“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

विष्णुपद मंदिर, गया पितृ कर्म, तर्पण एवं पिंडदान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहाँ भगवान श्री विष्णु के पवित्र चरणचिह्न विराजमान हैं। भगवान विष्णु की साक्षी में किया गया पितृ गायत्री मंत्र जाप पितरों की तृप्ति, सद्गति एवं आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना के लिए विशेष महत्व रखता है।
इस अनुष्ठान में भगवान गणेश पूजन एवं संकल्प के बाद भगवान विष्णु पूजन, पितृ आवाहन, पितृ गायत्री मंत्र जाप, तर्पण, आवश्यकतानुसार पिंड अर्पण, वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति सम्पन्न की जाती है।
Duration
3h – 4h
Best time
सुबह
Starting price
₹13,000
पितृ गायत्री मंत्र जाप दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं धार्मिक कर्तव्य निभाने के लिए किया जाने वाला महत्वपूर्ण पितृ कर्म है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि परिवार में पितृ दोष से संबंधित बाधाएँ, आर्थिक कठिनाइयाँ, पारिवारिक अशांति, संतान संबंधी बाधाएँ, विवाह में विलंब अथवा जीवन में लगातार संघर्ष जैसी परिस्थितियाँ बनी हुई हों, तो पितृ शांति के लिए यह अनुष्ठान कराया जाता है।
विष्णुपद मंदिर, गया में भगवान श्री विष्णु की पावन साक्षी में पितृ गायत्री मंत्र जाप, तर्पण एवं पितृ पूजन किया जाता है। इस अनुष्ठान के माध्यम से दिवंगत पूर्वजों की सद्गति, शांति एवं तृप्ति की मंगलकामना तथा परिवार पर पितृ कृपा की प्रार्थना की जाती है।
अनुष्ठान का प्रारम्भ भगवान गणेश के पूजन एवं संकल्प से किया जाता है। इसके पश्चात भगवान विष्णु पूजन, पितृ आवाहन, पितृ गायत्री मंत्र जाप, तर्पण, आवश्यकतानुसार पिंड अर्पण, वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति सम्पन्न की जाती है। अंत में पितरों की शांति, परिवार के सुख-समृद्धि एवं आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना की जाती है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस अनुष्ठान में मुख्य रूप से भगवान श्री विष्णु, पितृ देवता, भगवान गणेश, यम देव एवं वैदिक देवताओं का विधिवत पूजन किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के पावन चरणों की साक्षी में पितृ कर्म करने से पितरों की तृप्ति, सद्गति एवं मोक्ष की मंगलकामना की जाती है। यह अनुष्ठान पितृ दोष की शांति एवं परिवार के कल्याण के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
पितृ गायत्री मंत्र जाप कब कराना चाहिए?
पितृ गायत्री मंत्र जाप के लाभ
आध्यात्मिक महत्व
पितृ गायत्री मंत्र जाप पितृ देवताओं की कृपा एवं पूर्वजों की शांति की मंगलकामना के लिए किया जाने वाला महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। विष्णुपद मंदिर, गया में भगवान श्री विष्णु की साक्षी में इसका जाप करना पितरों की तृप्ति, सद्गति एवं परिवार के आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना का विशेष माध्यम माना जाता है।
हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य संकल्प, भगवान विष्णु पूजन, पितृ पूजन, पितृ गायत्री मंत्र जाप, तर्पण, हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराते हैं।
विशेष जानकारी
विष्णुपद मंदिर, गया में पितृ गायत्री मंत्र जाप बुक करें
यदि आप पितृ दोष की शांति, पितरों की सद्गति, पूर्वजों की शांति एवं परिवार के सुख-समृद्धि की मंगलकामना से विष्णुपद मंदिर, गया में पितृ गायत्री मंत्र जाप कराना चाहते हैं, तो पुजारीजी.कॉम के माध्यम से ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
विष्णुपद मंदिर, गया में सम्पन्न यह पितृ गायत्री मंत्र जाप पितृ दोष की शांति, पितरों की सद्गति, भगवान विष्णु की कृपा तथा परिवार की सुख-समृद्धि एवं आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना हेतु अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

गया
विष्णुपाद मंदिर गया में फल्गु नदी के तट पर स्थित एक अत्यंत पवित्र और प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और अपनी धर्मशिला (भगवान विष्णु के चरणचिह्न) के लिए विश्वप्रसिद्ध है। लगभग 40 सेंटीमीटर लंबे ये पवित्र चरणचिह्न गर्भगृह में चांदी के आवरण के भीतर स्थापित हैं।
पुराणों के अनुसार गयासुर नामक एक दैत्य ने कठोर तपस्या कर महान शक्तियाँ प्राप्त कर ली थीं। भगवान विष्णु ने उससे यज्ञ हेतु उसके शरीर को समर्पित करने का निवेदन किया और अंततः उसे पृथ्वी के नीचे स्थापित कर दिया। उसी स्थान पर धर्मशिला पर भगवान विष्णु के चरणचिह्न अंकित हुए, जिन्हें आज विष्णुपाद मंदिर में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।
मान्यता है कि यहाँ पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष, शांति और संतोष की प्राप्ति होती है। इसी कारण गया हिंदू धर्म का एक प्रमुख मोक्ष-धाम माना जाता है।
विष्णुपाद मंदिर विशाल ग्रेनाइट पत्थरों से निर्मित है। इसकी अष्टकोणीय (आठ-भुज) संरचना लगभग 100 फीट ऊँची है। मंदिर में चारों ओर सुंदर नक्काशीदार स्तंभ हैं तथा शिखर पर लगभग 50 किलो स्वर्ण ध्वजा और कलश स्थापित है, जो इसकी दिव्यता को दर्शाते हैं।
गर्भगृह में भगवान विष्णु के पवित्र चरणचिह्न चांदी के आवरण से सुरक्षित हैं। सामने माता लक्ष्मी की प्रतिमा भी विराजमान है, जिनकी प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा और श्रृंगार किया जाता है।
विष्णुपाद मंदिर पिंडदान और पितृश्राद्ध का प्रमुख केंद्र है। श्रद्धालु फल्गु नदी के तट पर तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण भोजन और श्राद्ध कर्म संपन्न करते हैं। विशेष रूप से पितृपक्ष के दौरान लाखों भक्त यहाँ अपने पितरों की शांति हेतु अनुष्ठान कराते हैं।
पितृ पक्ष एवं अमावस्या के अवसर पर यहाँ विशेष पूजा-अनुष्ठान आयोजित होते हैं। श्रद्धालु पूर्ण वैदिक विधि से पिंडदान और तर्पण कराते हैं।
👉 हम आपकी श्रद्धा-यात्रा को सरल, सुव्यवस्थित और पुण्यपूर्ण बनाने के लिए संकल्पित हैं।
✨ पितरों को मोक्ष एवं शांति – विधिवत पिंडदान से पूर्वजों को मोक्ष मार्ग और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
✨ परिवार में समृद्धि और संतुलन – पितृश्राद्ध से कुल में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और सुख-समृद्धि का अनुभव होता है।
✨ आध्यात्मिक अनुभूति – फल्गु नदी के तट पर अनुष्ठान करने से मन में गहन शांति, भक्ति और आत्मिक संतुलन की अनुभूति होती है।
📌 स्थानः विष्णुपाद मंदिर रोड, चांद चौरा, गया, बिहार – 823001
🚆 निकटतम रेलवे स्टेशनः गया जंक्शन (ऑटो/कैब से सहज पहुँच)
✈️ निकटतम हवाई अड्डाः गया एयरपोर्ट
श्री विष्णुपाद मंदिर, गया जी — भगवान विष्णु के पवित्र पदचिह्न पर निर्मित यह प्राचीन तीर्थ पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध का सर्वोच्च केंद्र माना जाता है। यह स्थल पितृमोक्ष, परिवार की शांति और आध्यात्मिक उन्नति का दिव्य स्थान है।
श्रद्धा आपकी, सेवा हमारी
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह विशेष वैदिक पितृ गायत्री मंत्र जाप अनुष्ठान विष्णुपद मंदिर, गया के पवित्र तीर्थ क्षेत्र में 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। भगवान श्रीहरि विष्णु के पावन सान्निध्य में किया जाने वाला यह अनुष्ठान पितृ दोष की शांति, दिवंगत पूर्वजों की सद्गति एवं तृप्ति तथा पितृ कृपा की मंगलकामना के लिए कराया जाता है। इस अनुष्ठान में पितृ आवाहन, पितृ गायत्री मंत्र जाप, वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति सहित प्रमुख वैदिक विधियां सम्पन्न की जाती हैं। यह पूजा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए उपयुक्त है जो अपने पूर्वजों के निमित्त पितृ शांति एवं कल्याण की मंगलकामना करते हैं।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
विष्णुपद मंदिर, गया में सम्पन्न यह पितृ गायत्री मंत्र जाप भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा एवं पितृ देवताओं के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता के भाव से किया जाने वाला पवित्र वैदिक अनुष्ठान है। यह दिवंगत पूर्वजों की तृप्ति, शांति एवं सद्गति तथा परिवार में पितृ कृपा, सुख और कल्याण की मंगलकामना का धार्मिक माध्यम माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
11 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह विशेष एवं विस्तृत वैदिक पितृ गायत्री मंत्र जाप अनुष्ठान विष्णुपद मंदिर, गया के पवित्र तीर्थ क्षेत्र में 11 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रीय परंपरा एवं पूर्ण वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से गंभीर पितृ दोष, पितृ अशांति एवं दिवंगत पूर्वजों की सद्गति एवं तृप्ति की मंगलकामना के लिए कराया जाता है। भगवान श्रीहरि विष्णु की साक्षी में यजमान के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर 51,000 पितृ गायत्री मंत्र जाप, विष्णु सहस्रनाम पाठ, विशेष वैदिक महाहवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत पितृ शांति अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है। यह अनुष्ठान उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है जो पितृ संबंधी अशांति के निवारण एवं पूर्वजों की शांति तथा परिवार के कल्याण की मंगलकामना करते हैं।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
विष्णुपद मंदिर, गया में सम्पन्न यह पितृ गायत्री मंत्र जाप भगवान श्रीहरि विष्णु की साक्षी एवं पितृ देवताओं के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता के भाव से किया जाने वाला विस्तृत वैदिक अनुष्ठान है। यह पितृ अशांति की शांति, दिवंगत पूर्वजों की तृप्ति एवं सद्गति तथा परिवार में पितृ कृपा, सुख, शांति और कल्याण की मंगलकामना का पवित्र माध्यम माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
25 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह विशेष महा वैदिक पितृ शांति अनुष्ठान विष्णुपद मंदिर, गया में भगवान श्रीहरि विष्णु की साक्षी में 25 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रीय परंपरा एवं पूर्ण वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से गंभीर पितृ दोष, पितृ अशांति, जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं, संतान संबंधी समस्याओं, आर्थिक कठिनाइयों एवं पूर्वजों की शांति की मंगलकामना के लिए कराया जाता है।
इस अनुष्ठान में पितृ गायत्री मंत्र का 1,25,000 जाप, विष्णु सहस्रनाम पाठ, श्रीमद्भगवद्गीता के पंद्रहवें अध्याय का पाठ तथा महा पितृ शांति हवन सम्पन्न कराया जाता है। यजमान के नाम, गोत्र एवं पितरों के संकल्प के साथ भगवान विष्णु की साक्षी में सम्पूर्ण अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
विष्णुपद मंदिर, गया में भगवान श्रीहरि विष्णु की साक्षी में सम्पन्न यह पितृ गायत्री मंत्र जाप अनुष्ठान पितृ दोष एवं पितृ अशांति की शांति, पूर्वजों की सद्गति एवं तृप्ति तथा परिवार के सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना के लिए एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है।
2 वस्तुएँ शामिल
पितृ गायत्री मंत्र जाप के बारे में हमसे बात करें
WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
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