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Pujari Ji

मांगलिक दोष शांति पूजा

मंगला गौरी मंदिर, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
मांगलिक दोष शांति पूजा

मंगला गौरी मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न होने वाली मांगलिक दोष शांति पूजा माता मंगला गौरी, भगवान शिव तथा मंगल ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाने वाला महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। माता मंगला गौरी को सौभाग्य, वैवाहिक सुख, समृद्धि तथा मंगलमय जीवन की अधिष्ठात्री देवी के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्मकुंडली में मंगल की कुछ विशेष स्थितियों को मांगलिक दोष से संबंधित माना जाता है। ऐसी स्थिति में विवाह में विलंब, वैवाहिक जीवन में मतभेद, पारिवारिक तनाव अथवा अन्य चुनौतियों की संभावना मानी जाती है। इन ग्रह प्रभावों की शांति तथा सुखी दांपत्य जीवन की मंगलकामना के लिए मांगलिक दोष शांति पूजा सम्पन्न की जाती है।

Duration

2h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मांगलिक दोष शांति पूजा के माध्यम से मांगलिक दोष के प्रतिकूल प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह में आने वाली बाधाओं के निवारण तथा अनुकूल वैवाहिक परिस्थितियों की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • सुखी, शांतिपूर्ण एवं सामंजस्यपूर्ण वैवाहिक जीवन की मंगलकामना की जाती है।
  • पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास, सम्मान एवं आपसी समझ बढ़ने की प्रार्थना की जाती है।
  • मंगल ग्रह के अनुकूल प्रभावों की प्राप्ति तथा जीवन में शुभता के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक चिंतन की मंगलकामना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख, सौहार्द, स्थिरता एवं आपसी सामंजस्य की प्रार्थना की जाती है।
  • माता मंगला गौरी की कृपा एवं आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना की जाती है।

मांगलिक दोष शांति पूजा

मंगला गौरी मंदिर वाराणसी का एक प्राचीन एवं पूजनीय देवी मंदिर माना जाता है। माता मंगला गौरी की आराधना विशेष रूप से सौभाग्य, वैवाहिक सुख, पारिवारिक कल्याण एवं मंगलमय जीवन की मंगलकामना से की जाती है।

जन्मकुंडली में मंगल की स्थिति को मांगलिक दोष से संबंधित माना जाने पर श्रद्धालु इस पूजा के माध्यम से मंगल ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति तथा देवी की कृपा की प्रार्थना करते हैं। यह अनुष्ठान विवाह से पूर्व अथवा वैवाहिक जीवन में ग्रह संबंधी बाधाओं की स्थिति में भी ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार कराया जा सकता है।

पूजा में भगवान गणेश का पूजन एवं संकल्प, माता मंगला गौरी की आराधना, मंगल ग्रह का पूजन, नवग्रह पूजन, मंत्र जाप, हवन तथा पूर्णाहुति सहित वैदिक विधि सम्पन्न की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा में मुख्य रूप से निम्न देवताओं की आराधना की जाती हैः

  • माता मंगला गौरी
  • भगवान शिव
  • मंगल ग्रह देव
  • भगवान गणेश
  • नवग्रह देवता

धार्मिक मान्यता के अनुसार माता मंगला गौरी की आराधना से सौभाग्य, वैवाहिक सुख एवं पारिवारिक मंगल की प्रार्थना की जाती है। मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, पराक्रम एवं शक्ति से संबंधित ग्रह माना जाता है। इसलिए मंगल ग्रह की शांति के लिए यह अनुष्ठान विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

मांगलिक दोष शांति पूजा कब करानी चाहिए?

  • जन्मकुंडली में मांगलिक दोष की स्थिति होने पर।
  • विवाह में बार-बार बाधाएँ आने पर।
  • विवाह में विलंब होने पर।
  • दांपत्य जीवन में तनाव या मतभेद होने पर।
  • मंगल ग्रह की महादशा या अंतर्दशा के दौरान।
  • मंगल ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति के लिए।
  • योग्य ज्योतिषाचार्य के परामर्श के अनुसार शुभ तिथि एवं नक्षत्र में।

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जन्मकुंडली में मांगलिक दोष होने पर।
  • विवाह संबंधी बाधाओं की स्थिति में।
  • दांपत्य जीवन में सामंजस्य की मंगलकामना हेतु।
  • पारिवारिक तनाव एवं मतभेदों की शांति के लिए।
  • मंगल ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति हेतु।
  • मानसिक शांति एवं भावनात्मक संतुलन की प्रार्थना के लिए।
  • सुखी एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना से।

प्रमुख मंत्र

  • ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥
  • ॐ मंगले गौरी देव्यै नमः॥
  • ॐ नमः शिवाय॥

मांगलिक दोष शांति पूजा के लाभ

  • मांगलिक दोष के प्रतिकूल प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह में आने वाली बाधाओं के निवारण की प्रार्थना की जाती है।
  • सुखी एवं सामंजस्यपूर्ण वैवाहिक जीवन की मंगलकामना की जाती है।
  • पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास एवं आपसी समझ की प्रार्थना की जाती है।
  • मंगल ग्रह के अनुकूल प्रभावों की प्राप्ति हेतु प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक चिंतन की मंगलकामना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख, सौहार्द एवं स्थिरता की प्रार्थना की जाती है।
  • माता मंगला गौरी की कृपा एवं आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

मंगला गौरी मंदिर वाराणसी में शक्ति उपासना का एक प्राचीन एवं श्रद्धापूर्ण केंद्र माना जाता है। माता मंगला गौरी को सौभाग्य, वैवाहिक सुख तथा मंगलमय जीवन की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है।

उनके पावन सान्निध्य में सम्पन्न मांगलिक दोष शांति पूजा श्रद्धालुओं को देवी आराधना, वैदिक परंपरा एवं आध्यात्मिक साधना से जोड़ने वाली मानी जाती है। इस अनुष्ठान के माध्यम से मंगल ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति, पारिवारिक सामंजस्य तथा वैवाहिक सुख की मंगलकामना की जाती है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • श्रद्धालु के नाम एवं गोत्र के अनुसार वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्मकुंडली के आधार पर पूजा-विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • सम्पूर्ण पूजन सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
  • मंत्र जाप, नवग्रह पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति सहित अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।
  • वाराणसी आने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए दूरस्थ सहभागिता की व्यवस्था उपलब्ध हो सकती है।

यदि आप मंगला गौरी मंदिर, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से मांगलिक दोष शांति पूजा कराना चाहते हैं, तो पूजारिजी.कॉम के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन बुकिंग कर सकते हैं। पूजा के प्रत्येक चरण में संकल्प, वैदिक विधि एवं सम्पूर्ण व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाता है।

पूजा स्थानवाराणसी

मंगला गौरी मंदिर

मंगला गौरी मंदिर

वाराणसी

मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी

माँ मंगला गौरी — मंगल, सौभाग्य और विवाह की मंगलकामना की आराध्या देवी

वाराणसी की पवित्र धार्मिक भूमि पर स्थित माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी माँ गौरी के मंगलमयी स्वरूप को समर्पित एक महत्वपूर्ण देवी मंदिर है। काशी की धार्मिक परंपरा में माँ मंगला गौरी की आराधना को मंगल, सौभाग्य, वैवाहिक सुख, पारिवारिक कल्याण और देवी कृपा की कामना से जोड़ा जाता है।

माँ मंगला गौरी की पूजा विशेष रूप से विवाह की मंगलकामना के लिए भी कराई जाती है। जिन अविवाहित कन्याओं या पुरुषों के विवाह में विलंब हो रहा हो, विवाह तय होने में बार-बार बाधाएं आ रही हों, विवाह की बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही हो अथवा विवाह तय होकर किसी कारणवश संबंध टूट जाता हो, वे माँ मंगला गौरी के समक्ष श्रद्धापूर्वक संकल्प लेकर पूजा एवं मंत्र जाप करा सकते हैं।

धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की आराधना के माध्यम से भक्त शीघ्र, शुभ एवं मंगलमय विवाह तथा योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की प्रार्थना करते हैं। यह पूजा केवल कन्याओं के लिए ही नहीं, बल्कि अविवाहित पुरुष भी अपने विवाह की मंगलकामना से करा सकते हैं।

विवाहित महिलाएं भी अपने दांपत्य जीवन में सुख, शांति, प्रेम, सौहार्द एवं अखंड सौभाग्य की प्रार्थना के लिए माँ की आराधना कर सकती हैं।

माँ मंगला गौरी का धार्मिक महत्व

हिंदू धार्मिक परंपरा में माँ गौरी को स्त्री शक्ति, सौभाग्य, मंगल, पवित्रता और पारिवारिक कल्याण से संबंधित देवी स्वरूप माना जाता है। माँ मंगला गौरी की पूजा विशेष रूप से जीवन में शुभता और मंगल की कामना के लिए की जाती है।

लक्सा, वाराणसी स्थित मंगला गौरी मंदिर में श्रद्धालु माँ के दर्शन एवं पूजन कर अपने जीवन, विवाह, दांपत्य सुख और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करते हैं।

विशेष रूप से विवाह योग्य कन्या या पुरुष के लिए माँ मंगला गौरी की पूजा विवाह संबंधी मंगलकामना के साथ कराई जा सकती है। यदि विवाह में लगातार विलंब हो रहा हो, योग्य रिश्ता मिलने में कठिनाई हो, विवाह की बातचीत बार-बार रुक जाती हो या विवाह तय होकर संबंध टूट जाता हो, तो श्रद्धालु धार्मिक आस्था के अनुसार माँ के समक्ष विशेष विवाह संकल्प लेकर पूजा करा सकते हैं।

विवाहित महिलाएं भी अपने दांपत्य जीवन में सुख, शांति, प्रेम एवं सामंजस्य बनाए रखने तथा सौभाग्य की मंगलकामना से माँ की पूजा कर सकती हैं।

मंगला गौरी मंदिर में होने वाली प्रमुख पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठान

माँ मंगला गौरी की आराधना श्रद्धालुओं द्वारा अपनी श्रद्धा, मनोकामना और विशेष संकल्प के अनुसार की जाती है। विवाह संबंधी मंगलकामना के लिए माँ मंगला गौरी पूजन, मंगला चण्डिका मंत्र जाप तथा आवश्यकतानुसार हवन कराया जा सकता है।

पूजा की निर्धारित विधि के अनुसार गणेश पूजन, कलश पूजन, देवी आवाहन, माँ मंगला गौरी पूजन, पुष्प एवं नैवेद्य अर्पण, मंत्र जाप, हवन तथा आरती जैसी धार्मिक विधियां सम्मिलित की जा सकती हैं।

विवाह के लिए पूजा कराते समय विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र एवं विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ देवी की आराधना की जाती है।

प्रमुख धार्मिक विधियां

  • माँ मंगला गौरी पूजन
  • विवाह मंगलकामना संकल्प
  • मंगला चण्डिका मंत्र जाप
  • देवी आराधना
  • हवन
  • आरती
  • पुष्प एवं नैवेद्य अर्पण

मंगला गौरी मंदिर में विवाह के लिए विशेष पूजा

माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में विवाह की मंगलकामना के लिए विशेष पूजा एवं मंत्र जाप कराया जा सकता है। धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की आराधना विवाह से संबंधित शुभ संकल्पों के लिए विशेष महत्व रखती है।

यह पूजा अविवाहित कन्या और अविवाहित पुरुष दोनों अपनी विवाह संबंधी मंगलकामना के लिए करा सकते हैं।

जिनके विवाह में विलंब हो रहा हो, विवाह तय होने में बार-बार बाधाएं आ रही हों, विवाह की बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही हो या विवाह तय होकर संबंध टूट जाता हो, वे माँ के समक्ष श्रद्धापूर्वक विशेष विवाह संकल्प लेकर पूजा एवं मंत्र जाप करा सकते हैं।

विशेष रूप से विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र एवं विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ माँ मंगला गौरी का पूजन, मंगला चण्डिका मंत्र जाप एवं आवश्यकतानुसार हवन कराया जा सकता है।

यह पूजा विशेष रूप से इन मंगलकामनाओं के लिए कराई जा सकती है

  • विवाह में हो रहे विलंब के लिए देवी कृपा की कामना
  • विवाह तय होने में आने वाली बाधाओं के निवारण की प्रार्थना
  • शीघ्र एवं मंगलमय विवाह की प्रार्थना
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की मंगलकामना
  • बार-बार विवाह संबंध टूटने की स्थिति में मंगलकामना
  • दांपत्य जीवन में सुख और शांति की प्रार्थना
  • पति-पत्नी के बीच प्रेम एवं सामंजस्य की मंगलकामना
  • अखंड सौभाग्य एवं पारिवारिक सुख की प्रार्थना

माँ मंगला गौरी की पूजा क्यों कराई जाती है?

माँ मंगला गौरी की पूजा श्रद्धा और धार्मिक आस्था के अनुसार जीवन में मंगल एवं देवी कृपा की कामना से की जाती है। विशेष रूप से विवाह एवं दांपत्य जीवन से संबंधित मंगलकामनाओं के लिए माँ की आराधना का महत्व माना जाता है।

मंगला गौरी पूजा के माध्यम से श्रद्धालु विवाह, पारिवारिक सुख, दांपत्य शांति, सौभाग्य तथा जीवन में शुभता की प्रार्थना करते हैं। अविवाहित कन्या और पुरुष विवाह की मंगलकामना से तथा विवाहित महिलाएं दांपत्य सुख एवं सौभाग्य की प्रार्थना से देवी की आराधना कर सकती हैं।

इन लाभों को धार्मिक मान्यता एवं आस्था के संदर्भ में समझना चाहिए। पूजा किसी निश्चित सांसारिक परिणाम की गारंटी नहीं होती, बल्कि श्रद्धालु इसे देवी के प्रति अपनी श्रद्धा, संकल्प और मंगलकामना के रूप में करते हैं।

मंगला गौरी पूजा करवाने के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कराने से श्रद्धालु अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक मंगलकामनाओं के लिए देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।

माँ मंगला गौरी की आराधना से संबंधित प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक मंगलकामनाएं इस प्रकार हैंः

  • विवाह में आने वाली बाधाओं के निवारण की प्रार्थना
  • विवाह में हो रहे विलंब के लिए देवी कृपा की कामना
  • शीघ्र एवं मंगलमय विवाह की प्रार्थना
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की मंगलकामना
  • विवाह संबंधों में शुभता एवं स्थिरता की प्रार्थना
  • दांपत्य जीवन में सुख, शांति और प्रेम की कामना
  • पति-पत्नी के बीच सामंजस्य की प्रार्थना
  • अखंड सौभाग्य एवं पारिवारिक सुख की मंगलकामना
  • परिवार में सुख-शांति एवं कल्याण की प्रार्थना
  • मातृशक्ति की आराधना एवं देवी कृपा की प्रार्थना
  • आध्यात्मिक शांति एवं भक्ति भावना को बढ़ाने की कामना
  • जीवन में मंगल एवं सकारात्मकता की प्रार्थना

मंगला चण्डिका मंत्र जाप

माँ मंगला गौरी की विशेष आराधना में मंगला चण्डिका मंत्र जाप कराया जा सकता है। यह मंत्र देवी के मंगलमय स्वरूप की उपासना और विशेष संकल्प के साथ किया जाता है।

मंगला चण्डिका मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवि मङ्गलचण्डिके ह्रूं फट् स्वाहा॥

मंत्र जाप के दौरान श्रद्धालु अपनी विशेष मंगलकामना एवं संकल्प के साथ देवी की आराधना करते हैं। विवाह संबंधी पूजा में विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र और विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ मंत्र जाप कराया जा सकता है।

मंदिर परिसर के प्रमुख पवित्र स्थल

उपलब्ध विवरण में मंदिर परिसर के भीतर स्थित अन्य विशिष्ट पवित्र स्थलों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए बिना प्रमाण के किसी गर्भगृह, कुंड, प्रतिमा, यज्ञशाला या अन्य देवालय के संबंध में विशिष्ट जानकारी नहीं जोड़ी जा रही है।

मंदिर का मुख्य धार्मिक केंद्र माँ मंगला गौरी की आराधना और दर्शन है, जहां श्रद्धालु अपनी श्रद्धा एवं संकल्प के अनुसार देवी का पूजन करते हैं।

मंगला गौरी मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण

काशी की धार्मिक परंपरा से जुड़ा यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए देवी आराधना, प्रार्थना और आध्यात्मिक साधना का स्थान है। माँ मंगला गौरी के समक्ष श्रद्धालु अपने विवाह, दांपत्य जीवन, परिवार और व्यक्तिगत मंगलकामनाओं के लिए संकल्प लेकर पूजा करते हैं।

देवी की आराधना के दौरान मंत्र जाप, पूजन, नैवेद्य अर्पण, हवन और आरती जैसी धार्मिक विधियां श्रद्धा एवं भक्ति का वातावरण निर्मित करती हैं। भक्त माँ के समक्ष अपनी मनोकामनाएं रखते हुए जीवन में मंगल, सौभाग्य और पारिवारिक सुख की प्रार्थना करते हैं।

विशेष अवसरों पर मंगला गौरी मंदिर का महत्व

माँ मंगला गौरी की पूजा का महत्व विशेष रूप से मंगल, सौभाग्य, विवाह एवं दांपत्य जीवन की मंगलकामना से जुड़ी धार्मिक आस्था के संदर्भ में देखा जाता है।

विशेष धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालु देवी के दर्शन और पूजन के लिए मंदिर में आते हैं। हालांकि उपलब्ध विवरण में मंदिर के विशिष्ट वार्षिक पर्वों एवं उनके निश्चित आयोजन का विस्तृत प्रमाण उपलब्ध नहीं है, इसलिए किसी विशेष पर्व को मंदिर का आधिकारिक प्रमुख पर्व बताकर प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

मंदिर वाराणसी में स्थित है। वाराणसी की यात्रा के लिए हवाई मार्ग का उपयोग करने वाले श्रद्धालु वाराणसी के प्रमुख हवाई अड्डे तक पहुंचकर वहां से स्थानीय परिवहन के माध्यम से मंदिर क्षेत्र की ओर जा सकते हैं।

रेल मार्ग

वाराणसी रेल मार्ग से देश के अनेक प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। रेल से आने वाले श्रद्धालु वाराणसी के प्रमुख रेलवे स्टेशन तक पहुंचकर स्थानीय परिवहन के माध्यम से लक्सा स्थित मंदिर तक जा सकते हैं।

सड़क मार्ग

वाराणसी शहर के भीतर सड़क मार्ग से मंगला गौरी मंदिर, लक्सा तक पहुंचा जा सकता है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध परिवहन साधनों के माध्यम से श्रद्धालु मंदिर क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं।

मंदिर तक पहुंचने की सटीक दूरी और मार्ग यात्रा के प्रारंभिक स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

दर्शन हेतु सर्वोत्तम समय

माँ मंगला गौरी के दर्शन एवं पूजा के लिए श्रद्धालु अपनी सुविधा और धार्मिक संकल्प के अनुसार मंदिर जा सकते हैं। विवाह एवं दांपत्य जीवन से संबंधित विशेष पूजा कराने से पहले पूजा की उपलब्धता, निर्धारित समय और आवश्यक धार्मिक विधि की जानकारी संबंधित मंदिर व्यवस्था या पूजा कराने वाले आचार्य से प्राप्त करना उचित रहेगा।

विशेष धार्मिक अवसरों पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो सकती है, इसलिए ऐसे अवसरों पर यात्रा की योजना पहले से बनाना सुविधाजनक हो सकता है।

निष्कर्ष

माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी माँ गौरी के मंगलमय स्वरूप की आराधना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की पूजा विवाह, सौभाग्य, दांपत्य सुख, पारिवारिक कल्याण और जीवन में मंगल की कामना के लिए की जाती है।

अविवाहित कन्या और पुरुष विवाह की मंगलकामना के लिए तथा विवाहित महिलाएं दांपत्य सुख और अखंड सौभाग्य की प्रार्थना के लिए माँ की आराधना कर सकते हैं। मंगला चण्डिका मंत्र जाप, देवी पूजन, संकल्प, हवन और आरती जैसी विधियों के माध्यम से श्रद्धालु माँ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं और अपने जीवन में शुभता एवं देवी कृपा की मंगलकामना करते हैं।

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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

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    यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान मंगला गौरी मंदिर, वाराणसी में माता मंगला गौरी एवं मंगल देव की कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा जन्मकुंडली में स्थित मांगलिक दोष तथा मंगल ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति, विवाह में आने वाली बाधाओं के निवारण, वैवाहिक जीवन में सुख-शांति एवं दांपत्य जीवन की मंगलकामना के लिए विशेष रूप से कराई जाती है। इस उन्नत पैकेज में 2 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा मांगलिक दोष शांति पूजा, मंगल ग्रह की आराधना, मंत्र जाप एवं विशेष हवन सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • स्वस्तिवाचन
    • कलश स्थापना
    • पुण्याह वाचन
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • मंगल ग्रह पूजन
    • मंगल बीज मंत्र जाप
    • विशेष मांगलिक दोष शांति हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • मंगला गौरी मंदिर, वाराणसी में पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से मांगलिक दोष शांति पूजा
    • 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पूर्ण अनुष्ठान
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से व्यक्तिगत वैदिक संकल्प
    • मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति हेतु विशेष पूजा एवं हवन
    • विवाह संबंधी बाधाओं के निवारण एवं सुखी दांपत्य जीवन की मंगलकामना
    • स्वयं उपस्थित होकर अथवा दूरस्थ रूप से अनुष्ठान सम्पन्न कराने की सुविधा

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्म कुंडली (यदि उपलब्ध हो)

    माता मंगला गौरी एवं मंगल देव की कृपा से सम्पन्न यह मांगलिक दोष शांति विशेष अनुष्ठान वैवाहिक जीवन में सुख-शांति, मानसिक संतुलन, सकारात्मक ऊर्जा एवं मंगलकारी परिस्थितियों की मंगलकामना करता है। श्रद्धा एवं विधिपूर्वक सम्पन्न यह पूजा मांगलिक दोष तथा मंगल ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति और दांपत्य जीवन में शुभता की प्रार्थना हेतु एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹13,00015% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

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    यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान मंगला गौरी मंदिर, वाराणसी में माता मंगला गौरी एवं मंगल देव की कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया जाता है। इस श्रेष्ठ पैकेज में 5 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा विस्तृत मांगलिक दोष शांति पूजा, रुद्राभिषेक, विशेष मंगल मंत्र जाप एवं वैदिक हवन कराया जाता है। यह पूजा जन्मकुंडली में स्थित मांगलिक दोष एवं मंगल ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति, वैवाहिक जीवन में शुभता, मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं जीवन में स्थिरता की मंगलकामना के लिए विशेष रूप से की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • स्वस्तिवाचन
    • कलश स्थापना
    • पुण्याह वाचन
    • मातृका पूजन
    • नांदीमुख श्राद्ध
    • आयुष्य मंत्र जाप
    • रक्षा विधान
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • मंगल ग्रह पूजन
    • मंगल बीज मंत्र जाप – 40,000 मंत्रों का जाप
    • रुद्राभिषेक
    • विशेष मांगलिक दोष शांति हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • मंगला गौरी मंदिर, वाराणसी में पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान
    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक वैदिक अनुष्ठान
    • जन्मकुंडली के अनुसार संकल्प एवं पूजा-विधि
    • 40,000 मंगल बीज मंत्रों का विशेष जाप
    • रुद्राभिषेक एवं विशेष मांगलिक दोष शांति हवन
    • पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था
    • वैदिक परंपरा के अनुसार विस्तृत अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्म कुंडली, यदि उपलब्ध हो

    माता मंगला गौरी एवं मंगल देव की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान मांगलिक दोष एवं मंगल ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति, वैवाहिक जीवन में शुभता, मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में स्थिरता की मंगलकामना करता है। श्रद्धा और संकल्प के साथ सम्पन्न यह विशेष पूजा साधक के जीवन में मंगलकारी ऊर्जा एवं सुख-शांति की कामना करने वाला महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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  1. आप

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  2. पुजारीजी

    हम प्रमाणित पुजारी नियुक्त करते हैं

    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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