“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

श्री सूक्त पूजा माँ महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने और जीवन में सुख-समृद्धि की मंगलकामना करने के उद्देश्य से सम्पन्न की जाती है। श्री सूक्त वैदिक परंपरा में प्रसिद्ध स्तुति है, जिसमें देवी के दिव्य स्वरूप, स्वर्णिम तेज, सौभाग्य और समृद्धि की प्रार्थना की गई है।
इस अनुष्ठान में श्री सूक्त का विधिवत पाठ, माँ महालक्ष्मी का पूजन, निर्धारित मंत्रों का जप और संकल्प के अनुसार हवन किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धापूर्वक किया गया यह अनुष्ठान भक्तों को आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक दृष्टिकोण और अपने परिवार तथा व्यवसाय के कल्याण के लिए प्रार्थना करने का अवसर प्रदान करता है।
यह पूजा व्यापारियों, उद्यमियों, व्यवसाय संचालकों और उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है, जो आर्थिक स्थिरता, कार्यों में प्रगति, पारिवारिक खुशहाली और समृद्ध भविष्य की मंगलकामना करते हैं।
Duration
4h – 5h
Best time
मुहूर्त अनुसार
Starting price
₹2,51,000
श्री सूक्त पूजा माँ महालक्ष्मी की आराधना का एक महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। श्री सूक्त ऋग्वैदिक परंपरा में प्रतिष्ठित स्तुति है, जिसमें माँ लक्ष्मी के दिव्य स्वरूप, धन-धान्य, ऐश्वर्य, सौभाग्य और मंगलकारी कृपा की प्रार्थना की जाती है।
सनातन धर्म में माँ महालक्ष्मी को धन, वैभव, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी माना जाता है। भक्त आर्थिक कठिनाइयों से उबरने, व्यापार एवं कार्यों में प्रगति, परिवार की खुशहाली और जीवन में शुभता की कामना से उनकी आराधना करते हैं।
इस अनुष्ठान में परंपरा और संकल्प के अनुसार श्री सूक्त का पाठ, माँ महालक्ष्मी का पूजन, मंत्र जप तथा हवन किया जा सकता है। हवन के दौरान वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियाँ अर्पित करके धन-धान्य, व्यापारिक उन्नति, पारिवारिक समृद्धि और जीवन में मंगल के लिए प्रार्थना की जाती है।
श्री सूक्त अनुष्ठान का विशेष पुरश्चरण विधान
इस अनुष्ठान के लिए निर्धारित संकल्प के अनुसार बारह हजार जप का विधान रखा जा सकता है। श्रद्धालु अपनी आवश्यकता, संकल्प और आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार अनुष्ठान की जप संख्या तथा अन्य विधियाँ निर्धारित कर सकते हैं।
पुरश्चरण की गणना, मंत्र जप, पूजन और हवन का स्वरूप संबंधित मंत्र परंपरा तथा आचार्य के निर्देशों के अनुसार तय किया जाना चाहिए। अनुष्ठान की अवधि भी निर्धारित विधि और जप संख्या के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
मुख्य देवी एवं धार्मिक महत्व
इस पूजा की प्रमुख आराध्य देवी माँ महालक्ष्मी हैं। श्री सूक्त में देवी के दिव्य स्वरूप, स्वर्णिम तेज, सौभाग्य, धन-धान्य और समृद्धि की स्तुति की गई है।
वैदिक परंपरा में श्री सूक्त का पाठ सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य और शुभता की मंगलकामना के लिए किया जाता है। भक्त माँ महालक्ष्मी से प्रार्थना करते हैं कि उनके घर-परिवार में सद्भाव, आर्थिक स्थिरता, कार्यों में प्रगति और सकारात्मक वातावरण बना रहे।
शुभ मुहूर्त – श्री सूक्त पूजा कब करानी चाहिए?
श्री सूक्त पूजा विभिन्न शुभ अवसरों पर कराई जा सकती हैः
शुभ मुहूर्त का निर्धारण पंचांग, स्थानीय समय और वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार किया जा सकता है।
किन परिस्थितियों में श्री सूक्त पूजा करानी चाहिए?
प्रमुख मंत्र
1. श्री सूक्त का प्रारंभिक मंत्र
हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
2. माँ महालक्ष्मी का मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
3. लक्ष्मी प्रार्थना मंत्र
नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।
शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥
इन मंत्रों का पाठ और जप आचार्य के मार्गदर्शन में निर्धारित विधि के अनुसार किया जा सकता है।
श्री सूक्त पूजा के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्री सूक्त पूजा माँ महालक्ष्मी की कृपा और जीवन में मंगल की कामना के लिए की जाती है।
इन लाभों को धार्मिक आस्था और परंपरागत मान्यताओं के संदर्भ में समझना चाहिए। पूजा को निश्चित आर्थिक लाभ या व्यापारिक सफलता की गारंटी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
श्री सूक्त पूजा की विधि एवं प्रमुख अनुष्ठान
श्री सूक्त पूजा का आयोजन निर्धारित संकल्प, पूजा पद्धति और श्रद्धालु की आवश्यकता के अनुसार किया जा सकता है।
विशेष जानकारी
माँ महालक्ष्मी की आराधना के इस विशेष वैदिक अनुष्ठान को श्रद्धा एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराने के लिए पूजारिजी.कॉम से संपर्क करें। अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूजा का आयोजन कराकर सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना करें।
9 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
श्री सूक्त पूजा माँ महालक्ष्मी की आराधना का एक महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पूजा धन-धान्य, सुख-समृद्धि, सौभाग्य तथा व्यापार-व्यवसाय में उन्नति की मंगलकामना से की जाती है। इस सात दिवसीय अनुष्ठान में 9 अनुभवी वैदिक ब्राह्मणों द्वारा श्री सूक्त पाठ, यंत्र पूजन, यंत्र आवरण पूजा, लक्ष्मी सहस्रनाम अर्चन तथा विशेष हवन निर्धारित विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
यजमान की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं
मुहूर्त एवं अनुष्ठान संबंधी जानकारी
अनुष्ठान की शुभ तिथि, प्रारंभ का समय एवं आवश्यक धार्मिक विधानों का निर्धारण पंचांग और योग्य वैदिक आचार्य के परामर्श से किया जाएगा। अनुष्ठान से पहले पाठ की संख्या, पूजा सामग्री, आवास, भोजन, यात्रा तथा अन्य व्यवस्थाओं की पुष्टि करना उचित रहेगा।
विशेष सूचना
यह सात दिवसीय वैदिक अनुष्ठान माँ महालक्ष्मी की कृपा, धन-धान्य, सुख-समृद्धि, सौभाग्य तथा व्यापार-व्यवसाय में उन्नति की मंगलकामना से किया जाता है। पूजा सामग्री, आवास, भोजन, फलाहार, यात्रा तथा अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी यजमान की ओर से रहेगी। अनुष्ठान की अंतिम रूपरेखा योग्य वैदिक आचार्यों के परामर्श से निर्धारित की जाएगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धापूर्वक किए गए श्री सूक्त पाठ, यंत्र पूजन एवं हवन के माध्यम से माँ महालक्ष्मी की कृपा, जीवन में शुभता, आर्थिक स्थिरता, समृद्धि एवं सुख-शांति की मंगलकामना की जाती है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
18 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
श्री सूक्त पूजा माँ महालक्ष्मी की आराधना का एक महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। इस विशेष अनुष्ठान में माँ महालक्ष्मी की कृपा, धन-धान्य, सुख-समृद्धि, सौभाग्य तथा व्यापार-व्यवसाय की उन्नति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
इस श्रेष्ठ अनुष्ठान में 18 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा 7 दिनों तक 6,100 श्री सूक्त पाठ संपन्न किए जाते हैं। इसमें यंत्र पूजन, यंत्र आवरण पूजा, लक्ष्मी सहस्रनाम अर्चन, अग्नि पूजन तथा विशेष हवन सम्मिलित हैं। संपूर्ण अनुष्ठान धार्मिक परंपराओं, निर्धारित विधि-विधान एवं यजमान के संकल्प के अनुसार संपन्न कराया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
अनुष्ठान की अवधि एवं आवश्यक व्यवस्थाएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ महालक्ष्मी की आराधना, श्री सूक्त पाठ, यंत्र पूजन एवं विशेष हवन के माध्यम से धन-धान्य, सौभाग्य, सुख-समृद्धि, व्यापारिक उन्नति तथा पारिवारिक शांति की मंगलकामना की जाती है। श्रद्धापूर्वक संपन्न यह सात दिवसीय वैदिक अनुष्ठान जीवन में शुभता, सकारात्मकता एवं माँ महालक्ष्मी के आशीर्वाद की प्रार्थना का एक विशेष माध्यम है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
25 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
श्री सूक्त पूजा माँ महालक्ष्मी की आराधना का एक महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। इस पूजा में श्री सूक्त पाठ, यंत्र पूजन, यंत्र आवरण पूजा एवं विशेष हवन के माध्यम से धन-धान्य, ऐश्वर्य, सौभाग्य, सुख-समृद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।
इस विशिष्ट पैकेज के अंतर्गत 25 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा 9 दिनों तक विस्तृत वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा। इसमें 12,000 श्री सूक्त पाठ, लक्ष्मी सहस्रनाम अर्चन, यंत्र पूजन, यंत्र आवरण पूजा तथा अग्नि पूजन एवं विशेष हवन सम्मिलित हैं। यह अनुष्ठान माँ महालक्ष्मी की कृपा, व्यापार एवं व्यवसाय की उन्नति, आर्थिक स्थिरता तथा परिवार में सुख-शांति की कामना से किया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
यजमान की ओर से की जाने वाली व्यवस्थाएं
अनुष्ठान की विस्तृत विधि, सामग्री की सूची तथा यजमान की ओर से की जाने वाली व्यवस्थाओं का अंतिम निर्धारण योग्य आचार्य के परामर्श से किया जाएगा।
अनुष्ठान की अवधि
यह विस्तृत वैदिक अनुष्ठान 9 दिनों तक संपन्न कराया जाएगा। शुभ मुहूर्त, प्रारंभ तिथि एवं अनुष्ठान के विस्तृत क्रम का निर्धारण पंचांग तथा योग्य वैदिक आचार्य के परामर्श के अनुसार किया जाएगा।
आवश्यक सूचना
यह विशिष्ट अनुष्ठान 25 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा 12,000 श्री सूक्त पाठ, यंत्र पूजन, यंत्र आवरण पूजा एवं विशेष हवन सहित संपन्न कराया जाएगा। पूजा सामग्री, आवास, भोजन, फलाहार, यात्रा तथा अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां अनुष्ठान से पूर्व स्पष्ट कर लेना उचित रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्री सूक्त पूजा एवं महालक्ष्मी विशेष हवन माँ महालक्ष्मी की कृपा, धन-धान्य, ऐश्वर्य, सौभाग्य एवं समृद्धि की मंगलकामना से संपन्न किया जाता है। श्रद्धापूर्वक किए गए मंत्र पाठ, यंत्र पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से परिवार, व्यापार तथा जीवन में सुख-शांति, स्थिरता, सकारात्मकता और आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना की जाती है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, दर्भा, कलश, पान के पत्ते, सुपारी, समिधा, पूजन द्रव्य, वस्त्र, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, थाली, प्रसाद, फोटो, हवन कुंड आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
श्री सूक्त पाठ के बारे में हमसे बात करें
WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।