“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

रुद्राभिषेक पूजा में शिवलिंग पर जल, दूध, शहद आदि अर्पित करते हुए वैदिक मंत्रों का जाप किया जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है, दोषों को कम करता है और स्वास्थ्य, सफलता व आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।
Duration
2h – 3h
Starting price
₹5,100
शिव की कृपा पाने का दिव्य उपायः रुद्राभिषेक
भगवान शिव की कृपा पाने के लिए रुद्राभिषेक एक शक्तिशाली पूजा है। इसमें शिवलिंग पर विभिन्न पवित्र पदार्थों जैसे जल, दूध, दही, शहद, घी आदि से अभिषेक किया जाता है। इस दौरान वेद मंत्रों और विशेष रूप से रुद्राष्टकम का जाप किया जाता है।
रुद्राभिषेक के लाभः
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्यः रुद्राभिषेक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारता है।
आध्यात्मिक विकासः यह आध्यात्मिक विकास में सहायक होता है।
सुख-समृद्धिः रुद्राभिषेक व्यक्ति को सुख, समृद्धि और सफलता प्रदान करता है।
पाप मोचनः यह पूजा व्यक्ति के पापों को दूर करती है।
ग्रह दोष निवारणः रुद्राभिषेक ग्रह दोषों को दूर करने में मदद करता है।
कब करें रुद्राभिषेक?
शिवरात्रिः यह सबसे शुभ दिन है रुद्राभिषेक करने के लिए।
महाशिवरात्रिः यह भी एक बहुत ही शुभ दिन है।
सावन का महीनाः इस महीने में शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
प्रदोष व्रतः इस दिन रुद्राभिषेक करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं।
यदि आप रुद्राभिषेक करना चाहते हैं तो एक अनुभवी पुजारी से संपर्क करें। वे आपको पूजा की सही विधि और मंत्रों के बारे में बता सकते हैं।

वाराणसी
मार्कंडेय महादेव मंदिर वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत कैथी गाँव में गंगा–गोमती संगम पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन, पौराणिक और सिद्ध शिवधाम है।
यह मंदिर विशेष रूप से संतान प्राप्ति, अकाल मृत्यु भय निवारण, गंभीर रोग शांति तथा कष्ट मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।
मंदिर का इतिहास
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह स्थान ऋषि मार्कंडेय की तपोभूमि है। अल्पायु होने के कारण जब यमराज उनके प्राण हरने आए, तब ऋषि मार्कंडेय ने यहीं शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की घोर तपस्या की।
भगवान शिव प्रकट हुए, यमराज को रोका और ऋषि मार्कंडेय को अमरता का वरदान प्रदान किया। इसी कारण यह स्थल मार्कंडेय महादेव तथा महामृत्युंजय मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसका उल्लेख मार्कंडेय पुराण में भी मिलता है।
पौराणिक एवं धार्मिक महत्व
यह धाम महामृत्युंजय स्वरूप में भगवान शिव की आराधना का प्रमुख केंद्र है।
मान्यता है कि यहाँ पूजा करने से—
सावन मास, प्रदोष और त्रयोदशी तिथि पर यहाँ विशेष भीड़ रहती है।
यह स्थल पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में गिना जाता है और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के तुल्य प्रभावशाली माना जाता है।
यहाँ होने वाली प्रमुख पूजाएँ
पुजारी जी के माध्यम से या स्थल पर निम्न पूजाएँ कराई जाती हैंः
संतान प्राप्ति विशेष पूजा
महामृत्युंजय पूजा
शिव रुद्राभिषेक
अन्य पूजाएँ
प्रमुख मंत्र (श्रद्धालुओं हेतु)
महामृत्युंजय मंत्रः
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥
संतान गोपाल मंत्रः
ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥
कैसे पहुँचे?
श्रद्धालुओं के लिए विशेष
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 1 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो रुद्राभिषेक पूजा को विधि-विधान से सम्पन्न करने के लिए किया जाता है।
पूजा की अवधि लगभग 2 घंटे होती है।
पूजा प्रक्रिया:
2 वस्तुएँ शामिल
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 3 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो रुद्राभिषेक पूजा को अधिक प्रभावशाली रूप से विधि-विधान से सम्पन्न करता है।
पूजा की अवधि लगभग 2 घंटे होती है।
पूजा प्रक्रिया:
2 वस्तुएँ शामिल
6 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 6 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो रुद्राभिषेक पूजा को अधिक गहन और प्रभावशाली रूप से विधि-विधान से सम्पन्न करता है।
पूजा की अवधि लगभग 2 घंटे होती है।
पूजा प्रक्रिया:
2 वस्तुएँ शामिल
11 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 11 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो रुद्राभिषेक पूजा को अत्यंत विस्तृत और प्रभावशाली रूप से विधि-विधान से सम्पन्न करता है, जिससे शांति, ऊर्जा और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होते हैं।
पूजा की अवधि लगभग 2 घंटे होती है।
पूजा प्रक्रिया:
2 वस्तुएँ शामिल
रुद्राभिषेक पूजा के बारे में हमसे बात करें
WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।