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Pujari Ji

कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा

राम घाट, उज्जैन
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा

यह पवित्र अनुष्ठान रामघाट, उज्जैन में पावन क्षिप्रा नदी के तट पर पूर्ण वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। भगवान महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में सम्पन्न यह पूजा विशेष रूप से कृष्ण चतुर्दशी जनन दोष, जन्म तिथि दोष, चंद्र दोष एवं ग्रहजन्य अशुभ प्रभावों की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।

Duration

3h – 5h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • केतु ग्रह शांति पूजा से केतु दोष एवं उसके अशुभ प्रभावों की शांति प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
  • मानसिक भ्रम, भय एवं भावनात्मक अस्थिरता को कम करने में सहायक होती है।
  • एकाग्रता, निर्णय क्षमता एवं आत्मविश्वास में वृद्धि करने में लाभकारी मानी जाती है।
  • अचानक आने वाली बाधाओं, चुनौतियों एवं अप्रत्याशित हानियों से राहत प्राप्त करने में सहायता करती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति एवं आत्मज्ञान की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।

कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा

यह पवित्र कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा पावन रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराई जाती है। प्राचीन काल से उज्जैन जन्म शांति, ग्रह शांति एवं वैदिक अनुष्ठानों का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। भगवान महाकाल की नगरी में स्थित रामघाट पर सम्पन्न जन्म शांति एवं ग्रह शांति अनुष्ठानों को विशेष पुण्यदायी एवं शीघ्र फलदायी माना जाता है।

कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा एक विशेष वैदिक एवं शास्त्रोक्त अनुष्ठान है, जो उन जातकों अथवा नवजात शिशुओं के लिए किया जाता है जिनका जन्म कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि में हुआ हो। धर्मशास्त्र एवं वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस तिथि में जन्म लेने वाले जातकों के लिए विशेष शांति अनुष्ठान का विधान बताया गया है, जिससे जन्म तिथि से जुड़े संभावित अशुभ प्रभावों की शांति एवं जीवन में सुख, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना की जाती है।

शास्त्रीय मान्यता के अनुसार चतुर्दशी तिथि को छह भागों में विभाजित किया गया है। यदि जातक का जन्म द्वितीय, तृतीय अथवा षष्ठ भाग में हुआ हो, तो सामान्य शांति के साथ गोमुख प्रसव शांति सहित विशेष वैदिक अनुष्ठान करने का विधान बताया गया है। अन्य भागों में जन्म होने पर सामान्य कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा सम्पन्न कराई जाती है। गोमुख प्रसव शांति में विशेष वैदिक मंत्र, रुद्र पूजन, वरुण पूजन, भगवान विष्णु की आराधना एवं हवन के माध्यम से शिशु एवं परिवार के कल्याण की मंगलकामना की जाती है।

पूजा का प्रारम्भ भगवान श्री गणेश के पूजन एवं संकल्प से किया जाता है। इसके पश्चात भगवान शिव, भगवान विष्णु, चंद्र देव, नवग्रहों, रुद्र एवं वरुण देव का पूजन, वैदिक मंत्र जप, महामृत्युंजय मंत्र जप, विशेष हवन तथा पूर्णाहुति सम्पन्न कराई जाती है। अंत में आरती एवं आशीर्वाद के साथ शिशु एवं परिवार के स्वास्थ्य, सुरक्षा, दीर्घायु, मानसिक शांति एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पवित्र अनुष्ठान में मुख्य रूप से भगवान शिव, भगवान विष्णु, चंद्र देव, नवग्रह देवताओं एवं वरुण देव की विशेष आराधना की जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार इन देवताओं की कृपा से जन्म तिथि से जुड़े अशुभ प्रभाव शांत होते हैं तथा जातक के जीवन में स्वास्थ्य, सुरक्षा, मानसिक संतुलन एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह पूजा कृष्ण चतुर्दशी जनन दोष की शांति के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है।

यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • यदि शिशु अथवा जातक का जन्म कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि में हुआ हो।
  • जन्म के बाद शुभ मुहूर्त अथवा योग्य वैदिक आचार्य के परामर्श अनुसार।
  • जन्म तिथि दोष, चंद्र दोष अथवा ग्रहजन्य अशुभ प्रभावों की शांति हेतु।
  • यदि जीवन में बार-बार मानसिक तनाव, स्वास्थ्य संबंधी बाधाएं अथवा पारिवारिक समस्याएं अनुभव हो रही हों।
  • जन्मकुंडली के परीक्षण के बाद वैदिक ज्योतिषीय परामर्श अनुसार।

किन समस्याओं में यह पूजा करानी चाहिए?

  • कृष्ण चतुर्दशी जनन दोष।
  • जन्म तिथि दोष।
  • चंद्र दोष एवं ग्रहजन्य अशुभ प्रभाव।
  • मानसिक तनाव एवं भावनात्मक अस्थिरता।
  • शिशु के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी चिंताएं।
  • पारिवारिक अशांति।
  • जीवन में बार-बार आने वाली बाधाएं।
  • मानसिक संतुलन एवं सकारात्मक ऊर्जा की कमी।

कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा के लाभ

  • जन्म तिथि दोष एवं ग्रहजन्य अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति की प्रार्थना की जाती है।
  • चंद्र दोष एवं नकारात्मक ग्रह प्रभावों के शमन की कामना की जाती है।
  • शिशु के उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं दीर्घायु की मंगलकामना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
  • भगवान शिव की कृपा से जीवन में स्थिरता एवं मंगलकारी परिणामों की कामना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा केवल जन्म तिथि दोष की शांति का उपाय नहीं, बल्कि शिशु एवं परिवार के आध्यात्मिक, मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण के लिए भी एक महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

रामघाट, उज्जैन में वैदिक मंत्रों, शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं हवन के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान भगवान शिव, भगवान विष्णु, चंद्र देव एवं नवग्रहों की कृपा प्राप्त करने का प्रभावशाली माध्यम माना जाता है। इससे जीवन में मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा, सुरक्षा एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।

हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रों के अनुसार यह अनुष्ठान श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराते हैं।

विशेष जानकारी

  • यह पूजा रामघाट, उज्जैन में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराई जाती है।
  • सम्पूर्ण अनुष्ठान शास्त्रोक्त वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न होता है।
  • पूजा हेतु आवश्यक समस्त ंaतेरिaल हमारी ओर से उपलब्ध कराया जाता है।
  • जन्म तिथि एवं जन्मकुंडली के अनुसार संकल्प, मंत्र जप एवं पूजा-विधि निर्धारित की जाती है।
  • पूजा सम्पन्न होने के पश्चात प्रसाद एवं आवश्यक पूजा विवरण उपलब्ध कराया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर ऑनलाइन संकल्प के माध्यम से भी यह पूजा सम्पन्न कराई जा सकती है।

रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा जन्म तिथि दोष की शांति, शिशु के स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, सुरक्षा, सकारात्मक ऊर्जा एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना हेतु अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

पूजा स्थानउज्जैन

राम घाट

राम घाट

उज्जैन

पवित्र क्षिप्रा नदी के दिव्य तट पर स्थित राम घाट उज्जैन के सबसे प्रमुख, प्राचीन एवं पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। यह घाट सनातन धर्म के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आस्था, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के दौरान इस पवित्र क्षेत्र में आगमन किया था, जिसके कारण इस घाट का नाम राम घाट पड़ा।

उज्जैन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु सबसे पहले राम घाट पर स्नान, तर्पण एवं पूजा-अर्चना कर अपनी धार्मिक यात्रा का शुभारंभ करते हैं। क्षिप्रा नदी का यह पवित्र तट मोक्ष, पितृ तृप्ति, ग्रह शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

राम घाट का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्मग्रंथों एवं पुराणों में क्षिप्रा नदी को अत्यंत पवित्र एवं मोक्षदायिनी बताया गया है। राम घाट को उज्जैन के प्रमुख तीर्थस्थलों में विशेष स्थान प्राप्त है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां स्नान, दान, तर्पण एवं पूजा करने से—

  • पितरों को तृप्ति प्राप्त होती है।
  • पितृ दोष में शांति मिलती है।
  • ग्रह बाधाओं का निवारण होता है।
  • जीवन के पापों का क्षय होता है।
  • आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त होती है।
  • सुख, समृद्धि एवं मानसिक शांति प्राप्त होती है।
  • मोक्ष मार्ग की प्राप्ति का पुण्य मिलता है।

विशेष रूप से अमावस्या, पूर्णिमा, श्राद्ध पक्ष, सोमवती अमावस्या एवं सिंहस्थ महापर्व के दौरान राम घाट का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

राम घाट में होने वाले प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान

राम घाट पर प्रतिदिन अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।

प्रमुख पूजाएं एवं अनुष्ठान

  • पितृ तर्पण
  • पिंडदान
  • नारायणबली पूजा
  • त्रिपिंडी श्राद्ध
  • कालसर्प दोष शांति पूजा
  • नवग्रह शांति पूजा
  • महामृत्युंजय जाप
  • रुद्राभिषेक
  • क्षिप्रा दीपदान
  • संकल्प पूजा
  • ग्रह शांति हवन
  • पूर्वज मोक्ष अनुष्ठान
  • विशेष अमावस्या तर्पण

श्राद्ध पक्ष एवं अमावस्या के दिनों में यहां विशेष रूप से हजारों श्रद्धालु अपने पितरों की शांति हेतु धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।

राम घाट के प्रमुख पवित्र स्थल

मुख्य स्नान घाट

क्षिप्रा नदी के किनारे बना मुख्य घाट श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमुख केंद्र है। यहां स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

दीपदान स्थल

सायंकाल के समय श्रद्धालु क्षिप्रा नदी में दीप प्रवाहित कर सुख, समृद्धि एवं पितृ कृपा की कामना करते हैं। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी एवं आध्यात्मिक माना जाता है।

तर्पण एवं श्राद्ध क्षेत्र

राम घाट पर विशेष स्थान निर्धारित हैं जहां आचार्यों के मार्गदर्शन में पितृ तर्पण एवं पिंडदान अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।

यज्ञ एवं हवन स्थल

यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विभिन्न ग्रह शांति एवं धार्मिक यज्ञ सम्पन्न होते हैं।

राम घाट में पूजा करवाने के लाभ

ऐसी मान्यता है कि राम घाट पर विधिपूर्वक पूजा एवं अनुष्ठान कराने से श्रद्धालुओं को अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं—

  • पितृ दोष से मुक्ति
  • पूर्वजों की कृपा प्राप्ति
  • ग्रह दोषों की शांति
  • मानसिक तनाव में कमी
  • परिवार में सुख एवं समृद्धि
  • स्वास्थ्य एवं आयु में वृद्धि
  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश
  • व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में उन्नति
  • आध्यात्मिक जागृति
  • मोक्ष प्राप्ति का पुण्य

विशेष रूप से पितृ दोष, कालसर्प दोष एवं पूर्वजों की अशांति से पीड़ित श्रद्धालुओं के लिए राम घाट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

राम घाट का आध्यात्मिक वातावरण

राम घाट का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र एवं भक्तिमय रहता है। प्रातःकालीन स्नान, वैदिक मंत्रोच्चार, संध्या आरती एवं दीपदान का दृश्य श्रद्धालुओं को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।

सायंकाल होने वाली क्षिप्रा महाआरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।

विशेष अवसरों पर यहां अत्यधिक भीड़ रहती है—

  • सिंहस्थ कुंभ
  • सोमवती अमावस्या
  • श्राद्ध पक्ष
  • पूर्णिमा
  • अमावस्या
  • श्रावण मास
  • महाशिवरात्रि
  • कार्तिक पूर्णिमा

राम घाट कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा, इंदौर है, जो उज्जैन से लगभग पचपन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

रेल मार्ग

उज्जैन जंक्शन देश के प्रमुख नगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, अहमदाबाद एवं भोपाल से सीधे जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग

उज्जैन राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से सुगमता से जुड़ा हुआ है। इंदौर, भोपाल, ओंकारेश्वर एवं अन्य प्रमुख नगरों से नियमित बस एवं किराये के वाहन उपलब्ध रहते हैं।

उज्जैन नगर के किसी भी भाग से राम घाट तक स्थानीय परिवहन आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

दर्शन एवं अनुष्ठान हेतु सर्वोत्तम समय

राम घाट वर्षभर दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खुला रहता है, किन्तु निम्न अवसर विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं—

  • अमावस्या
  • पूर्णिमा
  • श्राद्ध पक्ष
  • सोमवती अमावस्या
  • कार्तिक मास
  • श्रावण मास
  • महाशिवरात्रि

प्रातःकालीन समय स्नान, संकल्प एवं पूजा-अनुष्ठान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

निष्कर्ष: राम घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि श्रद्धा, पितृ तृप्ति, मोक्ष एवं आध्यात्मिक साधना का महान केंद्र है। पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित यह दिव्य तीर्थ श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति एवं पूर्वजों का आशीर्वाद प्रदान करने वाला अत्यंत पुण्यदायी स्थल माना जाता है। यहां सम्पन्न होने वाले वैदिक अनुष्ठान जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले माने जाते हैं।

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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान उज्जैन के पावन रामघाट पर पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा कृष्ण चतुर्दशी तिथि में जन्म से संबंधित दोष, चंद्र दोष, मानसिक तनाव एवं ग्रहजन्य अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष रूप से की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह अनुष्ठान शिशु एवं जातक के जीवन में स्वास्थ्य, सुरक्षा, मानसिक संतुलन एवं सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए अत्यंत शुभ एवं फलदायी माना जाता है।

    इस उन्नत पैकेज में 2 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा लगभग 3 से 4 घंटे तक सम्पूर्ण वैदिक विधि-विधान, मंत्र जाप एवं हवन सहित पूजा सम्पन्न कराई जाती है।

    पूजा में शामिल प्रमुख अनुष्ठान

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • मातृका पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • भगवान शिव (रुद्र) पूजन
    • रुद्राभिषेक
    • वरुण पूजन
    • भगवान विष्णु पूजन
    • चंद्र शांति मंत्र जाप
    • विशेष वैदिक हवन एवं आहुति
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पूर्ण वैदिक एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से पूजा सम्पन्न होगी।
    • जन्म तिथि एवं जन्मकुंडली के अनुसार संकल्प एवं पूजा-विधि निर्धारित की जाएगी।
    • पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था हमारी टीम द्वारा की जाएगी।
    • पूजा सम्पन्न होने के बाद प्रसाद एवं आवश्यक पूजा विवरण उपलब्ध कराया जाएगा।
    • बुकिंग के बाद पूजा की तिथि, समय एवं आवश्यक निर्देश साझा किए जाएंगे।

    आवश्यक जानकारी

    • पूजा बुकिंग के समय जातक का नाम, जन्म तिथि, जन्म समय एवं जन्म स्थान उपलब्ध कराएँ।
    • संकल्प हेतु गोत्र (यदि ज्ञात हो) साझा करें।
    • श्रद्धालु निर्धारित समय पर रामघाट, उज्जैन पहुँचें।
    • पूजा के समय स्वच्छ एवं पारंपरिक वस्त्र धारण करें तथा सम्पूर्ण अनुष्ठान के दौरान सात्विक वातावरण बनाए रखें।

    रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति अनुष्ठान जन्म तिथि दोष की शांति, मानसिक संतुलन, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के संचार हेतु अत्यंत पवित्र एवं फलदायी वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹15,00027% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    यह विशेष एवं विस्तृत वैदिक अनुष्ठान उज्जैन के पावन रामघाट पर पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा कृष्ण चतुर्दशी जन्म दोष, चंद्र दोष, मानसिक तनाव एवं ग्रहजन्य अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष रूप से की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह अनुष्ठान शिशु एवं जातक के जीवन में स्वास्थ्य, सुरक्षा, मानसिक संतुलन, सकारात्मक ऊर्जा एवं सुख-समृद्धि की मंगलकामना हेतु अत्यंत शुभ एवं फलदायी माना जाता है।

    इस श्रेष्ठ पैकेज में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा लगभग 3 से 4 घंटे तक विस्तृत वैदिक विधियों, मंत्र जाप एवं विशेष हवन सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल प्रमुख अनुष्ठान

    • संकल्प
    • स्वस्तिवाचन
    • गणेश पूजन
    • पुण्याह वाचन
    • कलश स्थापना
    • मातृका पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • वरुण पूजन
    • भगवान विष्णु पूजन
    • चंद्र शांति मंत्र जाप
    • महामृत्युंजय मंत्र जाप – 5,100 जप
    • विशेष वैदिक हवन एवं आहुति
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पूर्ण वैदिक एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से पूजा सम्पन्न होगी।
    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विस्तृत मंत्र जाप एवं विशेष अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाएगा।
    • जन्म विवरण के अनुसार संकल्प एवं पूजा-विधि निर्धारित की जाएगी।
    • पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था हमारी टीम द्वारा की जाएगी।
    • समय-समय पर पूजा की जानकारी एवं आवश्यक अपडेट्स प्रदान किए जाएंगे।
    • पूजा सम्पन्न होने के बाद आवश्यक पूजा विवरण उपलब्ध कराया जाएगा।

    आवश्यक जानकारी

    • संकल्प के लिए जातक का नाम, गोत्र (यदि ज्ञात हो), जन्म तिथि, जन्म समय एवं जन्म स्थान आवश्यक होगा।
    • यदि आप स्वयं उपस्थित होंगे, तो निर्धारित समय पर रामघाट, उज्जैन पहुँचें।
    • पूजा के समय स्वच्छ एवं पारंपरिक वस्त्र धारण करना तथा सम्पूर्ण अनुष्ठान के दौरान सात्विक वातावरण बनाए रखना शुभ माना जाता है।

    रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति अनुष्ठान जन्म तिथि दोष की शांति, मानसिक संतुलन, स्वास्थ्य, सुरक्षा, सकारात्मक ऊर्जा एवं जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति हेतु अत्यंत पवित्र एवं फलदायी वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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