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Pujari Ji

नवग्रह शांति पूजा

श्री गुरु बृहस्पति मंदिर, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
नवग्रह शांति पूजा

बृहस्पति मंदिर, वाराणसी देवगुरु बृहस्पति को समर्पित एक प्राचीन एवं पूजनीय तीर्थ है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहाँ सम्पन्न नवग्रह शांति पूजा ग्रहों की अनुकूलता प्राप्त करने तथा विभिन्न प्रकार की ग्रहजन्य बाधाओं की शांति के लिए विशेष महत्व रखती है। इस अनुष्ठान में नवग्रह पूजन, वैदिक मंत्र जाप, स्तोत्र पाठ एवं हवन के माध्यम से समस्त ग्रहों की कृपा प्राप्त करने की प्रार्थना की जाती है।

Duration

2h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹6,100

लाभ

  • नवग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति तथा जीवन में संतुलन, शुभता एवं कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
  • देवगुरु बृहस्पति की कृपा से ज्ञान, विवेक, सद्बुद्धि एवं भाग्योदय की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • शिक्षा, करियर एवं व्यवसाय में उन्नति, प्रगति तथा अनुकूल अवसरों की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • विवाह संबंधी शुभ परिस्थितियों एवं संतान सुख की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • आर्थिक स्थिरता, समृद्धि एवं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की जाती है।
  • मानसिक शांति, आंतरिक संतुलन एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति हेतु यह पूजा लाभकारी मानी जाती है।

नवग्रह शांति पूजा

बृहस्पति मंदिर वाराणसी का एक अत्यंत पवित्र धार्मिक स्थल है, जहाँ देवगुरु बृहस्पति की आराधना की जाती है। वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, सदाचार, संतान, विवाह, भाग्य एवं समृद्धि का कारक माना गया है।

नवग्रह शांति पूजा उन श्रद्धालुओं द्वारा कराई जाती है जो जन्मकुंडली में ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति, ग्रह दोष अथवा ग्रहजन्य बाधाओं के कारण मानसिक, पारिवारिक, शैक्षिक, वैवाहिक अथवा व्यावसायिक चुनौतियों का अनुभव कर रहे हों। इस अनुष्ठान के माध्यम से नवग्रहों की कृपा तथा जीवन में शुभता की मंगलकामना की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

  • देवगुरु बृहस्पति
  • भगवान शिव
  • सूर्य देव
  • चंद्र देव
  • मंगल देव
  • बुध देव
  • शुक्र देव
  • शनि देव
  • राहु
  • केतु
  • भगवान गणेश

धार्मिक मान्यता के अनुसार नवग्रह मानव जीवन के विभिन्न पक्षों को प्रभावित करते हैं। नवग्रहों की विधिपूर्वक आराधना एवं देवगुरु बृहस्पति की कृपा से जीवन में संतुलन, ज्ञान एवं शुभता की प्राप्ति की प्रार्थना की जाती है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • गुरु महादशा अथवा अंतर्दशा के दौरान
  • गुरु ग्रह की प्रतिकूल स्थिति होने पर
  • शनि की साढ़ेसाती अथवा ढैया के समय
  • राहु एवं केतु के अशुभ प्रभाव होने पर
  • गुरुवार
  • गुरु पुष्य योग
  • अमावस्या अथवा विशेष ग्रह शांति मुहूर्त
  • योग्य ज्योतिषाचार्य के परामर्शानुसार

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • नवग्रह दोष की शांति के लिए
  • गुरु दोष की स्थिति में
  • शिक्षा संबंधी बाधाओं के समय
  • विवाह में विलंब होने पर
  • संतान संबंधी चिंताओं के समय
  • कार्यक्षेत्र अथवा व्यवसाय में रुकावट होने पर
  • आर्थिक अस्थिरता की स्थिति में
  • मानसिक तनाव एवं पारिवारिक अशांति होने पर

प्रमुख मंत्र

  • देवानां च ऋषीणां च गुरुं काञ्चनसन्निभम्।

बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्॥

  • ॐ बृं बृहस्पतये नमः॥
  • ॐ नमः शिवाय॥

पूजा के लाभ

  • नवग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • देवगुरु बृहस्पति की कृपा से ज्ञान एवं विवेक की मंगलकामना की जाती है।
  • शिक्षा एवं कार्यक्षेत्र में प्रगति की प्रार्थना की जाती है।
  • विवाह एवं संतान सुख के लिए मंगलकामना की जाती है।
  • आर्थिक स्थिरता एवं समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा की कामना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति एवं ईश्वरीय कृपा की प्रार्थना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

नवग्रह शांति पूजा वैदिक परंपरा में ग्रहों एवं दैवी शक्तियों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है। बृहस्पति मंदिर की पावन भूमि पर सम्पन्न यह अनुष्ठान श्रद्धालुओं को धर्म, ज्ञान एवं आध्यात्मिक साधना से जोड़ता है।

धार्मिक विश्वास के अनुसार यह पूजा जीवन में संतुलन, सद्बुद्धि, सकारात्मक दृष्टिकोण तथा आध्यात्मिक जागृति की मंगलकामना के साथ सम्पन्न की जाती है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • यजमान के नाम, गोत्र, जन्म तिथि, जन्म समय एवं जन्म स्थान के आधार पर संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्मकुंडली के अनुसार विशेष पूजा-विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन सहभागिता की व्यवस्था उपलब्ध है।
  • पूजा हेतु आवश्यक सम्पूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
  • नवग्रह पूजन, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।

बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न यह नवग्रह शांति पूजा देवगुरु बृहस्पति, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा प्राप्त करने हेतु अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान मानी जाती है। यह पूजा ग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति, ज्ञान, भाग्योदय, उत्तम स्वास्थ्य, सफलता, समृद्धि, मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक सम्पन्न की जाती है।

पूजा स्थानवाराणसी

श्री गुरु बृहस्पति मंदिर

श्री गुरु बृहस्पति मंदिर

वाराणसी

श्री बृहस्पति मंदिर, वाराणसी के दशाश्वमेध घाट रोड पर स्थित एक प्राचीन और प्रमुख मंदिर है, जो देवगुरु बृहस्पति (गुरु ग्रह) को समर्पित है। यह मंदिर काशी विश्वनाथ मंदिर के निकट स्थित है और काशी की धार्मिक परंपरा में बृहस्पति को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। गुरु बृहस्पति को ज्ञान, गुरु-मार्गदर्शन, वैवाहिक सुख, धन-समृद्धि तथा ग्रह-दोष शांति का कारक माना जाता है।

पौराणिक पृष्ठभूमि

पुराणों के अनुसार गुरु बृहस्पति अंगिरा ऋषि के पुत्र थे। अपनी गहन शिवभक्ति के कारण उन्हें देवताओं के गुरु तथा “वाचस्पति” (श्रेष्ठ वक्ता) का सम्मान प्राप्त हुआ। मान्यता है कि बृहस्पति देव ने इसी स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर वर्षों तक तपस्या की, जिससे यह स्थल अत्यंत पवित्र माना जाता है।

धार्मिक महत्व

गुरु का आशीर्वाद

गुरु बृहस्पति की उपासना से करियर में उन्नति, वैवाहिक सुख, संतान प्राप्ति, धनलाभ एवं ग्रह-दोष निवारण का मार्ग प्रशस्त होता है। भक्तों का विश्वास है कि गुरु कृपा से जीवन की कठिन बाधाएँ सरल हो जाती हैं।

गुरुवार का विशेष महत्व

गुरुवार के दिन बृहस्पति पूजा, पीले वस्त्र, हल्दी, चंदन एवं पीले प्रसाद का अर्पण अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष रूप से जब गुरुवार और पुष्य नक्षत्र का संयोग होता है, तब यहाँ की गई पूजा अनेक गुना फलदायी मानी जाती है।

गुरु-राहु दोष निवारण

मंदिर में गुरु-राहु युति एवं गुरु चांडाल दोष निवारण हेतु विशेष यज्ञ और मंत्र-अनुष्ठान कराए जाते हैं, जिससे मानसिक संतुलन, समृद्धि और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है।

भक्ति से प्राप्त लाभ

समृद्धि और मार्गदर्शन

गुरु बृहस्पति की कृपा से ज्ञान-बुद्धि, करियर-सफलता, वैवाहिक जीवन में सुख तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है।

ग्रहदोष शांति

विशेष पूजा-अनुष्ठानों द्वारा गुरु दोष एवं गुरु-राहु दोष के प्रभाव को शांत किया जाता है।

श्रावण एवं गुरुवार पर्व

श्रावण मास में बृहस्पति देव का हरियाली श्रृंगार एवं विशेष पूजा-आरती भक्तों को आध्यात्मिक आनंद प्रदान करती है।

पुजारी जी.कॉम द्वारा उपलब्ध सेवाएँ

  • बृहस्पति पूजा एवं देवगुरु अनुष्ठान – वैदिक मंत्र, संकल्प एवं शुद्ध पूजा सामग्री सहित।
  • गुरु-राहु दोष निवारण पूजा – विशेष यज्ञ एवं मंत्र जाप सेवाएँ।
  • अनुभवी पंडित मार्गदर्शन – प्रत्येक चरण में वैदिक विशेषज्ञों द्वारा पूजन।
  • ऑन-साइट एवं ऑनलाइन विकल्प – स्थल पर या घर बैठे पूजा कराने की सुविधा।

हम आपकी जीवन-यात्रा को गुरु-आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा से सम्पन्न कराने हेतु संकल्पित हैं।

श्री बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में गुरु बृहस्पति की उपासना से भक्तों को आध्यात्मिक समाधान, वैवाहिक सुख, करियर-विघ्न से मुक्ति और जीवन में समृद्धि प्राप्त होती है। काशी विश्वनाथ दर्शन के पश्चात यहाँ पूजा करना एक शुभ परंपरा मानी जाती है।

मंदिर विवरण देखें

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जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।

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हमारी गारंटी

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  • उन्नत

    1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में देवगुरु बृहस्पति, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा प्राप्त करने हेतु शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा विशेष रूप से नवग्रह दोष, गुरु दोष, शनि, राहु-केतु के अशुभ प्रभाव, शिक्षा में बाधा, विवाह में विलंब, संतान सुख में रुकावट, आर्थिक समस्याओं तथा करियर संबंधी चुनौतियों की शांति के लिए कराई जाती है। इस उन्नत पैकेज में 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है। नवग्रहों की कृपा, ग्रह शांति, ज्ञान, भाग्योदय, सफलता एवं समृद्धि की मंगलकामना के साथ यह पूजा विधिपूर्वक सम्पन्न की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • देवगुरु बृहस्पति पूजन
    • भगवान शिव पूजन
    • नवग्रह स्तोत्र पाठ (51 बार)
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • 51 बार नवग्रह स्तोत्र पाठ सहित विशेष नवग्रह शांति अनुष्ठान।
    • बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में शास्त्रोक्त विधि से पूजा सम्पन्न।
    • देवगुरु बृहस्पति एवं नवग्रह देवताओं की विशेष आराधना।
    • ग्रह दोषों की शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना।
    • वैदिक हवन एवं मंत्रोच्चार सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान।

    आवश्यक जानकारी

    देवगुरु बृहस्पति, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा से सम्पन्न यह नवग्रह शांति पूजा जीवन में ज्ञान, ग्रह शांति, सफलता, सुख, समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना करने वाला अत्यंत शुभ एवं पुण्यदायी वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹6,100₹11,00045% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में देवगुरु बृहस्पति, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा प्राप्त करने हेतु पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह पूजा विशेष रूप से नवग्रह दोष, गुरु दोष, शनि की साढ़ेसाती, राहु-केतु संबंधी कष्ट, ग्रह महादशा एवं अंतर्दशा के दुष्प्रभाव, विवाह में विलंब, शिक्षा एवं करियर की बाधाओं, संतान संबंधी समस्याओं तथा आर्थिक चुनौतियों की शांति के लिए कराई जाती है। इस श्रेष्ठ पैकेज में 3 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा विस्तृत वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है। नवग्रहों की कृपा, मानसिक शांति, ज्ञान, भाग्योदय, स्वास्थ्य, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना के साथ यह पूजा सम्पन्न की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • देवगुरु बृहस्पति पूजन
    • भगवान शिव पूजन
    • नवग्रह स्तोत्र पाठ (251 बार)
    • विशेष हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • 251 नवग्रह स्तोत्र पाठ एवं महामृत्युंजय मंत्र जाप सहित विशेष वैदिक अनुष्ठान।
    • बृहस्पति मंदिर, वाराणसी में शास्त्रोक्त विधि से पूजा सम्पन्न।
    • देवगुरु बृहस्पति की विशेष आराधना द्वारा ज्ञान, भाग्योदय एवं उन्नति की मंगलकामना।
    • नवग्रह दोषों एवं ग्रहजनित बाधाओं की शांति हेतु विशेष पूजन।
    • वैदिक हवन एवं मंत्रोच्चार सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान।

    आवश्यक जानकारी

    देवगुरु बृहस्पति, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा से सम्पन्न यह नवग्रह शांति पूजा जीवन में ग्रह शांति, ज्ञान, उत्तम स्वास्थ्य, आर्थिक समृद्धि, सफलता, भाग्योदय तथा आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना करने वाला अत्यंत शुभ एवं पुण्यदायी वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹13,000₹18,00028% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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  1. आप

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  2. पुजारीजी

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    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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