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Pujari Ji

श्राद्ध पूजा

राम घाट, उज्जैन
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
श्राद्ध पूजा

यह पवित्र अनुष्ठान रामघाट, उज्जैन में पावन क्षिप्रा नदी के तट पर पूर्ण वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। भगवान महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में सम्पन्न यह पूजा विशेष रूप से पितृ दोष, पितरों की शांति, पारिवारिक अशांति, विवाह में विलंब, संतान संबंधी बाधाओं, आर्थिक रुकावटों एवं जीवन में बार-बार आने वाली समस्याओं के निवारण की मंगलकामना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

Duration

45 min – 2h

Best time

पूरा दिन

Starting price

₹5,100

लाभ

  • श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति एवं तृप्ति के लिए किया जाने वाला अत्यंत पवित्र वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।
  • यह पितृ दोष एवं पितृ ऋण के अशुभ प्रभावों की शांति प्राप्त करने में सहायक मानी जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति, समृद्धि, वंश की उन्नति एवं पारिवारिक सामंजस्य को बढ़ावा देने में लाभकारी होती है।
  • विवाह, संतान, स्वास्थ्य, करियर एवं आर्थिक उन्नति में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए यह पूजा शुभ मानी जाती है।
  • पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक संतोष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।

श्राद्ध पूजा

यह पवित्र श्राद्ध पूजा पावन रामघाट, उज्जैन में मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के तट पर अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराई जाती है। सनातन धर्म में श्राद्ध को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त करने का सर्वोच्च धार्मिक कर्तव्य माना गया है। इस अनुष्ठान के माध्यम से पितरों का तर्पण, पिंडदान एवं वैदिक मंत्रों के साथ उनकी आत्मा की शांति एवं सद्गति की मंगलकामना की जाती है।

प्राचीन धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल में इस पावन स्थल पर स्नान कर अपने पितरों का तर्पण किया था, जिसके कारण इस स्थान का नाम रामघाट पड़ा। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में स्थित यह पवित्र तीर्थ पितृ कर्म, तर्पण एवं श्राद्ध अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। क्षिप्रा नदी के तट पर श्रद्धापूर्वक किया गया श्राद्ध पितरों की तृप्ति एवं उनके आशीर्वाद की प्राप्ति का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है।

श्राद्ध पूजा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए लाभकारी मानी जाती है जो पितृ दोष, पारिवारिक अशांति, संतान प्राप्ति में बाधा, विवाह में विलंब, आर्थिक रुकावट, कार्यों में बार-बार विफलता, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं अथवा पूर्वजों से संबंधित अशुभ संकेतों का सामना कर रहे हों।

पूजा का प्रारम्भ वैदिक संकल्प के साथ किया जाता है। इसके पश्चात पितृ आवाहन, तर्पण, पिंडदान, वैदिक मंत्रोच्चार, ब्राह्मण पूजन एवं पितृ तृप्ति हेतु आवश्यक वैदिक विधियाँ सम्पन्न कराई जाती हैं। अंत में पितरों की शांति, परिवार के कल्याण, सुख-समृद्धि एवं वंश की उन्नति की मंगलकामना की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पवित्र अनुष्ठान में मुख्य रूप से पितृ देवताओं, भगवान श्री विष्णु का स्मरण एवं पूजन किया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रद्धापूर्वक सम्पन्न किया गया श्राद्ध पितरों की आत्मा को तृप्ति एवं शांति प्रदान करता है। पितरों के आशीर्वाद से परिवार में सुख, समृद्धि, वंशवृद्धि एवं मंगलकारी परिस्थितियों की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है। रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न श्राद्ध पूजा पितृ कर्मों के लिए अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है।

यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) में।
  • वार्षिक श्राद्ध (मृत्यु तिथि) पर।
  • अमावस्या एवं महालय अमावस्या के अवसर पर।
  • सूर्य संक्रांति के दिन।
  • ग्रहण काल के पश्चात।
  • पितृ दोष की शांति हेतु योग्य वैदिक आचार्य द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त में।

किन समस्याओं में यह पूजा करानी चाहिए?

  • पितृ दोष।
  • परिवार में लगातार अशांति।
  • संतान प्राप्ति में बाधा।
  • विवाह में विलंब।
  • आर्थिक उन्नति में रुकावट।
  • कार्यों में बार-बार विफलता।
  • बार-बार दुर्घटना अथवा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ।
  • पूर्वजों से संबंधित अशुभ स्वप्न अथवा मानसिक अशांति।

श्राद्ध पूजा के लाभ

  • पितरों की आत्मा की शांति एवं तृप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • पितृ दोष के अशुभ प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की जाती है।
  • संतान सुख एवं वंश की उन्नति की प्रार्थना की जाती है।
  • कार्यों में आने वाली बाधाओं के निवारण की कामना की जाती है।
  • मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान महाकाल एवं पितृ देवताओं की कृपा प्राप्त होने की प्रार्थना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

श्राद्ध पूजा केवल एक वैदिक कर्मकाण्ड नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त करने का दिव्य माध्यम है। यह अनुष्ठान व्यक्ति को अपनी पारिवारिक परंपराओं, संस्कारों एवं पितृ ऋण के प्रति जागरूक करता है तथा आध्यात्मिक संतुलन एवं आंतरिक शांति की भावना को सुदृढ़ करता है।

रामघाट, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर वैदिक मंत्रों एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान पितरों की सद्गति एवं उनके दिव्य आशीर्वाद की प्राप्ति का प्रभावशाली माध्यम माना जाता है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।

हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रों के अनुसार यह अनुष्ठान श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराते हैं।

विशेष जानकारी

  • यह पूजा रामघाट, उज्जैन में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराई जाती है।
  • सम्पूर्ण अनुष्ठान शास्त्रोक्त वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न होता है।
  • पूजा हेतु आवश्यक समस्त सामग्री हमारी ओर से उपलब्ध कराया जाता है।
  • संकल्प यजमान के नाम एवं गोत्र के अनुसार कराया जाता है।
  • आवश्यकता अनुसार पिंडदान, तर्पण एवं अन्य पितृ कर्म भी सम्पन्न कराए जाते हैं।

रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति, पितृ दोष की शांति, परिवार में सुख-समृद्धि, वंश की उन्नति, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना हेतु अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

पूजा स्थानउज्जैन

राम घाट

राम घाट

उज्जैन

पवित्र क्षिप्रा नदी के दिव्य तट पर स्थित राम घाट उज्जैन के सबसे प्रमुख, प्राचीन एवं पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। यह घाट सनातन धर्म के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आस्था, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के दौरान इस पवित्र क्षेत्र में आगमन किया था, जिसके कारण इस घाट का नाम राम घाट पड़ा।

उज्जैन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु सबसे पहले राम घाट पर स्नान, तर्पण एवं पूजा-अर्चना कर अपनी धार्मिक यात्रा का शुभारंभ करते हैं। क्षिप्रा नदी का यह पवित्र तट मोक्ष, पितृ तृप्ति, ग्रह शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

राम घाट का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्मग्रंथों एवं पुराणों में क्षिप्रा नदी को अत्यंत पवित्र एवं मोक्षदायिनी बताया गया है। राम घाट को उज्जैन के प्रमुख तीर्थस्थलों में विशेष स्थान प्राप्त है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां स्नान, दान, तर्पण एवं पूजा करने से—

  • पितरों को तृप्ति प्राप्त होती है।
  • पितृ दोष में शांति मिलती है।
  • ग्रह बाधाओं का निवारण होता है।
  • जीवन के पापों का क्षय होता है।
  • आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त होती है।
  • सुख, समृद्धि एवं मानसिक शांति प्राप्त होती है।
  • मोक्ष मार्ग की प्राप्ति का पुण्य मिलता है।

विशेष रूप से अमावस्या, पूर्णिमा, श्राद्ध पक्ष, सोमवती अमावस्या एवं सिंहस्थ महापर्व के दौरान राम घाट का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

राम घाट में होने वाले प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान

राम घाट पर प्रतिदिन अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।

प्रमुख पूजाएं एवं अनुष्ठान

  • पितृ तर्पण
  • पिंडदान
  • नारायणबली पूजा
  • त्रिपिंडी श्राद्ध
  • कालसर्प दोष शांति पूजा
  • नवग्रह शांति पूजा
  • महामृत्युंजय जाप
  • रुद्राभिषेक
  • क्षिप्रा दीपदान
  • संकल्प पूजा
  • ग्रह शांति हवन
  • पूर्वज मोक्ष अनुष्ठान
  • विशेष अमावस्या तर्पण

श्राद्ध पक्ष एवं अमावस्या के दिनों में यहां विशेष रूप से हजारों श्रद्धालु अपने पितरों की शांति हेतु धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।

राम घाट के प्रमुख पवित्र स्थल

मुख्य स्नान घाट

क्षिप्रा नदी के किनारे बना मुख्य घाट श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमुख केंद्र है। यहां स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

दीपदान स्थल

सायंकाल के समय श्रद्धालु क्षिप्रा नदी में दीप प्रवाहित कर सुख, समृद्धि एवं पितृ कृपा की कामना करते हैं। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी एवं आध्यात्मिक माना जाता है।

तर्पण एवं श्राद्ध क्षेत्र

राम घाट पर विशेष स्थान निर्धारित हैं जहां आचार्यों के मार्गदर्शन में पितृ तर्पण एवं पिंडदान अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं।

यज्ञ एवं हवन स्थल

यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विभिन्न ग्रह शांति एवं धार्मिक यज्ञ सम्पन्न होते हैं।

राम घाट में पूजा करवाने के लाभ

ऐसी मान्यता है कि राम घाट पर विधिपूर्वक पूजा एवं अनुष्ठान कराने से श्रद्धालुओं को अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं—

  • पितृ दोष से मुक्ति
  • पूर्वजों की कृपा प्राप्ति
  • ग्रह दोषों की शांति
  • मानसिक तनाव में कमी
  • परिवार में सुख एवं समृद्धि
  • स्वास्थ्य एवं आयु में वृद्धि
  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश
  • व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में उन्नति
  • आध्यात्मिक जागृति
  • मोक्ष प्राप्ति का पुण्य

विशेष रूप से पितृ दोष, कालसर्प दोष एवं पूर्वजों की अशांति से पीड़ित श्रद्धालुओं के लिए राम घाट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

राम घाट का आध्यात्मिक वातावरण

राम घाट का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र एवं भक्तिमय रहता है। प्रातःकालीन स्नान, वैदिक मंत्रोच्चार, संध्या आरती एवं दीपदान का दृश्य श्रद्धालुओं को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।

सायंकाल होने वाली क्षिप्रा महाआरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।

विशेष अवसरों पर यहां अत्यधिक भीड़ रहती है—

  • सिंहस्थ कुंभ
  • सोमवती अमावस्या
  • श्राद्ध पक्ष
  • पूर्णिमा
  • अमावस्या
  • श्रावण मास
  • महाशिवरात्रि
  • कार्तिक पूर्णिमा

राम घाट कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा, इंदौर है, जो उज्जैन से लगभग पचपन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

रेल मार्ग

उज्जैन जंक्शन देश के प्रमुख नगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, अहमदाबाद एवं भोपाल से सीधे जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग

उज्जैन राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से सुगमता से जुड़ा हुआ है। इंदौर, भोपाल, ओंकारेश्वर एवं अन्य प्रमुख नगरों से नियमित बस एवं किराये के वाहन उपलब्ध रहते हैं।

उज्जैन नगर के किसी भी भाग से राम घाट तक स्थानीय परिवहन आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

दर्शन एवं अनुष्ठान हेतु सर्वोत्तम समय

राम घाट वर्षभर दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खुला रहता है, किन्तु निम्न अवसर विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं—

  • अमावस्या
  • पूर्णिमा
  • श्राद्ध पक्ष
  • सोमवती अमावस्या
  • कार्तिक मास
  • श्रावण मास
  • महाशिवरात्रि

प्रातःकालीन समय स्नान, संकल्प एवं पूजा-अनुष्ठान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

निष्कर्ष: राम घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि श्रद्धा, पितृ तृप्ति, मोक्ष एवं आध्यात्मिक साधना का महान केंद्र है। पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित यह दिव्य तीर्थ श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति एवं पूर्वजों का आशीर्वाद प्रदान करने वाला अत्यंत पुण्यदायी स्थल माना जाता है। यहां सम्पन्न होने वाले वैदिक अनुष्ठान जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले माने जाते हैं।

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    यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान उज्जैन के पावन रामघाट पर मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के तट पर पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। सनातन परंपरा में रामघाट को पितृ तर्पण, श्राद्ध कर्म एवं पितृ दोष निवारण के लिए अत्यंत पुण्यदायी तीर्थ माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहाँ श्रद्धापूर्वक सम्पन्न श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की तृप्ति, सद्गति, पितृ दोष की शांति, पारिवारिक सुख-समृद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है।

    इस उन्नत पैकेज में 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा लगभग 45 मिनट से 2 घंटे में सम्पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्राद्ध पूजा सम्पन्न कराई जाती है।

    पूजा में शामिल प्रमुख अनुष्ठान

    • संकल्प
    • पितृदेव आवाहन
    • तर्पण
    • श्राद्ध कर्म
    • पिंडदान
    • आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पवित्र रामघाट, उज्जैन में सम्पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्राद्ध पूजा सम्पन्न कराई जाएगी।
    • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा यजमान के नाम, गोत्र एवं संकल्प के अनुसार सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाएगा।
    • पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था हमारी टीम द्वारा की जाएगी।
    • समय-समय पर पूजा की जानकारी एवं आवश्यक अपडेट्स प्रदान किए जाएंगे।

    आवश्यक जानकारी

    • संकल्प के लिए यजमान का नाम, गोत्र (यदि ज्ञात हो) आवश्यक होगा।
    • पितरों का नाम (यदि ज्ञात हो) उपलब्ध कराएँ।
    • मृत्यु तिथि (यदि उपलब्ध हो) साझा करें।
    • यदि आप स्वयं उपस्थित होंगे, तो निर्धारित समय पर रामघाट, उज्जैन पहुँचें।
    • पूजा के समय स्वच्छ एवं पारंपरिक वस्त्र धारण करना तथा श्रद्धा एवं सात्विक भाव बनाए रखना शुभ माना जाता है।

    रामघाट, उज्जैन में सम्पन्न यह श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की तृप्ति, सद्गति, पितृ दोष निवारण, पारिवारिक सुख-शांति, समृद्धि एवं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति हेतु अत्यंत पवित्र एवं पुण्यदायी वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
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  • श्रेष्ठ

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    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान उज्जैन के पावन रामघाट पर मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के तट पर पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। सनातन परंपरा में रामघाट को पितृ तर्पण, श्राद्ध कर्म एवं पितृ दोष निवारण के लिए अत्यंत पुण्यदायी तीर्थ माना गया है। यह विशेष श्राद्ध पूजा पितृ दोष शांति, पितरों की तृप्ति, पारिवारिक बाधाओं के निवारण, संतान सुख, मानसिक शांति एवं समृद्धि की कामना के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

    इस श्रेष्ठ पैकेज में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा लगभग 45 मिनट से 2 घंटे तक विस्तृत वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पूर्ण श्राद्ध पूजा सम्पन्न कराई जाती है।

    पूजा में शामिल प्रमुख अनुष्ठान

    • संकल्प
    • पितृदेव आवाहन
    • तर्पण
    • विस्तृत श्राद्ध कर्म
    • पिंडदान
    • पितृ सूक्त एवं वैदिक मंत्रोच्चार
    • आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पवित्र रामघाट, उज्जैन में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्राद्ध पूजा सम्पन्न कराई जाएगी।
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    • पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था हमारी टीम द्वारा की जाएगी।
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    आवश्यक जानकारी

    • संकल्प के लिए यजमान का नाम, गोत्र (यदि ज्ञात हो) आवश्यक होगा।
    • पितरों का नाम (यदि ज्ञात हो) उपलब्ध कराएँ।
    • मृत्यु तिथि (यदि उपलब्ध हो) साझा करें।
    • यदि आप स्वयं उपस्थित होंगे, तो निर्धारित समय पर रामघाट, उज्जैन पहुँचें।
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श्राद्ध पूजा के बारे में हमसे बात करें

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

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