“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

वाराणसी के कैथी क्षेत्र में स्थित मार्कण्डेय महादेव मंदिर भगवान शिव के प्राचीन एवं पूजनीय धामों में माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह क्षेत्र महर्षि मार्कण्डेय की तपस्या से जुड़ा हुआ है। भगवान शिव की आराधना के इस पवित्र स्थल पर मांगलिक दोष शांति पूजा मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति तथा वैवाहिक जीवन में सुख, सामंजस्य और मंगल की प्रार्थना के लिए सम्पन्न की जाती है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जन्मकुंडली में मंगल की कुछ विशेष स्थितियों को मांगलिक दोष से संबंधित माना जाता है। ऐसे में श्रद्धालु विवाह में आने वाली बाधाओं, दांपत्य जीवन में तनाव तथा पारिवारिक अशांति की शांति के लिए यह अनुष्ठान कराते हैं।
Duration
2h – 4h
Best time
सुबह
Starting price
₹11,000
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी भगवान शिव की उपासना का एक प्राचीन धार्मिक स्थल माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में इस क्षेत्र का संबंध महर्षि मार्कण्डेय की तपस्या से बताया जाता है। भगवान शिव के प्रति उनकी भक्ति और तपस्या से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं के कारण यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है।
मांगलिक दोष शांति पूजा जन्मकुंडली में मंगल की प्रतिकूल मानी जाने वाली स्थितियों की शांति के लिए की जाती है। वैदिक ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि तथा वैवाहिक जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। मंगल की कुछ स्थितियों को मांगलिक दोष से जोड़ा जाता है और ऐसी स्थिति में विवाह संबंधी बाधाओं अथवा दांपत्य तनाव की संभावना की ज्योतिषीय चर्चा की जाती है।
इस पूजा में भगवान शिव, मंगल ग्रह तथा अन्य संबंधित देवताओं की आराधना के साथ वैदिक मंत्रों का जाप, संकल्प, पूजन, हवन तथा पूर्णाहुति सम्पन्न की जाती है। यह अनुष्ठान मांगलिक दोष की शांति तथा सुखी एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए किया जाता है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस पूजा में प्रमुख रूप से निम्न देवताओं की आराधना की जाती हैः
भगवान शिव की आराधना धार्मिक परंपरा में कल्याण, आध्यात्मिक संरक्षण एवं मंगल की प्रार्थना से जुड़ी मानी जाती है। मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, पराक्रम एवं वैवाहिक जीवन से संबंधित ग्रह माना जाता है। इसलिए मांगलिक दोष की शांति के लिए मंगल ग्रह की विधिपूर्वक आराधना का विशेष महत्व माना जाता है।
शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?
किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?
प्रमुख मंत्र
पूजा के लाभ
आध्यात्मिक महत्व
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी भगवान शिव की उपासना से जुड़ा एक प्राचीन एवं पूजनीय स्थल माना जाता है। महर्षि मार्कण्डेय की तपस्या से संबंधित पौराणिक परंपराओं के कारण इस स्थान का विशेष धार्मिक महत्व है।
भगवान शिव के पावन सान्निध्य में मांगलिक दोष शांति पूजा सम्पन्न करने का उद्देश्य ग्रह संबंधी अशुभ प्रभावों की शांति तथा वैवाहिक जीवन, पारिवारिक सुख एवं मानसिक शांति की मंगलकामना करना है। वैदिक मंत्रोच्चार, देव आराधना, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से श्रद्धालु भगवान शिव और मंगल ग्रह की कृपा की प्रार्थना करते हैं।
विशेष जानकारी
यदि आप मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी (वाराणसी) में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से मांगलिक दोष शांति पूजा कराना चाहते हैं, तो पूजारिजी.कॉम के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन बुकिंग कर सकते हैं। पूजा के प्रत्येक चरण में वैदिक परंपराओं का पालन करते हुए संकल्प, वैदिक मंत्रोच्चार एवं सम्पूर्ण व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाता है।

वाराणसी
मार्कंडेय महादेव मंदिर वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत कैथी गाँव में गंगा–गोमती संगम पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन, पौराणिक और सिद्ध शिवधाम है।
यह मंदिर विशेष रूप से संतान प्राप्ति, अकाल मृत्यु भय निवारण, गंभीर रोग शांति तथा कष्ट मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।
मंदिर का इतिहास
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह स्थान ऋषि मार्कंडेय की तपोभूमि है। अल्पायु होने के कारण जब यमराज उनके प्राण हरने आए, तब ऋषि मार्कंडेय ने यहीं शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की घोर तपस्या की।
भगवान शिव प्रकट हुए, यमराज को रोका और ऋषि मार्कंडेय को अमरता का वरदान प्रदान किया। इसी कारण यह स्थल मार्कंडेय महादेव तथा महामृत्युंजय मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसका उल्लेख मार्कंडेय पुराण में भी मिलता है।
पौराणिक एवं धार्मिक महत्व
यह धाम महामृत्युंजय स्वरूप में भगवान शिव की आराधना का प्रमुख केंद्र है।
मान्यता है कि यहाँ पूजा करने से—
सावन मास, प्रदोष और त्रयोदशी तिथि पर यहाँ विशेष भीड़ रहती है।
यह स्थल पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में गिना जाता है और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के तुल्य प्रभावशाली माना जाता है।
यहाँ होने वाली प्रमुख पूजाएँ
पुजारी जी के माध्यम से या स्थल पर निम्न पूजाएँ कराई जाती हैंः
संतान प्राप्ति विशेष पूजा
महामृत्युंजय पूजा
शिव रुद्राभिषेक
अन्य पूजाएँ
प्रमुख मंत्र (श्रद्धालुओं हेतु)
महामृत्युंजय मंत्रः
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥
संतान गोपाल मंत्रः
ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥
कैसे पहुँचे?
श्रद्धालुओं के लिए विशेष
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा मांगलिक दोष शांति पूजा, मंगल ग्रह शांति अनुष्ठान एवं विशेष हवन पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा। यह अनुष्ठान भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं मंगल देव की आराधना के साथ विवाह में आने वाली बाधाओं, मांगलिक दोष से संबंधित अशुभ प्रभावों तथा दांपत्य जीवन से जुड़ी मंगलकामनाओं के लिए किया जाता है। यह पूजा विशेष रूप से उन यजमानों के लिए उपयुक्त मानी जाती है जिनकी जन्मकुंडली में मांगलिक दोष या मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ स्थिति बताई गई हो।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं मंगल देव की आराधना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान मांगलिक दोष एवं मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति, विवाह संबंधी बाधाओं से राहत तथा सुखी और मंगलमय दांपत्य जीवन की मंगलकामना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में मानसिक शांति, वैवाहिक सुख, सकारात्मकता एवं आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा मांगलिक दोष शांति पूजा, भगवान मार्कण्डेय महादेव का रुद्राभिषेक, मंगल ग्रह के विशेष मंत्रों का जाप एवं वैदिक हवन शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा। यह अनुष्ठान मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति, वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाओं के शमन, मानसिक शांति एवं जीवन में स्थिरता की मंगलकामना के लिए किया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं मंगल देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह विशेष अनुष्ठान मांगलिक दोष एवं मंगल ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, वैवाहिक जीवन में सुख-शांति, मानसिक संतुलन, सकारात्मकता एवं जीवन में स्थिरता के लिए श्रद्धापूर्वक किया जाता है। रुद्राभिषेक, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान और उसके परिवार के कल्याण की प्रार्थना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
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