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Pujari Ji

शनि ग्रह शांति पूजा

मार्कंडेय महादेव, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
शनि ग्रह शांति पूजा

शनि ग्रह शांति पूजा भगवान शनि देव, भगवान मार्कण्डेय महादेव तथा नवग्रह देवताओं की आराधना से सम्पन्न होने वाला महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म, न्याय, अनुशासन, धैर्य, परिश्रम और कर्मफल से संबंधित ग्रह माना जाता है। जन्मकुंडली में शनि की प्रतिकूल स्थिति होने पर जीवन में विलंब, बाधाएँ, मानसिक दबाव, आर्थिक कठिनाइयाँ तथा कार्यक्षेत्र से संबंधित चुनौतियों की ज्योतिषीय मान्यता है।

मार्कण्डेय महादेव मंदिर भगवान शिव के प्राचीन एवं पूजनीय धामों में माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार महर्षि मार्कण्डेय ने भगवान शिव की आराधना की थी। इस कारण यह स्थान आयु, आरोग्य, संकटों से रक्षा तथा आध्यात्मिक साधना की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस पवित्र स्थल पर शनि ग्रह शांति पूजा श्रद्धा एवं वैदिक विधि से सम्पन्न कराकर शनि ग्रह की शांति तथा भगवान शिव की कृपा की मंगलकामना की जाती है।

Duration

3h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹9,100

लाभ

  • धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • साढ़ेसाती एवं शनि ढैय्या के समय मानसिक, आध्यात्मिक एवं आंतरिक बल की प्राप्ति के लिए मंगलकामना की जाती है।
  • कार्यक्षेत्र एवं व्यवसाय में स्थिरता, प्रगति एवं अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • आर्थिक जीवन में संतुलन, स्थिरता एवं समृद्धि की मंगलकामना की जाती है।
  • धैर्य, अनुशासन, आत्मबल एवं मानसिक दृढ़ता में वृद्धि के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • न्याय, धर्म एवं उचित कर्मपथ पर आगे बढ़ने के लिए सद्बुद्धि एवं मार्गदर्शन की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान शनिदेव एवं भगवान मार्कण्डेय महादेव की कृपा, आशीर्वाद एवं संरक्षण की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।

शनि ग्रह शांति पूजा

मार्कण्डेय महादेव मंदिर वाराणसी के प्राचीन एवं पूजनीय शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। भगवान मार्कण्डेय महादेव की आराधना धार्मिक परंपरा में आयु, आरोग्य, संकटों से रक्षा तथा आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना से जुड़ी हुई है।

वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म और कर्मफल का कारक माना जाता है। जन्मकुंडली में शनि की स्थिति, दृष्टि तथा अन्य ग्रहों के साथ उसके संबंधों के आधार पर शनि से संबंधित विभिन्न योगों का विचार किया जाता है। साढ़ेसाती, ढैय्या, शनि की महादशा अथवा अंतर्दशा तथा शनि के अन्य प्रतिकूल प्रभावों की स्थिति में श्रद्धालु ग्रह शांति की प्रार्थना के लिए यह अनुष्ठान कराते हैं।

पूजा में संकल्प, भगवान गणेश का पूजन, नवग्रह आराधना, भगवान शनि देव का पूजन, भगवान मार्कण्डेय महादेव की उपासना, शनि मंत्र जाप, हवन तथा पूर्णाहुति सहित वैदिक विधि सम्पन्न की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा में मुख्य रूप से निम्न देवताओं की आराधना की जाती हैः

  • भगवान शनि देव
  • भगवान मार्कण्डेय महादेव
  • भगवान गणेश
  • नवग्रह देवता

धार्मिक मान्यता के अनुसार शनि देव कर्म, न्याय, अनुशासन, धैर्य तथा कर्मफल से संबंधित देवता हैं। भगवान मार्कण्डेय महादेव की आराधना आयु, आरोग्य तथा संकटों से रक्षा की मंगलकामना के लिए की जाती है। दोनों देव स्वरूपों की आराधना के माध्यम से शनि ग्रह से संबंधित प्रतिकूल प्रभावों की शांति तथा जीवन में स्थिरता की प्रार्थना की जाती है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • शनिवार को शुभ मुहूर्त में
  • शनि की महादशा या अंतर्दशा के समय
  • शनि के प्रतिकूल गोचर के समय
  • जन्मकुंडली में शनि की प्रतिकूल स्थिति होने पर
  • साढ़ेसाती के दौरान
  • शनि ढैय्या के दौरान
  • पुष्य, अनुराधा अथवा उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में
  • योग्य ज्योतिषाचार्य द्वारा निर्धारित शुभ तिथि एवं मुहूर्त में

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जन्मकुंडली में शनि दोष होने पर
  • साढ़ेसाती या शनि ढैय्या के समय
  • कार्यक्षेत्र में बार-बार बाधाएँ आने पर
  • व्यवसाय में लगातार कठिनाइयाँ होने पर
  • आर्थिक कठिनाइयों या ऋण संबंधी परेशानी की स्थिति में
  • न्यायालय अथवा सरकारी कार्यों से संबंधित बाधाओं के समय
  • मानसिक तनाव, भय या निराशा की स्थिति में
  • जीवन में लगातार विलंब एवं संघर्ष का अनुभव होने पर

प्रमुख मंत्र

  • ॐ शं शनैश्चराय नमः॥
  • ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः॥
  • ॐ नमः शिवाय॥

पूजा के लाभ

धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अनुष्ठान के माध्यम से निम्न मंगलकामनाएँ की जाती हैंः

  • शनि ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • साढ़ेसाती एवं शनि ढैय्या के समय मानसिक एवं आध्यात्मिक बल की मंगलकामना की जाती है।
  • कार्यक्षेत्र एवं व्यवसाय में स्थिरता के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • आर्थिक जीवन में संतुलन एवं स्थिरता की मंगलकामना की जाती है।
  • धैर्य, अनुशासन एवं आत्मबल की वृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • न्याय एवं उचित कर्मपथ पर आगे बढ़ने की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान शनि देव एवं भगवान मार्कण्डेय महादेव की कृपा प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

मार्कण्डेय महादेव मंदिर में सम्पन्न शनि ग्रह शांति पूजा ग्रह शांति के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुशासन, धैर्य और आत्मचिंतन की भावना को प्रबल करने वाला अनुष्ठान माना जाता है। शनि देव की आराधना व्यक्ति को कर्म, उत्तरदायित्व और धैर्य के महत्व का स्मरण कराती है, जबकि भगवान मार्कण्डेय महादेव की उपासना आयु, आरोग्य एवं आध्यात्मिक संरक्षण की मंगलकामना से जुड़ी है।

अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा संकल्प, देव आराधना, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित यह अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराया जाता है। श्रद्धालु इस पूजा के माध्यम से शनि ग्रह की शांति, मानसिक स्थिरता तथा जीवन में शुभता की प्रार्थना करते हैं।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • श्रद्धालु के नाम, गोत्र एवं जन्म विवरण के अनुसार वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्मकुंडली के आधार पर ग्रह शांति की विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • पूजा में शनि देव, भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं नवग्रहों की आराधना की जाती है।
  • आवश्यक पूजन सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
  • वैदिक मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।

मार्कण्डेय महादेव मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न होने वाली शनि ग्रह शांति पूजा केवल ग्रह दोष निवारण का अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं शनि देव की कृपा से जीवन में धैर्य, अनुशासन, सकारात्मक सोच एवं आध्यात्मिक संतुलन की मंगलकामना करने का दिव्य माध्यम भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अनुष्ठान के माध्यम से कर्मों की शुभता, सम्मान, सुरक्षा एवं जीवन में स्थिर सफलता की प्रार्थना की जाती है।

पूजा स्थानवाराणसी

मार्कंडेय महादेव

मार्कंडेय महादेव

वाराणसी

मार्कंडेय महादेव मंदिर वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत कैथी गाँव में गंगा–गोमती संगम पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन, पौराणिक और सिद्ध शिवधाम है।

यह मंदिर विशेष रूप से संतान प्राप्ति, अकाल मृत्यु भय निवारण, गंभीर रोग शांति तथा कष्ट मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।

मंदिर का इतिहास

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह स्थान ऋषि मार्कंडेय की तपोभूमि है। अल्पायु होने के कारण जब यमराज उनके प्राण हरने आए, तब ऋषि मार्कंडेय ने यहीं शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की घोर तपस्या की।

भगवान शिव प्रकट हुए, यमराज को रोका और ऋषि मार्कंडेय को अमरता का वरदान प्रदान किया। इसी कारण यह स्थल मार्कंडेय महादेव तथा महामृत्युंजय मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसका उल्लेख मार्कंडेय पुराण में भी मिलता है।

पौराणिक एवं धार्मिक महत्व

यह धाम महामृत्युंजय स्वरूप में भगवान शिव की आराधना का प्रमुख केंद्र है।

मान्यता है कि यहाँ पूजा करने से—

  • संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है
  • गर्भ बाधा का निवारण होता है
  • वंश वृद्धि होती है

सावन मास, प्रदोष और त्रयोदशी तिथि पर यहाँ विशेष भीड़ रहती है।

यह स्थल पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में गिना जाता है और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के तुल्य प्रभावशाली माना जाता है।

यहाँ होने वाली प्रमुख पूजाएँ

पुजारी जी के माध्यम से या स्थल पर निम्न पूजाएँ कराई जाती हैंः

संतान प्राप्ति विशेष पूजा

  • संतान गोपाल मंत्र जप
  • संतान बाधा निवारण हवन
  • दंपत्ति विशेष संकल्प पूजा

महामृत्युंजय पूजा

  • महामृत्युंजय मंत्र जप
  • लघु मृत्युंजय अनुष्ठान
  • अकाल मृत्यु, रोग, भय एवं ग्रहबाधा शांति हेतु

शिव रुद्राभिषेक

  • दूध, दही, घृत, गंगाजल एवं तीर्थ जल से अभिषेक
  • सावन, महाशिवरात्रि एवं नागपंचमी पर विशेष फलदायी

अन्य पूजाएँ

  • मंगल दोष निवारण पूजा
  • विवाह बाधा निवारण पूजा
  • ग्रह शांति एवं विशेष अनुष्ठान

प्रमुख मंत्र (श्रद्धालुओं हेतु)

महामृत्युंजय मंत्रः

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥

संतान गोपाल मंत्रः

ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।

देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥

कैसे पहुँचे?

  • दूरीः वाराणसी शहर से लगभग 30 किमी
  • मार्गः वाराणसी–गाजीपुर राजमार्ग
  • निकटतम रेलवे स्टेशनः
  • राजवारी स्टेशन – लगभग 7 किमी
  • औनिहार जंक्शन – लगभग 11 किमी
  • स्थानः कैथी गाँव, गंगा–गोमती संगम, वाराणसी

श्रद्धालुओं के लिए विशेष

  • यह मंदिर अत्यंत शांत, प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण में स्थित है। संगम तट पर होने के कारण यहाँ ध्यान, जप और अनुष्ठान का प्रभाव विशेष रूप से अनुभव किया जाता है।
  • मार्कंडेय महादेव मंदिर, कैथी केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि संतान सुख, जीवन रक्षा और शिव कृपा का सिद्ध केंद्र है। जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहाँ पूजन करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।
मंदिर विवरण देखें

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जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।

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हमारी गारंटी

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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    इस उन्नत पैकेज में मार्कण्डेय महादेव मंदिर में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शनि ग्रह शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान लगभग 2.5 से 3 घंटे में संपन्न होता है। इसमें शनि दोष, साढ़ेसाती, शनि ढैय्या, शनि महादशा, अंतर्दशा एवं प्रतिकूल गोचर से जुड़े अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अनुष्ठान करियर, व्यवसाय, आर्थिक स्थिरता, मानसिक शांति एवं जीवन में सफलता की मंगलकामना के लिए किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • शनि देव पूजन
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव का पूजन
    • शनि वैदिक मंत्र जाप — 23,000 जप
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पवित्र मार्कण्डेय महादेव मंदिर में शास्त्रोक्त विधि-विधान से अनुष्ठान
    • 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूजा संपन्न
    • जन्मकुंडली के अनुसार अनुष्ठान एवं संकल्प
    • शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या, महादशा, अंतर्दशा एवं प्रतिकूल गोचर से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति हेतु विशेष प्रार्थना
    • करियर, व्यवसाय, आर्थिक स्थिरता एवं मानसिक शांति के लिए मंगलकामना
    • विशेष वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत अनुष्ठान

    अनुष्ठान की अवधि

    यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान लगभग 2.5 से 3 घंटे में संपन्न कराया जाता है।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान शनि देव एवं भगवान मार्कण्डेय महादेव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान शनि ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक संतुलन, आर्थिक स्थिरता, कर्मगत बाधाओं से राहत तथा जीवन में सफलता और शांति की प्रार्थना के लिए किया जाता है। श्रद्धापूर्वक किए गए मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, समृद्धि, स्थिरता और मंगल की कामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹9,100₹11,00017% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • विशिष्ट

    7 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    मार्कण्डेय महादेव मंदिर में 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शनि ग्रह शांति पूजा एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह पवित्र अनुष्ठान लगभग 4 से 5 घंटे में संपन्न होता है। इसमें शनि दोष, साढ़ेसाती, शनि ढैय्या, करियर में बाधाओं, आर्थिक संकट, न्यायालय संबंधी समस्याओं, मानसिक तनाव तथा जीवन में बार-बार आने वाली रुकावटों की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है।

    इस अनुष्ठान में भगवान शनि देव की कृपा प्राप्ति के लिए शनि वैदिक मंत्र का 23,000 जप कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह मंत्र जाप शनि ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, कर्मों में सफलता, आर्थिक उन्नति, सम्मान तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की मंगलकामना के लिए किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • शनि देव पूजन
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव का पूजन
    • शनि वैदिक मंत्र जाप — 23,000 जप
    • मंत्र — ॐ शन्नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शं योरभि स्त्रवन्तु नः॥
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पवित्र मार्कण्डेय महादेव मंदिर में 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक वैदिक अनुष्ठान
    • शनि वैदिक मंत्र का 23,000 जप
    • शनि ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • भगवान शनि देव एवं मार्कण्डेय महादेव की विशेष आराधना
    • करियर, व्यवसाय, आर्थिक स्थिति एवं मानसिक शांति से संबंधित मंगलकामनाओं के लिए अनुष्ठान
    • विशेष हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत वैदिक विधि

    अनुष्ठान की अवधि

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 4 से 5 घंटे में संपन्न कराया जाता है।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान शनि देव एवं मार्कण्डेय महादेव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान शनि ग्रह के अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक शांति, कर्मगत बाधाओं से राहत, आर्थिक स्थिरता एवं जीवन में सकारात्मकता की प्रार्थना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सफलता, सम्मान, स्थिरता, समृद्धि और शांति की मंगलकामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹24,500₹26,0006% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    7 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    श्रेष्ठ पैकेज के अंतर्गत पवित्र मार्कण्डेय महादेव मंदिर में 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शनि ग्रह शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न होता है। इसमें शनि दोष, साढ़ेसाती, शनि ढैय्या, करियर में आने वाली बाधाओं, आर्थिक संकट, न्यायालय संबंधी समस्याओं तथा मानसिक तनाव से राहत की मंगलकामना की जाती है। साथ ही शनि देव एवं भगवान मार्कण्डेय महादेव की कृपा से जीवन में स्थिरता, सफलता और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • शनि देव पूजन
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव का पूजन
    • शनि मंत्र जाप — 92,000 जप
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पवित्र मार्कण्डेय महादेव मंदिर में 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक वैदिक अनुष्ठान
    • शनि वैदिक मंत्र का 92,000 जप
    • शनि ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • शनि दोष, साढ़ेसाती एवं शनि ढैय्या से संबंधित बाधाओं के शमन की मंगलकामना
    • करियर, आर्थिक स्थिति एवं न्यायालय संबंधी समस्याओं में राहत के लिए विशेष प्रार्थना
    • भगवान शनि देव एवं भगवान मार्कण्डेय महादेव की विशेष आराधना
    • विशेष हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत अनुष्ठान

    अनुष्ठान की अवधि

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न कराया जाता है।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान शनि देव एवं मार्कण्डेय महादेव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह विशेष अनुष्ठान शनि ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक शांति, करियर में स्थिरता, आर्थिक उन्नति एवं जीवन की बाधाओं से राहत की प्रार्थना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सफलता, स्थिरता, समृद्धि, सुरक्षा और शांति की मंगलकामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹24,000₹31,00023% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • दिव्य

    31 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    मार्कण्डेय महादेव मंदिर में 31 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शनि ग्रह शांति पूजा एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह विस्तृत अनुष्ठान 3 या 5 दिनों में निर्धारित विधि के अनुसार संपन्न कराया जा सकता है।

    इस पवित्र अनुष्ठान में शनि वैदिक मंत्र का 92,000 जप कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कलियुग में मंत्रों के चार गुना जप का विशेष महत्व माना जाता है। इसी उद्देश्य से 23,000 × 4 के अनुसार मंत्र जाप किया जाता है। यह अनुष्ठान शनि दोष, साढ़ेसाती, शनि ढैय्या, करियर एवं व्यवसाय में बाधाओं, आर्थिक अस्थिरता, न्यायालय संबंधी समस्याओं तथा मानसिक तनाव से राहत की मंगलकामना के लिए किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • शनि देव पूजन
    • भगवान मार्कण्डेय महादेव का पूजन
    • शनि वैदिक मंत्र जाप — 92,000 जप
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • मार्कण्डेय महादेव मंदिर में 31 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक वैदिक अनुष्ठान
    • अनुष्ठान 3 या 5 दिनों में निर्धारित विधि के अनुसार संपन्न कराया जा सकता है
    • विभिन्न चरणों में कुल 31 आचार्य अनुष्ठान में सम्मिलित होकर निर्धारित 92,000 वैदिक मंत्र जाप पूर्ण करेंगे
    • शनि ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • विशेष वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत अनुष्ठान
    • पूजा की समस्त आवश्यक व्यवस्था आचार्यों द्वारा की जाएगी

    अनुष्ठान की अवधि

    यह विशेष अनुष्ठान 3 या 5 दिनों में मंत्र जाप की संख्या एवं निर्धारित पूजा-विधि के अनुसार संपन्न कराया जा सकता है।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान शनि देव एवं भगवान मार्कण्डेय महादेव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह विस्तृत अनुष्ठान शनि ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक शांति, आर्थिक स्थिरता, करियर एवं व्यवसाय में उन्नति, संघर्षों से राहत तथा जीवन में स्थिरता की प्रार्थना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, समृद्धि, सुरक्षा, शांति एवं दीर्घायु की मंगलकामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹91,000₹95,0004% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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