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Pujari Ji

मंगल चंडिका मंत्र जाप पूजा

मंगला गौरी मंदिर, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
मंगल चंडिका मंत्र जाप पूजा

मंगल चंडिका मंत्र जाप एवं मंगला गौरी पूजा माँ शक्ति के मंगलमयी स्वरूप की आराधना का एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान है। वाराणसी की पवित्र धार्मिक परंपरा में माँ मंगला गौरी की उपासना सौभाग्य, वैवाहिक सुख, परिवार के मंगल तथा देवी कृपा की प्रार्थना से जुड़ी हुई है। मंगल चंडिका देवी की आराधना एवं मंत्र जाप के माध्यम से जीवन में शुभता, शांति, मंगल एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।

यह पूजा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए कराई जा सकती है जो विवाह, सुखी दांपत्य जीवन, सौभाग्य, संतान सुख तथा पारिवारिक सुख-शांति की कामना रखते हैं। अविवाहित कन्याएं एवं युवक-युवतियां विवाह में आने वाली बाधाओं के निवारण तथा शुभ वैवाहिक जीवन की प्रार्थना से यह पूजा करा सकते हैं। विवाहित महिलाएं दांपत्य जीवन में प्रेम, शांति, सामंजस्य एवं सौभाग्य की मंगलकामना से इसकी आराधना कर सकती हैं।

Duration

2h – 4h

Best time

किसी भी समय

Starting price

₹11,000

लाभ

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूजा के माध्यम से सौभाग्य एवं वैवाहिक सुख की मंगलकामना की जाती है।
  • दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख एवं आपसी सामंजस्य की प्रार्थना की जाती है।
  • विवाह संबंधी बाधाओं के शमन एवं अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • सुखी एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए देवी कृपा की प्रार्थना की जाती है।
  • संतान सुख एवं परिवार के कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति, सौहार्द एवं समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
  • जीवन में सकारात्मकता, मानसिक शांति एवं भावनात्मक संतुलन की कामना की जाती है।
  • माँ मंगला गौरी एवं मंगल चंडिका देवी की कृपा प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।

मंगल चंडिका मंत्र जाप पूजा

माँ मंगला गौरी को धार्मिक परंपरा में सौभाग्य, मंगल एवं वैवाहिक सुख से जुड़ी देवी के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है। मंगल चंडिका देवी की आराधना के साथ मंत्र जाप श्रद्धालुओं द्वारा जीवन में शुभता, मंगल एवं देवी कृपा की प्रार्थना के लिए किया जाता है।

विशेष रूप से जिन कन्याओं के विवाह में विलंब हो रहा हो, विवाह संबंध तय होने में बार-बार बाधाएं आ रही हों अथवा किसी कारणवश तय हुआ संबंध समाप्त हो जाता हो, वे विवाह की मंगलकामना से यह पूजा करा सकती हैं। विवाहित महिलाएं भी दांपत्य जीवन में सुख, शांति, प्रेम, विश्वास एवं सामंजस्य बनाए रखने तथा सौभाग्य की प्रार्थना के लिए यह अनुष्ठान करा सकती हैं।

मुख्य देवियाँ एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा में प्रमुख रूप से निम्न देवी-देवताओं की आराधना की जाती हैः

  • माँ मंगला गौरी
  • मंगल चंडिका देवी
  • भगवान गणेश
  • कलश देवता
  • माँ शक्ति के विभिन्न स्वरूप

माँ मंगला गौरी की आराधना सौभाग्य, वैवाहिक सुख एवं पारिवारिक मंगल की प्रार्थना से जुड़ी मानी जाती है। मंगल चंडिका देवी की उपासना भी शक्ति, मंगल एवं देवी कृपा की कामना से की जाती है। दोनों देवियों की संयुक्त आराधना श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है।

मंगल चंडिका मंत्र जाप एवं मंगला गौरी पूजा कब कराएं?

  • मंगलवार के दिन
  • मंगला गौरी व्रत के अवसर पर
  • नवरात्रि के दौरान
  • अष्टमी तिथि पर
  • अन्य देवी पर्वों एवं शुभ अवसरों पर
  • विवाह संबंधी विशेष मनोकामना होने पर
  • अनुभवी वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार निर्धारित शुभ तिथि पर

विशेष धार्मिक आवश्यकता एवं यजमान की मनोकामना के अनुसार अन्य तिथियों में भी यह अनुष्ठान कराया जा सकता है।

किन परिस्थितियों में यह पूजा कराएं?

  • विवाह में विलंब होने पर
  • विवाह संबंध तय होने में बार-बार बाधाएं आने पर
  • तय हुआ विवाह संबंध किसी कारणवश टूट जाने पर
  • सुखी वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए
  • दांपत्य जीवन में प्रेम एवं सामंजस्य की प्रार्थना हेतु
  • सौभाग्य एवं पारिवारिक मंगल की कामना से
  • संतान सुख की मंगलकामना के लिए
  • परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना हेतु
  • देवी कृपा एवं आध्यात्मिक उन्नति की कामना से

मुख्य मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मंगलचण्डिके ऐं क्रूं फट् स्वाहा॥

पूजा के धार्मिक लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूजा के माध्यम सेः

  • सौभाग्य एवं वैवाहिक सुख की मंगलकामना की जाती है।
  • दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख एवं सामंजस्य की प्रार्थना की जाती है।
  • विवाह संबंधी बाधाओं के निवारण की मंगलकामना की जाती है।
  • सुखी एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए देवी कृपा की प्रार्थना की जाती है।
  • संतान सुख एवं परिवार के कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
  • जीवन में सकारात्मकता एवं मानसिक शांति की कामना की जाती है।
  • माँ मंगला गौरी एवं मंगल चंडिका देवी की कृपा प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

मंगल चंडिका मंत्र जाप एवं मंगला गौरी पूजा माँ शक्ति के मंगलमयी स्वरूप की आराधना का विशेष माध्यम है। श्रद्धालु इस अनुष्ठान के माध्यम से अपने जीवन में सौभाग्य, वैवाहिक सुख, पारिवारिक शांति, संतान सुख, समृद्धि एवं देवी कृपा की प्रार्थना करते हैं।

काशी की पवित्र धार्मिक भूमि में माँ मंगला गौरी की आराधना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखती है। देवी के पावन सान्निध्य में नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर मंत्र जाप एवं पूजन सम्पन्न करना श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक साधना का माध्यम माना जाता है।

कौन मंगल चंडिका मंत्र जाप एवं मंगला गौरी पूजा करा सकता है?

महिला एवं पुरुष दोनों अपनी श्रद्धा, पारिवारिक परंपरा एवं धार्मिक आवश्यकता के अनुसार यह पूजा करा सकते हैं।

  • विवाहित महिलाएं सौभाग्य एवं दांपत्य सुख की मंगलकामना से यह पूजा करा सकती हैं।
  • अविवाहित कन्याएं विवाह एवं शुभ वैवाहिक जीवन की प्रार्थना से यह अनुष्ठान करा सकती हैं।
  • अविवाहित युवक विवाह संबंधी मंगलकामना से पूजा करा सकते हैं।
  • परिवार के सदस्य सामूहिक रूप से पारिवारिक सुख, शांति एवं कल्याण की प्रार्थना के लिए यह पूजा करा सकते हैं।

पूजा के लिए आवश्यक जानकारी

पूजा के संकल्प के लिए सामान्यतः निम्न जानकारी आवश्यक होती हैः

  • यजमान का नाम
  • गोत्र
  • जन्म तिथि
  • पूजा का उद्देश्य अथवा विशेष मनोकामना

आवश्यकता होने पर जन्मकुंडली के आधार पर आचार्य द्वारा पूजा की विधि एवं अनुष्ठान का क्रम निर्धारित किया जा सकता है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा शास्त्रोक्त विधि से पूजा सम्पन्न कराई जाती है।
  • यजमान के नाम एवं गोत्र से वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यक पूजन सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
  • मंत्र जाप एवं देवी पूजन निर्धारित विधि के अनुसार सम्पन्न किया जाता है।
  • आवश्यकता के अनुसार हवन एवं पूर्णाहुति सम्पन्न की जा सकती है।
  • वाराणसी आने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए दूरस्थ सहभागिता की व्यवस्था उपलब्ध हो सकती है।

मंगल चंडिका मंत्र जाप एवं मंगला गौरी पूजा का आध्यात्मिक उद्देश्य

इस अनुष्ठान का उद्देश्य माँ मंगला गौरी एवं मंगल चंडिका देवी की श्रद्धापूर्वक आराधना करते हुए जीवन में सौभाग्य, वैवाहिक सुख, संतान सुख, पारिवारिक शांति, समृद्धि एवं देवी कृपा की मंगलकामना करना है।

पूजा की अंतिम विधि, मंत्र जाप की संख्या एवं अनुष्ठान का क्रम यजमान की आवश्यकता, धार्मिक परंपरा तथा आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार निर्धारित किया जा सकता है।

पूजा स्थानवाराणसी

मंगला गौरी मंदिर

मंगला गौरी मंदिर

वाराणसी

मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी

माँ मंगला गौरी — मंगल, सौभाग्य और विवाह की मंगलकामना की आराध्या देवी

वाराणसी की पवित्र धार्मिक भूमि पर स्थित माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी माँ गौरी के मंगलमयी स्वरूप को समर्पित एक महत्वपूर्ण देवी मंदिर है। काशी की धार्मिक परंपरा में माँ मंगला गौरी की आराधना को मंगल, सौभाग्य, वैवाहिक सुख, पारिवारिक कल्याण और देवी कृपा की कामना से जोड़ा जाता है।

माँ मंगला गौरी की पूजा विशेष रूप से विवाह की मंगलकामना के लिए भी कराई जाती है। जिन अविवाहित कन्याओं या पुरुषों के विवाह में विलंब हो रहा हो, विवाह तय होने में बार-बार बाधाएं आ रही हों, विवाह की बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही हो अथवा विवाह तय होकर किसी कारणवश संबंध टूट जाता हो, वे माँ मंगला गौरी के समक्ष श्रद्धापूर्वक संकल्प लेकर पूजा एवं मंत्र जाप करा सकते हैं।

धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की आराधना के माध्यम से भक्त शीघ्र, शुभ एवं मंगलमय विवाह तथा योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की प्रार्थना करते हैं। यह पूजा केवल कन्याओं के लिए ही नहीं, बल्कि अविवाहित पुरुष भी अपने विवाह की मंगलकामना से करा सकते हैं।

विवाहित महिलाएं भी अपने दांपत्य जीवन में सुख, शांति, प्रेम, सौहार्द एवं अखंड सौभाग्य की प्रार्थना के लिए माँ की आराधना कर सकती हैं।

माँ मंगला गौरी का धार्मिक महत्व

हिंदू धार्मिक परंपरा में माँ गौरी को स्त्री शक्ति, सौभाग्य, मंगल, पवित्रता और पारिवारिक कल्याण से संबंधित देवी स्वरूप माना जाता है। माँ मंगला गौरी की पूजा विशेष रूप से जीवन में शुभता और मंगल की कामना के लिए की जाती है।

लक्सा, वाराणसी स्थित मंगला गौरी मंदिर में श्रद्धालु माँ के दर्शन एवं पूजन कर अपने जीवन, विवाह, दांपत्य सुख और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करते हैं।

विशेष रूप से विवाह योग्य कन्या या पुरुष के लिए माँ मंगला गौरी की पूजा विवाह संबंधी मंगलकामना के साथ कराई जा सकती है। यदि विवाह में लगातार विलंब हो रहा हो, योग्य रिश्ता मिलने में कठिनाई हो, विवाह की बातचीत बार-बार रुक जाती हो या विवाह तय होकर संबंध टूट जाता हो, तो श्रद्धालु धार्मिक आस्था के अनुसार माँ के समक्ष विशेष विवाह संकल्प लेकर पूजा करा सकते हैं।

विवाहित महिलाएं भी अपने दांपत्य जीवन में सुख, शांति, प्रेम एवं सामंजस्य बनाए रखने तथा सौभाग्य की मंगलकामना से माँ की पूजा कर सकती हैं।

मंगला गौरी मंदिर में होने वाली प्रमुख पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठान

माँ मंगला गौरी की आराधना श्रद्धालुओं द्वारा अपनी श्रद्धा, मनोकामना और विशेष संकल्प के अनुसार की जाती है। विवाह संबंधी मंगलकामना के लिए माँ मंगला गौरी पूजन, मंगला चण्डिका मंत्र जाप तथा आवश्यकतानुसार हवन कराया जा सकता है।

पूजा की निर्धारित विधि के अनुसार गणेश पूजन, कलश पूजन, देवी आवाहन, माँ मंगला गौरी पूजन, पुष्प एवं नैवेद्य अर्पण, मंत्र जाप, हवन तथा आरती जैसी धार्मिक विधियां सम्मिलित की जा सकती हैं।

विवाह के लिए पूजा कराते समय विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र एवं विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ देवी की आराधना की जाती है।

प्रमुख धार्मिक विधियां

  • माँ मंगला गौरी पूजन
  • विवाह मंगलकामना संकल्प
  • मंगला चण्डिका मंत्र जाप
  • देवी आराधना
  • हवन
  • आरती
  • पुष्प एवं नैवेद्य अर्पण

मंगला गौरी मंदिर में विवाह के लिए विशेष पूजा

माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में विवाह की मंगलकामना के लिए विशेष पूजा एवं मंत्र जाप कराया जा सकता है। धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की आराधना विवाह से संबंधित शुभ संकल्पों के लिए विशेष महत्व रखती है।

यह पूजा अविवाहित कन्या और अविवाहित पुरुष दोनों अपनी विवाह संबंधी मंगलकामना के लिए करा सकते हैं।

जिनके विवाह में विलंब हो रहा हो, विवाह तय होने में बार-बार बाधाएं आ रही हों, विवाह की बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही हो या विवाह तय होकर संबंध टूट जाता हो, वे माँ के समक्ष श्रद्धापूर्वक विशेष विवाह संकल्प लेकर पूजा एवं मंत्र जाप करा सकते हैं।

विशेष रूप से विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र एवं विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ माँ मंगला गौरी का पूजन, मंगला चण्डिका मंत्र जाप एवं आवश्यकतानुसार हवन कराया जा सकता है।

यह पूजा विशेष रूप से इन मंगलकामनाओं के लिए कराई जा सकती है

  • विवाह में हो रहे विलंब के लिए देवी कृपा की कामना
  • विवाह तय होने में आने वाली बाधाओं के निवारण की प्रार्थना
  • शीघ्र एवं मंगलमय विवाह की प्रार्थना
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की मंगलकामना
  • बार-बार विवाह संबंध टूटने की स्थिति में मंगलकामना
  • दांपत्य जीवन में सुख और शांति की प्रार्थना
  • पति-पत्नी के बीच प्रेम एवं सामंजस्य की मंगलकामना
  • अखंड सौभाग्य एवं पारिवारिक सुख की प्रार्थना

माँ मंगला गौरी की पूजा क्यों कराई जाती है?

माँ मंगला गौरी की पूजा श्रद्धा और धार्मिक आस्था के अनुसार जीवन में मंगल एवं देवी कृपा की कामना से की जाती है। विशेष रूप से विवाह एवं दांपत्य जीवन से संबंधित मंगलकामनाओं के लिए माँ की आराधना का महत्व माना जाता है।

मंगला गौरी पूजा के माध्यम से श्रद्धालु विवाह, पारिवारिक सुख, दांपत्य शांति, सौभाग्य तथा जीवन में शुभता की प्रार्थना करते हैं। अविवाहित कन्या और पुरुष विवाह की मंगलकामना से तथा विवाहित महिलाएं दांपत्य सुख एवं सौभाग्य की प्रार्थना से देवी की आराधना कर सकती हैं।

इन लाभों को धार्मिक मान्यता एवं आस्था के संदर्भ में समझना चाहिए। पूजा किसी निश्चित सांसारिक परिणाम की गारंटी नहीं होती, बल्कि श्रद्धालु इसे देवी के प्रति अपनी श्रद्धा, संकल्प और मंगलकामना के रूप में करते हैं।

मंगला गौरी पूजा करवाने के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कराने से श्रद्धालु अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक मंगलकामनाओं के लिए देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।

माँ मंगला गौरी की आराधना से संबंधित प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक मंगलकामनाएं इस प्रकार हैंः

  • विवाह में आने वाली बाधाओं के निवारण की प्रार्थना
  • विवाह में हो रहे विलंब के लिए देवी कृपा की कामना
  • शीघ्र एवं मंगलमय विवाह की प्रार्थना
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की मंगलकामना
  • विवाह संबंधों में शुभता एवं स्थिरता की प्रार्थना
  • दांपत्य जीवन में सुख, शांति और प्रेम की कामना
  • पति-पत्नी के बीच सामंजस्य की प्रार्थना
  • अखंड सौभाग्य एवं पारिवारिक सुख की मंगलकामना
  • परिवार में सुख-शांति एवं कल्याण की प्रार्थना
  • मातृशक्ति की आराधना एवं देवी कृपा की प्रार्थना
  • आध्यात्मिक शांति एवं भक्ति भावना को बढ़ाने की कामना
  • जीवन में मंगल एवं सकारात्मकता की प्रार्थना

मंगला चण्डिका मंत्र जाप

माँ मंगला गौरी की विशेष आराधना में मंगला चण्डिका मंत्र जाप कराया जा सकता है। यह मंत्र देवी के मंगलमय स्वरूप की उपासना और विशेष संकल्प के साथ किया जाता है।

मंगला चण्डिका मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवि मङ्गलचण्डिके ह्रूं फट् स्वाहा॥

मंत्र जाप के दौरान श्रद्धालु अपनी विशेष मंगलकामना एवं संकल्प के साथ देवी की आराधना करते हैं। विवाह संबंधी पूजा में विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र और विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ मंत्र जाप कराया जा सकता है।

मंदिर परिसर के प्रमुख पवित्र स्थल

उपलब्ध विवरण में मंदिर परिसर के भीतर स्थित अन्य विशिष्ट पवित्र स्थलों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए बिना प्रमाण के किसी गर्भगृह, कुंड, प्रतिमा, यज्ञशाला या अन्य देवालय के संबंध में विशिष्ट जानकारी नहीं जोड़ी जा रही है।

मंदिर का मुख्य धार्मिक केंद्र माँ मंगला गौरी की आराधना और दर्शन है, जहां श्रद्धालु अपनी श्रद्धा एवं संकल्प के अनुसार देवी का पूजन करते हैं।

मंगला गौरी मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण

काशी की धार्मिक परंपरा से जुड़ा यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए देवी आराधना, प्रार्थना और आध्यात्मिक साधना का स्थान है। माँ मंगला गौरी के समक्ष श्रद्धालु अपने विवाह, दांपत्य जीवन, परिवार और व्यक्तिगत मंगलकामनाओं के लिए संकल्प लेकर पूजा करते हैं।

देवी की आराधना के दौरान मंत्र जाप, पूजन, नैवेद्य अर्पण, हवन और आरती जैसी धार्मिक विधियां श्रद्धा एवं भक्ति का वातावरण निर्मित करती हैं। भक्त माँ के समक्ष अपनी मनोकामनाएं रखते हुए जीवन में मंगल, सौभाग्य और पारिवारिक सुख की प्रार्थना करते हैं।

विशेष अवसरों पर मंगला गौरी मंदिर का महत्व

माँ मंगला गौरी की पूजा का महत्व विशेष रूप से मंगल, सौभाग्य, विवाह एवं दांपत्य जीवन की मंगलकामना से जुड़ी धार्मिक आस्था के संदर्भ में देखा जाता है।

विशेष धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालु देवी के दर्शन और पूजन के लिए मंदिर में आते हैं। हालांकि उपलब्ध विवरण में मंदिर के विशिष्ट वार्षिक पर्वों एवं उनके निश्चित आयोजन का विस्तृत प्रमाण उपलब्ध नहीं है, इसलिए किसी विशेष पर्व को मंदिर का आधिकारिक प्रमुख पर्व बताकर प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

मंदिर वाराणसी में स्थित है। वाराणसी की यात्रा के लिए हवाई मार्ग का उपयोग करने वाले श्रद्धालु वाराणसी के प्रमुख हवाई अड्डे तक पहुंचकर वहां से स्थानीय परिवहन के माध्यम से मंदिर क्षेत्र की ओर जा सकते हैं।

रेल मार्ग

वाराणसी रेल मार्ग से देश के अनेक प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। रेल से आने वाले श्रद्धालु वाराणसी के प्रमुख रेलवे स्टेशन तक पहुंचकर स्थानीय परिवहन के माध्यम से लक्सा स्थित मंदिर तक जा सकते हैं।

सड़क मार्ग

वाराणसी शहर के भीतर सड़क मार्ग से मंगला गौरी मंदिर, लक्सा तक पहुंचा जा सकता है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध परिवहन साधनों के माध्यम से श्रद्धालु मंदिर क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं।

मंदिर तक पहुंचने की सटीक दूरी और मार्ग यात्रा के प्रारंभिक स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

दर्शन हेतु सर्वोत्तम समय

माँ मंगला गौरी के दर्शन एवं पूजा के लिए श्रद्धालु अपनी सुविधा और धार्मिक संकल्प के अनुसार मंदिर जा सकते हैं। विवाह एवं दांपत्य जीवन से संबंधित विशेष पूजा कराने से पहले पूजा की उपलब्धता, निर्धारित समय और आवश्यक धार्मिक विधि की जानकारी संबंधित मंदिर व्यवस्था या पूजा कराने वाले आचार्य से प्राप्त करना उचित रहेगा।

विशेष धार्मिक अवसरों पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो सकती है, इसलिए ऐसे अवसरों पर यात्रा की योजना पहले से बनाना सुविधाजनक हो सकता है।

निष्कर्ष

माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी माँ गौरी के मंगलमय स्वरूप की आराधना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की पूजा विवाह, सौभाग्य, दांपत्य सुख, पारिवारिक कल्याण और जीवन में मंगल की कामना के लिए की जाती है।

अविवाहित कन्या और पुरुष विवाह की मंगलकामना के लिए तथा विवाहित महिलाएं दांपत्य सुख और अखंड सौभाग्य की प्रार्थना के लिए माँ की आराधना कर सकते हैं। मंगला चण्डिका मंत्र जाप, देवी पूजन, संकल्प, हवन और आरती जैसी विधियों के माध्यम से श्रद्धालु माँ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं और अपने जीवन में शुभता एवं देवी कृपा की मंगलकामना करते हैं।

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पैकेज चुनें

  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    1h

    माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा रोड, वाराणसी में उन्नत पैकेज के अंतर्गत दो अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा माँ मंगल चंडिका की विशेष पूजा एवं 11,000 मंत्र जाप विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से विवाह में विलंब, विवाह संबंधी बाधाओं, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखी, समृद्ध और मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ मंगल चंडिका आवाहन
    • षोडशोपचार पूजन
    • माँ मंगल चंडिका मंत्र जाप — 11,000
    • मधु एवं पुष्प अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    मुख्य मंत्र

    ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मंगलचण्डिके ह्रीं क्लीं ॐ॥

    विशेष सुविधाएं

    • माँ मंगला गौरी मंदिर में माँ मंगल चंडिका की विशेष आराधना
    • 11,000 मंत्र जाप का विधिपूर्वक अनुष्ठान
    • विवाह संबंधी बाधाओं एवं विलंब के निवारण की मंगलकामना से विशेष संकल्प
    • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखद वैवाहिक जीवन के लिए धार्मिक अनुष्ठान
    • हवन, पूर्णाहुति, आरती एवं प्रसाद की व्यवस्था

    आवश्यक जानकारी

    माँ मंगल चंडिका की कृपा और पवित्र मंत्र जाप के माध्यम से विवाह संबंधी बाधाओं के निवारण, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, वैवाहिक जीवन में सुख-सौहार्द तथा परिवार में मंगल एवं समृद्धि की प्रार्थना की जाती है। यह अनुष्ठान श्रद्धा और संकल्प के साथ जीवन में शुभता, सकारात्मकता एवं दांपत्य सुख की मंगलकामना के लिए संपन्न किया जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹13,00015% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा रोड, वाराणसी में श्रेष्ठ पैकेज के अंतर्गत माँ मंगल चंडिका की विशेष पूजा एवं 25,000 मंत्र जाप दो अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह विशेष अनुष्ठान विवाह में विलंब, विवाह संबंधी बार-बार आने वाली बाधाओं, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखद और मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ मंगल चंडिका आवाहन
    • षोडशोपचार पूजन
    • माँ मंगल चंडिका मंत्र जाप — 25,000
    • मधु एवं पुष्प अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    मुख्य मंत्र

    ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मंगलचण्डिके ह्रीं क्लीं ॐ॥

    विशेष सुविधाएं

    • माँ मंगला गौरी मंदिर में माँ मंगल चंडिका की विशेष आराधना
    • 25,000 मंत्र जाप का विधिपूर्वक आयोजन
    • विवाह संबंधी बाधाओं एवं विलंब के निवारण की मंगलकामना के साथ विशेष संकल्प
    • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति एवं सुखद वैवाहिक जीवन के लिए धार्मिक अनुष्ठान
    • वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक पूजा विधियों का समावेश

    आवश्यक जानकारी

    माँ मंगल चंडिका की कृपा से इस पवित्र अनुष्ठान के माध्यम से विवाह संबंधी बाधाओं के निवारण, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में सुख एवं सामंजस्य तथा परिवार में मंगल और शांति की प्रार्थना की जाती है। यह साधना भक्त के जीवन में देवी कृपा, सकारात्मकता और शुभता की मंगलकामना के साथ संपन्न की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹21,000₹25,00016% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • विशिष्ट

    9 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा रोड, वाराणसी में विशिष्ट पैकेज के अंतर्गत माँ मंगल चंडिका की विशेष पूजा एवं 41,000 मंत्र जाप 9 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह विशेष अनुष्ठान विवाह में विलंब, विवाह संबंधी बार-बार आने वाली बाधाओं, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखी, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माँ मंगल चंडिका की आराधना जीवन में शुभता, आत्मविश्वास और वैवाहिक सौभाग्य की मंगलकामना से जुड़ी मानी जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ मंगल चंडिका आवाहन
    • षोडशोपचार पूजन
    • माँ मंगल चंडिका मंत्र जाप — 41,000
    • मधु एवं पुष्प अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • विशेष हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    मुख्य मंत्र

    ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मंगलचण्डिके ह्रीं क्लीं ॐ॥

    विशेष सुविधाएं

    • माँ मंगला गौरी मंदिर में माँ मंगल चंडिका की विशेष आराधना
    • 9 वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक मंत्र जाप
    • विवाह संबंधी बाधाओं एवं विलंब की स्थिति में विशेष संकल्प
    • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखद वैवाहिक जीवन की मंगलकामना
    • वैदिक विधि से विशेष हवन एवं पूर्णाहुति

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान

    माँ मंगल चंडिका की कृपा से इस विशेष अनुष्ठान के माध्यम से विवाह संबंधी बाधाओं के शमन, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, वैवाहिक जीवन में प्रेम एवं सामंजस्य तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की जाती है। श्रद्धापूर्वक किया गया यह मंत्र जाप साधक के जीवन में शुभता, सकारात्मकता और देवी कृपा की प्रार्थना के साथ संपन्न किया जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹31,001₹35,00011% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • दिव्य

    25 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा रोड, वाराणसी में दिव्य पैकेज के अंतर्गत माँ मंगल चंडिका की विशेष पूजा एवं 1,25,000 मंत्र जाप 25 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह विस्तृत अनुष्ठान विवाह में लंबे समय से आ रही बाधाओं, विवाह में विलंब, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखी, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माँ मंगल चंडिका की आराधना वैवाहिक जीवन में शुभता, सौभाग्य और पारिवारिक सुख की मंगलकामना से जुड़ी मानी जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • माँ मंगल चंडिका आवाहन
    • षोडशोपचार पूजन
    • माँ मंगल चंडिका मंत्र जाप — 1,25,000
    • मधु एवं पुष्प अर्पण
    • हल्दी की गांठ अर्पण
    • विशेष हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद

    मुख्य मंत्र

    ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मंगलचण्डिके ह्रीं क्लीं ॐ॥

    विशेष सुविधाएं

    • माँ मंगला गौरी मंदिर में माँ मंगल चंडिका की विशेष आराधना
    • 25 वैदिक आचार्यों द्वारा विस्तृत मंत्र जाप
    • विवाह संबंधी लंबे समय से चली आ रही बाधाओं एवं विलंब के लिए विशेष संकल्प
    • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुखद एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना
    • विस्तृत वैदिक विधि से विशेष हवन एवं पूर्णाहुति
    • अनुष्ठान को मंत्र जाप की संख्या एवं पूजा की विस्तृत विधि के अनुसार 1 या 3 दिनों में संपन्न कराया जा सकता है

    आवश्यक जानकारी

    माँ मंगल चंडिका की कृपा से इस विस्तृत अनुष्ठान के माध्यम से विवाह संबंधी बाधाओं एवं विलंब के शमन, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में प्रेम एवं सामंजस्य तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की जाती है। श्रद्धापूर्वक किया गया यह मंत्र जाप देवी कृपा, शुभता और वैवाहिक सौभाग्य की प्रार्थना के साथ संपन्न किया जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹75,000₹81,0007% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।

  1. आप

    बुक करें और संकल्प बताएँ

    पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।

  2. पुजारीजी

    हम प्रमाणित पुजारी नियुक्त करते हैं

    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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