“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

त्रिपिंडी श्राद्ध उन पितरों के लिए किया जाता है, जिन्हें किसी कारणवश शांति नहीं मिल पाई हो। यह अनुष्ठान पितृ दोष को दूर कर जीवन में सुख, समृद्धि और स्थिरता लाता है।
Duration
2h – 3h
Starting price
₹15,000
त्रिपिंडी श्राद्ध का महत्त्व पितरों की आत्मा की शांति, तृप्ति और मोक्ष प्राप्ति में निहित है। यह श्राद्ध उन पूर्वजों के लिए विशेष रूप से किया जाता है जिनका विधिपूर्वक श्राद्ध या तर्पण नहीं हुआ हो या जो प्रेत योनि में भटक रहे हों।
त्रिपिंडी श्राद्ध का प्रमुख महत्त्वः
• पितरों की तृप्तिः इस श्राद्ध से पितरों की आत्मा संतुष्ट होती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
• पितृ दोष निवारणः जिन परिवारों में पितृ दोष होता है, उनके लिए त्रिपिंडी श्राद्ध अति आवश्यक माना जाता है। इससे पितृ दोष दूर होता है।
• कुल की उन्नतिः पितरों की कृपा से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
• अवांछित बाधाओं का नाशः यह श्राद्ध जीवन में आ रही रुकावटें, आर्थिक समस्याएँ और अन्य बाधाओं को दूर करता है।
• आत्मिक शांतिः इस कर्म से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वे अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।
त्रिपिंडी श्राद्ध के माध्यम से व्यक्ति अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करता है।
विशेष निर्देश – पूजा के वस्त्र के बारे में
पूजा के समय नए वस्त्र पहनना अनिवार्य है
पूजा पूर्ण होने के बाद, ये वस्त्र वहीं मंदिर में छोड़ना होता है
यह नियम सभी के लिए है — महिला एवं पुरुष दोनों
अतः पूजा में आने से पहले नए कपड़े साथ अवश्य लाएँ और पूजा के दौरान उन्हें ही धारण करें

गया
धर्मारण्य तीर्थ, गया — पितृ मोक्ष का पवित्र स्थल
धर्मारण्य तीर्थ, गया के गया-बोधगया क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत पवित्र पितृ तीर्थ है। यहाँ पितृ शांति, पितृदोष निवारण, पूर्वजों की आत्मा की मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति हेतु पिंडदान, तर्पण एवं त्रिपिंडी श्राद्ध अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।
पौराणिक कथा एवं महत्व
महाभारत काल की कथा
मान्यता है कि महाभारत युद्ध के पश्चात धर्मराज युधिष्ठिर ने धर्मारण्य वेदी पर यज्ञ, पिंडदान और श्राद्ध कर गुरु-ब्रह्म दोष एवं पितृदोष से मुक्ति प्राप्त की थी।
धार्मिक मान्यता
धर्मारण्य “पंचतीर्थ वेदी” का एक भाग माना जाता है। यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध (तीन पीढ़ियों की शांति हेतु) और पिंडदान करने से पितरों को शांति का मार्ग तथा साधक को मनोकामना-पूर्ति का फल मिलता है।
विशेष स्थल
यहाँ अरहट कूप और यज्ञकूप स्थित हैं, जहाँ पिंड सामग्री, जौ, तिल, चावल और नारियल का विधिपूर्वक विसर्जन किया जाता है।
मुख्य पूजा-अनुष्ठान
तर्पण् सबसे पहले श्रद्धालु फल्गु नदी के तट पर तिल-जल से तर्पण करते हैं, जिससे पूर्वजों की आत्मा को जल अर्पित कर तृप्ति प्रदान की जाती है।
पिंडदान एवं त्रिपिंडी श्राद्ध
पंडितों के मार्गदर्शन में धर्मारण्य वेदी पर जौ, चावल, तिल, गुड़ आदि से बने पिंड अर्पित किए जाते हैं।
त्रिपिंडी श्राद्ध में पिता, पितामह और प्रपितामह के लिए विशेष पिंड विधान किया जाता है।
हवन एवं विसर्जन
पिंडदान के उपरांत यज्ञकूप/अरहट कूप में पिंड सामग्री एवं नारियल का विसर्जन किया जाता है, जिससे पितृदोष, प्रेतबाधा और गुरु-दोष शांत होने का विश्वास है।
मंत्र एवं विधि
ब्राह्मण पंडित वैदिक मंत्र (पितृसूक्त आदि) का जाप कर क्रमबद्ध रूप से तर्पण, पिंडदान और हवन संपन्न कराते हैं।
अनुष्ठानों के लाभ
पुजारी जी द्वारा उपलब्ध सेवाएँ
पुजारी जी द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली पूजा सामग्री
हम शास्त्रसम्मत एवं शुद्ध सामग्री की संपूर्ण व्यवस्था करते हैं, जिसमें शामिल हैं—
सभी सामग्री वैदिक नियमों के अनुसार व्यवस्थित की जाती है।
ऑन-साइट एवं ऑनलाइन सुविधा
पुजारी जी से अपनी सेवा बुक करें
हम आपकी श्रद्धा-यात्रा को विधिपूर्वक, पवित्र और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराते हैं, ताकि आपके पितरों को शांति मिले और आपके जीवन में सहज समृद्धि एवं संतुलन आए।
श्रद्धा आपकी, सेवा हमारी
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 3 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो पितृ शांति एवं पिंडदान अनुष्ठान को पवित्र तीर्थ क्षेत्र में विधि-विधान से सम्पन्न करने के लिए किया जाता है।
पूजा की अवधि लगभग 3 से 4 घंटे होती है।
पूजा प्रक्रिया:
2 वस्तुएँ शामिल
त्रिपिंडी श्राद्ध के बारे में हमसे बात करें
WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।