“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

शुक्र आदित्य संधि शांति पूजा शुक्र एवं आदित्य अर्थात सूर्य से संबंधित ज्योतिषीय प्रभावों की शांति के लिए सम्पन्न किया जाने वाला विशेष ग्रह शांति अनुष्ठान है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शुक्र सुख-सुविधा, वैवाहिक जीवन, प्रेम, सौंदर्य एवं समृद्धि से संबंधित माना जाता है, जबकि सूर्य आत्मबल, स्वास्थ्य, सम्मान, प्रतिष्ठा एवं नेतृत्व का कारक माना जाता है।
इन ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति अथवा अशुभ प्रभावों की शांति, ग्रहों की अनुकूलता तथा जीवन में सुख एवं शुभता की मंगलकामना से यह पूजा कराई जाती है। महामृत्युंजय मंदिर, वाराणसी में भगवान शिव के पावन सान्निध्य में सम्पन्न होने के कारण यह अनुष्ठान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है।
Duration
2h – 3h
Best time
किसी भी समय
Starting price
₹18,000
महामृत्युंजय मंदिर, वाराणसी भगवान शिव की आराधना का एक श्रद्धेय धार्मिक स्थल है। काशी की पावन भूमि पर भगवान महामृत्युंजय महादेव की उपासना के साथ ग्रह शांति अनुष्ठान सम्पन्न करना धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
ज्योतिषीय परंपरा में शुक्र को भौतिक सुख, वैवाहिक संबंध, प्रेम, कला, सौंदर्य एवं ऐश्वर्य से तथा सूर्य को आत्मबल, स्वास्थ्य, प्रतिष्ठा, अधिकार एवं नेतृत्व से संबंधित माना गया है। जन्म कुंडली में इन ग्रहों से संबंधित प्रतिकूल स्थितियों के होने पर उनके अशुभ प्रभावों की शांति की प्रार्थना के लिए शुक्र आदित्य संधि शांति पूजा कराई जा सकती है।
इस अनुष्ठान में ग्रह देवताओं की आराधना, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से जीवन में सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि, सम्मान एवं पारिवारिक शांति की मंगलकामना की जाती है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस पूजा में निम्न देवताओं की विधिपूर्वक आराधना की जाती हैः
भगवान शिव की आराधना आध्यात्मिक शांति एवं कल्याण की प्रार्थना से जुड़ी है। सूर्य देव को आत्मबल, स्वास्थ्य, तेज, सम्मान एवं प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है। शुक्र देव को सुख, प्रेम, वैवाहिक जीवन, सौंदर्य एवं समृद्धि से संबंधित माना जाता है। इसलिए दोनों ग्रहों की उपासना उनके शुभ प्रभावों की मंगलकामना के लिए की जाती है।
मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?
किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?
मुख्य मंत्र
ॐ शुं शुक्राय नमः॥
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
पूजा के लाभ
धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अनुष्ठान के माध्यम से निम्न मंगलकामनाएँ की जाती हैंः
आध्यात्मिक महत्व
महामृत्युंजय मंदिर, वाराणसी भगवान शिव की आराधना से जुड़ा पवित्र धार्मिक स्थल है। काशी की आध्यात्मिक भूमि पर भगवान महामृत्युंजय महादेव के सान्निध्य में ग्रह शांति अनुष्ठान सम्पन्न करना श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व रखता है।
शुक्र एवं सूर्य की आराधना के माध्यम से श्रद्धालु सुख, स्वास्थ्य, सम्मान, समृद्धि एवं आत्मबल की मंगलकामना करते हैं। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति अनुष्ठान के धार्मिक पक्ष को पूर्णता प्रदान करते हैं तथा श्रद्धालु अपने संकल्प एवं श्रद्धा के साथ भगवान से कल्याण की प्रार्थना करते हैं।
विशेष जानकारी
शुक्र एवं आदित्य देव की कृपा तथा मृत्युंजय महादेव के आशीर्वाद से सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि, सम्मान, पारिवारिक शांति एवं विशेष मनोकामना की पूर्ति की मंगलकामना से यह विशेष शांति अनुष्ठान श्रद्धापूर्वक एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया जाता है।

वाराणसी
महा मृत्युंजय मंदिर वाराणसी भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और अत्यंत पवित्र स्थल है। इस मंदिर का विशेष महत्व आयु, स्वास्थ्य और अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए माना जाता है। यहाँ नियमित रूप से महा मृत्युंजय जाप, रुद्राभिषेक और हवन जैसे शक्तिशाली अनुष्ठान किए जाते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है और यहाँ स्थित पवित्र कुंड का जल औषधीय गुणों से भरपूर है। भक्त यहाँ जीवन की बाधाओं, रोगों और भय से मुक्ति पाने के लिए आते हैं। यही कारण है कि यह मंदिर आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
पावन महामृत्युंजय मंदिर, वाराणसी के मंदिर परिसर में 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शुक्र आदित्य संधि शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाएगी। यह विशेष अनुष्ठान शुक्र एवं सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति तथा वैवाहिक सुख, स्वास्थ्य, सम्मान, सुख-समृद्धि एवं विशेष मनोकामना की मंगलकामना से किया जाता है। इसमें शुक्र ग्रह के 2,000 मंत्र जाप, सूर्य ग्रह के 700 मंत्र जाप तथा नवग्रह, महामृत्युंजय एवं शुक्र आदित्य हवन सम्मिलित हैं।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
महामृत्युंजय मंदिर, वाराणसी में संपन्न यह विशेष शुक्र आदित्य संधि शांति अनुष्ठान शुक्र एवं सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति तथा सुख, स्वास्थ्य, वैवाहिक सौहार्द, समृद्धि, सम्मान एवं विशेष मनोकामना के लिए श्रद्धापूर्वक किया जाता है। ग्रह पूजन, निर्धारित मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान और परिवार के मंगल एवं कल्याण की प्रार्थना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
9 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
पावन महामृत्युंजय मंदिर, वाराणसी के मंदिर परिसर में 9 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शुक्र आदित्य संधि शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराई जाएगी। इस विशेष अनुष्ठान में शुक्र ग्रह के 16000 मंत्र जाप एवं सूर्य ग्रह के 7,000 मंत्र जाप के साथ नवग्रह हवन, महामृत्युंजय हवन तथा शुक्र आदित्य हवन किया जाएगा। यह अनुष्ठान शुक्र एवं सूर्य से संबंधित ग्रह प्रभावों की शांति तथा सुख, स्वास्थ्य, वैवाहिक सुख, समृद्धि, सम्मान एवं विशेष मनोकामना की मंगलकामना से कराया जाता है।
महामृत्युंजय मंदिर, वाराणसी में संपन्न यह विशेष शुक्र आदित्य संधि शांति अनुष्ठान शुक्र एवं सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति तथा जीवन में सुख, स्वास्थ्य, वैवाहिक सुख, समृद्धि, सम्मान एवं मंगल की कामना से श्रद्धापूर्वक किया जाता है। नवग्रह पूजन, निर्धारित मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में शांति, संतुलन एवं कल्याण की मंगलकामना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
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