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Pujari Ji

राहु ग्रह शांति पूजा

राम घाट, उज्जैन
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
राहु ग्रह शांति पूजा

राहु ग्रह शांति पूजा वैदिक ज्योतिष में राहु से संबंधित प्रतिकूल ग्रह प्रभावों की शांति के लिए किया जाने वाला महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। राहु को छाया ग्रह माना जाता है और ज्योतिषीय परंपरा में इसे भौतिक इच्छाओं, भ्रम, आकस्मिक परिवर्तन, विदेश संबंधी विषयों तथा अप्रत्याशित परिस्थितियों से जोड़ा जाता है।

रामघाट, उज्जैन क्षिप्रा नदी के पावन तट पर स्थित धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। श्रद्धालु यहाँ भगवान शिव एवं राहु देव की आराधना के माध्यम से ग्रह शांति, मानसिक संतुलन, आत्मबल तथा जीवन में शुभता की प्रार्थना करते हैं।

Duration

3h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • राहु दोष एवं उसके अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक तनाव, भय एवं भ्रम से राहत तथा मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • अचानक आने वाले नुकसान, बाधाओं एवं कठिन परिस्थितियों से राहत की मंगलकामना की जाती है।
  • शत्रु बाधाओं तथा न्यायालय संबंधी मामलों में अनुकूल परिस्थितियों एवं राहत की प्रार्थना की जाती है।
  • करियर, व्यापार एवं आर्थिक जीवन में स्थिरता, प्रगति एवं शुभ परिस्थितियों की मंगलकामना की जाती है।

राहु ग्रह शांति पूजा

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्मकुंडली में राहु की स्थिति, दृष्टि, युति तथा दशा-अंतर्दशा के आधार पर उसके प्रभावों का विचार किया जाता है। राहु की प्रतिकूल स्थिति अथवा राहु महादशा और अंतर्दशा के दौरान व्यक्ति मानसिक भ्रम, चिंता, भय, अस्थिरता तथा जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बाधाओं का अनुभव कर सकता है, ऐसी ज्योतिषीय मान्यता है।

रामघाट, उज्जैन में भगवान शिव की आराधना तथा वैदिक मंत्रों के साथ सम्पन्न राहु ग्रह शांति पूजा इन्हीं प्रतिकूल ग्रह प्रभावों की शांति एवं मंगलकामना के लिए की जाती है। धार्मिक विश्वास के अनुसार भगवान शिव की उपासना मन की स्थिरता, आध्यात्मिक बल तथा सकारात्मक चिंतन की प्रार्थना का माध्यम बनती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा में निम्न देवताओं का विधिपूर्वक पूजन किया जाता हैः

  • भगवान शिव
  • भगवान महाकालेश्वर
  • राहु देव
  • भगवान गणेश
  • नवग्रह देवता

राहु को वैदिक ज्योतिष में छाया ग्रह माना जाता है। भगवान शिव की आराधना के साथ राहु देव की पूजा ग्रह शांति एवं आध्यात्मिक संरक्षण की प्रार्थना के लिए की जाती है। उज्जैन की धार्मिक परंपरा और क्षिप्रा नदी के पावन तट का वातावरण इस अनुष्ठान को श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व प्रदान करता है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • शनिवार
  • राहुकाल
  • अमावस्या
  • महाशिवरात्रि
  • श्रावण मास
  • राहु महादशा के दौरान
  • राहु अंतर्दशा के दौरान
  • राहु के प्रतिकूल गोचर के समय
  • जन्मकुंडली में राहु की प्रतिकूल स्थिति होने पर
  • कालसर्प दोष से संबंधित ज्योतिषीय स्थिति होने पर
  • योग्य ज्योतिषाचार्य के परामर्शानुसार

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • राहु के प्रतिकूल ग्रह प्रभाव होने पर
  • मानसिक तनाव, भय एवं भ्रम की स्थिति में
  • कार्यक्षेत्र अथवा व्यवसाय में बार-बार बाधाएँ आने पर
  • आर्थिक अस्थिरता अथवा अचानक हानि की स्थिति में
  • शत्रु संबंधी बाधाओं की शांति की प्रार्थना हेतु
  • न्यायालय संबंधी विवादों में अनुकूल परिणाम की मंगलकामना हेतु
  • नकारात्मक विचारों एवं मानसिक अस्थिरता की स्थिति में
  • राहु महादशा अथवा अंतर्दशा के दौरान

प्रमुख मंत्र

वैदिक मंत्र

ॐ कया नश्चित्र आ भुवदूती सदावृद्धः सखा।

कया शचिष्ठया वृता॥

बीज मंत्र

ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥

पूजा के लाभ

  • राहु के प्रतिकूल ग्रह प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक शांति, स्थिरता एवं सकारात्मक चिंतन की प्रार्थना की जाती है।
  • भय, भ्रम एवं नकारात्मक विचारों से संरक्षण की कामना की जाती है।
  • कार्यक्षेत्र एवं व्यवसाय में आने वाली बाधाओं की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • आर्थिक स्थिरता एवं उन्नति के लिए मंगलकामना की जाती है।
  • आत्मबल, निर्णय क्षमता एवं धैर्य की प्राप्ति हेतु प्रार्थना की जाती है।
  • शत्रु बाधाओं तथा अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से संरक्षण की कामना की जाती है।
  • भगवान शिव एवं राहु देव की कृपा तथा आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

राहु ग्रह शांति पूजा केवल ग्रह शांति से संबंधित अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, मानसिक संतुलन तथा आध्यात्मिक साधना की भावना से सम्पन्न किया जाने वाला वैदिक कर्मकांड भी माना जाता है। रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के पावन तट पर भगवान शिव की आराधना के साथ यह पूजा श्रद्धालु को अपने मन में शांति, धैर्य एवं सकारात्मकता की भावना विकसित करने की प्रार्थना का अवसर प्रदान करती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार, संकल्प, देव आराधना, हवन तथा पूर्णाहुति के माध्यम से राहु से संबंधित प्रतिकूल प्रभावों की शांति एवं जीवन में शुभता की मंगलकामना की जाती है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा रामघाट, उज्जैन में शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • श्रद्धालु के नाम एवं गोत्र के अनुसार वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्मकुंडली के आधार पर ग्रह शांति अनुष्ठान किया जा सकता है।
  • उज्जैन उपस्थित न हो पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए दूरस्थ सहभागिता की व्यवस्था उपलब्ध है।
  • ऑनलाइन पूजा की सुविधा उपलब्ध है।
  • सम्पूर्ण पूजन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
  • वैदिक मंत्रोच्चार, हवन एवं पूर्णाहुति सहित अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।

रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह राहु ग्रह शांति पूजा भगवान महाकाल एवं राहु देव की कृपा प्राप्त करने हेतु अत्यंत पवित्र एवं पुण्यदायी वैदिक अनुष्ठान मानी जाती है। यह पूजा मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा, ग्रह दोषों की शांति, सफलता एवं समृद्धि की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक सम्पन्न की जाती है।

पूजा स्थानउज्जैन

राम घाट

राम घाट

उज्जैन

पवित्र क्षिप्रा नदी के दिव्य तट पर स्थित राम घाट उज्जैन के सबसे प्रमुख, प्राचीन एवं पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। यह घाट सनातन धर्म के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आस्था, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के दौरान इस पवित्र क्षेत्र में आगमन किया था, जिसके कारण इस घाट का नाम राम घाट पड़ा।

उज्जैन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु सबसे पहले राम घाट पर स्नान, तर्पण एवं पूजा-अर्चना कर अपनी धार्मिक यात्रा का शुभारंभ करते हैं। क्षिप्रा नदी का यह पवित्र तट मोक्ष, पितृ तृप्ति, ग्रह शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

राम घाट का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्मग्रंथों एवं पुराणों में क्षिप्रा नदी को अत्यंत पवित्र एवं मोक्षदायिनी बताया गया है। राम घाट को उज्जैन के प्रमुख तीर्थस्थलों में विशेष स्थान प्राप्त है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां स्नान, दान, तर्पण एवं पूजा करने से—

  • पितरों को तृप्ति प्राप्त होती है।
  • पितृ दोष में शांति मिलती है।
  • ग्रह बाधाओं का निवारण होता है।
  • जीवन के पापों का क्षय होता है।
  • आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त होती है।
  • सुख, समृद्धि एवं मानसिक शांति प्राप्त होती है।
  • मोक्ष मार्ग की प्राप्ति का पुण्य मिलता है।

विशेष रूप से अमावस्या, पूर्णिमा, श्राद्ध पक्ष, सोमवती अमावस्या एवं सिंहस्थ महापर्व के दौरान राम घाट का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

राम घाट में होने वाले प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान

राम घाट पर प्रतिदिन अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।

प्रमुख पूजाएं एवं अनुष्ठान

  • पितृ तर्पण
  • पिंडदान
  • नारायणबली पूजा
  • त्रिपिंडी श्राद्ध
  • कालसर्प दोष शांति पूजा
  • नवग्रह शांति पूजा
  • महामृत्युंजय जाप
  • रुद्राभिषेक
  • क्षिप्रा दीपदान
  • संकल्प पूजा
  • ग्रह शांति हवन
  • पूर्वज मोक्ष अनुष्ठान
  • विशेष अमावस्या तर्पण

श्राद्ध पक्ष एवं अमावस्या के दिनों में यहां विशेष रूप से हजारों श्रद्धालु अपने पितरों की शांति हेतु धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।

राम घाट के प्रमुख पवित्र स्थल

मुख्य स्नान घाट

क्षिप्रा नदी के किनारे बना मुख्य घाट श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमुख केंद्र है। यहां स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

दीपदान स्थल

सायंकाल के समय श्रद्धालु क्षिप्रा नदी में दीप प्रवाहित कर सुख, समृद्धि एवं पितृ कृपा की कामना करते हैं। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी एवं आध्यात्मिक माना जाता है।

तर्पण एवं श्राद्ध क्षेत्र

राम घाट पर विशेष स्थान निर्धारित हैं जहां आचार्यों के मार्गदर्शन में पितृ तर्पण एवं पिंडदान अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।

यज्ञ एवं हवन स्थल

यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विभिन्न ग्रह शांति एवं धार्मिक यज्ञ सम्पन्न होते हैं।

राम घाट में पूजा करवाने के लाभ

ऐसी मान्यता है कि राम घाट पर विधिपूर्वक पूजा एवं अनुष्ठान कराने से श्रद्धालुओं को अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं—

  • पितृ दोष से मुक्ति
  • पूर्वजों की कृपा प्राप्ति
  • ग्रह दोषों की शांति
  • मानसिक तनाव में कमी
  • परिवार में सुख एवं समृद्धि
  • स्वास्थ्य एवं आयु में वृद्धि
  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश
  • व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में उन्नति
  • आध्यात्मिक जागृति
  • मोक्ष प्राप्ति का पुण्य

विशेष रूप से पितृ दोष, कालसर्प दोष एवं पूर्वजों की अशांति से पीड़ित श्रद्धालुओं के लिए राम घाट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

राम घाट का आध्यात्मिक वातावरण

राम घाट का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र एवं भक्तिमय रहता है। प्रातःकालीन स्नान, वैदिक मंत्रोच्चार, संध्या आरती एवं दीपदान का दृश्य श्रद्धालुओं को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।

सायंकाल होने वाली क्षिप्रा महाआरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।

विशेष अवसरों पर यहां अत्यधिक भीड़ रहती है—

  • सिंहस्थ कुंभ
  • सोमवती अमावस्या
  • श्राद्ध पक्ष
  • पूर्णिमा
  • अमावस्या
  • श्रावण मास
  • महाशिवरात्रि
  • कार्तिक पूर्णिमा

राम घाट कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा, इंदौर है, जो उज्जैन से लगभग पचपन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

रेल मार्ग

उज्जैन जंक्शन देश के प्रमुख नगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, अहमदाबाद एवं भोपाल से सीधे जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग

उज्जैन राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से सुगमता से जुड़ा हुआ है। इंदौर, भोपाल, ओंकारेश्वर एवं अन्य प्रमुख नगरों से नियमित बस एवं किराये के वाहन उपलब्ध रहते हैं।

उज्जैन नगर के किसी भी भाग से राम घाट तक स्थानीय परिवहन आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

दर्शन एवं अनुष्ठान हेतु सर्वोत्तम समय

राम घाट वर्षभर दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खुला रहता है, किन्तु निम्न अवसर विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं—

  • अमावस्या
  • पूर्णिमा
  • श्राद्ध पक्ष
  • सोमवती अमावस्या
  • कार्तिक मास
  • श्रावण मास
  • महाशिवरात्रि

प्रातःकालीन समय स्नान, संकल्प एवं पूजा-अनुष्ठान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

निष्कर्ष: राम घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि श्रद्धा, पितृ तृप्ति, मोक्ष एवं आध्यात्मिक साधना का महान केंद्र है। पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित यह दिव्य तीर्थ श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति एवं पूर्वजों का आशीर्वाद प्रदान करने वाला अत्यंत पुण्यदायी स्थल माना जाता है। यहां सम्पन्न होने वाले वैदिक अनुष्ठान जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले माने जाते हैं।

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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    रामघाट, उज्जैन की पावन भूमि पर 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा राहु ग्रह शांति पूजा पूर्ण वैदिक विधि-विधान, मंत्र जाप एवं हवन के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाएगी। यह अनुष्ठान राहु ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों, मानसिक अशांति, भ्रम, बाधाओं एवं नकारात्मक प्रभावों के शमन की मंगलकामना के लिए किया जाता है। भगवान शिव एवं भगवान महाकाल की आराधना के साथ जीवन में शांति, स्थिरता, सफलता और सकारात्मकता की प्रार्थना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • राहु देव पूजन
    • भगवान शिव की आराधना
    • राहु तांत्रिक मंत्र जाप — 18,000 जप
    • मंत्र — ॐ रां राहवे नमः।
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पवित्र रामघाट, उज्जैन में वैदिक विधि-विधान से राहु ग्रह शांति पूजा
    • 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विधिपूर्वक अनुष्ठान
    • जन्मकुंडली के अनुसार राहु ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • राहु दोष एवं ग्रहजनित बाधाओं के शमन की मंगलकामना
    • भगवान शिव एवं भगवान महाकाल की आराधना
    • मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत वैदिक अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    रामघाट, उज्जैन की पावन भूमि पर भगवान शिव, भगवान महाकाल एवं राहु देव की आराधना के साथ संपन्न यह वैदिक अनुष्ठान राहु ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक शांति, स्थिरता और जीवन की बाधाओं से राहत की प्रार्थना के लिए किया जाता है। श्रद्धापूर्वक मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, शांति, सफलता, समृद्धि और मंगल की कामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹13,00015% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    उज्जैन के पावन रामघाट पर क्षिप्रा नदी के तट पर 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा राहु ग्रह शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न होता है। इसमें राहु ग्रह के अशुभ प्रभाव, मानसिक तनाव, भ्रम, नकारात्मक ऊर्जा, अचानक होने वाली हानि, शत्रु बाधा, न्यायालय संबंधी मामलों तथा जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • राहु देव पूजन
    • भगवान शिव की आराधना
    • राहु तांत्रिक मंत्र जाप — 72,000 जप
    • मंत्र — ॐ रां राहवे नमः।
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पावन रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर वैदिक विधि-विधान से अनुष्ठान
    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक पूजा
    • राहु तांत्रिक मंत्र का 72,000 जप
    • राहु ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • मानसिक शांति, सुरक्षा एवं जीवन की बाधाओं से राहत की मंगलकामना
    • भगवान शिव की विशेष आराधना
    • विशेष हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत वैदिक अनुष्ठान

    अनुष्ठान की अवधि

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न कराया जाता है।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    पावन रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर संपन्न यह विशेष अनुष्ठान राहु ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक शांति, सुरक्षा और जीवन की बाधाओं से राहत की मंगलकामना के लिए किया जाता है। राहु मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से भगवान शिव एवं भगवान महाकाल की कृपा तथा यजमान के जीवन में सुख, स्थिरता, सफलता और शांति की प्रार्थना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹18,000₹21,00014% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • विशिष्ट

    7 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    उज्जैन के पावन रामघाट पर क्षिप्रा नदी के तट पर 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा राहु ग्रह शांति पूजा एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह पवित्र अनुष्ठान लगभग 4 से 5 घंटे में संपन्न होता है। इसमें राहु ग्रह के अशुभ प्रभाव, मानसिक तनाव, भ्रम, नकारात्मक ऊर्जा, अचानक होने वाली हानि, शत्रु बाधा, न्यायालय संबंधी समस्याओं तथा जीवन में आने वाली रुकावटों की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है।

    इस अनुष्ठान में राहु ग्रह की शांति के लिए राहु वैदिक मंत्र का 18,000 जप शास्त्रोक्त विधि से कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह मंत्र जाप राहु से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक स्थिरता एवं जीवन में सकारात्मकता की मंगलकामना के लिए किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • राहु देव पूजन
    • भगवान शिव की आराधना
    • राहु वैदिक मंत्र जाप — 18,000 जप
    • मंत्र — ॐ कया नश्चित्र आ भुवदूती सदा वृधः सखा। कया शचिष्ठया वृता॥
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के पावन तट पर वैदिक अनुष्ठान
    • 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक पूजा
    • राहु वैदिक मंत्र का 18,000 जप
    • राहु ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • मानसिक तनाव, भ्रम, शत्रु बाधा एवं जीवन की रुकावटों से राहत की मंगलकामना
    • भगवान शिव की विशेष आराधना
    • विशेष हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत वैदिक अनुष्ठान

    अनुष्ठान की अवधि

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 4 से 5 घंटे में संपन्न कराया जाता है।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के पावन तट पर संपन्न यह विशेष अनुष्ठान भगवान शिव एवं राहु देव की कृपा की मंगलकामना के साथ किया जाता है। श्रद्धापूर्वक किए गए मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से राहु ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक शांति, स्थिरता, सुरक्षा और जीवन में सकारात्मकता की प्रार्थना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹25,000₹31,00019% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • दिव्य

    25 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    5h

    दिव्य पैकेज के अंतर्गत उज्जैन के पावन रामघाट पर क्षिप्रा नदी के तट पर 25 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा राहु ग्रह शांति पूजा एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है। यह विस्तृत वैदिक अनुष्ठान 5 दिनों में संपन्न किया जाता है। इसमें राहु के वैदिक मंत्र का 72,000 जप कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अनुष्ठान राहु ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक स्थिरता, नकारात्मक प्रभावों से राहत एवं जीवन में सकारात्मकता की मंगलकामना के लिए किया जाता है।

    यह अनुष्ठान विशेष रूप से राहु दोष, कालसर्प दोष, शत्रु बाधा, न्यायालय संबंधी समस्याओं, नकारात्मक प्रभावों, अचानक आर्थिक हानि तथा जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं से राहत की मंगलकामना के लिए किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • राहु देव पूजन
    • भगवान शिव की आराधना
    • राहु वैदिक मंत्र जाप — 72,000 जप
    • मंत्र — ॐ कया नश्चित्र आ भुवदूती सदा वृधः सखा। कया शचिष्ठया वृता॥
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के पावन तट पर वैदिक अनुष्ठान
    • 25 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा 5 दिनों तक सामूहिक अनुष्ठान
    • विभिन्न चरणों में कुल 25 आचार्य निर्धारित 72,000 वैदिक मंत्र जाप पूर्ण करेंगे
    • राहु ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • विस्तृत मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित अनुष्ठान
    • पूजा की संपूर्ण व्यवस्था आचार्यों द्वारा की जाएगी
    • अनुष्ठान की निर्धारित प्रक्रिया एवं आवश्यक जानकारी यजमान को उपलब्ध कराई जाएगी

    अनुष्ठान की अवधि

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान 5 दिनों में संपन्न कराया जाएगा। इस अवधि में विभिन्न चरणों के माध्यम से निर्धारित 72,000 राहु वैदिक मंत्र जाप पूर्ण किए जाएंगे।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान महाकाल, भगवान शिव एवं राहु देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह विस्तृत अनुष्ठान राहु ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक शांति, स्थिरता, सुरक्षा और जीवन की बाधाओं से राहत की प्रार्थना के लिए किया जाता है। श्रद्धापूर्वक किए गए मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता, शांति और मंगल की कामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

एक बार बुक करें — बाकी सब पुजारीजी संभाले

एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।

  1. आप

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    पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।

  2. पुजारीजी

    हम प्रमाणित पुजारी नियुक्त करते हैं

    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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