यह पूजा व्यक्ति को सकारात्मक सोच, आत्मबल एवं आंतरिक शांति की दिशा में प्रेरित करती है।
रामघाट, उज्जैन में वैदिक मंत्रों, शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं हवन के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान भगवान शिव, चंद्र देव एवं नवग्रहों की कृपा प्राप्त कराने वाला प्रभावशाली वैदिक उपाय माना जाता है। इससे जीवन में मानसिक शांति, स्थिरता, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रों के अनुसार यह अनुष्ठान श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराते हैं।
विशेष जानकारी
. यह पूजा रामघाट, उज्जैन में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराई जाती है।
. सम्पूर्ण अनुष्ठान शास्त्रोक्त वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न होता है।
. पूजा हेतु आवश्यक समस्त सामग्री हमारी ओर से उपलब्ध कराया जाता है।
. जन्मकुंडली के अनुसार संकल्प, मंत्र जप एवं पूजा-विधि निर्धारित की जाती है।
. पूजा सम्पन्न होने के पश्चात प्रसाद एवं आवश्यक पूजा विवरण उपलब्ध कराया जाता है।
. आवश्यकता होने पर ऑनलाइन संकल्प के माध्यम से भी यह पूजा सम्पन्न कराई जा सकती है।
रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह केमद्रुम योग शांति पूजा मानसिक शांति, चंद्र दोष की शांति, सकारात्मक ऊर्जा, जीवन में स्थिरता, सुख-समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना हेतु अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

उज्जैन
पवित्र क्षिप्रा नदी के दिव्य तट पर स्थित राम घाट उज्जैन के सबसे प्रमुख, प्राचीन एवं पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। यह घाट सनातन धर्म के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आस्था, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के दौरान इस पवित्र क्षेत्र में आगमन किया था, जिसके कारण इस घाट का नाम राम घाट पड़ा।
उज्जैन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु सबसे पहले राम घाट पर स्नान, तर्पण एवं पूजा-अर्चना कर अपनी धार्मिक यात्रा का शुभारंभ करते हैं। क्षिप्रा नदी का यह पवित्र तट मोक्ष, पितृ तृप्ति, ग्रह शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
राम घाट का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्मग्रंथों एवं पुराणों में क्षिप्रा नदी को अत्यंत पवित्र एवं मोक्षदायिनी बताया गया है। राम घाट को उज्जैन के प्रमुख तीर्थस्थलों में विशेष स्थान प्राप्त है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां स्नान, दान, तर्पण एवं पूजा करने से—
विशेष रूप से अमावस्या, पूर्णिमा, श्राद्ध पक्ष, सोमवती अमावस्या एवं सिंहस्थ महापर्व के दौरान राम घाट का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
राम घाट में होने वाले प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान
राम घाट पर प्रतिदिन अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।
प्रमुख पूजाएं एवं अनुष्ठान
श्राद्ध पक्ष एवं अमावस्या के दिनों में यहां विशेष रूप से हजारों श्रद्धालु अपने पितरों की शांति हेतु धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।
राम घाट के प्रमुख पवित्र स्थल
मुख्य स्नान घाट
क्षिप्रा नदी के किनारे बना मुख्य घाट श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमुख केंद्र है। यहां स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
दीपदान स्थल
सायंकाल के समय श्रद्धालु क्षिप्रा नदी में दीप प्रवाहित कर सुख, समृद्धि एवं पितृ कृपा की कामना करते हैं। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी एवं आध्यात्मिक माना जाता है।
तर्पण एवं श्राद्ध क्षेत्र
राम घाट पर विशेष स्थान निर्धारित हैं जहां आचार्यों के मार्गदर्शन में पितृ तर्पण एवं पिंडदान अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।
यज्ञ एवं हवन स्थल
यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विभिन्न ग्रह शांति एवं धार्मिक यज्ञ सम्पन्न होते हैं।
राम घाट में पूजा करवाने के लाभ
ऐसी मान्यता है कि राम घाट पर विधिपूर्वक पूजा एवं अनुष्ठान कराने से श्रद्धालुओं को अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं—
विशेष रूप से पितृ दोष, कालसर्प दोष एवं पूर्वजों की अशांति से पीड़ित श्रद्धालुओं के लिए राम घाट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
राम घाट का आध्यात्मिक वातावरण
राम घाट का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र एवं भक्तिमय रहता है। प्रातःकालीन स्नान, वैदिक मंत्रोच्चार, संध्या आरती एवं दीपदान का दृश्य श्रद्धालुओं को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।
सायंकाल होने वाली क्षिप्रा महाआरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।
विशेष अवसरों पर यहां अत्यधिक भीड़ रहती है—
राम घाट कैसे पहुंचे
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा, इंदौर है, जो उज्जैन से लगभग पचपन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
रेल मार्ग
उज्जैन जंक्शन देश के प्रमुख नगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, अहमदाबाद एवं भोपाल से सीधे जुड़ा हुआ है।
सड़क मार्ग
उज्जैन राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से सुगमता से जुड़ा हुआ है। इंदौर, भोपाल, ओंकारेश्वर एवं अन्य प्रमुख नगरों से नियमित बस एवं किराये के वाहन उपलब्ध रहते हैं।
उज्जैन नगर के किसी भी भाग से राम घाट तक स्थानीय परिवहन आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
दर्शन एवं अनुष्ठान हेतु सर्वोत्तम समय
राम घाट वर्षभर दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खुला रहता है, किन्तु निम्न अवसर विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं—
प्रातःकालीन समय स्नान, संकल्प एवं पूजा-अनुष्ठान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
निष्कर्ष: राम घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि श्रद्धा, पितृ तृप्ति, मोक्ष एवं आध्यात्मिक साधना का महान केंद्र है। पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित यह दिव्य तीर्थ श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति एवं पूर्वजों का आशीर्वाद प्रदान करने वाला अत्यंत पुण्यदायी स्थल माना जाता है। यहां सम्पन्न होने वाले वैदिक अनुष्ठान जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले माने जाते हैं।
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान उज्जैन के पावन रामघाट पर पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा जन्मकुंडली में बने केमद्रुम योग के अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष रूप से की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह अनुष्ठान मानसिक तनाव, आर्थिक अस्थिरता, आत्मविश्वास की कमी, अकेलेपन की भावना तथा जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर मानसिक संतुलन, सकारात्मक ऊर्जा एवं सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला अत्यंत प्रभावशाली वैदिक उपाय माना जाता है।
उन्नत पैकेज में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा लगभग 3 से 4 घंटे तक सम्पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ पूजा, 11,000 चंद्र मंत्र जाप, रुद्राभिषेक एवं विशेष हवन सम्पन्न कराया जाता है।
पूजा में शामिल प्रमुख अनुष्ठान
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह केमद्रुम योग शांति अनुष्ठान मानसिक संतुलन, सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास, आर्थिक स्थिरता एवं जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति हेतु अत्यंत प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह पवित्र एवं शक्तिशाली वैदिक अनुष्ठान उज्जैन के पावन रामघाट पर पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा जन्मकुंडली में बने केमद्रुम योग के अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष रूप से की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह अनुष्ठान मानसिक तनाव, अकेलापन, आर्थिक संघर्ष, आत्मविश्वास की कमी तथा जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं को दूर कर मानसिक संतुलन, सुख, समृद्धि एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला अत्यंत प्रभावशाली वैदिक उपाय माना जाता है।
श्रेष्ठ पैकेज में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा लगभग 4 से 5 घंटे तक सम्पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ मंत्र जाप, रुद्राभिषेक, विशेष हवन एवं पूर्णाहुति सम्पन्न कराई जाती है।
पूजा में शामिल प्रमुख अनुष्ठान
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह केमद्रुम योग शांति अनुष्ठान चंद्र दोष की शांति, मानसिक संतुलन, आर्थिक स्थिरता, सकारात्मक ऊर्जा तथा जीवन में मंगलकारी परिवर्तन की प्राप्ति हेतु अत्यंत प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।