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Pujari Ji

नवग्रह शांति पूजा

बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
नवग्रह शांति पूजा

बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी भगवान भैरव के बाल स्वरूप श्री बटुक भैरव को समर्पित काशी के प्रमुख एवं पूजनीय मंदिरों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान बटुक भैरव की आराधना से भय, नकारात्मक प्रभावों तथा विभिन्न प्रकार की बाधाओं से रक्षा की मंगलकामना की जाती है। भगवान भैरव को काशी का क्षेत्रपाल माना जाता है और उनकी उपासना काशी की धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व रखती है।

नवग्रह शांति पूजा में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु की विधिपूर्वक आराधना की जाती है। वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित माना गया है। जन्मकुंडली में ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति अथवा ग्रहों की विशेष दशा-अंतर्दशा के समय श्रद्धालु ग्रह शांति के लिए इस प्रकार के वैदिक अनुष्ठान कराते हैं।

इस पूजा में भगवान बटुक भैरव, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की आराधना, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से ग्रह शांति, मानसिक शांति, सुरक्षा तथा जीवन में शुभता की मंगलकामना की जाती है।

Duration

2h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹6,100

लाभ

  • नवग्रहों के प्रतिकूल प्रभावों की शांति तथा जीवन में शुभता और संतुलन की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान बटुक भैरव की कृपा, आशीर्वाद एवं आध्यात्मिक संरक्षण की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • शनि, राहु एवं केतु से संबंधित ग्रहजन्य कष्टों के शमन तथा अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति की कामना की जाती है।
  • मानसिक शांति, साहस, आत्मबल एवं आंतरिक स्थिरता के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • कार्यक्षेत्र एवं व्यवसाय में स्थिरता, प्रगति एवं उन्नति के अनुकूल अवसरों की मंगलकामना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति, सौहार्द एवं आपसी सामंजस्य की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शुभता एवं मंगलमय परिस्थितियों की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।

नवग्रह शांति पूजा

नवग्रह शांति पूजा वैदिक परंपरा में ग्रहों के प्रतिकूल प्रभावों की शांति के लिए किया जाने वाला महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। बटुक भैरव मंदिर में इस पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है क्योंकि यहाँ भगवान बटुक भैरव की आराधना के साथ नवग्रह देवताओं का पूजन किया जाता है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति, उनकी दृष्टि, युति, दशा, अंतर्दशा एवं गोचर को जीवन की विभिन्न परिस्थितियों से संबंधित माना जाता है। शनि की साढ़ेसाती, ढैया, राहु-केतु से संबंधित दोष अथवा अन्य ग्रहों की प्रतिकूल दशा के समय श्रद्धालु ग्रह शांति की प्रार्थना के लिए यह अनुष्ठान करा सकते हैं।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

  • श्री बटुक भैरव
  • भगवान शिव
  • सूर्य देव
  • चंद्र देव
  • मंगल देव
  • बुध देव
  • देवगुरु बृहस्पति
  • शुक्र देव
  • शनिदेव
  • राहु देव
  • केतु देव

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान बटुक भैरव भय एवं बाधाओं से रक्षा करने वाले देवता के रूप में पूजनीय हैं। नवग्रह देवताओं की आराधना ग्रहों के अनुकूल प्रभावों की मंगलकामना तथा प्रतिकूल प्रभावों की शांति के लिए की जाती है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • ग्रहों की महादशा अथवा अंतर्दशा के दौरान
  • शनि की साढ़ेसाती या ढैया के समय
  • राहु-केतु से संबंधित दोष होने पर
  • नवग्रहों की प्रतिकूल स्थिति होने पर
  • कालाष्टमी के अवसर पर
  • मंगलवार अथवा शनिवार को
  • अमावस्या के शुभ अवसर पर
  • योग्य ज्योतिषाचार्य द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त में

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जन्मकुंडली में नवग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव होने पर
  • शनि, राहु अथवा केतु की प्रतिकूल दशा के समय
  • कार्यक्षेत्र अथवा व्यवसाय में बार-बार बाधाएँ आने पर
  • आर्थिक अस्थिरता की स्थिति में
  • मानसिक तनाव, भय अथवा नकारात्मक विचारों से शांति की कामना हेतु
  • पारिवारिक अशांति एवं आपसी मतभेदों में शांति की प्रार्थना हेतु
  • जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं के शमन की मंगलकामना हेतु

मुख्य मंत्र

ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं नमः॥

पूजा के लाभ

  • नवग्रहों के प्रतिकूल प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान बटुक भैरव की कृपा एवं आध्यात्मिक संरक्षण की प्रार्थना की जाती है।
  • शनि, राहु एवं केतु से संबंधित ग्रहजन्य कष्टों के शमन की कामना की जाती है।
  • मानसिक शांति, साहस एवं आत्मबल के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • कार्यक्षेत्र एवं व्यवसाय में स्थिरता तथा उन्नति की मंगलकामना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति एवं आपसी सामंजस्य की प्रार्थना की जाती है।
  • जीवन में सकारात्मक ऊर्जा एवं शुभता की मंगलकामना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

बटुक भैरव मंदिर में नवग्रह शांति पूजा भगवान बटुक भैरव एवं नवग्रह देवताओं की संयुक्त आराधना का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है। भगवान भैरव की उपासना काशी की धार्मिक परंपरा में विशेष स्थान रखती है और भक्त उनके प्रति श्रद्धा अर्पित कर जीवन में सुरक्षा, साहस एवं आध्यात्मिक बल की प्रार्थना करते हैं।

वैदिक मंत्र जाप, ग्रह पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से सम्पन्न यह अनुष्ठान श्रद्धालु को आध्यात्मिक अनुशासन एवं ईश्वर भक्ति से जोड़ता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार इस पूजा के माध्यम से ग्रहजन्य बाधाओं की शांति तथा जीवन में संतुलन एवं शुभता की मंगलकामना की जाती है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • यजमान के नाम, गोत्र, जन्म तिथि, जन्म समय एवं जन्म स्थान के अनुसार संकल्प कराया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्मकुंडली के आधार पर विशेष ग्रह शांति विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • सम्पूर्ण पूजन एवं हवन सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
  • ऑनलाइन संकल्प एवं पूजा में सहभागिता की सुविधा उपलब्ध है।
  • नवग्रह पूजन, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान वैदिक विधि से सम्पन्न कराया जाता है।

बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न यह नवग्रह शांति पूजा भगवान बटुक भैरव, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा प्राप्त करने हेतु अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान मानी जाती है। यह पूजा ग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति, सुरक्षा, साहस, सफलता, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक सम्पन्न की जाती है।

पूजा स्थानवाराणसी

बटुक भैरव मंदिर

बटुक भैरव मंदिर

वाराणसी

श्री बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी

काशी के कोतवाल — जहाँ भय मिटता है, कृपा बरसती है

जहाँ काशी की रक्षा होती है

वाराणसी के कामाच्छा क्षेत्र में, गलियों की आत्मा में बसा है एक ऐसा धाम — जो आकार में छोटा है, पर शक्ति में अपार।

यहाँ विराजते हैं श्री बटुक भैरव — भगवान शिव का बाल स्वरूप। न रणभूमि के भैरव, न विकराल। यहाँ वे हैं एक बालक के रूप में — निश्छल, सरल, और अपने भक्तों के लिए करुणा से भरे।

काशी उन्हें अपना कोतवाल मानती है। जो इस नगरी की रक्षा करते हैं — दिन में भी, रात में भी। जो हर संकट में ढाल बनते हैं, हर भय को हरते हैं।

पौराणिक महत्व

बटुक भैरव — यह नाम ही अपने आप में एक आश्वासन है।

पुराणों में कथा है कि जब काशी पर अदृश्य शक्तियों का संकट मँडराने लगा, तब स्वयं महादेव ने एक बालक का रूप धारण किया। वही बालक जो हर भक्त के जीवन में प्रकाश लेकर आता है, हर अड़चन को मार्ग देता है।

उनका वाहन है कुत्ता — वह पवित्र प्राणी जो स्वामिभक्ति का प्रतीक है। मंदिर के आस-पास आपको उनकी उपस्थिति मिलेगी — और भक्त इसे भैरव बाबा की जीवंत उपस्थिति मानते हैं।

मंदिर का स्वरूप

अखण्ड दीप — जो कभी नहीं बुझता

मंदिर के भीतर एक दीपक अनादिकाल से जल रहा है। यह केवल ज्योति नहीं — यह भरोसे की लौ है। इस दीपक का तेल अनेक भक्त प्रसाद स्वरूप ग्रहण करते हैं, जिसे वे आध्यात्मिक शुद्धि और कृपा का वाहक मानते हैं।

सरल भाव, असीम फल

यहाँ भेंट में आडंबर नहीं चाहिए। फूल, धूप, तेल का दीपक, मिठाई — यहाँ तक कि बिस्कुट और टॉफी भी बटुक बाबा को प्रिय हैं। क्योंकि वे बालक हैं, और बालक को सच्चा प्रेम ही चाहिए।

आरती और भजन का वातावरण

प्रातःकाल की पहली आरती से लेकर संध्या की अंतिम ज्योति तक — मंदिर में मंत्रोच्चार, घंटे की ध्वनि और दीपों की आभा एक अलग ही लोक की अनुभूति कराती है।

पूजा और अनुष्ठान

नित्य पूजा में सम्मिलितः

  • दीपदान
  • पुष्प, धूप, और नैवेद्य अर्पण
  • भैरव मंत्र का जापः "ॐ बटुक भैरवाय नमः"
  • प्रातः एवं सायंकालीन आरती व भजन

विशेष अनुष्ठानः

भैरव हवन/यज्ञ — वैदिक मंत्रों, घी, तिल और आहुतियों से संपन्न यह यज्ञ मानसिक शांति, बाधा-निवारण और जीवन में प्रगति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

उत्सवः

  • बटुक भैरव जयंती — विशेष पूजा, भजन संध्या, प्रसाद वितरण
  • महाशिवरात्रि और नवरात्रि — भव्य आयोजन, विशेष दीपदान एवं अनुष्ठान

दर्शन समय

मंदिर प्रतिदिन लगभग प्रातः 5 बजे से रात्रि 10ः30 बजे तक खुला रहता है। आरती के समय भक्तों की विशेष भीड़ रहती है।

स्थान एवं मार्ग

रथयात्रा–कामाच्छा मार्ग, कामाच्छा–भेलूपुर क्षेत्र, वाराणसी ऑटो, रिक्शा या टैक्सी से सुगमता से पहुँचा जा सकता है।

निकटवर्ती स्थानः कामाक्षी देवी मंदिर

  • भक्तों को प्राप्त होने वाले आशीर्वाद
  • भय से मुक्ति और नकारात्मकता से सुरक्षा
  • मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन की बाधाओं का नाश
  • स्वास्थ्य, समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति
  • आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास का संचार

अनेक भक्त अखण्ड दीप के तेल से आध्यात्मिक उपचार का अनुभव साझा करते हैं।

पुजारी जी के साथ पूजा बुक करें

श्री बटुक भैरव मंदिर में प्रामाणिक और व्यवस्थित पूजा सेवाएं — अब आपकी पहुँच में।

  • सम्पूर्ण बटुक भैरव पूजा व्यवस्था
  • दीपदान एवं संकल्प पूजा
  • भैरव हवन और विशेष मंत्र जाप
  • मनोकामना पूर्ति एवं सुरक्षा अनुष्ठान
  • अनुभवी वैदिक पुजारियों का मार्गदर्शन
  • ऑन-साइट एवं ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
  • आपकी विशेष समस्या के अनुसार व्यक्तिगत पूजा

हर अनुष्ठान सम्पूर्ण वैदिक विधि, श्रद्धा और प्रामाणिकता के साथ सम्पन्न किया जाता है।

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आपकी श्रद्धा — हमारी सेवा।

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  • उन्नत

    1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    नवग्रह शांति पूजा बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में श्री बटुक भैरव, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा प्राप्त करने हेतु सम्पन्न किया जाने वाला पवित्र वैदिक अनुष्ठान है। ज्योतिषीय एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूजा नवग्रहों के अशुभ प्रभाव, ग्रह पीड़ा, शनि तथा राहु-केतु से संबंधित बाधाओं, मानसिक तनाव, व्यवसायिक रुकावटों, आर्थिक समस्याओं एवं नकारात्मक प्रभावों की शांति के लिए की जाती है। इस उन्नत पैकेज में 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा सम्पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से पूजा सम्पन्न कराई जाती है। अनुष्ठान के अंतर्गत महर्षि वेदव्यास कृत नवग्रह स्तोत्र का 51 बार पाठ भी कराया जाता है। भगवान बटुक भैरव एवं नवग्रह देवताओं की आराधना के माध्यम से जीवन में शांति, सुरक्षा, साहस, सफलता एवं समृद्धि की मंगलकामना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • श्री बटुक भैरव पूजन
    • नवग्रह स्तोत्र पाठ – 51 बार
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद अर्पण

    विशेष सुविधाएं

    • बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में वैदिक विधि-विधान से पूजा
    • अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा सम्पूर्ण शास्त्रोक्त अनुष्ठान
    • महर्षि वेदव्यास कृत नवग्रह स्तोत्र का 51 बार पाठ
    • नवग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति हेतु विशेष पूजा
    • श्री बटुक भैरव की आराधना द्वारा सुरक्षा, साहस एवं मानसिक स्थिरता की मंगलकामना
    • ग्रह शांति, सफलता, समृद्धि एवं सकारात्मक ऊर्जा के लिए विशेष प्रार्थना

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्म कुंडली (यदि उपलब्ध हो)

    बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में भगवान बटुक भैरव, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की आराधना से सम्पन्न यह पवित्र अनुष्ठान ग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक शांति, सुरक्षा, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना करता है। श्रद्धा एवं संकल्प के साथ सम्पन्न यह वैदिक पूजा जीवन में सफलता, स्थिरता, समृद्धि एवं आध्यात्मिक कल्याण की कामना के लिए अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹6,100₹11,00045% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h 59m

    बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न होने वाली यह विशेष नवग्रह शांति पूजा श्री बटुक भैरव, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा प्राप्त करने के लिए पूर्ण वैदिक विधि-विधान से कराई जाती है। यह अनुष्ठान जन्मकुंडली में नवग्रहों के अशुभ प्रभाव, शनि तथा राहु-केतु से संबंधित ग्रह पीड़ा, मानसिक तनाव, कार्यों में बाधा, आर्थिक कठिनाइयों एवं जीवन में आने वाली विभिन्न रुकावटों की शांति की मंगलकामना के लिए विशेष रूप से किया जाता है। इस श्रेष्ठ पैकेज में 3 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा सम्पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से नवग्रह पूजन, विशेष मंत्र जाप, हवन तथा महर्षि वेदव्यास कृत नवग्रह स्तोत्र का 108 बार पाठ सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • श्री बटुक भैरव पूजन
    • नवग्रह स्तोत्र पाठ – 108 बार
    • विशेष मंत्र जाप
    • नवग्रह शांति हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद अर्पण

    विशेष सुविधाएं

    • बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में विस्तृत वैदिक अनुष्ठान
    • 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक पूजा
    • महर्षि वेदव्यास कृत नवग्रह स्तोत्र का 108 बार पाठ
    • श्री बटुक भैरव एवं भगवान शिव की विशेष आराधना
    • नवग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति एवं अनुकूलता की मंगलकामना
    • मानसिक शांति, सुरक्षा, साहस, सफलता एवं समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना
    • वैदिक मंत्र जाप एवं नवग्रह शांति हवन सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्म कुंडली (यदि उपलब्ध हो)

    श्री बटुक भैरव, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान ग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक संतुलन, सुरक्षा, आत्मबल, सफलता एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना करता है। श्रद्धा और संकल्प के साथ सम्पन्न यह पूजा जीवन में शांति, स्थिरता, समृद्धि एवं आध्यात्मिक कल्याण की कामना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹15,00027% off

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  • विशिष्ट

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    यह विशिष्ट नवग्रह शांति पूजा उन साधकों एवं परिवारों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है जो जन्मकुंडली में नवग्रहों के अशुभ प्रभाव, शनि की साढ़ेसाती, राहु-केतु संबंधी बाधाओं, ग्रहों की महादशा एवं अंतर्दशा, शत्रु बाधा, न्यायिक मामलों, व्यवसाय में लगातार आने वाली रुकावटों तथा जीवन में बार-बार उत्पन्न होने वाले संकटों से शांति एवं आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना करते हैं। यह पवित्र अनुष्ठान बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में भगवान श्री बटुक भैरव, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की आराधना के साथ शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। इस विशिष्ट पैकेज में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा लगभग 5 से 6 घंटे तक विस्तृत पूजा, नवग्रह स्तोत्र पाठ, महामृत्युंजय मंत्र जाप एवं विशेष नवग्रह शांति हवन सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • श्री बटुक भैरव पूजन
    • नवग्रह स्तोत्र पाठ – 251 पाठ
    • विशेष नवग्रह शांति हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद अर्पण

    विशेष सुविधाएं

    • बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी में विस्तृत वैदिक अनुष्ठान
    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक पूजा
    • नवग्रह स्तोत्र, महामृत्युंजय मंत्र एवं बटुक भैरव कवच का विशेष पाठ
    • शनि, राहु-केतु एवं अन्य ग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति हेतु विशेष अनुष्ठान
    • शत्रु बाधा एवं नकारात्मक प्रभावों से आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना
    • विशेष नवग्रह शांति हवन एवं पूर्णाहुति

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्म कुंडली (यदि उपलब्ध हो)

    भगवान बटुक भैरव, भगवान शिव एवं नवग्रह देवताओं की कृपा से सम्पन्न यह विशिष्ट वैदिक अनुष्ठान ग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति, सुरक्षा, साहस, मानसिक स्थिरता, सफलता एवं समृद्धि की मंगलकामना करता है। श्रद्धा एवं संकल्प के साथ सम्पन्न यह पूजा जीवन में आने वाली बाधाओं से शांति, आध्यात्मिक संरक्षण तथा शुभ ऊर्जा की प्राप्ति के लिए अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है।

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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  3. पुजारीजी

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    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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