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Pujari Ji

मंगल चंडिका मंत्र जाप पूजा

विंध्याचल मंदिर, मिर्जापुर
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
मंगल चंडिका मंत्र जाप पूजा

मंगल चंडिका मंत्र जाप माँ मंगल चंडिका की आराधना से संबंधित विशेष देवी उपासना है। विंध्याचल धाम देवी उपासना का पावन तीर्थ माना जाता है, जहाँ श्रद्धालु माँ भगवती की कृपा, शक्ति और मंगल की प्रार्थना के लिए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराते हैं।

माँ मंगल चंडिका की आराधना विशेष रूप से विवाह संबंधी मनोकामनाओं, विवाह में आने वाली बाधाओं तथा दांपत्य जीवन में सुख और सामंजस्य की मंगलकामना से की जा सकती है। अविवाहित कन्याएँ और अविवाहित पुरुष विवाह में विलंब अथवा उचित संबंध प्राप्त न होने की स्थिति में विशेष संकल्प के साथ यह मंत्र जाप करा सकते हैं। विवाहित स्त्री-पुरुष भी दांपत्य जीवन में प्रेम, शांति, सामंजस्य और पारिवारिक मंगल की प्रार्थना के लिए यह अनुष्ठान करा सकते हैं।

Duration

2h – 5h

Best time

किसी भी समय

Starting price

₹11,000

लाभ

  • विवाह में आने वाली बाधाओं की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह में होने वाले विलंब को दूर करने तथा शीघ्र एवं मंगलमय विवाह की प्रार्थना की जाती है।
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए माँ मंगल चंडिका से आशीर्वाद एवं मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह संबंधी बार-बार उत्पन्न होने वाली बाधाओं के शमन एवं अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास, मधुरता एवं आपसी सामंजस्य की मंगलकामना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति, सौहार्द एवं सकारात्मक वातावरण की प्रार्थना की जाती है।
  • माँ मंगल चंडिका की कृपा, शक्ति एवं आध्यात्मिक संरक्षण प्राप्त करने की मंगलकामना की जाती है।
  • जीवन में शुभता, आत्मबल एवं मंगलमय परिस्थितियों की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।

मंगल चंडिका मंत्र जाप पूजा

विंध्याचल धाम, मिर्जापुर माँ भगवती की उपासना के लिए प्रसिद्ध पावन देवी क्षेत्र माना जाता है। इस पवित्र भूमि पर माँ मंगल चंडिका की आराधना श्रद्धा एवं विशेष संकल्प के साथ सम्पन्न की जाती है।

मंगल चंडिका मंत्र जाप का उद्देश्य देवी की कृपा, शक्ति, सकारात्मकता तथा जीवन में मंगल की प्रार्थना करना है। विवाह संबंधी बाधाओं, विवाह में विलंब, बार-बार संबंध टूटने अथवा योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की कामना रखने वाले श्रद्धालु इस अनुष्ठान को विशेष संकल्प के साथ करा सकते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार देवी उपासना मन में श्रद्धा, आत्मबल और सकारात्मक भाव उत्पन्न करने में सहायक मानी जाती है। यह अनुष्ठान किसी निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं देता, बल्कि श्रद्धा और प्रार्थना के माध्यम से मंगलमय जीवन की कामना के रूप में सम्पन्न किया जाता है।

मुख्य देवी एवं धार्मिक महत्व

इस अनुष्ठान की मुख्य आराध्या देवी माँ मंगल चंडिका हैं। पूजा के प्रारम्भ में भगवान गणेश का पूजन किया जाता है तथा इसके बाद कलश स्थापना, देवी आवाहन, पूजन एवं मंत्र जाप सम्पन्न किया जाता है।

माँ चंडिका को देवी शक्ति के उग्र एवं सामर्थ्यवान स्वरूप से जोड़ा जाता है। उनकी आराधना शक्ति, साहस, संरक्षण और मंगल की प्रार्थना के लिए की जाती है। विंध्याचल धाम में देवी उपासना का विशेष धार्मिक महत्व होने के कारण यहाँ मंगल चंडिका मंत्र जाप को श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराया जाता है।

शुभ मुहूर्त / मंगल चंडिका मंत्र जाप कब कराया जा सकता है?

  • किसी भी शुभ दिन विशेष संकल्प के साथ
  • नवरात्रि के पावन अवसर पर
  • देवी आराधना के विशेष दिनों में
  • विवाह संबंधी विशेष मनोकामना होने पर
  • योग्य आचार्य के परामर्श के अनुसार
  • व्यक्तिगत संकल्प एवं ज्योतिषीय आवश्यकता के अनुसार निर्धारित शुभ समय में

किन परिस्थितियों में मंगल चंडिका मंत्र जाप कराया जाता है?

  • विवाह में विलंब होने पर
  • बार-बार विवाह संबंधी बाधाएँ आने पर
  • विवाह तय होकर संबंध टूट जाने पर
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की मंगलकामना से
  • प्रेम विवाह में आने वाली बाधाओं की शांति की प्रार्थना हेतु
  • अविवाहित कन्या के विवाह की मंगलकामना से
  • अविवाहित पुरुष के विवाह की मंगलकामना से
  • दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख एवं सामंजस्य की प्रार्थना हेतु
  • परिवार में सुख, शांति एवं मंगल की कामना से

मुख्य मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मंगलचण्डिके ह्रीं क्लीं ॐ॥

इस मंत्र का जाप माँ मंगल चंडिका की आराधना एवं विशेष संकल्प के साथ कराया जाता है।

मंगल चंडिका मंत्र जाप के लाभ

  • विवाह में आने वाली बाधाओं की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह में विलंब दूर होने की प्रार्थना की जाती है।
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए देवी से मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह संबंधी बार-बार उत्पन्न होने वाली बाधाओं की शांति हेतु प्रार्थना की जाती है।
  • दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास एवं सामंजस्य की कामना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति एवं सकारात्मक वातावरण की मंगलकामना की जाती है।
  • माँ मंगल चंडिका की कृपा, शक्ति एवं आध्यात्मिक संरक्षण की प्रार्थना की जाती है।
  • जीवन में शुभता, आत्मबल एवं मंगलमय परिस्थितियों की कामना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

माँ मंगल चंडिका की आराधना देवी शक्ति की उपासना की एक महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है। विंध्याचल धाम की पावन भूमि पर सम्पन्न यह मंत्र जाप श्रद्धालु को देवी आराधना, संकल्प और आध्यात्मिक साधना से जोड़ता है।

मंत्र जाप के दौरान श्रद्धा एवं एकाग्रता के साथ देवी का स्मरण किया जाता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार देवी की उपासना से आत्मबल, सकारात्मक भाव और आध्यात्मिक शांति की मंगलकामना की जाती है। विवाह एवं पारिवारिक जीवन से संबंधित विशेष संकल्पों के लिए भी श्रद्धालु माँ मंगल चंडिका की आराधना करते हैं।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • यजमान के नाम एवं गोत्र के अनुसार वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • विशेष मनोकामना के अनुसार संकल्प निर्धारित किया जा सकता है।
  • यजमान स्वयं विंध्याचल धाम में उपस्थित होकर पूजा में सम्मिलित हो सकते हैं।
  • अनुपस्थिति की स्थिति में नाम, गोत्र एवं संकल्प के आधार पर उनकी ओर से मंत्र जाप कराया जा सकता है।
  • आवश्यक पूजन सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
  • मंत्र जाप के साथ हवन एवं पूर्णाहुति भी सम्पन्न की जा सकती है।

विंध्याचल धाम, मिर्जापुर में माँ भगवती की पावन उपासना के वातावरण में यह विशेष अनुष्ठान अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराया जाता है। पूजा के दौरान यजमान के नाम, गोत्र एवं विशेष संकल्प के साथ माँ मंगल चंडिका की आराधना की जाती है।

पूजा स्थानमिर्जापुर

विंध्याचल मंदिर

विंध्याचल मंदिर

मिर्जापुर

पवित्र विंध्याचल धाम में माँ गंगा के पावन तट पर स्थित माँ विंध्यवासिनी मंदिर माँ विंध्यवासिनी देवी को समर्पित एक अत्यंत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद में स्थित यह दिव्य धाम शक्ति उपासना और सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां माँ के दर्शन, पूजा-अर्चना, दुर्गा सप्तशती पाठ तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं।

माँ विंध्यवासिनी को विंध्य पर्वत पर निवास करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी ने विंध्य क्षेत्र को अपना निवास बनाया, जिसके कारण यह स्थान विंध्यवासिनी धाम के नाम से प्रसिद्ध हुआ। यह धाम शक्ति साधना, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण तीर्थ माना जाता है।

धार्मिक ग्रंथों तथा स्थानीय परंपराओं में माँ विंध्यवासिनी की महिमा का विशेष वर्णन मिलता है। विशेष रूप से चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।

माँ विंध्यवासिनी मंदिर का इतिहास

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय कंस ने योगमाया रूपी कन्या को मारने का प्रयास किया। मान्यता है कि वह कन्या कंस के हाथों से छूटकर आकाश में प्रकट हुईं और दिव्य स्वरूप धारण कर उन्हें बताया कि उनका वध करने वाला जन्म ले चुका है। इसके पश्चात देवी के विंध्य क्षेत्र में निवास करने की मान्यता जुड़ी हुई है और उन्हें माँ विंध्यवासिनी के नाम से पूजा जाने लगा।

देवी भागवत, मार्कण्डेय पुराण तथा स्थानीय धार्मिक परंपराओं में विंध्य क्षेत्र की देवी उपासना का विशेष महत्व बताया जाता है। प्राचीन काल से यह क्षेत्र शक्ति साधना से जुड़ा रहा है और समय-समय पर श्रद्धालुओं तथा विभिन्न शासकों द्वारा मंदिर एवं धार्मिक व्यवस्था के संरक्षण और विकास की परंपरा रही है।

आज विंध्याचल धाम उत्तर भारत के प्रमुख शक्ति तीर्थों में गिना जाता है। नवरात्रि जैसे विशेष अवसरों पर यहां धार्मिक गतिविधियां और श्रद्धालुओं की संख्या विशेष रूप से बढ़ जाती है।

माँ विंध्यवासिनी मंदिर का धार्मिक महत्व

सनातन धार्मिक परंपरा में माँ विंध्यवासिनी को आदिशक्ति, जगदंबा और माँ दुर्गा के स्वरूप के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ मां की आराधना करने वाले भक्तों पर उनकी कृपा बनी रहती है तथा वे सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं।

विंध्याचल धाम की त्रिकोण परिक्रमा का भी विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस परिक्रमा में श्रद्धालु माँ विंध्यवासिनी मंदिर, अष्टभुजा देवी मंदिर और कालीखोह मंदिर के दर्शन करते हैं। धार्मिक आस्था के अनुसार यह यात्रा शक्ति उपासना की महत्वपूर्ण साधना मानी जाती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने सेः

  • माँ विंध्यवासिनी की विशेष कृपा प्राप्त करने की मंगलकामना की जाती है।
  • मनोकामना पूर्ति की आस्था जुड़ी हुई है।
  • परिवार के सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
  • भय, संकट और नकारात्मक प्रभावों से रक्षा की कामना की जाती है।
  • संतान सुख और पारिवारिक मंगल की प्रार्थना की जाती है।
  • आत्मिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की जाती है।
  • जीवन में सकारात्मकता और शक्ति प्राप्त करने की धार्मिक भावना जुड़ी हुई है।

माँ विंध्यवासिनी मंदिर में होने वाली प्रमुख पूजाएं एवं धार्मिक अनुष्ठान

विंध्याचल धाम में माँ की आराधना से जुड़े विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और धार्मिक संकल्प के अनुसार पूजा-अर्चना एवं वैदिक अनुष्ठान कराते हैं।

प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान

  • माँ विंध्यवासिनी विशेष पूजा
  • दुर्गा सप्तशती पाठ
  • चंडी पाठ
  • नवचंडी यज्ञ
  • श्री सूक्त पाठ
  • लक्ष्मी पूजन
  • संकल्प पूजा
  • मनोकामना पूजन
  • नवग्रह शांति पूजा
  • महामृत्युंजय मंत्र जाप
  • हवन एवं पूर्णाहुति
  • कन्या पूजन
  • गंगा पूजन एवं दीपदान

माँ विंध्यवासिनी मंदिर परिसर के प्रमुख पवित्र स्थल

माँ विंध्यवासिनी गर्भगृह

मंदिर का मुख्य गर्भगृह माँ विंध्यवासिनी की आराधना का प्रमुख केंद्र है। श्रद्धालु यहां माँ के दर्शन कर उनके चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं और सुख, शांति, समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।

माँ गंगा का पावन तट

मंदिर के निकट माँ गंगा का पवित्र तट स्थित है। श्रद्धालु धार्मिक परंपरा के अनुसार यहां स्नान, गंगा पूजन और दीपदान करते हैं तथा अपनी तीर्थयात्रा को आध्यात्मिक रूप से पूर्ण करने की कामना करते हैं।

अष्टभुजा देवी मंदिर

अष्टभुजा देवी मंदिर विंध्याचल क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और त्रिकोण परिक्रमा से जुड़ा महत्वपूर्ण देवालय माना जाता है। श्रद्धालु यहां माँ अष्टभुजा के दर्शन करते हैं।

कालीखोह मंदिर

कालीखोह मंदिर माँ महाकाली की उपासना से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल है। विंध्याचल की शक्ति साधना परंपरा में इसका विशेष महत्व माना जाता है।

त्रिकोण परिक्रमा मार्ग

माँ विंध्यवासिनी, अष्टभुजा देवी और कालीखोह के दर्शन को सम्मिलित करने वाली त्रिकोण परिक्रमा विंध्याचल धाम की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक है। श्रद्धालु इसे श्रद्धा और संकल्प के साथ पूर्ण करते हैं।

माँ विंध्यवासिनी मंदिर में पूजा करवाने के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां विधिपूर्वक पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान कराने से श्रद्धालुओं को अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ प्राप्त होने की आस्था है। पूजा का उद्देश्य केवल सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति ही नहीं, बल्कि देवी के प्रति श्रद्धा, आत्मिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की भावना को भी मजबूत करना माना जाता है।

  • मनोकामना पूर्तिः श्रद्धालु अपनी उचित मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माँ के समक्ष श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करते हैं।
  • सुख एवं समृद्धिः परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की जाती है।
  • सकारात्मकताः धार्मिक आस्था के अनुसार देवी की आराधना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल की भावना को बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।
  • भय और संकट से रक्षाः माँ की शक्ति की उपासना के माध्यम से भय, संकट और नकारात्मक प्रभावों से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।
  • संतान एवं पारिवारिक मंगलः श्रद्धालु संतान सुख और परिवार के कल्याण के लिए देवी की आराधना करते हैं।
  • शक्ति और साहसः माँ भगवती की उपासना से आंतरिक शक्ति, साहस और आत्मविश्वास प्राप्त करने की धार्मिक मान्यता है।
  • मानसिक शांतिः पूजा, मंत्रोच्चार और देवी स्मरण के माध्यम से मन को शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त होने की आस्था है।
  • आध्यात्मिक उन्नतिः नियमित भक्ति और साधना को आत्मिक विकास तथा आध्यात्मिक चेतना की दिशा में सहायक माना जाता है।
  • माँ की कृपाः श्रद्धालु देवी की कृपा, आशीर्वाद और संरक्षण की मंगलकामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।

माँ विंध्यवासिनी मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण

विंध्याचल धाम का वातावरण वर्षभर भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण रहता है। मंदिर में होने वाली आरती, शंखध्वनि, मंत्रोच्चार और देवी की आराधना श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करती है।

माँ गंगा के पावन तट की निकटता इस तीर्थ की धार्मिक अनुभूति को और विशेष बनाती है। प्रातःकाल और सायंकाल पूजा-अर्चना, दीपदान और धार्मिक गतिविधियों के कारण यहां भक्तिमय वातावरण दिखाई देता है।

नवरात्रि के दौरान विंध्याचल धाम विशेष रूप से जीवंत हो उठता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति, देवी के जयकारे, धार्मिक अनुष्ठान और दीपों की आभा पूरे धाम को भक्तिमय बना देती है।

विशेष अवसरों पर माँ विंध्यवासिनी मंदिर का महत्व

माँ विंध्यवासिनी मंदिर में विभिन्न धार्मिक पर्वों और विशेष तिथियों का विशेष महत्व माना जाता है। इन अवसरों पर श्रद्धालु दर्शन, पूजा और देवी आराधना के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

प्रमुख अवसरों में शामिल हैंः

  • चैत्र नवरात्रि
  • शारदीय नवरात्रि
  • दुर्गाष्टमी
  • महानवमी
  • गुप्त नवरात्रि
  • दीपावली
  • कार्तिक पूर्णिमा
  • गंगा दशहरा
  • अमावस्या
  • पूर्णिमा
  • अन्य विशेष शक्ति उपासना पर्व

माँ विंध्यवासिनी मंदिर कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

विंध्याचल धाम के लिए निकटतम प्रमुख हवाई संपर्क लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी है। वहां से सड़क मार्ग द्वारा विंध्याचल धाम तक पहुंचा जा सकता है।

रेल मार्ग

विंध्याचल रेलवे स्टेशन मंदिर क्षेत्र के निकट स्थित प्रमुख रेलवे स्टेशन है। इसके अतिरिक्त मिर्जापुर रेलवे स्टेशन से भी सड़क मार्ग द्वारा मंदिर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

सड़क मार्ग

विंध्याचल धाम उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे मिर्जापुर, वाराणसी और प्रयागराज से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। श्रद्धालु बस, टैक्सी या निजी वाहन के माध्यम से मंदिर तक पहुंच सकते हैं।

दर्शन हेतु सर्वोत्तम समय

माँ विंध्यवासिनी मंदिर में वर्षभर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक दृष्टि से चैत्र नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि तथा अन्य शक्ति उपासना से जुड़े पर्व विशेष महत्व रखते हैं।

यात्रा की दृष्टि से सामान्यतः अक्टूबर से मार्च के दौरान मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल माना जाता है। हालांकि नवरात्रि जैसे प्रमुख पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक हो सकती है, इसलिए ऐसे अवसरों पर यात्रा की योजना पहले से बनाना उपयोगी रहता है।

मंदिर के दर्शन समय और विशेष पर्वों की व्यवस्था यात्रा से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोत से जांच लेना उचित है।

निष्कर्ष

माँ विंध्यवासिनी मंदिर, विंध्याचल धाम, शक्ति उपासना, सनातन आस्था और आध्यात्मिक साधना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। माँ विंध्यवासिनी की आराधना, दुर्गा सप्तशती पाठ, चंडी पाठ, नवचंडी यज्ञ, गंगा पूजन और त्रिकोण परिक्रमा जैसी धार्मिक परंपराएं इस धाम की विशिष्ट पहचान से जुड़ी हैं।

श्रद्धालु यहां माँ के दर्शन कर सुख, शांति, समृद्धि, शक्ति, साहस और आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना करते हैं। माँ विंध्यवासिनी के प्रति श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई पूजा को भक्त देवी के आशीर्वाद और आत्मिक शांति प्राप्त करने का माध्यम मानते हैं।

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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    1h

    पावन विंध्याचल धाम, मिर्जापुर में माँ मंगल चंडिका की विशेष पूजा एवं मंत्र जाप श्रद्धा और संकल्प के साथ पूर्ण वैदिक विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। इस उन्नत पैकेज में 2 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा माँ मंगल चंडिका मंत्र के 11,000 जाप कराए जाते हैं। यह अनुष्ठान विशेष रूप से विवाह में विलंब, विवाह संबंधी बाधाओं, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखद, सौहार्दपूर्ण एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना के लिए कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ मंगल चंडिका का आवाहन
    • षोडशोपचार पूजन
    • माँ मंगल चंडिका मंत्र जाप – 11,000 जाप
    • पुष्प एवं पूजन सामग्री अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    विशेष सुविधाएं

    • विंध्याचल धाम, मिर्जापुर में माँ मंगल चंडिका की विशेष पूजा
    • 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा 11,000 मंत्र जाप
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से विशेष वैदिक संकल्प
    • विवाह संबंधी बाधाओं एवं विलंब की शांति हेतु विशेष प्रार्थना
    • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना
    • वैदिक विधि-विधान के अनुसार हवन एवं पूर्णाहुति

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान

    मुख्य मंत्र

    ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मंगलचण्डिके ह्रीं क्लीं ॐ॥

    माँ मंगल चंडिका की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान विवाह संबंधी बाधाओं एवं विलंब की शांति, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में प्रेम एवं सौहार्द तथा वैवाहिक जीवन में सुख और मंगल की कामना के लिए श्रद्धापूर्वक किया जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹13,00015% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    पावन विंध्याचल धाम, मिर्जापुर में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा माँ मंगल चंडिका की विशेष पूजा एवं 25,000 मंत्र जाप पूर्ण श्रद्धा और शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह विशेष अनुष्ठान विवाह में विलंब, बार-बार उत्पन्न होने वाली विवाह संबंधी बाधाओं, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखद, सामंजस्यपूर्ण एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए किया जाता है। माँ मंगल चंडिका की आराधना के माध्यम से वैवाहिक जीवन से जुड़े अवरोधों की शांति तथा जीवन में शुभता एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्रार्थना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ मंगल चंडिका आवाहन
    • षोडशोपचार पूजन
    • माँ मंगल चंडिका मंत्र जाप — 25,000 जप
    • पुष्प एवं पूजन सामग्री अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    विशेष सुविधाएं

    • विंध्याचल धाम, मिर्जापुर में माँ मंगल चंडिका की विशेष पूजा
    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक मंत्र जाप
    • माँ मंगल चंडिका मंत्र के 25,000 जप का अनुष्ठान
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से विशेष वैदिक संकल्प
    • विवाह संबंधी बाधाओं एवं विलंब की शांति हेतु विशेष प्रार्थना
    • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखद वैवाहिक जीवन की मंगलकामना

    मुख्य मंत्र

    ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मंगलचण्डिके ह्रीं क्लीं ॐ॥

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान

    माँ मंगल चंडिका की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र मंत्र जाप विवाह संबंधी बाधाओं की शांति, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में प्रेम एवं सामंजस्य तथा जीवन में मंगल और सकारात्मकता की मंगलकामना करने वाला श्रद्धापूर्ण वैदिक अनुष्ठान है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹21,000₹25,00016% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • विशिष्ट

    9 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    पावन विंध्याचल धाम, मिर्जापुर में माँ मंगल चंडिका की विशेष पूजा एवं 41,000 मंत्र जाप 9 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण श्रद्धा और शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह विशेष अनुष्ठान विवाह में आने वाली बाधाओं और विलंब की शांति, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखद, सामंजस्यपूर्ण एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए किया जाता है। माँ मंगल चंडिका की आराधना के साथ विशेष हवन, पूर्णाहुति और आरती द्वारा अनुष्ठान को विधिपूर्वक पूर्ण किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ मंगल चंडिका आवाहन
    • षोडशोपचार पूजन
    • माँ मंगल चंडिका मंत्र जाप – 41,000 जप
    • पुष्प एवं पूजन सामग्री अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • विशेष हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    मुख्य मंत्र

    ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मंगलचण्डिके ह्रीं क्लीं ॐ॥

    विशेष सुविधाएं

    • पावन विंध्याचल धाम, मिर्जापुर में माँ मंगल चंडिका की विशेष आराधना
    • 9 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक मंत्र जाप एवं अनुष्ठान
    • माँ मंगल चंडिका मंत्र का 41,000 बार जाप
    • विवाह संबंधी बाधाओं एवं विलंब की शांति हेतु विशेष संकल्प
    • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखद वैवाहिक जीवन की मंगलकामना
    • वैदिक परंपरा के अनुसार विशेष हवन एवं पूर्णाहुति

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान

    माँ मंगल चंडिका की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र अनुष्ठान विवाह संबंधी बाधाओं की शांति, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में प्रेम एवं सामंजस्य तथा वैवाहिक जीवन की सुख-शांति की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक किया जाता है। 41,000 मंत्र जाप, विशेष हवन और पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान माँ मंगल चंडिका के आशीर्वाद एवं शुभ कृपा की प्रार्थना का एक विशेष वैदिक माध्यम है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹31,000₹35,00011% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • दिव्य

    25 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    पावन विंध्याचल धाम, मिर्जापुर में 25 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा माँ मंगल चंडिका की विशेष पूजा एवं 1,25,000 मंत्र जाप पूर्ण श्रद्धा और शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह विस्तृत वैदिक अनुष्ठान विशेष रूप से विवाह में लंबे समय से आ रही बाधाओं, विवाह में विलंब, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखद, सामंजस्यपूर्ण एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए किया जाता है। माँ मंगल चंडिका की आराधना के माध्यम से विवाह संबंधी बाधाओं की शांति और जीवन में शुभता एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ मंगल चंडिका का आवाहन
    • षोडशोपचार पूजन
    • माँ मंगल चंडिका मंत्र जाप — 1,25,000 जप
    • पुष्प एवं पूजन सामग्री अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    मुख्य मंत्र

    ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मंगलचण्डिके ह्रीं क्लीं ॐ॥

    विशेष सुविधाएं

    • पावन विंध्याचल धाम, मिर्जापुर में 25 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक अनुष्ठान
    • माँ मंगल चंडिका मंत्र का 1,25,000 जप
    • विवाह संबंधी बाधाओं एवं विलंब की शांति हेतु विशेष पूजा-विधान
    • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति एवं सुखद वैवाहिक जीवन की मंगलकामना
    • विस्तृत वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति
    • अनुष्ठान मंत्र जाप की संख्या एवं निर्धारित विधि के अनुसार 1 या 3 दिनों में सम्पन्न किया जा सकता है

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान

    माँ मंगल चंडिका की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र अनुष्ठान विवाह संबंधी बाधाओं की शांति, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में प्रेम एवं सामंजस्य तथा जीवन में शुभता और मंगल की मंगलकामना के लिए अत्यंत श्रद्धापूर्ण वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹75,000₹81,0007% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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