मुख्य सामग्री पर जाएं
Pujari Ji

अमावस्या जनन शांति

इन शहरों में घर पर सेवा उपलब्ध:मुंबईबेंगलुरु
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
अमावस्या जनन शांति

अमावस्या जनन शांति पूजा एक महत्वपूर्ण वैदिक एवं ज्योतिषीय अनुष्ठान है, जिसे अमावस्या तिथि के आसपास जन्म लेने वाले जातकों के लिए विशेष रूप से कराया जाता है। हिंदू पंचांग एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के समय सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में स्थित होते हैं। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा तथा चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। इस ग्रह स्थिति के प्रभावों की शांति एवं आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना के लिए यह पूजा सम्पन्न की जाती है।

यह अनुष्ठान घर पर अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। श्रद्धालु इस पूजा के माध्यम से जन्म तिथि से संबंधित दोषों की शांति, पारिवारिक मंगल तथा सुखमय जीवन की कामना करते हैं।

Duration

2h 30m – 5h

Best time

मुहूर्त अनुसार

Starting price

₹11,000

लाभ

  • जन्म तिथि से संबंधित अशुभ ज्योतिषीय प्रभावों की शांति तथा जीवन में शुभता की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है। मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन एवं आत्मबल की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है। पारिवारिक सुख-शांति एवं आपसी सामंजस्य बनाए रखने के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है। सूर्यदेव एवं चंद्रदेव की कृपा, आशीर्वाद एवं संरक्षण प्राप्त करने की धार्मिक भावना से यह अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। पितृ देवताओं के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए परिवार के सुख एवं कल्याण की मंगलकामना की जाती है। जीवन की बाधाओं एवं कठिन परिस्थितियों का धैर्य और सकारात्मकता के साथ सामना करने की शक्ति के लिए प्रार्थना की जाती है। आध्यात्मिक उन्नति, आत्मचिंतन एवं ईश्वर के प्रति श्रद्धा और भक्ति की भावना को बढ़ावा देने के लिए यह अनुष्ठान शुभ माना जाता है।

अमावस्या जनन शांति

अमावस्या जनन शांति पूजा उन जातकों के लिए एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है, जिनका जन्म कृष्ण चतुर्दशी, अमावस्या अथवा प्रतिपदा तिथि में हुआ हो। पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन तिथियों में जन्म लेने वाले जातकों के लिए जन्म तिथि शांति का विधान बताया गया है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में स्थित होते हैं, तब अमावस्या योग बनता है। सूर्य आत्मबल, तेज एवं आत्मा का प्रतीक माना जाता है, जबकि चंद्रमा मन, भावनाओं एवं मानसिक स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है। इन दोनों ग्रहों की युति को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि में जन्म लेने वाले जातकों के लिए दर्श शांति एवं अन्य निर्धारित वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न कराने की परंपरा है। चतुर्दशी से संबंधित अमावस्या को सिनीवाली तथा प्रतिपदा से संबंधित अमावस्या को कुहू कहा जाता है। जन्म तिथि, नक्षत्र एवं अन्य ज्योतिषीय स्थितियों के आधार पर पूजा की विधि निर्धारित की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा में मुख्य रूप से निम्न देवताओं एवं शक्तियों का पूजन किया जाता हैः

  • भगवान सूर्यदेव
  • चंद्र देव
  • भगवान गणेश
  • नवग्रह देवता
  • पितृ देवता

धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्यदेव एवं चंद्र देव की आराधना से आत्मबल, मानसिक संतुलन एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है। नवग्रह पूजन के माध्यम से ग्रहों की शांति तथा पितृ देवताओं के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया जाता है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • अमावस्या तिथि में जन्म लेने वाले जातकों के लिए
  • कृष्ण चतुर्दशी अथवा प्रतिपदा तिथि में जन्म होने पर, ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार
  • जन्म तिथि शांति के लिए निर्धारित शुभ मुहूर्त में
  • अमावस्या तिथि के अवसर पर
  • जन्म कुंडली में अमावस्या योग के ज्योतिषीय विश्लेषण के आधार पर
  • अनुभवी ज्योतिषाचार्य के परामर्शानुसार

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जन्म तिथि से संबंधित दोषों की शांति के लिए
  • मानसिक तनाव एवं भावनात्मक अस्थिरता की स्थिति में
  • पारिवारिक अशांति एवं आपसी मतभेद होने पर
  • जीवन में बार-बार बाधाओं का अनुभव होने पर
  • आत्मविश्वास एवं मानसिक स्थिरता की मंगलकामना के लिए
  • पितृ दोष से संबंधित ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शांति अनुष्ठान हेतु
  • नवजात शिशु के जन्म से संबंधित पारंपरिक शांति अनुष्ठान के लिए

प्रमुख मंत्र

  • ॐ सूर्याय नमः॥
  • ॐ सोमाय नमः॥
  • ॐ नमः शिवाय॥
  • ॐ गं गणपतये नमः॥

पूजा के लाभ

  • जन्म तिथि से संबंधित अशुभ ज्योतिषीय प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन एवं आत्मबल की मंगलकामना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख-शांति एवं आपसी सामंजस्य के लिए पूजा की जाती है।
  • सूर्यदेव एवं चंद्र देव की कृपा प्राप्त करने की धार्मिक भावना से अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।
  • पितृ देवताओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए पारिवारिक कल्याण की प्रार्थना की जाती है।
  • जीवन की बाधाओं एवं कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए धैर्य एवं सकारात्मकता की मंगलकामना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति, आत्मचिंतन एवं ईश्वर के प्रति श्रद्धा बढ़ाने के उद्देश्य से यह अनुष्ठान शुभ माना जाता है।

आध्यात्मिक महत्व

अमावस्या जनन शांति पूजा का आध्यात्मिक महत्व जन्म तिथि से संबंधित पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं एवं वैदिक शांति अनुष्ठानों से जुड़ा हुआ है। अमावस्या तिथि को हिंदू धर्म में पितृ तर्पण, दान, जप एवं आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस अनुष्ठान में सूर्यदेव, चंद्र देव, नवग्रह एवं पितृ देवताओं की आराधना के माध्यम से जीवन में शांति, संतुलन एवं शुभता की मंगलकामना की जाती है। वैदिक मंत्रोच्चार, संकल्प, पूजन एवं हवन श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था तथा आध्यात्मिक साधना से जोड़ते हैं।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा घर पर पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से पूजा सम्पन्न कराई जाती है।
  • श्रद्धालु के नाम, गोत्र एवं जन्म विवरण के अनुसार वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • पूजा की विधि निर्धारित करने के लिए जन्म तिथि, समय एवं जन्म स्थान की जानकारी आवश्यक हो सकती है।
  • सभी आवश्यक पूजन सामग्री वैदिक आचार्य अपने साथ लेकर आते हैं।
  • पूजा की बुकिंग के बाद श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी एवं तैयारी संबंधी निर्देश प्रदान किए जाते हैं।
  • जन्म के समय शांति अनुष्ठान नहीं हो पाया हो, तो बाद में भी ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार यह पूजा कराई जा सकती है।

.

घर पर सम्पन्न किया जाने वाला यह अमावस्या जनन शांति अनुष्ठान अमावस्या तिथि में जन्म से संबंधित दोषों की शांति तथा जीवन में शांति, सुरक्षा, सकारात्मक ऊर्जा एवं शुभता की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक किया जाता है।

हमारी गारंटी

100% प्रमाणित पुजारी
पूरी पूजा सामग्री शामिल
वैदिक विधि-विधान
मार्गदर्शन व सहायता

पैकेज चुनें

  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    उन्नत पैकेज के अंतर्गत 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण विधि-विधान के साथ अमावस्या जनन शांति अनुष्ठान श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह पवित्र अनुष्ठान लगभग 2 से 3 घंटे में संपन्न होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पूजा अमावस्या में जन्म से संबंधित दोषों, पितृ दोष एवं मानसिक अशांति की शांति तथा जीवन में सुख, संतुलन और सकारात्मकता की मंगलकामना के लिए की जाती है।

    यह अनुष्ठान विशेष रूप से अमावस्या तिथि में जन्मे जातकों, चंद्र दोष की शांति, पारिवारिक समस्याओं से राहत तथा भगवान शिव, पितृ देवताओं एवं शनिदेव की कृपा प्राप्ति की कामना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • भगवान शिव (रुद्र) पूजन
    • पितृ पूजन
    • सूर्य एवं चंद्र पूजन
    • विशेष मंत्र जाप
    • वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण विधि-विधान से अमावस्या जनन शांति अनुष्ठान
    • अमावस्या जन्म दोष एवं चंद्र दोष की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • पितृ देवताओं एवं भगवान शिव की आराधना
    • घर पर पूजा संपन्न कराने की सुविधा
    • पूजा की बुकिंग के बाद समय-समय पर अनुष्ठान की प्रक्रिया की जानकारी एवं आवश्यक निर्देश
    • सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्यों द्वारा लाई जाएगी

    अनुष्ठान की अवधि

    यह अनुष्ठान सामान्यतः 2 से 3 घंटे में संपन्न कराया जाता है। पूजा की विधि एवं परिस्थितियों के अनुसार अवधि में बदलाव हो सकता है।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    पूजा के लिए आवश्यक व्यवस्था

    • घर पर बैठने की उचित व्यवस्था एवं आसन तैयार रखें।
    • सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य अपने साथ लेकर आएंगे।
    • पूजा सामग्री की विस्तृत सूची बुकिंग के बाद उपलब्ध कराई जाएगी।

    भगवान शिव, पितृ देवताओं एवं शनिदेव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान अमावस्या जन्म से संबंधित दोषों की शांति, पारिवारिक सुख, मानसिक शांति एवं जीवन में संतुलन की प्रार्थना के लिए किया जाता है। श्रद्धापूर्वक किए गए पूजन, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान एवं उनके परिवार के सुख, समृद्धि, सकारात्मकता और कल्याण की मंगलकामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹13,00015% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    श्रेष्ठ पैकेज के अंतर्गत 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा अमावस्या जनन शांति अनुष्ठान पूर्ण विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह पवित्र अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पूजा अमावस्या में जन्म से संबंधित दोषों, पितृ दोष, चंद्र दोष एवं मानसिक अशांति की शांति के लिए की जाती है। विशेष रूप से अमावस्या में जन्मे जातकों एवं पारिवारिक समस्याओं से मुक्ति की मंगलकामना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह अनुष्ठान भगवान शिव, पितृ देवताओं एवं शनिदेव की कृपा प्राप्ति हेतु किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • सर्वतोभद्र मंडल स्थापना
    • भगवान शिव (रुद्र) पूजन
    • पितृ पूजन
    • सूर्य एवं चंद्र पूजन
    • विशेष मंत्र जाप
    • वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा संपूर्ण विधि-विधान से अनुष्ठान
    • अमावस्या जनन दोष एवं पितृ दोष की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • भगवान शिव, पितृ देवताओं एवं शनिदेव का विशेष पूजन
    • परिवार में सुख-शांति, मानसिक संतुलन एवं सकारात्मकता की मंगलकामना
    • पूजा की प्रक्रिया एवं आवश्यक निर्देशों की जानकारी

    अनुष्ठान की अवधि

    यह विशेष अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न कराया जाता है।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    पूजा की आवश्यक व्यवस्था

    • सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य अपने साथ लेकर आएंगे।
    • यजमान को घर पर बैठने की व्यवस्था एवं आसन आदि तैयार रखने होंगे।
    • पूजा के लिए आवश्यक सामग्री की विस्तृत सूची पहले से उपलब्ध कराई जाएगी।

    भगवान शिव, पितृ देवताओं एवं शनिदेव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान अमावस्या जनन दोष, पितृ दोष एवं चंद्र दोष से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान एवं उनके परिवार के जीवन में मानसिक शांति, पारिवारिक सुख, संतुलन, समृद्धि और मंगल की प्रार्थना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹19,000₹21,00010% off

    2 वस्तुएँ शामिल

अमावस्या जनन शांति के बारे में हमसे बात करें

WhatsApp

भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”

प्रिया शर्मा

मुंबई• Satyanarayan Puja

“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek

“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”

मीना अय्यर

बैंगलोर• Graha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

और अधिक जानें

कैसे काम करता है

एक बार बुक करें — बाकी सब पुजारीजी संभाले

एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।

  1. आप

    बुक करें और संकल्प बताएँ

    पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।

  2. पुजारीजी

    हम प्रमाणित पुजारी नियुक्त करते हैं

    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।
पावन तीर्थों में पूजा

अपनी श्रद्धा को पावन तीर्थ तक ले जाएँ

तीर्थ यात्रा की योजना है या किसी प्रतिष्ठित मंदिर में अमावस्या जनन शांति करवाना चाहते हैं? इन पावन स्थलों को जानें और अपनी यात्रा के लिए उपयुक्त पूजा पैकेज चुनें।

अभी बुक करें अमावस्या जनन शांति

ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।