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Pujari Ji

केतु ग्रह शांति पूजा

बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
केतु ग्रह शांति पूजा

केतु ग्रह शांति पूजा वैदिक ज्योतिष एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार केतु ग्रह से संबंधित प्रतिकूल प्रभावों की शांति के लिए सम्पन्न की जाती है। केतु को छाया ग्रह माना गया है और इसे आध्यात्मिकता, वैराग्य, अंतर्ज्ञान, रहस्यमय ज्ञान तथा कर्मफल से जोड़ा जाता है। जन्मकुंडली में केतु के अशुभ या पीड़ित होने अथवा उसकी महादशा, अंतर्दशा या प्रतिकूल गोचर के समय मानसिक भ्रम, भय, अस्थिरता, अचानक बाधाओं एवं जीवन में अनिश्चितता जैसी परिस्थितियों का अनुभव होने की मान्यता है।

यह पवित्र अनुष्ठान काशी के प्रसिद्ध बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराया जाता है। भगवान बटुक भैरव को भगवान शिव का रक्षक स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार उनकी आराधना भय, बाधाओं एवं नकारात्मक प्रभावों से रक्षा की मंगलकामना के लिए की जाती है।

पूजा का प्रारम्भ भगवान श्री गणेश के पूजन एवं संकल्प से किया जाता है। इसके पश्चात भगवान बटुक भैरव, भगवान शिव, केतु देव एवं नवग्रहों का पूजन, केतु मंत्र जाप, भैरव मंत्र जाप, महामृत्युंजय मंत्र जाप, विशेष ग्रह शांति हवन एवं पूर्णाहुति सम्पन्न की जाती है।

Duration

3h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹9,100

लाभ

  • केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति तथा जीवन में शुभता और संतुलन की मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक भ्रम, भय एवं नकारात्मक विचारों से संरक्षण तथा मन की शांति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • आत्मविश्वास, साहस एवं मानसिक संतुलन की प्राप्ति के लिए मंगलकामना की जाती है।
  • अचानक आने वाली बाधाओं एवं प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा तथा अनुकूल परिणामों की प्राप्ति की प्रार्थना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति, अंतर्मुखी चिंतन एवं आंतरिक शांति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • करियर, संतान एवं पारिवारिक जीवन में शुभता, स्थिरता एवं अनुकूल परिस्थितियों की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान बटुक भैरव एवं भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुरक्षा, स्थिरता एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।

केतु ग्रह शांति पूजा

केतु ग्रह शांति पूजा उन परिस्थितियों में विशेष रूप से की जाती है जब जन्मकुंडली में केतु को अशुभ, पीड़ित अथवा प्रतिकूल स्थिति में माना जाता है। वैदिक ज्योतिष में केतु को भौतिक आसक्ति से विरक्ति, आध्यात्मिक खोज, अंतर्ज्ञान एवं कर्मफल से संबंधित ग्रह माना गया है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रतिकूल केतु प्रभाव के समय व्यक्ति को मानसिक भ्रम, भय, अस्थिरता, अचानक उत्पन्न होने वाली बाधाओं तथा निर्णय लेने में कठिनाई जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में भगवान बटुक भैरव एवं भगवान शिव की आराधना के साथ केतु ग्रह की शांति के लिए वैदिक मंत्रों एवं हवन द्वारा प्रार्थना की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

  • भगवान बटुक भैरव
  • भगवान शिव
  • केतु देव
  • भगवान गणेश
  • नवग्रह देवता

भगवान बटुक भैरव को भगवान शिव का रक्षक स्वरूप माना जाता है। उनकी आराधना भय, बाधाओं एवं नकारात्मक प्रभावों से रक्षा की मंगलकामना के लिए की जाती है। केतु देव की पूजा ग्रह संबंधी अशुभ प्रभावों की शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना के साथ की जाती है।

केतु ग्रह शांति पूजा कब करानी चाहिए?

  • केतु की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो।
  • जन्मकुंडली में केतु अशुभ या पीड़ित स्थिति में हो।
  • केतु छठे, आठवें या बारहवें भाव में प्रतिकूल प्रभाव दे रहा हो।
  • केतु से संबंधित अशुभ ग्रह योग बनने पर।
  • मानसिक भ्रम, भय या अचानक आने वाली बाधाओं की स्थिति में।
  • मंगलवार, रविवार या भैरव अष्टमी जैसे धार्मिक अवसरों पर।
  • योग्य ज्योतिषाचार्य द्वारा निर्धारित शुभ मुहूर्त में।

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जन्मकुंडली में केतु दोष अथवा केतु से संबंधित अशुभ योग होने पर।
  • मानसिक अस्थिरता, भ्रम या भय की स्थिति में।
  • जीवन में बार-बार अचानक बाधाएँ आने पर।
  • करियर अथवा व्यवसाय में अस्थिरता अनुभव होने पर।
  • संतान एवं पारिवारिक जीवन से संबंधित बाधाओं की शांति की कामना से।
  • आध्यात्मिक उन्नति एवं आंतरिक शांति की प्रार्थना हेतु।

मुख्य मंत्र

  • ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः॥
  • ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः भैरवाय नमः॥
  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

केतु ग्रह शांति पूजा के लाभ

  • केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक भ्रम, भय एवं नकारात्मक विचारों से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।
  • आत्मविश्वास, साहस एवं मानसिक संतुलन की कामना की जाती है।
  • अचानक आने वाली बाधाओं एवं प्रतिकूल परिस्थितियों से रक्षा की मंगलकामना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति, अंतर्मुखी चिंतन एवं आंतरिक शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • करियर, संतान एवं पारिवारिक जीवन में शुभता की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान बटुक भैरव एवं भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुरक्षा, स्थिरता एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्रार्थना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न होने वाली केतु ग्रह शांति पूजा भगवान शिव के रक्षक स्वरूप की आराधना एवं ग्रह शांति की वैदिक परंपरा से जुड़ी है। धार्मिक विश्वास के अनुसार भगवान बटुक भैरव की उपासना भय एवं बाधाओं से रक्षा तथा आध्यात्मिक शक्ति की मंगलकामना के लिए की जाती है।

केतु को आध्यात्मिकता एवं वैराग्य से संबंधित ग्रह माना जाता है। इसलिए इसकी शांति के लिए किया जाने वाला यह अनुष्ठान बाहरी बाधाओं के साथ-साथ मन की स्थिरता, आत्मचिंतन एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना का माध्यम भी माना जाता है।

विशेष जानकारी

  • यह पूजा बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराई जाती है।
  • आपके नाम एवं गोत्र से वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • जन्मकुंडली के अनुसार मंत्र जाप एवं पूजा-विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • पूजा के लिए आवश्यक सम्पूर्ण सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
  • अनुष्ठान में केतु पूजन, भैरव आराधना, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सम्मिलित की जाती है।
  • ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से पूजा में सहभागिता की व्यवस्था उपलब्ध है।

बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न यह केतु ग्रह शांति पूजा भगवान बटुक भैरव की कृपा प्राप्त करने हेतु अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान मानी जाती है। यह पूजा केतु दोष एवं केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक संतुलन, भय एवं नकारात्मक प्रभावों से रक्षा, सकारात्मक ऊर्जा तथा जीवन में सुख, शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक सम्पन्न की जाती है।

पूजा स्थानवाराणसी

बटुक भैरव मंदिर

बटुक भैरव मंदिर

वाराणसी

श्री बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी

काशी के कोतवाल — जहाँ भय मिटता है, कृपा बरसती है

जहाँ काशी की रक्षा होती है

वाराणसी के कामाच्छा क्षेत्र में, गलियों की आत्मा में बसा है एक ऐसा धाम — जो आकार में छोटा है, पर शक्ति में अपार।

यहाँ विराजते हैं श्री बटुक भैरव — भगवान शिव का बाल स्वरूप। न रणभूमि के भैरव, न विकराल। यहाँ वे हैं एक बालक के रूप में — निश्छल, सरल, और अपने भक्तों के लिए करुणा से भरे।

काशी उन्हें अपना कोतवाल मानती है। जो इस नगरी की रक्षा करते हैं — दिन में भी, रात में भी। जो हर संकट में ढाल बनते हैं, हर भय को हरते हैं।

पौराणिक महत्व

बटुक भैरव — यह नाम ही अपने आप में एक आश्वासन है।

पुराणों में कथा है कि जब काशी पर अदृश्य शक्तियों का संकट मँडराने लगा, तब स्वयं महादेव ने एक बालक का रूप धारण किया। वही बालक जो हर भक्त के जीवन में प्रकाश लेकर आता है, हर अड़चन को मार्ग देता है।

उनका वाहन है कुत्ता — वह पवित्र प्राणी जो स्वामिभक्ति का प्रतीक है। मंदिर के आस-पास आपको उनकी उपस्थिति मिलेगी — और भक्त इसे भैरव बाबा की जीवंत उपस्थिति मानते हैं।

मंदिर का स्वरूप

अखण्ड दीप — जो कभी नहीं बुझता

मंदिर के भीतर एक दीपक अनादिकाल से जल रहा है। यह केवल ज्योति नहीं — यह भरोसे की लौ है। इस दीपक का तेल अनेक भक्त प्रसाद स्वरूप ग्रहण करते हैं, जिसे वे आध्यात्मिक शुद्धि और कृपा का वाहक मानते हैं।

सरल भाव, असीम फल

यहाँ भेंट में आडंबर नहीं चाहिए। फूल, धूप, तेल का दीपक, मिठाई — यहाँ तक कि बिस्कुट और टॉफी भी बटुक बाबा को प्रिय हैं। क्योंकि वे बालक हैं, और बालक को सच्चा प्रेम ही चाहिए।

आरती और भजन का वातावरण

प्रातःकाल की पहली आरती से लेकर संध्या की अंतिम ज्योति तक — मंदिर में मंत्रोच्चार, घंटे की ध्वनि और दीपों की आभा एक अलग ही लोक की अनुभूति कराती है।

पूजा और अनुष्ठान

नित्य पूजा में सम्मिलितः

  • दीपदान
  • पुष्प, धूप, और नैवेद्य अर्पण
  • भैरव मंत्र का जापः "ॐ बटुक भैरवाय नमः"
  • प्रातः एवं सायंकालीन आरती व भजन

विशेष अनुष्ठानः

भैरव हवन/यज्ञ — वैदिक मंत्रों, घी, तिल और आहुतियों से संपन्न यह यज्ञ मानसिक शांति, बाधा-निवारण और जीवन में प्रगति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

उत्सवः

  • बटुक भैरव जयंती — विशेष पूजा, भजन संध्या, प्रसाद वितरण
  • महाशिवरात्रि और नवरात्रि — भव्य आयोजन, विशेष दीपदान एवं अनुष्ठान

दर्शन समय

मंदिर प्रतिदिन लगभग प्रातः 5 बजे से रात्रि 10ः30 बजे तक खुला रहता है। आरती के समय भक्तों की विशेष भीड़ रहती है।

स्थान एवं मार्ग

रथयात्रा–कामाच्छा मार्ग, कामाच्छा–भेलूपुर क्षेत्र, वाराणसी ऑटो, रिक्शा या टैक्सी से सुगमता से पहुँचा जा सकता है।

निकटवर्ती स्थानः कामाक्षी देवी मंदिर

  • भक्तों को प्राप्त होने वाले आशीर्वाद
  • भय से मुक्ति और नकारात्मकता से सुरक्षा
  • मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन की बाधाओं का नाश
  • स्वास्थ्य, समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति
  • आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास का संचार

अनेक भक्त अखण्ड दीप के तेल से आध्यात्मिक उपचार का अनुभव साझा करते हैं।

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श्री बटुक भैरव मंदिर में प्रामाणिक और व्यवस्थित पूजा सेवाएं — अब आपकी पहुँच में।

  • सम्पूर्ण बटुक भैरव पूजा व्यवस्था
  • दीपदान एवं संकल्प पूजा
  • भैरव हवन और विशेष मंत्र जाप
  • मनोकामना पूर्ति एवं सुरक्षा अनुष्ठान
  • अनुभवी वैदिक पुजारियों का मार्गदर्शन
  • ऑन-साइट एवं ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
  • आपकी विशेष समस्या के अनुसार व्यक्तिगत पूजा

हर अनुष्ठान सम्पूर्ण वैदिक विधि, श्रद्धा और प्रामाणिकता के साथ सम्पन्न किया जाता है।

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आपकी श्रद्धा — हमारी सेवा।

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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न होने वाली केतु ग्रह शांति पूजा जन्मकुंडली में केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति तथा मानसिक संतुलन, आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना के लिए किया जाने वाला विशेष वैदिक अनुष्ठान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान बटुक भैरव की आराधना साधक को भय, नकारात्मक ऊर्जा, ग्रहबाधाओं एवं विभिन्न प्रकार की अदृश्य बाधाओं से रक्षा प्रदान करने वाली मानी जाती है। इस अनुष्ठान के माध्यम से आत्मबल, साहस, मानसिक स्थिरता एवं आध्यात्मिक प्रगति की मंगलकामना की जाती है। इस उन्नत पैकेज में 2 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा भैरव पूजन, केतु मंत्र जाप, हवन एवं अन्य वैदिक विधियों सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • केतु देव पूजन
    • भगवान बटुक भैरव पूजन
    • तांत्रिक केतु मंत्र जाप – 17,000 जप
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में वैदिक विधि-विधान से पूजा
    • 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पूर्ण अनुष्ठान
    • जन्मकुंडली के अनुसार केतु ग्रह शांति हेतु विशेष पूजा
    • भगवान बटुक भैरव की आराधना के माध्यम से भय एवं नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा की मंगलकामना
    • मानसिक संतुलन, आत्मबल एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना
    • केतु मंत्र जाप एवं विशेष हवन सहित सम्पूर्ण वैदिक अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

    भगवान बटुक भैरव, भगवान शिव एवं केतु देव की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक संतुलन, साहस, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना करता है। श्रद्धा एवं संकल्प के साथ सम्पन्न यह पूजा आध्यात्मिक उन्नति, भय से रक्षा, जीवन में स्थिरता एवं शुभता की प्राप्ति के लिए अत्यंत पवित्र अनुष्ठान मानी जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹9,100₹11,00017% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    केतु ग्रह शांति पूजा एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है, जो जन्मकुंडली में केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति तथा मानसिक स्थिरता, आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना के लिए सम्पन्न कराया जाता है। यह पवित्र अनुष्ठान बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में भगवान बटुक भैरव की कृपा प्राप्त करने हेतु पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से कराया जाता है। धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार केतु से संबंधित अशुभ प्रभावों के कारण मानसिक भ्रम, भय, अचानक बाधाएँ, अस्थिरता तथा नकारात्मक प्रभावों का अनुभव हो सकता है। इस श्रेष्ठ पैकेज में 5 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा भैरव पूजन, विशेष मंत्र जाप एवं हवन सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • केतु देव पूजन
    • भगवान बटुक भैरव पूजन
    • केतु मंत्र जाप – 68,000 जप (17,000 × 4)
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में पूर्ण वैदिक विधि-विधान से पूजा
    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक अनुष्ठान
    • 68,000 केतु मंत्र जाप सहित विस्तृत ग्रह शांति अनुष्ठान
    • भगवान बटुक भैरव एवं भगवान शिव की विशेष आराधना
    • केतु के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक संतुलन एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना
    • भय, अस्थिरता एवं नकारात्मक प्रभावों से रक्षा की प्रार्थना
    • विशेष वैदिक हवन एवं मंत्र जाप सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

    भगवान बटुक भैरव एवं भगवान शिव की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक संतुलन, आध्यात्मिक विकास, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना करता है। श्रद्धा और संकल्प के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान जीवन में सुरक्षा, स्थिरता, शुभता एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹21,000₹25,00016% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • विशिष्ट

    7 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में भगवान बटुक भैरव की दिव्य कृपा प्राप्त करने तथा जन्मकुंडली में केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति के लिए पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा मानसिक भ्रम, भय, अचानक आने वाली बाधाओं, आध्यात्मिक अस्थिरता, संतान संबंधी बाधाओं तथा अन्य केतु संबंधी अशुभ प्रभावों से राहत की मंगलकामना के लिए विशेष रूप से की जाती है। इस विशिष्ट पैकेज में 7 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा केतु पूजन, भगवान बटुक भैरव की आराधना, विशेष मंत्र जाप एवं वैदिक हवन सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • केतु देव पूजन
    • भगवान बटुक भैरव पूजन
    • वैदिक केतु मंत्र जाप – 17,000 जप
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में पूर्ण वैदिक एवं शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान
    • 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक वैदिक अनुष्ठान
    • जन्मकुंडली के अनुसार संकल्प एवं पूजा-विधि
    • भगवान बटुक भैरव एवं भगवान शिव की विशेष आराधना
    • केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति हेतु विशेष मंत्र जाप एवं हवन
    • मानसिक स्थिरता, आत्मबल एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना

    आवश्यक जानकारी

    बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में श्रद्धा एवं वैदिक विधि-विधान से सम्पन्न यह केतु ग्रह शांति अनुष्ठान केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक संतुलन, आध्यात्मिक उन्नति, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना करता है। भगवान बटुक भैरव एवं भगवान शिव की कृपा से साधक के जीवन में स्थिरता, साहस, शुभता एवं आध्यात्मिक विकास की कामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹23,500₹26,00010% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • दिव्य

    21 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    यह दिव्य वैदिक अनुष्ठान बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में भगवान बटुक भैरव एवं भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने तथा जन्मकुंडली में केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना से सम्पन्न कराया जाता है। धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार केतु से संबंधित बाधाओं, मानसिक भ्रम, भय, आध्यात्मिक अस्थिरता, अचानक आने वाली रुकावटों एवं नकारात्मक प्रभावों की शांति के लिए यह अनुष्ठान विशेष माना जाता है। इस दिव्य पैकेज में 21 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा विस्तृत वैदिक विधियों, विशेष मंत्र जाप, भगवान बटुक भैरव पूजन, भगवान शिव पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है। यह अनुष्ठान 1 दिन अथवा 3 दिनों में निर्धारित विधि के अनुसार सम्पन्न किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • केतु देव पूजन
    • भगवान बटुक भैरव पूजन
    • वैदिक केतु मंत्र जाप – 68,000 जप (17,000 × 4)
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में विस्तृत वैदिक अनुष्ठान
    • 21 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक रूप से पूजा एवं मंत्र जाप
    • 1 दिन अथवा 3 दिनों में निर्धारित विधि के अनुसार अनुष्ठान
    • भगवान बटुक भैरव, भगवान शिव एवं केतु देव की विशेष आराधना
    • केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति हेतु विशेष मंत्र जाप
    • मानसिक स्थिरता, आध्यात्मिक उन्नति एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना
    • संपूर्ण अनुष्ठान वैदिक परंपरा एवं शास्त्रोक्त विधि के अनुसार सम्पन्न किया जाएगा

    आवश्यक जानकारी

    भगवान बटुक भैरव एवं भगवान शिव की कृपा से सम्पन्न यह दिव्य वैदिक अनुष्ठान केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक संतुलन, आध्यात्मिक उन्नति एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना करता है। श्रद्धा और संकल्प के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान जीवन में स्थिरता, आत्मबल एवं शुभता की प्राप्ति तथा नकारात्मक प्रभावों से आध्यात्मिक संरक्षण की प्रार्थना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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  3. पुजारीजी

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  4. पुजारीजी

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    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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