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Pujari Ji

रुद्राभिषेक पूजा

मार्कंडेय महादेव, वाराणसी
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रुद्राभिषेक पूजा

रुद्राभिषेक पूजा में शिवलिंग पर जल, दूध, शहद आदि अर्पित करते हुए वैदिक मंत्रों का जाप किया जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है, दोषों को कम करता है और स्वास्थ्य, सफलता व आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।

Duration

2h – 3h

Starting price

₹5,100

लाभ

  • शारीरिक स्वास्थ्यः यह पूजा शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारती है और रोगों से बचाती है।
  • मानसिक शांतिः रुद्राभिषेक मन को शांत करता है और तनाव को कम करता है।
  • आध्यात्मिक विकासः यह पूजा आध्यात्मिक विकास में मदद करती है और व्यक्ति को ईश्वर के करीब लाती है।
  • सुख-समृद्धिः रुद्राभिषेक व्यक्ति को सुख, समृद्धि और सफलता प्रदान करता है।
  • पाप मोचनः यह पूजा व्यक्ति के पापों को दूर करती है और उसे पवित्र बनाती है।

रुद्राभिषेक पूजा

शिव की कृपा पाने का दिव्य उपायः रुद्राभिषेक

भगवान शिव की कृपा पाने के लिए रुद्राभिषेक एक शक्तिशाली पूजा है। इसमें शिवलिंग पर विभिन्न पवित्र पदार्थों जैसे जल, दूध, दही, शहद, घी आदि से अभिषेक किया जाता है। इस दौरान वेद मंत्रों और विशेष रूप से रुद्राष्टकम का जाप किया जाता है।

रुद्राभिषेक के लाभः

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्यः रुद्राभिषेक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारता है।

आध्यात्मिक विकासः यह आध्यात्मिक विकास में सहायक होता है।

सुख-समृद्धिः रुद्राभिषेक व्यक्ति को सुख, समृद्धि और सफलता प्रदान करता है।

पाप मोचनः यह पूजा व्यक्ति के पापों को दूर करती है।

ग्रह दोष निवारणः रुद्राभिषेक ग्रह दोषों को दूर करने में मदद करता है।

कब करें रुद्राभिषेक?

शिवरात्रिः यह सबसे शुभ दिन है रुद्राभिषेक करने के लिए।

महाशिवरात्रिः यह भी एक बहुत ही शुभ दिन है।

सावन का महीनाः इस महीने में शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है।

प्रदोष व्रतः इस दिन रुद्राभिषेक करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं।

यदि आप रुद्राभिषेक करना चाहते हैं तो एक अनुभवी पुजारी से संपर्क करें। वे आपको पूजा की सही विधि और मंत्रों के बारे में बता सकते हैं।

पूजा स्थानवाराणसी

मार्कंडेय महादेव

मार्कंडेय महादेव

वाराणसी

मार्कंडेय महादेव मंदिर वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत कैथी गाँव में गंगा–गोमती संगम पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन, पौराणिक और सिद्ध शिवधाम है।

यह मंदिर विशेष रूप से संतान प्राप्ति, अकाल मृत्यु भय निवारण, गंभीर रोग शांति तथा कष्ट मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।

मंदिर का इतिहास

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह स्थान ऋषि मार्कंडेय की तपोभूमि है। अल्पायु होने के कारण जब यमराज उनके प्राण हरने आए, तब ऋषि मार्कंडेय ने यहीं शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की घोर तपस्या की।

भगवान शिव प्रकट हुए, यमराज को रोका और ऋषि मार्कंडेय को अमरता का वरदान प्रदान किया। इसी कारण यह स्थल मार्कंडेय महादेव तथा महामृत्युंजय मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसका उल्लेख मार्कंडेय पुराण में भी मिलता है।

पौराणिक एवं धार्मिक महत्व

यह धाम महामृत्युंजय स्वरूप में भगवान शिव की आराधना का प्रमुख केंद्र है।

मान्यता है कि यहाँ पूजा करने से—

  • संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है
  • गर्भ बाधा का निवारण होता है
  • वंश वृद्धि होती है

सावन मास, प्रदोष और त्रयोदशी तिथि पर यहाँ विशेष भीड़ रहती है।

यह स्थल पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में गिना जाता है और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के तुल्य प्रभावशाली माना जाता है।

यहाँ होने वाली प्रमुख पूजाएँ

पुजारी जी के माध्यम से या स्थल पर निम्न पूजाएँ कराई जाती हैंः

संतान प्राप्ति विशेष पूजा

  • संतान गोपाल मंत्र जप
  • संतान बाधा निवारण हवन
  • दंपत्ति विशेष संकल्प पूजा

महामृत्युंजय पूजा

  • महामृत्युंजय मंत्र जप
  • लघु मृत्युंजय अनुष्ठान
  • अकाल मृत्यु, रोग, भय एवं ग्रहबाधा शांति हेतु

शिव रुद्राभिषेक

  • दूध, दही, घृत, गंगाजल एवं तीर्थ जल से अभिषेक
  • सावन, महाशिवरात्रि एवं नागपंचमी पर विशेष फलदायी

अन्य पूजाएँ

  • मंगल दोष निवारण पूजा
  • विवाह बाधा निवारण पूजा
  • ग्रह शांति एवं विशेष अनुष्ठान

प्रमुख मंत्र (श्रद्धालुओं हेतु)

महामृत्युंजय मंत्रः

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥

संतान गोपाल मंत्रः

ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।

देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥

कैसे पहुँचे?

  • दूरीः वाराणसी शहर से लगभग 30 किमी
  • मार्गः वाराणसी–गाजीपुर राजमार्ग
  • निकटतम रेलवे स्टेशनः
  • राजवारी स्टेशन – लगभग 7 किमी
  • औनिहार जंक्शन – लगभग 11 किमी
  • स्थानः कैथी गाँव, गंगा–गोमती संगम, वाराणसी

श्रद्धालुओं के लिए विशेष

  • यह मंदिर अत्यंत शांत, प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण में स्थित है। संगम तट पर होने के कारण यहाँ ध्यान, जप और अनुष्ठान का प्रभाव विशेष रूप से अनुभव किया जाता है।
  • मार्कंडेय महादेव मंदिर, कैथी केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि संतान सुख, जीवन रक्षा और शिव कृपा का सिद्ध केंद्र है। जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहाँ पूजन करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।
मंदिर विवरण देखें

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    पूजा की अवधि लगभग 2 घंटे होती है।

    पूजा प्रक्रिया:

    • गौरी गणेश पूजा
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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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