“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

शुक्र ग्रह शांति पूजा शुक्र ग्रह से संबंधित ज्योतिषीय प्रभावों की शांति के लिए सम्पन्न की जाती है। वैदिक ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, विवाह, दांपत्य सुख, सौंदर्य, कला, ऐश्वर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना गया है। जन्मकुंडली में शुक्र के पीड़ित या प्रतिकूल होने पर श्रद्धालु ग्रह शांति और जीवन में शुभता की मंगलकामना से यह अनुष्ठान कराते हैं।
मार्कण्डेय महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन एवं पूजनीय तीर्थ माना जाता है। इस पावन स्थल पर भगवान मार्कण्डेय महादेव की आराधना के साथ शुक्र देव तथा अन्य संबंधित देवताओं की पूजा करके सुख, समृद्धि, दांपत्य सौहार्द और आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना की जाती है।
Duration
3h – 4h
Best time
सुबह
Starting price
₹9,100
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, वाराणसी भगवान शिव के मार्कण्डेय स्वरूप को समर्पित एक प्राचीन एवं धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण मंदिर माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान मार्कण्डेय महादेव की आराधना आयु, आरोग्य, आध्यात्मिक शक्ति तथा संकटों से संरक्षण की मंगलकामना के लिए की जाती है।
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, विवाह, दांपत्य जीवन, सौंदर्य, कला, आकर्षण, धन, ऐश्वर्य और सुख-सुविधाओं का कारक माना गया है। जब जन्मकुंडली में शुक्र प्रतिकूल, पीड़ित अथवा दुर्बल स्थिति में हो, तब ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार विवाह, दांपत्य संबंध, आर्थिक स्थिति तथा सुख-सुविधाओं से संबंधित चुनौतियों की संभावना मानी जाती है। ऐसे ग्रह प्रभावों की शांति के लिए शुक्र ग्रह शांति पूजा सम्पन्न की जाती है।
इस अनुष्ठान में भगवान गणेश का पूजन, संकल्प, शुक्र देव की आराधना, नवग्रह पूजन, भगवान शिव की उपासना, वैदिक मंत्र जाप, हवन तथा पूर्णाहुति आदि विधियाँ सम्मिलित की जा सकती हैं।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस पूजा में मुख्य रूप से निम्न देवताओं की आराधना की जाती हैः
धार्मिक मान्यता के अनुसार शुक्र देव की आराधना से प्रेम, दांपत्य सुख, सौंदर्य, कला, ऐश्वर्य और समृद्धि की मंगलकामना की जाती है। माता महालक्ष्मी की उपासना धन एवं समृद्धि के लिए तथा भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना संरक्षण, संतुलन और आध्यात्मिक कल्याण के लिए की जाती है।
शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?
किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?
प्रमुख मंत्र
पूजा के लाभ
आध्यात्मिक महत्व
मार्कण्डेय महादेव मंदिर में सम्पन्न शुक्र ग्रह शांति पूजा ग्रह शांति के साथ भगवान शिव की आराधना और आध्यात्मिक साधना से जुड़ा एक पवित्र अनुष्ठान है। शुक्र ग्रह से संबंधित पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसकी पूजा प्रेम, दांपत्य सुख, सौंदर्य, समृद्धि और जीवन में संतुलन की मंगलकामना के लिए की जाती है।
भगवान मार्कण्डेय महादेव के पावन सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार, संकल्प, देव आराधना, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से श्रद्धालु जीवन में शुभता, शांति और आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना करते हैं।
विशेष जानकारी
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, वाराणसी में सम्पन्न होने वाली शुक्र ग्रह शांति पूजा केवल ग्रह दोष निवारण का अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान शिव की कृपा से जीवन में संतुलन, प्रेम, सुख-समृद्धि एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना करने का दिव्य माध्यम भी है। यह पवित्र अनुष्ठान व्यक्ति को भौतिक एवं आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करने में सहायक माना जाता है।

वाराणसी
मार्कंडेय महादेव मंदिर वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत कैथी गाँव में गंगा–गोमती संगम पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन, पौराणिक और सिद्ध शिवधाम है।
यह मंदिर विशेष रूप से संतान प्राप्ति, अकाल मृत्यु भय निवारण, गंभीर रोग शांति तथा कष्ट मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।
मंदिर का इतिहास
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह स्थान ऋषि मार्कंडेय की तपोभूमि है। अल्पायु होने के कारण जब यमराज उनके प्राण हरने आए, तब ऋषि मार्कंडेय ने यहीं शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की घोर तपस्या की।
भगवान शिव प्रकट हुए, यमराज को रोका और ऋषि मार्कंडेय को अमरता का वरदान प्रदान किया। इसी कारण यह स्थल मार्कंडेय महादेव तथा महामृत्युंजय मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसका उल्लेख मार्कंडेय पुराण में भी मिलता है।
पौराणिक एवं धार्मिक महत्व
यह धाम महामृत्युंजय स्वरूप में भगवान शिव की आराधना का प्रमुख केंद्र है।
मान्यता है कि यहाँ पूजा करने से—
सावन मास, प्रदोष और त्रयोदशी तिथि पर यहाँ विशेष भीड़ रहती है।
यह स्थल पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में गिना जाता है और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के तुल्य प्रभावशाली माना जाता है।
यहाँ होने वाली प्रमुख पूजाएँ
पुजारी जी के माध्यम से या स्थल पर निम्न पूजाएँ कराई जाती हैंः
संतान प्राप्ति विशेष पूजा
महामृत्युंजय पूजा
शिव रुद्राभिषेक
अन्य पूजाएँ
प्रमुख मंत्र (श्रद्धालुओं हेतु)
महामृत्युंजय मंत्रः
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥
संतान गोपाल मंत्रः
ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥
कैसे पहुँचे?
श्रद्धालुओं के लिए विशेष
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, वाराणसी में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शुक्र ग्रह शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान लगभग 2.5 से 3 घंटे में संपन्न होता है। इसमें शुक्र दोष, शुक्र महादशा, अंतर्दशा एवं गोचर से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है। यह अनुष्ठान वैवाहिक सुख, प्रेम, आर्थिक समृद्धि, ऐश्वर्य, आकर्षण एवं मानसिक शांति की मंगलकामना से किया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
अनुष्ठान की अवधि
यह वैदिक अनुष्ठान लगभग 2.5 से 3 घंटे में संपन्न कराया जाता है।
आवश्यक जानकारी
भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं शुक्र देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह अनुष्ठान शुक्र ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन तथा जीवन में प्रेम, वैवाहिक सुख, मानसिक शांति, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्रार्थना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, संतुलन और सकारात्मकता की मंगलकामना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
श्रेष्ठ पैकेज के अंतर्गत मार्कण्डेय महादेव मंदिर, वाराणसी में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शुक्र ग्रह शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न होता है। इसमें शुक्र दोष, विवाह में विलंब, दांपत्य जीवन में तनाव, प्रेम संबंधों में बाधा, आर्थिक अस्थिरता तथा भौतिक सुखों से संबंधित कठिनाइयों की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अनुष्ठान शुक्र देव की कृपा, वैवाहिक सुख, प्रेम, समृद्धि, ऐश्वर्य एवं मानसिक शांति की मंगलकामना से किया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
अनुष्ठान की अवधि
यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न कराया जाता है।
आवश्यक जानकारी
भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं शुक्र देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान शुक्र ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, वैवाहिक सुख, प्रेम, समृद्धि, ऐश्वर्य एवं मानसिक शांति के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, सामंजस्य, स्थिरता और सकारात्मकता की मंगलकामना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
7 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
विशिष्ट पैकेज के अंतर्गत मार्कण्डेय महादेव मंदिर, वाराणसी में 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शुक्र ग्रह शांति पूजा एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह पवित्र अनुष्ठान लगभग 4 से 5 घंटे में संपन्न होता है। इसमें शुक्र दोष, विवाह में विलंब, दांपत्य जीवन में तनाव, प्रेम संबंधों में बाधा, आर्थिक अस्थिरता तथा भौतिक सुख-सुविधाओं से संबंधित कठिनाइयों की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है।
इस अनुष्ठान में शुक्र देव की कृपा प्राप्ति के लिए शुक्र वैदिक मंत्र का 16,000 जप शास्त्रोक्त विधि से कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अनुष्ठान वैवाहिक सुख, प्रेम, समृद्धि, ऐश्वर्य एवं जीवन में सकारात्मकता की मंगलकामना के लिए किया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
अनुष्ठान की अवधि
यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 4 से 5 घंटे में संपन्न कराया जाता है।
आवश्यक जानकारी
भगवान मार्कण्डेय महादेव, शुक्र देव, भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता महालक्ष्मी की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान शुक्र ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, प्रेम एवं वैवाहिक जीवन में सुख-शांति, आर्थिक स्थिरता, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्रार्थना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और मंगल की कामना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
31 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
दिव्य पैकेज के अंतर्गत मार्कण्डेय महादेव मंदिर, वाराणसी में 31 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शुक्र ग्रह शांति पूजा एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह विस्तृत अनुष्ठान 3 या 5 दिनों में निर्धारित विधि के अनुसार संपन्न कराया जा सकता है।
इस पवित्र अनुष्ठान में शुक्र वैदिक मंत्र का 64,000 जप कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कलियुग में वैदिक मंत्रों के अधिक जप का विशेष महत्व माना जाता है। यह पूजा शुक्र ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति, विवाह एवं दांपत्य जीवन में आने वाली बाधाओं, प्रेम संबंधों से जुड़ी समस्याओं तथा आर्थिक अस्थिरता से राहत की मंगलकामना के लिए की जाती है। विशेष रूप से शुक्र दोष, विवाह में विलंब, दांपत्य तनाव, प्रेम संबंधों में बाधा, आर्थिक अस्थिरता अथवा भौतिक सुख-सुविधाओं से संबंधित चिंताओं के लिए यह अनुष्ठान किया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
अनुष्ठान की अवधि
यह विशेष अनुष्ठान 3 या 5 दिनों में, मंत्र जाप की संख्या एवं निर्धारित पूजा-विधि के अनुसार संपन्न कराया जा सकता है।
आवश्यक जानकारी
भगवान मार्कण्डेय महादेव एवं शुक्र देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह विशेष अनुष्ठान शुक्र ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, वैवाहिक सुख, दांपत्य सामंजस्य, प्रेम संबंधों में सकारात्मकता, आर्थिक स्थिरता एवं जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में समृद्धि, सौहार्द, ऐश्वर्य और सकारात्मकता की मंगलकामना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।