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Pujari Ji

लघु मृत्युंजय मंत्र जप पूजा

गौरी केदारेश्वर मंदिर, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
लघु मृत्युंजय मंत्र जप पूजा

गौरी केदारेश्वर मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न होने वाली लघु मृत्युंजय मंत्र जाप पूजा भगवान केदारेश्वर महादेव एवं माता गौरी की आराधना से संबंधित एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव की उपासना से आरोग्य, दीर्घायु, मानसिक शांति, आत्मबल तथा आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।

यह अनुष्ठान विशेष रूप से रोग, भय, मानसिक तनाव, ग्रह बाधा, दुर्घटना संबंधी भय तथा जीवन में आने वाले संकटों की शांति की प्रार्थना के लिए किया जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मारकेश ग्रहों की महादशा अथवा अंतर्दशा तथा अन्य प्रतिकूल ग्रह स्थितियों में भी इस पूजा की सलाह दी जाती है।

पूजा का प्रारम्भ भगवान गणेश के पूजन एवं संकल्प से किया जाता है। इसके पश्चात माता गौरी, भगवान केदारेश्वर महादेव एवं नवग्रहों का पूजन, रुद्राभिषेक, लघु मृत्युंजय मंत्र जाप, महामृत्युंजय मंत्र जाप, वैदिक हवन, पूर्णाहुति एवं आरती सम्पन्न की जाती है।

Duration

3h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • भगवान केदारेश्वर महादेव एवं माता गौरी की कृपा, आशीर्वाद एवं संरक्षण की मंगलकामना की जाती है।
  • उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक चिंतन के विकास की कामना की जाती है।
  • रोग, भय एवं ग्रहजन्य अशुभ प्रभावों की शांति तथा अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • दुर्घटना एवं आकस्मिक संकटों से सुरक्षा तथा जीवन में संरक्षण की मंगलकामना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख, शांति, सौहार्द एवं समृद्धि की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति तथा भगवान शिव के प्रति भक्ति, श्रद्धा एवं समर्पण की भावना को सुदृढ़ करने की मंगलकामना की जाती है।

लघु मृत्युंजय मंत्र जप पूजा

गौरी केदारेश्वर मंदिर वाराणसी के प्राचीन एवं पूजनीय शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। यहाँ भगवान केदारेश्वर महादेव के साथ माता गौरी की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस पावन स्थल पर भगवान शिव की उपासना स्वास्थ्य, दीर्घायु, मानसिक शांति एवं आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना के लिए की जाती है।

लघु मृत्युंजय मंत्र जाप भगवान शिव की आराधना का एक विशेष स्वरूप माना जाता है। इस अनुष्ठान में श्रद्धा एवं विधिपूर्वक मंत्र जाप के माध्यम से रोग, भय, संकट, ग्रहजन्य कष्ट तथा अकाल मृत्यु के भय से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मारकेश ग्रहों की महादशा, अंतर्दशा, प्रतिकूल ग्रह स्थिति, दुर्घटना योग अथवा स्वास्थ्य संबंधी कठिन परिस्थितियों में इस अनुष्ठान को कराने की परंपरा है। यह पूजा किसी निश्चित परिणाम की गारंटी के रूप में नहीं, बल्कि भगवान शिव की कृपा एवं कल्याण की प्रार्थना के रूप में सम्पन्न की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा में निम्न देवताओं का विधिपूर्वक पूजन किया जाता हैः

  • भगवान केदारेश्वर महादेव
  • माता गौरी
  • भगवान गणेश
  • नवग्रह देवता

भगवान शिव को मृत्युंजय स्वरूप में आरोग्य, आयु एवं संकटों से रक्षा की प्रार्थना के लिए पूजित किया जाता है। माता गौरी की आराधना पारिवारिक सुख, सौभाग्य एवं मंगलमय जीवन की मंगलकामना से की जाती है।

प्रमुख मंत्र

  • ॐ हौं जूं सः॥
  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
  • ॐ नमः शिवाय॥

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • सोमवार
  • प्रदोष व्रत के अवसर पर
  • श्रावण मास में
  • महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर
  • मारकेश ग्रहों की महादशा या अंतर्दशा के समय
  • प्रतिकूल ग्रह स्थिति होने पर
  • योग्य ज्योतिषाचार्य के परामर्शानुसार

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • लंबे समय से चल रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में
  • मानसिक तनाव एवं भय की स्थिति में
  • मारकेश ग्रहों की महादशा अथवा अंतर्दशा में
  • दुर्घटना अथवा आकस्मिक संकट के भय में
  • ग्रह बाधा एवं ग्रहजन्य कष्टों की शांति हेतु
  • परिवार के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की मंगलकामना के लिए
  • आध्यात्मिक शांति एवं आत्मबल की प्रार्थना हेतु

पूजा के लाभ

  • भगवान केदारेश्वर महादेव एवं माता गौरी की कृपा की मंगलकामना की जाती है।
  • उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक चिंतन की कामना की जाती है।
  • रोग, भय एवं ग्रहजन्य अशुभ प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • दुर्घटना एवं आकस्मिक संकटों से रक्षा की मंगलकामना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति एवं भगवान शिव के प्रति भक्ति की भावना सुदृढ़ करने की कामना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

भगवान केदारेश्वर महादेव की आराधना शिव के पवित्र स्वरूप के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। माता गौरी के साथ भगवान शिव की संयुक्त उपासना पारिवारिक सुख, सौभाग्य एवं मंगलमय जीवन की प्रार्थना से भी जुड़ी हुई है।

लघु मृत्युंजय मंत्र जाप के माध्यम से श्रद्धालु भगवान शिव से आरोग्य, दीर्घायु, मानसिक शांति, आत्मबल एवं संकटों से रक्षा की प्रार्थना करते हैं। रुद्राभिषेक, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पन्न यह अनुष्ठान वैदिक परंपरा के अनुसार आध्यात्मिक साधना एवं ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करने वाला माना जाता है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • श्रद्धालु के नाम एवं गोत्र के अनुसार वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्मकुंडली के आधार पर मंत्र जाप एवं पूजा-विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • पूजा के लिए आवश्यक सम्पूर्ण सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
  • रुद्राभिषेक, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।
  • दूर रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन सहभागिता की व्यवस्था उपलब्ध हो सकती है।

गौरी केदारेश्वर मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न यह लघु मृत्युंजय मंत्र जाप अनुष्ठान भगवान केदारेश्वर महादेव एवं माता गौरी की कृपा प्राप्त करने, उत्तम स्वास्थ्य, मानसिक शांति, सुरक्षा, दीर्घायु एवं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना हेतु अत्यंत पवित्र एवं फलदायी वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

पूजा स्थान — वाराणसी

गौरी केदारेश्वर मंदिर

गौरी केदारेश्वर मंदिर

वाराणसी

पवित्र काशी नगरी के दक्षिणी भाग में स्थित गौरी केदारेश्वर मंदिर भगवान केदारेश्वर महादेव एवं माता गौरी को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन, जागृत एवं आध्यात्मिक महत्व वाला शिव मंदिर है। यह मंदिर विश्व प्रसिद्ध केदार घाट के समीप पवित्र माँ गंगा के तट पर स्थित है, जिसके कारण इसका धार्मिक महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। काशी आने वाले श्रद्धालु श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के साथ-साथ गौरी केदारेश्वर मंदिर में रुद्राभिषेक, जलाभिषेक एवं विशेष शिव पूजा अवश्य करते हैं।

ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान शिव और माता गौरी की संयुक्त आराधना करने से वैवाहिक सुख, पारिवारिक समृद्धि, संतान सुख, मानसिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। केदार घाट पर गंगा स्नान करने के पश्चात गौरी केदारेश्वर महादेव के दर्शन एवं पूजा का विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

गौरी केदारेश्वर मंदिर केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि शिवभक्ति, सनातन परंपरा, वैदिक अनुष्ठानों एवं काशी की दिव्य आध्यात्मिक संस्कृति का जीवंत केंद्र है। भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी हजारों श्रद्धालु यहां रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, नवग्रह शांति पूजा, संकल्प पूजा एवं विशेष शिव अनुष्ठान सम्पन्न कराने के लिए आते हैं।

गौरी केदारेश्वर मंदिर का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौरी केदारेश्वर मंदिर काशी के अत्यंत पवित्र शिवालयों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान केदारेश्वर महादेव स्वयं भक्तों पर कृपा करते हैं तथा माता गौरी की आराधना से सौभाग्य, दांपत्य सुख एवं जीवन में समृद्धि प्राप्त होती है।

काशी खंड सहित विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में केदार क्षेत्र का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु पहले केदार घाट पर माँ गंगा में स्नान करके तत्पश्चात गौरी केदारेश्वर महादेव का पूजन करते हैं, उन्हें विशेष पुण्य एवं भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

ऐसी मान्यता है कि यहां श्रद्धापूर्वक पूजा एवं दर्शन करने से—

  • भगवान शिव एवं माता गौरी का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • वैवाहिक जीवन में प्रेम, सुख एवं स्थिरता आती है।
  • दांपत्य जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
  • परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास होता है।
  • ग्रह दोषों एवं जीवन की अनेक बाधाओं में राहत मिलती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति एवं आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
  • पापों का क्षय एवं पुण्य की वृद्धि होती है।
  • भगवान शिव की कृपा से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • मोक्ष प्राप्ति का पुण्य प्राप्त होता है।

विशेष रूप से श्रावण मास, महाशिवरात्रि, प्रदोष व्रत एवं सावन के सोमवार के दिन यहां पूजा का अत्यंत विशेष महत्व माना जाता है।

गौरी केदारेश्वर मंदिर में होने वाले प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान

मंदिर में प्रतिदिन अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।

प्रमुख अनुष्ठान

  • रुद्राभिषेक
  • महारुद्राभिषेक
  • लघु रुद्राभिषेक
  • जलाभिषेक
  • दुग्धाभिषेक
  • पंचामृत अभिषेक
  • बिल्वपत्र अर्चन
  • शिव सहस्रनाम पूजन
  • महामृत्युंजय मंत्र जाप
  • लघु महामृत्युंजय जाप
  • नवग्रह शांति पूजा
  • संकल्प पूजा
  • दांपत्य सुख एवं सौभाग्य पूजा
  • ग्रह दोष निवारण अनुष्ठान
  • विशेष पर्व पूजन

अनेक श्रद्धालु केदार घाट पर गंगा स्नान एवं गंगा पूजन करने के पश्चात मंदिर में रुद्राभिषेक एवं शिव पूजन सम्पन्न कराते हैं, जिसे अत्यंत शुभ एवं फलदायी माना जाता है।

गौरी केदारेश्वर मंदिर के प्रमुख पवित्र स्थल

भगवान केदारेश्वर महादेव

मंदिर का मुख्य आकर्षण भगवान केदारेश्वर महादेव का प्राचीन एवं पवित्र शिवलिंग है, जिसकी पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

माता गौरी मंदिर

माता गौरी का दिव्य विग्रह श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र है। यहां सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन एवं परिवार की समृद्धि के लिए विशेष पूजा की जाती है।

केदार घाट एवं माँ गंगा

मंदिर के निकट स्थित केदार घाट काशी के सबसे पवित्र घाटों में से एक माना जाता है। श्रद्धालु यहां माँ गंगा में स्नान, गंगा पूजन, दीपदान एवं संकल्प करके भगवान शिव के दर्शन करते हैं।

अभिषेक एवं अनुष्ठान स्थल

यहां श्रद्धालु जल, दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल एवं बिल्वपत्र अर्पित कर भगवान शिव का विधिपूर्वक अभिषेक करते हैं।

ध्यान एवं साधना क्षेत्र

मंदिर का शांत, सात्त्विक एवं आध्यात्मिक वातावरण जप, ध्यान एवं शिव साधना के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।

गौरी केदारेश्वर मंदिर में पूजा करवाने के लाभ

ऐसी मान्यता है कि यहां विधिपूर्वक पूजा एवं वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न कराने से श्रद्धालुओं को अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं—

  • भगवान शिव एवं माता गौरी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
  • वैवाहिक जीवन में सुख, प्रेम एवं मधुरता आती है।
  • परिवार में शांति एवं समृद्धि का वास होता है।
  • संतान सुख की प्राप्ति की कामना पूर्ण होती है।
  • ग्रह दोषों एवं नकारात्मक प्रभावों में राहत मिलती है।
  • मानसिक तनाव एवं भय से मुक्ति प्राप्त होती है।
  • सकारात्मक ऊर्जा एवं आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति एवं शिव भक्ति की प्राप्ति होती है।
  • स्वास्थ्य एवं मानसिक संतुलन के लिए विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होने का पुण्य प्राप्त होता है।

विशेष रूप से रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, बिल्वपत्र अर्चन एवं गंगा पूजन यहां अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।

गौरी केदारेश्वर मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण

गौरी केदारेश्वर मंदिर एवं इसके समीप स्थित केदार घाट का वातावरण अत्यंत शांत, सात्त्विक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहता है। प्रातःकाल माँ गंगा के तट पर उगते सूर्य का मनोहारी दृश्य, वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि एवं मंदिर की घंटियों की मधुर ध्वनि श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति प्रदान करती है।

सायंकाल के समय केदार घाट पर दीपों की मनमोहक आभा, गंगा पूजन एवं मंदिर में होने वाली आरती भक्तों के मन को भक्ति एवं आध्यात्मिक आनंद से भर देती है।

विशेष अवसरों पर गौरी केदारेश्वर मंदिर का महत्व

विशेष पर्वों एवं धार्मिक अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा के लिए पहुंचते हैं—

  • महाशिवरात्रि
  • श्रावण मास
  • सावन के सोमवार
  • नाग पंचमी
  • प्रदोष व्रत
  • मासिक शिवरात्रि
  • कार्तिक पूर्णिमा
  • देव दीपावली
  • गंगा दशहरा
  • अमावस्या
  • पूर्णिमा
  • काशी के प्रमुख धार्मिक उत्सव

इन अवसरों पर केदार घाट, माँ गंगा एवं गौरी केदारेश्वर मंदिर का संपूर्ण क्षेत्र शिव भक्ति, वैदिक अनुष्ठानों एवं धार्मिक उल्लास से आलोकित हो उठता है।

गौरी केदारेश्वर मंदिर कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

निकटतम लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी मंदिर से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

रेल मार्ग

वाराणसी जंक्शन, बनारस रेलवे स्टेशन एवं काशी रेलवे स्टेशन से टैक्सी, ऑटो एवं ई-रिक्शा द्वारा मंदिर एवं केदार घाट तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

सड़क मार्ग

गौरी केदारेश्वर मंदिर एवं केदार घाट वाराणसी के प्रमुख मार्गों से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं। शहर के किसी भी हिस्से से स्थानीय परिवहन द्वारा यहां सहजता से पहुंचा जा सकता है।

दर्शन हेतु सर्वोत्तम समय

मंदिर वर्षभर दर्शन एवं पूजा के लिए खुला रहता है, किन्तु अक्टूबर से मार्च, श्रावण मास, महाशिवरात्रि एवं प्रातःकालीन गंगा स्नान का समय विशेष रूप से शुभ एवं पुण्यदायी माना जाता है।

केदार घाट पर स्नान कर गौरी केदारेश्वर महादेव के दर्शन करने की परंपरा आज भी अत्यंत श्रद्धा एवं आस्था के साथ निभाई जाती है।

निष्कर्ष

गौरी केदारेश्वर मंदिर, केदार घाट एवं माँ गंगा का पावन संगम काशी की सनातन आध्यात्मिक परंपरा का अद्भुत प्रतीक है। भगवान केदारेश्वर महादेव एवं माता गौरी की कृपा प्राप्त करने के लिए यह मंदिर वाराणसी के प्रमुख एवं अत्यंत पूजनीय धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां श्रद्धापूर्वक सम्पन्न होने वाले रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, गंगा पूजन, जलाभिषेक एवं अन्य वैदिक अनुष्ठान श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, आध्यात्मिक उन्नति तथा भगवान शिव एवं माता गौरी की दिव्य कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम माने जाते हैं।

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    2h

    गौरी केदारेश्वर मंदिर, वाराणसी में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा लघु मृत्युंजय मंत्र जाप पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 5 घंटे में संपन्न होता है और इसमें रुद्राभिषेक, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति शामिल हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूजा स्वास्थ्य, सुरक्षा, मानसिक शांति, दीर्घायु तथा जीवन में आने वाली बाधाओं के शमन की मंगलकामना के लिए की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • माता गौरी पूजन
    • भगवान केदारेश्वर महादेव पूजन
    • रुद्राभिषेक
    • लघु मृत्युंजय मंत्र जाप — 25,000 जप
    • विशेष वैदिक हवन एवं आहुति
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • गौरी केदारेश्वर मंदिर, वाराणसी में शास्त्रोक्त विधि-विधान से अनुष्ठान
    • 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्र जाप एवं वैदिक अनुष्ठान
    • यजमान के संकल्प के अनुसार पूजा विधि संपन्न
    • रुद्राभिषेक एवं विशेष हवन सहित विस्तृत अनुष्ठान
    • लगभग 3 से 5 घंटे की पूजा प्रक्रिया

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    गौरी केदारेश्वर मंदिर, वाराणसी में संपन्न यह पवित्र लघु मृत्युंजय मंत्र जाप अनुष्ठान भगवान केदारेश्वर महादेव एवं माता गौरी की कृपा की मंगलकामना के साथ स्वास्थ्य, मानसिक शांति, सुरक्षा, सकारात्मक ऊर्जा एवं दीर्घायु के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, रुद्राभिषेक, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, शांति और मंगल की प्रार्थना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹15,00027% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    गौरी केदारेश्वर मंदिर, वाराणसी में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा लघु मृत्युंजय मंत्र जाप पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 5 घंटे में रुद्राभिषेक, विशेष मंत्र जाप एवं वैदिक हवन सहित पूर्ण किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पूजा गंभीर रोग, मारकेश दोष, ग्रह बाधा, अकाल मृत्यु के भय तथा जीवन में आने वाले संकटों की शांति के लिए की जाती है। भगवान केदारेश्वर महादेव एवं माता गौरी की कृपा से उत्तम स्वास्थ्य, मानसिक शांति, सुरक्षा एवं दीर्घायु की मंगलकामना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • स्वस्तिवाचन
    • गणेश पूजन
    • माता गौरी पूजन
    • भगवान केदारेश्वर महादेव पूजन
    • विशेष रुद्राभिषेक
    • लघु मृत्युंजय मंत्र जाप — 54,000 जप
    • विशेष वैदिक हवन एवं आहुति
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • गौरी केदारेश्वर मंदिर, वाराणसी में शास्त्रोक्त विधि-विधान से विशेष अनुष्ठान
    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा 54,000 लघु मृत्युंजय मंत्र जाप
    • रुद्राभिषेक एवं विशेष वैदिक हवन सहित विस्तृत अनुष्ठान
    • गंभीर रोग, मारकेश दोष, ग्रह बाधा एवं अकाल मृत्यु के भय से राहत की मंगलकामना
    • उत्तम स्वास्थ्य, मानसिक शांति, सुरक्षा एवं दीर्घायु के लिए विशेष प्रार्थना
    • संकल्प के अनुसार अनुष्ठान संपन्न कराने की व्यवस्था

    आवश्यक जानकारी

    • जातक का नाम
    • गोत्र, यदि ज्ञात हो
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान केदारेश्वर महादेव एवं माता गौरी की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान स्वास्थ्य, मानसिक शांति, सुरक्षा, दीर्घायु एवं जीवन में सकारात्मकता की प्रार्थना के लिए किया जाता है। रुद्राभिषेक, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, शांति, स्थिरता और मंगल की कामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
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    गौरी केदारेश्वर मंदिर, वाराणसी में 9 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा लगभग 1 दिन में यह विशेष वैदिक अनुष्ठान पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है। इसमें माता गौरी एवं भगवान केदारेश्वर महादेव का पूजन, रुद्राभिषेक, रुद्राष्टाध्यायी पाठ, लघु मृत्युंजय मंत्र जाप एवं विशेष वैदिक हवन सम्मिलित हैं। यह अनुष्ठान गंभीर रोग, मारकेश दोष, अकाल मृत्यु के भय, ग्रह बाधाओं तथा जीवन में आने वाले बड़े संकटों की शांति की मंगलकामना से किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान केदारेश्वर महादेव एवं माता गौरी की कृपा से उत्तम स्वास्थ्य, मानसिक शांति, सुरक्षा एवं दीर्घायु की प्रार्थना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • स्वस्तिवाचन
    • गणेश पूजन
    • माता गौरी पूजन
    • भगवान केदारेश्वर महादेव पूजन
    • रुद्राभिषेक
    • रुद्राष्टाध्यायी पाठ
    • लघु मृत्युंजय मंत्र जाप — 1,25,000 जप
    • विशेष वैदिक हवन एवं आहुति
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • गौरी केदारेश्वर मंदिर, वाराणसी में शास्त्रोक्त विधि-विधान से विस्तृत वैदिक अनुष्ठान
    • 9 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक रुद्राभिषेक, रुद्राष्टाध्यायी पाठ एवं मंत्र जाप
    • लगभग 1 दिन में विशेष अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा
    • गंभीर रोग, मारकेश दोष, अकाल मृत्यु के भय एवं ग्रह बाधाओं की शांति की मंगलकामना
    • भगवान केदारेश्वर महादेव एवं माता गौरी की विशेष आराधना
    • विशेष वैदिक हवन, आहुति एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”

प्रिया शर्मा

मुंबई• Satyanarayan Puja

“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek

“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”

मीना अय्यर

बैंगलोर• Graha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

और अधिक जानें

कैसे काम करता है

एक बार बुक करें — बाकी सब पुजारीजी संभाले

एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।

  1. आप

    बुक करें और संकल्प बताएँ

    पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।

  2. पुजारीजी

    हम प्रमाणित पुजारी नियुक्त करते हैं

    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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