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Pujari Ji

मंगल ग्रह जप

मार्कंडेय महादेव, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
मंगल ग्रह जप

मंगल ग्रह शांति पूजा भगवान मार्कण्डेय महादेव तथा मंगल देव की उपासना के माध्यम से मंगल ग्रह से संबंधित प्रतिकूल प्रभावों की शांति के लिए की जाने वाली वैदिक पूजा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में मंगल को साहस, पराक्रम, ऊर्जा, भूमि, संपत्ति तथा वैवाहिक जीवन से संबंधित ग्रह माना जाता है।

मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी भगवान शिव का प्राचीन एवं पूजनीय तीर्थ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऋषि मार्कण्डेय की भगवान शिव के प्रति भक्ति और तपस्या से इस धाम का विशेष आध्यात्मिक महत्व जुड़ा हुआ है। इस पवित्र स्थल पर मंगल ग्रह शांति पूजा श्रद्धा, ग्रह शांति तथा भगवान शिव की कृपा की मंगलकामना के साथ सम्पन्न की जाती है।

Duration

2h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹7,100

लाभ

  • मंगल ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति तथा जीवन में शुभता की मंगलकामना की जाती है।
  • मांगलिक दोष की शांति तथा अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • विवाह एवं दांपत्य जीवन में आने वाली बाधाओं के शमन तथा प्रेम एवं सामंजस्य की मंगलकामना की जाती है।
  • साहस, आत्मबल, धैर्य एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • दुर्घटना एवं अनिष्ट संबंधी आशंकाओं से संरक्षण तथा जीवन में सुरक्षा की कामना की जाती है।
  • भूमि एवं संपत्ति से संबंधित मामलों में शुभ परिणाम एवं अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख, शांति, सौहार्द एवं आपसी सामंजस्य की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान मार्कण्डेय महादेव की कृपा, आरोग्य एवं दीर्घायु की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति, आंतरिक शांति एवं जीवन में शुभता की मंगलकामना की जाती है।

मंगल ग्रह जप

मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी वाराणसी क्षेत्र के प्राचीन एवं प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। धार्मिक परंपरा में इस मंदिर का संबंध ऋषि मार्कण्डेय से बताया जाता है, जिनकी भगवान शिव के प्रति अनन्य भक्ति के कारण यह तीर्थ विशेष श्रद्धा का केंद्र माना जाता है।

मंगल ग्रह शांति पूजा उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से की जाती है जिनकी जन्मकुंडली में मंगल ग्रह प्रतिकूल स्थिति में हो, मांगलिक दोष से संबंधित योग हों अथवा मंगल से जुड़े जीवन क्षेत्रों में बाधाओं का अनुभव हो। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल की प्रतिकूल स्थिति को विवाह में विलंब, दांपत्य जीवन में मतभेद, क्रोध, भूमि एवं संपत्ति संबंधी विवाद तथा दुर्घटना संबंधी आशंकाओं से जोड़ा जाता है।

इस पूजा में भगवान गणेश का पूजन, संकल्प, मंगल देव की आराधना, नवग्रह पूजन, भगवान मार्कण्डेय महादेव का पूजन, मंगल मंत्र जाप, वैदिक हवन तथा पूर्णाहुति जैसी विधियाँ सम्मिलित की जा सकती हैं।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा में निम्न देवताओं का विधिपूर्वक पूजन किया जाता हैः

  • भगवान मार्कण्डेय महादेव
  • मंगल देव
  • भगवान गणेश
  • नवग्रह देवता

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव की आराधना से ग्रह दोषों की शांति तथा आध्यात्मिक बल की मंगलकामना की जाती है। मंगल देव को साहस, पराक्रम, ऊर्जा, भूमि एवं संपत्ति से संबंधित ग्रह माना जाता है। इसलिए मंगल ग्रह की शांति के लिए उनकी विधिपूर्वक आराधना विशेष महत्व रखती है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • मंगलवार के दिन
  • मंगल महादशा के समय
  • मंगल अंतर्दशा के समय
  • मंगल के प्रतिकूल गोचर के दौरान
  • जन्मकुंडली में मांगलिक दोष होने पर
  • विवाह से पूर्व मांगलिक दोष की शांति के लिए
  • योग्य ज्योतिषाचार्य द्वारा निर्धारित शुभ तिथि एवं मुहूर्त में

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जन्मकुंडली में मांगलिक दोष होने पर
  • विवाह में विलंब अथवा बार-बार बाधाएँ आने पर
  • दांपत्य जीवन में तनाव एवं मतभेद होने पर
  • अत्यधिक क्रोध एवं मानसिक अशांति की स्थिति में
  • दुर्घटना अथवा चोट संबंधी आशंकाओं के समय
  • भूमि एवं संपत्ति से संबंधित विवाद होने पर
  • शत्रु बाधा अथवा विवादों की स्थिति में
  • कार्यक्षेत्र एवं व्यवसाय में मंगल से संबंधित बाधाओं की शांति के लिए

प्रमुख मंत्र

  • ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥
  • ॐ नमः शिवाय॥
  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

पूजा के लाभ

  • मंगल ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • मांगलिक दोष की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • विवाह एवं दांपत्य जीवन में आने वाली बाधाओं के निवारण की मंगलकामना की जाती है।
  • साहस, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • दुर्घटना एवं अनिष्ट संबंधी आशंकाओं से संरक्षण की कामना की जाती है।
  • भूमि एवं संपत्ति संबंधी मामलों में शुभ परिणामों की प्रार्थना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख, शांति एवं आपसी सामंजस्य की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान मार्कण्डेय महादेव की कृपा, आरोग्य एवं दीर्घायु के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति एवं जीवन में शुभता की मंगलकामना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

मार्कण्डेय महादेव मंदिर को भगवान शिव के प्राचीन एवं पूजनीय धाम के रूप में श्रद्धा से देखा जाता है। धार्मिक परंपरा में ऋषि मार्कण्डेय की भगवान शिव के प्रति भक्ति का इस तीर्थ से विशेष संबंध माना जाता है। इसी कारण श्रद्धालु यहाँ भगवान शिव की आराधना से आयु, आरोग्य, भय से मुक्ति तथा आध्यात्मिक संरक्षण की प्रार्थना करते हैं।

मंगल ग्रह शांति पूजा इस पवित्र वातावरण में श्रद्धा एवं वैदिक विधि से सम्पन्न की जाती है। मंत्र जाप, देव आराधना, हवन तथा पूर्णाहुति के माध्यम से मंगल ग्रह से संबंधित प्रतिकूल प्रभावों की शांति और जीवन में साहस, संतुलन एवं शुभता की मंगलकामना की जाती है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • श्रद्धालु के नाम एवं गोत्र के अनुसार वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्मकुंडली के आधार पर पूजा की विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से पूजा में सहभागिता की व्यवस्था उपलब्ध है।
  • पूजा के लिए आवश्यक सम्पूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
  • वैदिक मंत्रोच्चार, हवन एवं पूर्णाहुति सहित अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।

मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी (वाराणसी) में सम्पन्न होने वाली मंगल ग्रह शांति पूजा भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं मंगल देव की कृपा प्राप्त करने हेतु अत्यंत पुण्यदायी वैदिक अनुष्ठान मानी जाती है। यह पूजा साहस, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, वैवाहिक सुख, सफलता, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक सम्पन्न की जाती है।

पूजा स्थानवाराणसी

मार्कंडेय महादेव

मार्कंडेय महादेव

वाराणसी

मार्कंडेय महादेव मंदिर वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत कैथी गाँव में गंगा–गोमती संगम पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन, पौराणिक और सिद्ध शिवधाम है।

यह मंदिर विशेष रूप से संतान प्राप्ति, अकाल मृत्यु भय निवारण, गंभीर रोग शांति तथा कष्ट मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।

मंदिर का इतिहास

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह स्थान ऋषि मार्कंडेय की तपोभूमि है। अल्पायु होने के कारण जब यमराज उनके प्राण हरने आए, तब ऋषि मार्कंडेय ने यहीं शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की घोर तपस्या की।

भगवान शिव प्रकट हुए, यमराज को रोका और ऋषि मार्कंडेय को अमरता का वरदान प्रदान किया। इसी कारण यह स्थल मार्कंडेय महादेव तथा महामृत्युंजय मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसका उल्लेख मार्कंडेय पुराण में भी मिलता है।

पौराणिक एवं धार्मिक महत्व

यह धाम महामृत्युंजय स्वरूप में भगवान शिव की आराधना का प्रमुख केंद्र है।

मान्यता है कि यहाँ पूजा करने से—

  • संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है
  • गर्भ बाधा का निवारण होता है
  • वंश वृद्धि होती है

सावन मास, प्रदोष और त्रयोदशी तिथि पर यहाँ विशेष भीड़ रहती है।

यह स्थल पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में गिना जाता है और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के तुल्य प्रभावशाली माना जाता है।

यहाँ होने वाली प्रमुख पूजाएँ

पुजारी जी के माध्यम से या स्थल पर निम्न पूजाएँ कराई जाती हैंः

संतान प्राप्ति विशेष पूजा

  • संतान गोपाल मंत्र जप
  • संतान बाधा निवारण हवन
  • दंपत्ति विशेष संकल्प पूजा

महामृत्युंजय पूजा

  • महामृत्युंजय मंत्र जप
  • लघु मृत्युंजय अनुष्ठान
  • अकाल मृत्यु, रोग, भय एवं ग्रहबाधा शांति हेतु

शिव रुद्राभिषेक

  • दूध, दही, घृत, गंगाजल एवं तीर्थ जल से अभिषेक
  • सावन, महाशिवरात्रि एवं नागपंचमी पर विशेष फलदायी

अन्य पूजाएँ

  • मंगल दोष निवारण पूजा
  • विवाह बाधा निवारण पूजा
  • ग्रह शांति एवं विशेष अनुष्ठान

प्रमुख मंत्र (श्रद्धालुओं हेतु)

महामृत्युंजय मंत्रः

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥

संतान गोपाल मंत्रः

ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।

देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥

कैसे पहुँचे?

  • दूरीः वाराणसी शहर से लगभग 30 किमी
  • मार्गः वाराणसी–गाजीपुर राजमार्ग
  • निकटतम रेलवे स्टेशनः
  • राजवारी स्टेशन – लगभग 7 किमी
  • औनिहार जंक्शन – लगभग 11 किमी
  • स्थानः कैथी गाँव, गंगा–गोमती संगम, वाराणसी

श्रद्धालुओं के लिए विशेष

  • यह मंदिर अत्यंत शांत, प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण में स्थित है। संगम तट पर होने के कारण यहाँ ध्यान, जप और अनुष्ठान का प्रभाव विशेष रूप से अनुभव किया जाता है।
  • मार्कंडेय महादेव मंदिर, कैथी केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि संतान सुख, जीवन रक्षा और शिव कृपा का सिद्ध केंद्र है। जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहाँ पूजन करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।
मंदिर विवरण देखें

तीर्थ नहीं जा पा रहे हैं?

जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।

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हमारी गारंटी

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वैदिक विधि-विधान
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  • उन्नत

    1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी में भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं मंगल देव की आराधना के साथ मंगल ग्रह शांति पूजा पूर्ण वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराई जाती है। यह अनुष्ठान मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों, मांगलिक दोष, विवाह में विलंब, भूमि संबंधी विवाद, दुर्घटना संबंधी आशंकाओं तथा करियर और व्यवसाय में आने वाली बाधाओं की शांति के लिए विशेष प्रार्थना के रूप में किया जाता है।

    इस उन्नत पैकेज में 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा शास्त्रोक्त विधि से पूजा संपन्न कराई जाती है। अनुष्ठान के अंतर्गत मंगल तांत्रिक मंत्र के 10,000 जाप किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूजा के माध्यम से मंगल देव की कृपा, साहस, आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं सफलता की मंगलकामना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव पूजन
    • मंगल देव पूजन
    • मंगल तांत्रिक मंत्र जाप — 10,000 जप
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में वैदिक विधि-विधान से अनुष्ठान
    • 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा शास्त्रोक्त पूजा
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं मंगल देव की विशेष आराधना
    • मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • मांगलिक दोष, विवाह संबंधी बाधाओं, भूमि संबंधी विवादों तथा करियर एवं व्यवसाय से जुड़ी बाधाओं के शमन की मंगलकामना
    • 10,000 मंगल तांत्रिक मंत्र जाप सहित विस्तृत अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं मंगल देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, साहस, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा के लिए प्रार्थना स्वरूप किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, शांति, सफलता और मंगल की कामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹7,100₹11,00035% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी में भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं मंगल देव की आराधना के लिए यह विशेष मंगल ग्रह शांति पूजा 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराई जाती है। यह अनुष्ठान मांगलिक दोष, विवाह में विलंब, वैवाहिक तनाव, न्यायालय संबंधी मामलों, भूमि-संपत्ति विवाद, दुर्घटना संबंधी योग तथा करियर में आने वाली बाधाओं से शांति की मंगलकामना के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति का विशेष महत्व माना जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव पूजन
    • मंगल देव पूजन
    • मंगल तांत्रिक मंत्र जाप — 40,000 जप
    • महामृत्युंजय मंत्र जाप
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में शास्त्रोक्त विधि-विधान से विशेष अनुष्ठान
    • 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक वैदिक पूजा
    • 40,000 मंगल तांत्रिक मंत्र जाप सहित विस्तृत अनुष्ठान
    • मांगलिक दोष एवं मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना
    • विवाह, वैवाहिक जीवन, भूमि-संपत्ति, करियर एवं अन्य जीवन संबंधी बाधाओं से राहत की प्रार्थना
    • महामृत्युंजय मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित विशेष पूजा विधि

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं मंगल देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, वैवाहिक सुख, साहस, स्थिरता, सुरक्षा एवं जीवन में आने वाली बाधाओं से राहत की प्रार्थना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, शांति, सफलता, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।

    All Puja MaterialDakshina
    ₹13,000₹18,00028% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • विशिष्ट

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं मंगल देव की आराधना के साथ मंगल ग्रह शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराई जाती है। यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न होता है। इसमें मांगलिक दोष, विवाह में विलंब, वैवाहिक कलह, दुर्घटना योग, भूमि एवं संपत्ति संबंधी विवाद, शत्रु बाधा तथा करियर एवं व्यवसाय में आने वाली बाधाओं के शमन की मंगलकामना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अनुष्ठान मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति, साहस, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, सफलता एवं वैवाहिक सुख के लिए प्रार्थना के रूप में किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव पूजन
    • मंगल देव पूजन
    • मंगल वैदिक मंत्र जाप — 10,000 जप
    • वैदिक मंगल मंत्र — ॐ अग्निमूर्धा दिवः ककुत्पतिः पृथिव्या अयम्। अपां रेतांसि जिन्वति॥
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी, वाराणसी में शास्त्रोक्त विधि-विधान से अनुष्ठान
    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक वैदिक पूजा
    • 10,000 मंगल वैदिक मंत्र जाप सहित विशेष अनुष्ठान
    • मांगलिक दोष एवं मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • विवाह, वैवाहिक जीवन, भूमि-संपत्ति, करियर एवं व्यवसाय से संबंधित बाधाओं के शमन की मंगलकामना
    • जन्मकुंडली के अनुसार संकल्प एवं अनुष्ठान की विधि निर्धारित करने की व्यवस्था

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं मंगल देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, साहस, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, वैवाहिक सुख, सफलता एवं जीवन में सकारात्मकता के लिए प्रार्थना के रूप में किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, शांति, सुरक्षा, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹21,000₹24,00013% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • दिव्य

    15 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    The Divya Package is an extensive Mangal Graha Shanti ritual performed by 15 Experienced Vedic Acharyas at Markandeya Mahadev Temple, Kaithi, Varanasi, according to traditional Vedic procedures. The ritual is performed with special prayers for relief from Manglik Dosha, Mangal Mahadasha, marriage-related obstacles, accident-related planetary combinations, land and property disputes, court matters, blood-related health concerns, enemy-related obstacles, and recurring challenges in life.

    As part of this special ritual, 40,000 chants of the Mangal Vedic Mantra are performed. According to religious beliefs, extensive mantra chanting holds special significance in Kali Yuga. Through worship, mantra chanting, Havan, and Purnahuti, prayers are offered for the grace of Mangal Dev and Lord Markandeya Mahadev.

    Ritual Includes

    • Sankalpa
    • Gauri-Ganesha Puja
    • Kalash Sthapana
    • Vedic Acharya Puja
    • Navagraha Puja
    • Worship of Lord Markandeya Mahadev
    • Mangal Dev Puja
    • Mangal Vedic Mantra Jaap — 40,000 chants
    • Mantra — ॐ अग्निमूर्धा दिवः ककुत्पतिः पृथिव्या अयम्। अपां रेतांसि जिन्वति॥
    • Special Vedic Havan
    • Purnahuti
    • Aarti and Prasad Distribution

    Special Features

    • Collective ritual performed by 15 Experienced Vedic Acharyas at Markandeya Mahadev Temple, Kaithi, Varanasi
    • 40,000 chants of the Mangal Vedic Mantra
    • Special sankalpa for peace from adverse influences associated with Mangal and Manglik Dosha
    • Prayers for relief from challenges related to marriage, land and property, career, and other areas of life
    • Special worship of Mangal Dev and Lord Markandeya Mahadev
    • Detailed Vedic ritual including Havan and Purnahuti

    Required Information

    • Yajaman's Name
    • Gotra
    • Date of Birth
    • Time of Birth
    • Place of Birth
    • Janma Kundli, if available

    This sacred ritual is performed with prayers for the grace of Lord Markandeya Mahadev and Mangal Dev, seeking relief from adverse influences associated with Mangal, marital challenges, instability, and obstacles in life. Through devotional mantra chanting, worship, Havan, and Purnahuti, prayers are offered for marital harmony, courage, stability, success, protection, peace, prosperity, good health, spiritual growth, and overall well-being of the Yajaman and family.

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹51,000₹55,0007% off

    2 वस्तुएँ शामिल

मंगल ग्रह जप के बारे में हमसे बात करें

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

और अधिक जानें

कैसे काम करता है

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  1. आप

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    पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।

  2. पुजारीजी

    हम प्रमाणित पुजारी नियुक्त करते हैं

    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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