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Pujari Ji

कुंभ विवाह

मार्कंडेय महादेव, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
कुंभ विवाह

कुंभ विवाह पूजा एक विशेष वैदिक एवं ज्योतिषीय अनुष्ठान है, जिसे विशेष रूप से मांगलिक दोष अथवा विवाह संबंधी प्रतिकूल ग्रह स्थितियों के संदर्भ में सम्पन्न कराया जाता है। धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ परिस्थितियों में विवाह से पहले इस प्रकार का प्रतीकात्मक अनुष्ठान कराया जाता है।

मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी भगवान शिव के प्रति श्रद्धा का प्राचीन एवं पूजनीय केंद्र माना जाता है। भगवान मार्कण्डेय महादेव की आराधना के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान वैवाहिक बाधाओं की शांति, मंगल ग्रह के अनुकूल प्रभाव तथा सुखी दांपत्य जीवन की मंगलकामना के लिए किया जाता है।

Duration

2h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मांगलिक दोष के प्रतिकूल प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • विवाह में आने वाली बाधाओं के शमन एवं अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह के लिए अनुकूल समय, परिस्थितियों एवं शुभ अवसरों की प्राप्ति हेतु प्रार्थना की जाती है।
  • दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास, मधुरता एवं आपसी सामंजस्य की मंगलकामना की जाती है।
  • मंगल ग्रह के शुभ प्रभावों की प्राप्ति तथा जीवन में सकारात्मकता और संतुलन के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख, सौहार्द, शांति एवं स्थिरता के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।

कुंभ विवाह

कुंभ विवाह एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है, जिसमें शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार पवित्र कलश को विवाह के प्रतीक के रूप में स्थापित करके कन्या का प्रतीकात्मक विवाह सम्पन्न कराया जाता है। ज्योतिषीय परंपरा में इसे विशेष रूप से मांगलिक दोष अथवा विवाह संबंधी कुछ प्रतिकूल योगों की शांति की मंगलकामना से जोड़ा जाता है।

जन्म कुंडली में मंगल ग्रह की विशेष स्थिति को मांगलिक दोष से संबंधित माना जाता है। ऐसी स्थिति में कुछ ज्योतिषीय परंपराएँ विवाह में विलंब, संबंधों में तनाव अथवा वैवाहिक जीवन से जुड़ी चुनौतियों की संभावना का उल्लेख करती हैं। कुंभ विवाह पूजा ऐसे ग्रह प्रभावों की शांति तथा विवाह के लिए शुभता की प्रार्थना के उद्देश्य से सम्पन्न की जाती है।

पूजा में वैदिक संकल्प, भगवान गणेश का पूजन, भगवान शिव एवं मंगल ग्रह की आराधना, कुंभ स्थापना, वैदिक मंत्रोच्चार, हवन तथा पूर्णाहुति सहित निर्धारित विधि का पालन किया जाता है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस अनुष्ठान में निम्न देवताओं की आराधना की जाती हैः

  • भगवान मार्कण्डेय महादेव
  • भगवान गणेश
  • मंगल ग्रह देव
  • नवग्रह देवता
  • कलश में प्रतिष्ठित देवशक्तियाँ

भगवान शिव की आराधना वैदिक एवं पौराणिक परंपरा में कल्याण, आध्यात्मिक संरक्षण तथा मंगलकामना से जुड़ी मानी जाती है। मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम तथा वैवाहिक विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। इसलिए मांगलिक दोष की शांति के लिए मंगल ग्रह की आराधना विशेष महत्व रखती है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • जन्म कुंडली में मांगलिक दोष होने पर
  • विवाह में बार-बार बाधाएँ आने पर
  • विवाह में अधिक विलंब होने पर
  • वैवाहिक संबंधों से जुड़े प्रतिकूल ज्योतिषीय योग होने पर
  • मंगल ग्रह की महादशा अथवा अंतर्दशा के दौरान, ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार
  • योग्य ज्योतिषाचार्य द्वारा निर्धारित शुभ तिथि एवं मुहूर्त में

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जन्म कुंडली में मांगलिक दोष होने पर
  • विवाह संबंधी बाधाओं की शांति की मंगलकामना हेतु
  • विवाह में विलंब होने पर
  • बार-बार विवाह संबंध बनने के बाद समाप्त होने की स्थिति में
  • वैवाहिक जीवन में सुख एवं स्थिरता की प्रार्थना के लिए
  • मंगल ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति हेतु

प्रमुख मंत्र

  • ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥
  • ॐ नमः शिवाय॥
  • ॐ गं गणपतये नमः॥

पूजा के लाभ

धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अनुष्ठान के माध्यम से निम्न मंगलकामनाएँ की जाती हैंः

  • मांगलिक दोष के प्रतिकूल प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • विवाह में आने वाली बाधाओं के निवारण की मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह के लिए अनुकूल परिस्थितियों की प्रार्थना की जाती है।
  • दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास एवं सामंजस्य की कामना की जाती है।
  • मंगल ग्रह के शुभ प्रभावों की प्राप्ति हेतु प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख, सौहार्द एवं स्थिरता के लिए प्रार्थना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी भगवान शिव की आराधना का प्राचीन एवं पूजनीय स्थल माना जाता है। धार्मिक परंपरा में इस स्थान का संबंध महर्षि मार्कण्डेय और भगवान शिव की कृपा से जोड़ा जाता है। भगवान मार्कण्डेय महादेव की उपासना श्रद्धालुओं द्वारा आयु, आरोग्य, आध्यात्मिक संरक्षण एवं जीवन में शुभता की मंगलकामना के लिए की जाती है।

इस पवित्र स्थल पर सम्पन्न कुंभ विवाह पूजा वैदिक परंपरा, शिव आराधना तथा ग्रह शांति की भावना से जुड़ा अनुष्ठान है। श्रद्धालु इस पूजा के माध्यम से मांगलिक दोष की शांति, विवाह संबंधी बाधाओं के निवारण तथा सुखी एवं स्थिर वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करते हैं।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • श्रद्धालु के नाम, गोत्र एवं जन्म विवरण के अनुसार वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्म कुंडली के आधार पर अनुष्ठान की विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • कुंभ स्थापना एवं प्रतीकात्मक विवाह वैदिक विधि के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है।
  • सम्पूर्ण पूजन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
  • वैदिक मंत्रोच्चार, हवन एवं पूर्णाहुति सहित अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।

यदि आप मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी (वाराणसी) में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से कुंभ विवाह पूजा कराना चाहते हैं, तो पूजारिजी.कॉम के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन बुकिंग कर सकते हैं। पूजा के प्रत्येक चरण में संकल्प, वैदिक मंत्रोच्चार एवं सम्पूर्ण व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाता है।

पूजा स्थानवाराणसी

मार्कंडेय महादेव

मार्कंडेय महादेव

वाराणसी

मार्कंडेय महादेव मंदिर वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत कैथी गाँव में गंगा–गोमती संगम पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन, पौराणिक और सिद्ध शिवधाम है।

यह मंदिर विशेष रूप से संतान प्राप्ति, अकाल मृत्यु भय निवारण, गंभीर रोग शांति तथा कष्ट मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।

मंदिर का इतिहास

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह स्थान ऋषि मार्कंडेय की तपोभूमि है। अल्पायु होने के कारण जब यमराज उनके प्राण हरने आए, तब ऋषि मार्कंडेय ने यहीं शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की घोर तपस्या की।

भगवान शिव प्रकट हुए, यमराज को रोका और ऋषि मार्कंडेय को अमरता का वरदान प्रदान किया। इसी कारण यह स्थल मार्कंडेय महादेव तथा महामृत्युंजय मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसका उल्लेख मार्कंडेय पुराण में भी मिलता है।

पौराणिक एवं धार्मिक महत्व

यह धाम महामृत्युंजय स्वरूप में भगवान शिव की आराधना का प्रमुख केंद्र है।

मान्यता है कि यहाँ पूजा करने से—

  • संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है
  • गर्भ बाधा का निवारण होता है
  • वंश वृद्धि होती है

सावन मास, प्रदोष और त्रयोदशी तिथि पर यहाँ विशेष भीड़ रहती है।

यह स्थल पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में गिना जाता है और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के तुल्य प्रभावशाली माना जाता है।

यहाँ होने वाली प्रमुख पूजाएँ

पुजारी जी के माध्यम से या स्थल पर निम्न पूजाएँ कराई जाती हैंः

संतान प्राप्ति विशेष पूजा

  • संतान गोपाल मंत्र जप
  • संतान बाधा निवारण हवन
  • दंपत्ति विशेष संकल्प पूजा

महामृत्युंजय पूजा

  • महामृत्युंजय मंत्र जप
  • लघु मृत्युंजय अनुष्ठान
  • अकाल मृत्यु, रोग, भय एवं ग्रहबाधा शांति हेतु

शिव रुद्राभिषेक

  • दूध, दही, घृत, गंगाजल एवं तीर्थ जल से अभिषेक
  • सावन, महाशिवरात्रि एवं नागपंचमी पर विशेष फलदायी

अन्य पूजाएँ

  • मंगल दोष निवारण पूजा
  • विवाह बाधा निवारण पूजा
  • ग्रह शांति एवं विशेष अनुष्ठान

प्रमुख मंत्र (श्रद्धालुओं हेतु)

महामृत्युंजय मंत्रः

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥

संतान गोपाल मंत्रः

ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।

देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥

कैसे पहुँचे?

  • दूरीः वाराणसी शहर से लगभग 30 किमी
  • मार्गः वाराणसी–गाजीपुर राजमार्ग
  • निकटतम रेलवे स्टेशनः
  • राजवारी स्टेशन – लगभग 7 किमी
  • औनिहार जंक्शन – लगभग 11 किमी
  • स्थानः कैथी गाँव, गंगा–गोमती संगम, वाराणसी

श्रद्धालुओं के लिए विशेष

  • यह मंदिर अत्यंत शांत, प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण में स्थित है। संगम तट पर होने के कारण यहाँ ध्यान, जप और अनुष्ठान का प्रभाव विशेष रूप से अनुभव किया जाता है।
  • मार्कंडेय महादेव मंदिर, कैथी केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि संतान सुख, जीवन रक्षा और शिव कृपा का सिद्ध केंद्र है। जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहाँ पूजन करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।
मंदिर विवरण देखें

तीर्थ नहीं जा पा रहे हैं?

जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।

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हमारी गारंटी

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    1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    वाराणसी के निकट स्थित प्राचीन एवं सिद्ध मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा संपूर्ण कुंभ विवाह संस्कार एवं संबंधित वैदिक पूजन शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह अनुष्ठान मांगलिक दोष, विवाह में आने वाली बाधाओं, विवाह में विलंब तथा वैवाहिक जीवन से जुड़ी अन्य समस्याओं की शांति की मंगलकामना से किया जाता है।

    यह संस्कार विशेष रूप से उन जातकों के लिए किया जाता है जिनकी कुंडली में मंगल दोष या विवाह संबंधी बाधाओं के ज्योतिषीय संकेत हों। धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुंभ विवाह के माध्यम से वैवाहिक जीवन में सुख, शांति एवं स्थिरता की मंगलकामना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • स्वस्तिवाचन
    • कलश स्थापना
    • नवग्रह पूजन
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव का पूजन
    • कुंभ पूजन
    • प्रतीकात्मक कुंभ विवाह संस्कार
    • अभिषेक
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में शास्त्रोक्त विधि-विधान से अनुष्ठान
    • अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा संपूर्ण कुंभ विवाह संस्कार
    • मांगलिक दोष एवं विवाह संबंधी बाधाओं की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • कुंभ पूजन एवं प्रतीकात्मक कुंभ विवाह संस्कार
    • पूजा की संपूर्ण व्यवस्था

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • यजमान को स्वच्छ एवं पारंपरिक वस्त्र धारण करने चाहिए

    मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में श्रद्धापूर्वक संपन्न किया जाने वाला यह कुंभ विवाह संस्कार मांगलिक दोष एवं वैवाहिक बाधाओं के शमन तथा सुखी, शांतिपूर्ण और स्थिर वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए किया जाता है। भगवान मार्कण्डेय महादेव की आराधना, कुंभ पूजन, वैदिक अनुष्ठान एवं अभिषेक के माध्यम से यजमान के जीवन में वैवाहिक सुख, शांति, सकारात्मकता एवं मंगल की प्रार्थना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹13,00015% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    वाराणसी के निकट स्थित प्राचीन मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा कुंभ विवाह संस्कार, विशेष मंत्र जाप एवं विस्तृत वैदिक पूजा विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह अनुष्ठान मांगलिक दोष, विवाह में आने वाली बाधाओं तथा बार-बार उत्पन्न होने वाली वैवाहिक समस्याओं की शांति और सुखी वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए किया जाता है। प्रतीकात्मक कुंभ विवाह संस्कार के साथ भगवान मार्कण्डेय महादेव की विशेष आराधना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • स्वस्तिवाचन
    • पुण्याह वाचन
    • कलश स्थापना
    • नवग्रह पूजन
    • मंगल दोष शांति पूजन
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव का विशेष पूजन
    • कुंभ पूजन
    • मंगल मंत्र जाप
    • प्रतीकात्मक कुंभ विवाह संस्कार
    • अभिषेक
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान
    • 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूजा एवं कुंभ विवाह संस्कार
    • मांगलिक दोष एवं वैवाहिक बाधाओं की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान
    • प्रतीकात्मक कुंभ विवाह संस्कार के साथ विस्तृत वैदिक पूजा
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव की विशेष आराधना
    • अभिषेक, आरती एवं प्रसाद सहित संपूर्ण अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • पूजा की तिथि

    मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में श्रद्धापूर्वक संपन्न किया जाने वाला यह कुंभ विवाह अनुष्ठान मांगलिक दोष एवं वैवाहिक बाधाओं की शांति तथा सुखी, शांतिपूर्ण और मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए किया जाता है। भगवान शिव की आराधना, मंत्र जाप, कुंभ विवाह संस्कार और वैदिक अनुष्ठानों के माध्यम से यजमान एवं परिवार के कल्याण, सकारात्मकता और वैवाहिक सुख की प्रार्थना की जाती है।

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    ₹13,000₹15,00013% off

    2 वस्तुएँ शामिल

कुंभ विवाह के बारे में हमसे बात करें

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

एक बार बुक करें — बाकी सब पुजारीजी संभाले

एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।

  1. आप

    बुक करें और संकल्प बताएँ

    पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।

  2. पुजारीजी

    हम प्रमाणित पुजारी नियुक्त करते हैं

    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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