“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

माँ मंगला गौरी मंदिर, वाराणसी में विवाह पूजा एवं विवाह संस्कार उन विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए विशेष धार्मिक अवसर है, जो अपने विवाह का शुभारंभ देवी के पावन सान्निध्य में करना चाहते हैं। माता मंगला गौरी को माता पार्वती के मंगलमय स्वरूप के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।
विवाह संस्कार से पूर्व भगवान गणेश का पूजन, माँ मंगला गौरी की आराधना तथा वैदिक संकल्प किया जाता है। इसके पश्चात वैदिक आचार्यों द्वारा परंपरागत विवाह विधियों के अनुसार विवाह संस्कार सम्पन्न कराया जाता है। वर-वधू अपने परिवार एवं परिजनों की उपस्थिति में धार्मिक रीति से विवाह कर सकते हैं तथा अपने वैवाहिक जीवन के लिए सुख, प्रेम, समृद्धि, सामंजस्य एवं मंगल की प्रार्थना कर सकते हैं।
Duration
2h – 2h 30m
Best time
मुहूर्त अनुसार
Starting price
₹11,000
माँ मंगला गौरी मंदिर वाराणसी का एक प्राचीन एवं पूजनीय देवी मंदिर माना जाता है। माता मंगला गौरी की आराधना सौभाग्य, वैवाहिक सुख, पारिवारिक मंगल एवं समृद्धि की मंगलकामना के लिए की जाती है। देवी के पावन सान्निध्य में विवाह संस्कार सम्पन्न करना श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
विवाह पूजा एवं विवाह संस्कार का उद्देश्य वर-वधू को वैदिक परंपरा के अनुसार विवाह बंधन में प्रवेश कराना तथा उनके भावी दांपत्य जीवन के लिए मंगलकामना करना है। विवाह से पहले गणेश पूजन, देवी आराधना एवं संकल्प के माध्यम से अनुष्ठान का शुभारंभ किया जाता है। इसके पश्चात निर्धारित वैदिक विधियों के अनुसार विवाह संस्कार सम्पन्न कराया जाता है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
विवाह पूजा के दौरान प्रमुख रूप से निम्न देवताओं की आराधना की जाती हैः
माता मंगला गौरी को माता पार्वती के मंगलमय स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार देवी की आराधना से दांपत्य सुख, सौभाग्य, पारिवारिक शांति एवं मंगलमय जीवन की प्रार्थना की जाती है।
भगवान गणेश का पूजन विवाह संस्कार के प्रारंभ में विघ्नों की शांति एवं शुभारंभ की मंगलकामना के लिए किया जाता है। भगवान शिव एवं माता पार्वती का स्मरण वर-वधू के दांपत्य जीवन में प्रेम, समर्पण एवं सामंजस्य की प्रार्थना के साथ किया जाता है।
शुभ मुहूर्त / विवाह पूजा कब करानी चाहिए?
विवाह संस्कार के लिए तिथि एवं समय का निर्धारण वैदिक परंपरा तथा ज्योतिषीय विचार के अनुसार किया जा सकता है।
विवाह की तिथि एवं समय निर्धारित करने से पहले वर-वधू के जन्म विवरण के आधार पर आवश्यक ज्योतिषीय विचार कराया जा सकता है।
किन परिस्थितियों में यह विवाह संस्कार कराया जा सकता है?
प्रमुख मंत्र
विवाह पूजा एवं संस्कार के दौरान परंपरा तथा आचार्य के निर्देशानुसार वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया जाता है।
विवाह पूजा एवं विवाह संस्कार के लाभ
आध्यात्मिक महत्व
माँ मंगला गौरी मंदिर में विवाह संस्कार सम्पन्न कराना धार्मिक श्रद्धा एवं वैदिक परंपरा से जुड़ा विशेष अवसर माना जाता है। माता मंगला गौरी की आराधना के माध्यम से वर-वधू अपने दांपत्य जीवन के लिए प्रेम, सौहार्द, सौभाग्य एवं मंगल की प्रार्थना करते हैं।
विवाह संस्कार केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि वैदिक परंपरा में दो परिवारों एवं जीवन मूल्यों के मिलन का भी महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। मंत्रोच्चार, संकल्प, अग्नि की साक्षी तथा निर्धारित वैदिक विधियों के माध्यम से वर-वधू अपने नए जीवन की शुरुआत करते हैं।
विशेष जानकारी

वाराणसी
मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी
माँ मंगला गौरी — मंगल, सौभाग्य और विवाह की मंगलकामना की आराध्या देवी
वाराणसी की पवित्र धार्मिक भूमि पर स्थित माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी माँ गौरी के मंगलमयी स्वरूप को समर्पित एक महत्वपूर्ण देवी मंदिर है। काशी की धार्मिक परंपरा में माँ मंगला गौरी की आराधना को मंगल, सौभाग्य, वैवाहिक सुख, पारिवारिक कल्याण और देवी कृपा की कामना से जोड़ा जाता है।
माँ मंगला गौरी की पूजा विशेष रूप से विवाह की मंगलकामना के लिए भी कराई जाती है। जिन अविवाहित कन्याओं या पुरुषों के विवाह में विलंब हो रहा हो, विवाह तय होने में बार-बार बाधाएं आ रही हों, विवाह की बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही हो अथवा विवाह तय होकर किसी कारणवश संबंध टूट जाता हो, वे माँ मंगला गौरी के समक्ष श्रद्धापूर्वक संकल्प लेकर पूजा एवं मंत्र जाप करा सकते हैं।
धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की आराधना के माध्यम से भक्त शीघ्र, शुभ एवं मंगलमय विवाह तथा योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की प्रार्थना करते हैं। यह पूजा केवल कन्याओं के लिए ही नहीं, बल्कि अविवाहित पुरुष भी अपने विवाह की मंगलकामना से करा सकते हैं।
विवाहित महिलाएं भी अपने दांपत्य जीवन में सुख, शांति, प्रेम, सौहार्द एवं अखंड सौभाग्य की प्रार्थना के लिए माँ की आराधना कर सकती हैं।
माँ मंगला गौरी का धार्मिक महत्व
हिंदू धार्मिक परंपरा में माँ गौरी को स्त्री शक्ति, सौभाग्य, मंगल, पवित्रता और पारिवारिक कल्याण से संबंधित देवी स्वरूप माना जाता है। माँ मंगला गौरी की पूजा विशेष रूप से जीवन में शुभता और मंगल की कामना के लिए की जाती है।
लक्सा, वाराणसी स्थित मंगला गौरी मंदिर में श्रद्धालु माँ के दर्शन एवं पूजन कर अपने जीवन, विवाह, दांपत्य सुख और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करते हैं।
विशेष रूप से विवाह योग्य कन्या या पुरुष के लिए माँ मंगला गौरी की पूजा विवाह संबंधी मंगलकामना के साथ कराई जा सकती है। यदि विवाह में लगातार विलंब हो रहा हो, योग्य रिश्ता मिलने में कठिनाई हो, विवाह की बातचीत बार-बार रुक जाती हो या विवाह तय होकर संबंध टूट जाता हो, तो श्रद्धालु धार्मिक आस्था के अनुसार माँ के समक्ष विशेष विवाह संकल्प लेकर पूजा करा सकते हैं।
विवाहित महिलाएं भी अपने दांपत्य जीवन में सुख, शांति, प्रेम एवं सामंजस्य बनाए रखने तथा सौभाग्य की मंगलकामना से माँ की पूजा कर सकती हैं।
मंगला गौरी मंदिर में होने वाली प्रमुख पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठान
माँ मंगला गौरी की आराधना श्रद्धालुओं द्वारा अपनी श्रद्धा, मनोकामना और विशेष संकल्प के अनुसार की जाती है। विवाह संबंधी मंगलकामना के लिए माँ मंगला गौरी पूजन, मंगला चण्डिका मंत्र जाप तथा आवश्यकतानुसार हवन कराया जा सकता है।
पूजा की निर्धारित विधि के अनुसार गणेश पूजन, कलश पूजन, देवी आवाहन, माँ मंगला गौरी पूजन, पुष्प एवं नैवेद्य अर्पण, मंत्र जाप, हवन तथा आरती जैसी धार्मिक विधियां सम्मिलित की जा सकती हैं।
विवाह के लिए पूजा कराते समय विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र एवं विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ देवी की आराधना की जाती है।
प्रमुख धार्मिक विधियां
मंगला गौरी मंदिर में विवाह के लिए विशेष पूजा
माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी में विवाह की मंगलकामना के लिए विशेष पूजा एवं मंत्र जाप कराया जा सकता है। धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की आराधना विवाह से संबंधित शुभ संकल्पों के लिए विशेष महत्व रखती है।
यह पूजा अविवाहित कन्या और अविवाहित पुरुष दोनों अपनी विवाह संबंधी मंगलकामना के लिए करा सकते हैं।
जिनके विवाह में विलंब हो रहा हो, विवाह तय होने में बार-बार बाधाएं आ रही हों, विवाह की बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही हो या विवाह तय होकर संबंध टूट जाता हो, वे माँ के समक्ष श्रद्धापूर्वक विशेष विवाह संकल्प लेकर पूजा एवं मंत्र जाप करा सकते हैं।
विशेष रूप से विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र एवं विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ माँ मंगला गौरी का पूजन, मंगला चण्डिका मंत्र जाप एवं आवश्यकतानुसार हवन कराया जा सकता है।
यह पूजा विशेष रूप से इन मंगलकामनाओं के लिए कराई जा सकती है
माँ मंगला गौरी की पूजा क्यों कराई जाती है?
माँ मंगला गौरी की पूजा श्रद्धा और धार्मिक आस्था के अनुसार जीवन में मंगल एवं देवी कृपा की कामना से की जाती है। विशेष रूप से विवाह एवं दांपत्य जीवन से संबंधित मंगलकामनाओं के लिए माँ की आराधना का महत्व माना जाता है।
मंगला गौरी पूजा के माध्यम से श्रद्धालु विवाह, पारिवारिक सुख, दांपत्य शांति, सौभाग्य तथा जीवन में शुभता की प्रार्थना करते हैं। अविवाहित कन्या और पुरुष विवाह की मंगलकामना से तथा विवाहित महिलाएं दांपत्य सुख एवं सौभाग्य की प्रार्थना से देवी की आराधना कर सकती हैं।
इन लाभों को धार्मिक मान्यता एवं आस्था के संदर्भ में समझना चाहिए। पूजा किसी निश्चित सांसारिक परिणाम की गारंटी नहीं होती, बल्कि श्रद्धालु इसे देवी के प्रति अपनी श्रद्धा, संकल्प और मंगलकामना के रूप में करते हैं।
मंगला गौरी पूजा करवाने के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कराने से श्रद्धालु अनेक आध्यात्मिक एवं सांसारिक मंगलकामनाओं के लिए देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।
माँ मंगला गौरी की आराधना से संबंधित प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक मंगलकामनाएं इस प्रकार हैंः
मंगला चण्डिका मंत्र जाप
माँ मंगला गौरी की विशेष आराधना में मंगला चण्डिका मंत्र जाप कराया जा सकता है। यह मंत्र देवी के मंगलमय स्वरूप की उपासना और विशेष संकल्प के साथ किया जाता है।
मंगला चण्डिका मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवि मङ्गलचण्डिके ह्रूं फट् स्वाहा॥
मंत्र जाप के दौरान श्रद्धालु अपनी विशेष मंगलकामना एवं संकल्प के साथ देवी की आराधना करते हैं। विवाह संबंधी पूजा में विवाह योग्य कन्या या पुरुष के नाम, गोत्र और विवाह की मंगलकामना के संकल्प के साथ मंत्र जाप कराया जा सकता है।
मंदिर परिसर के प्रमुख पवित्र स्थल
उपलब्ध विवरण में मंदिर परिसर के भीतर स्थित अन्य विशिष्ट पवित्र स्थलों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए बिना प्रमाण के किसी गर्भगृह, कुंड, प्रतिमा, यज्ञशाला या अन्य देवालय के संबंध में विशिष्ट जानकारी नहीं जोड़ी जा रही है।
मंदिर का मुख्य धार्मिक केंद्र माँ मंगला गौरी की आराधना और दर्शन है, जहां श्रद्धालु अपनी श्रद्धा एवं संकल्प के अनुसार देवी का पूजन करते हैं।
मंगला गौरी मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण
काशी की धार्मिक परंपरा से जुड़ा यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए देवी आराधना, प्रार्थना और आध्यात्मिक साधना का स्थान है। माँ मंगला गौरी के समक्ष श्रद्धालु अपने विवाह, दांपत्य जीवन, परिवार और व्यक्तिगत मंगलकामनाओं के लिए संकल्प लेकर पूजा करते हैं।
देवी की आराधना के दौरान मंत्र जाप, पूजन, नैवेद्य अर्पण, हवन और आरती जैसी धार्मिक विधियां श्रद्धा एवं भक्ति का वातावरण निर्मित करती हैं। भक्त माँ के समक्ष अपनी मनोकामनाएं रखते हुए जीवन में मंगल, सौभाग्य और पारिवारिक सुख की प्रार्थना करते हैं।
विशेष अवसरों पर मंगला गौरी मंदिर का महत्व
माँ मंगला गौरी की पूजा का महत्व विशेष रूप से मंगल, सौभाग्य, विवाह एवं दांपत्य जीवन की मंगलकामना से जुड़ी धार्मिक आस्था के संदर्भ में देखा जाता है।
विशेष धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालु देवी के दर्शन और पूजन के लिए मंदिर में आते हैं। हालांकि उपलब्ध विवरण में मंदिर के विशिष्ट वार्षिक पर्वों एवं उनके निश्चित आयोजन का विस्तृत प्रमाण उपलब्ध नहीं है, इसलिए किसी विशेष पर्व को मंदिर का आधिकारिक प्रमुख पर्व बताकर प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी कैसे पहुंचे
हवाई मार्ग
मंदिर वाराणसी में स्थित है। वाराणसी की यात्रा के लिए हवाई मार्ग का उपयोग करने वाले श्रद्धालु वाराणसी के प्रमुख हवाई अड्डे तक पहुंचकर वहां से स्थानीय परिवहन के माध्यम से मंदिर क्षेत्र की ओर जा सकते हैं।
रेल मार्ग
वाराणसी रेल मार्ग से देश के अनेक प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। रेल से आने वाले श्रद्धालु वाराणसी के प्रमुख रेलवे स्टेशन तक पहुंचकर स्थानीय परिवहन के माध्यम से लक्सा स्थित मंदिर तक जा सकते हैं।
सड़क मार्ग
वाराणसी शहर के भीतर सड़क मार्ग से मंगला गौरी मंदिर, लक्सा तक पहुंचा जा सकता है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध परिवहन साधनों के माध्यम से श्रद्धालु मंदिर क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं।
मंदिर तक पहुंचने की सटीक दूरी और मार्ग यात्रा के प्रारंभिक स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
दर्शन हेतु सर्वोत्तम समय
माँ मंगला गौरी के दर्शन एवं पूजा के लिए श्रद्धालु अपनी सुविधा और धार्मिक संकल्प के अनुसार मंदिर जा सकते हैं। विवाह एवं दांपत्य जीवन से संबंधित विशेष पूजा कराने से पहले पूजा की उपलब्धता, निर्धारित समय और आवश्यक धार्मिक विधि की जानकारी संबंधित मंदिर व्यवस्था या पूजा कराने वाले आचार्य से प्राप्त करना उचित रहेगा।
विशेष धार्मिक अवसरों पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो सकती है, इसलिए ऐसे अवसरों पर यात्रा की योजना पहले से बनाना सुविधाजनक हो सकता है।
निष्कर्ष
माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा, वाराणसी माँ गौरी के मंगलमय स्वरूप की आराधना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। धार्मिक आस्था के अनुसार माँ मंगला गौरी की पूजा विवाह, सौभाग्य, दांपत्य सुख, पारिवारिक कल्याण और जीवन में मंगल की कामना के लिए की जाती है।
अविवाहित कन्या और पुरुष विवाह की मंगलकामना के लिए तथा विवाहित महिलाएं दांपत्य सुख और अखंड सौभाग्य की प्रार्थना के लिए माँ की आराधना कर सकते हैं। मंगला चण्डिका मंत्र जाप, देवी पूजन, संकल्प, हवन और आरती जैसी विधियों के माध्यम से श्रद्धालु माँ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं और अपने जीवन में शुभता एवं देवी कृपा की मंगलकामना करते हैं।
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा रोड, वाराणसी में 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा वर-वधू का विवाह संस्कार वैदिक विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराया जाएगा। विवाह संस्कार से पूर्व माँ मंगला गौरी एवं भगवान गणेश का पूजन कर वर-वधू के सुखी, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए विशेष संकल्प लिया जाएगा। यह पावन संस्कार वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास, सौहार्द एवं पारिवारिक मंगल की मंगलकामना के साथ सम्पन्न किया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
यजमान द्वारा लाने वाली सामग्री
विवाह संस्कार के लिए आवश्यक व्यक्तिगत एवं वैवाहिक सामग्री यजमान जी को स्वयं लेकर आनी होगी। इसमें वर-वधू के वस्त्र, मंगलसूत्र, सिंदूर, वरमाला तथा विवाह से संबंधित अन्य आवश्यक व्यक्तिगत सामग्री शामिल है।
माँ मंगला गौरी एवं भगवान गणेश की कृपा से सम्पन्न यह पवित्र विवाह संस्कार वर-वधू के जीवन में प्रेम, विश्वास, आपसी सामंजस्य, सुख, समृद्धि एवं पारिवारिक मंगल की कामना के लिए सम्पन्न किया जाता है। वैदिक परंपरा के अनुसार सम्पन्न यह संस्कार नवविवाहित दंपति के मंगलमय एवं सुखी दांपत्य जीवन के लिए शुभ आशीर्वाद प्रदान करने वाला माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
श्रेष्ठ पैकेज — विवाह संस्कार
माँ मंगला गौरी मंदिर, लक्सा रोड, वाराणसी में श्रेष्ठ पैकेज के अंतर्गत वर-वधू का वैदिक विवाह संस्कार 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाएगा। विवाह संस्कार से पूर्व माँ मंगला गौरी एवं गणेश जी का पूजन कर वर-वधू के सुखी, समृद्ध, सौहार्दपूर्ण एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए विशेष संकल्प लिया जाएगा।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
विवाह संस्कार के लिए आवश्यक व्यक्तिगत एवं वैवाहिक सामग्री यजमान को स्वयं लेकर आनी होगी। इसमें वर-वधू के वस्त्र, मंगलसूत्र, सिंदूर, वरमाला तथा विवाह से संबंधित अन्य आवश्यक व्यक्तिगत सामग्री सम्मिलित है।
माँ मंगला गौरी एवं गणेश जी की कृपा से संपन्न यह पवित्र विवाह संस्कार वर-वधू के जीवन में प्रेम, विश्वास, परस्पर सम्मान, सुख, समृद्धि और सौहार्द की मंगलकामना के साथ किया जाता है। यह संस्कार दांपत्य जीवन में शुभता, स्थिरता एवं आध्यात्मिक आधार प्रदान करने की प्रार्थना के साथ संपन्न होता है।
2 वस्तुएँ शामिल
विवाह के बारे में हमसे बात करें
WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।