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Pujari Ji

चंद्र राहु ग्रहण योग शांति

इन शहरों में घर पर सेवा उपलब्ध:मुंबईबेंगलुरुगुरुग्रामदिल्लीलखनऊनोएडा
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
चंद्र राहु ग्रहण योग शांति

चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति पूजा भगवान शिव, चंद्र देव तथा राहु देव की आराधना से संबंधित एक महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। जब जन्म कुंडली में चंद्रमा और राहु की युति अथवा अन्य प्रतिकूल ग्रह संबंध बनते हैं, तब ज्योतिषीय परंपरा में इसे चंद्र-राहु ग्रहण योग से जोड़ा जाता है।

चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है, जबकि राहु को भ्रम, असमंजस और अप्रत्याशित परिस्थितियों से संबंधित ग्रह माना जाता है। इसलिए इस योग की शांति के लिए श्रद्धालु भगवान शिव तथा संबंधित ग्रह देवताओं की उपासना करते हैं।

Duration

4h 10m – 4h

Best time

मुहूर्त अनुसार

Starting price

₹12,000

लाभ

  • मानसिक तनाव, भय एवं भ्रम से राहत तथा मन में शांति की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • मन की स्थिरता एवं सकारात्मक चिंतन के विकास की मंगलकामना की जाती है।
  • आत्मविश्वास, मानसिक दृढ़ता एवं निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख, शांति एवं भावनात्मक संतुलन की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • चंद्र-राहु ग्रहण दोष से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति तथा जीवन में स्थिरता एवं अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।

चंद्र राहु ग्रहण योग शांति

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली में चंद्रमा और राहु की युति अथवा उनके बीच बनने वाले कुछ प्रतिकूल संबंधों को चंद्र-राहु ग्रहण योग के रूप में देखा जाता है। ऐसी ग्रह स्थिति को मानसिक तनाव, भय, भ्रम, भावनात्मक अस्थिरता तथा निर्णय लेने में कठिनाई से संबंधित माना जाता है।

इस योग की शांति के लिए वैदिक विधि से ग्रह पूजन, मंत्र जप, हवन तथा भगवान शिव की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह अनुष्ठान मानसिक शांति, आत्मबल, सकारात्मक चिंतन तथा आध्यात्मिक संतुलन की मंगलकामना के लिए किया जाता है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा में मुख्य रूप से निम्न देवताओं की आराधना की जाती हैः

  • भगवान शिव
  • चंद्र देव
  • राहु देव
  • भगवान गणेश
  • नवग्रह देवता

चंद्रमा को मन एवं भावनाओं का कारक तथा राहु को भ्रम एवं असमंजस से संबंधित ग्रह माना जाता है। भगवान शिव की उपासना के साथ चंद्र एवं राहु की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति तथा जीवन में मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन की मंगलकामना इस अनुष्ठान का प्रमुख उद्देश्य है।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • सोमवार
  • अमावस्या
  • चंद्रमा से संबंधित शुभ नक्षत्र
  • राहु से संबंधित उपयुक्त मुहूर्त
  • चंद्र महादशा में राहु की अंतर्दशा
  • राहु महादशा में चंद्र की अंतर्दशा
  • जब जन्म कुंडली में चंद्रमा राहु से पीड़ित हो
  • चंद्र-राहु के प्रतिकूल गोचर के समय
  • अनुभवी ज्योतिषाचार्य के परामर्शानुसार

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • मानसिक तनाव, भय एवं बेचैनी की स्थिति में
  • बार-बार भ्रम या असमंजस का अनुभव होने पर
  • निर्णय लेने में कठिनाई होने पर
  • भयावह स्वप्न अथवा नींद में अस्थिरता होने पर
  • माता के साथ संबंधों में तनाव होने पर
  • पारिवारिक अशांति एवं भावनात्मक अस्थिरता की स्थिति में
  • आत्मविश्वास में कमी तथा नकारात्मक चिंतन की स्थिति में
  • जन्म कुंडली में चंद्र-राहु से संबंधित अशुभ योग होने पर

प्रमुख मंत्र

  • ॐ नमः शिवाय॥
  • ॐ सोमाय नमः॥
  • ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥
  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

पूजा के लाभ

  • मानसिक शांति एवं मन की स्थिरता की प्रार्थना की जाती है।
  • भय, भ्रम एवं नकारात्मक विचारों में कमी आने की मंगलकामना की जाती है।
  • आत्मबल एवं सकारात्मक चिंतन में वृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
  • निर्णय लेने में स्पष्टता एवं मानसिक संतुलन की मंगलकामना की जाती है।
  • पारिवारिक सुख-शांति एवं भावनात्मक सामंजस्य की प्रार्थना की जाती है।
  • चंद्रमा एवं राहु से संबंधित अशुभ ग्रह प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति एवं अंतर्मन की शांति के लिए यह अनुष्ठान शुभ माना जाता है।

आध्यात्मिक महत्व

चंद्र-राहु ग्रहण योग शांति पूजा भगवान शिव की आराधना तथा ग्रह शांति की वैदिक परंपरा से जुड़ा हुआ अनुष्ठान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्रमा से संबंधित मानसिक एवं भावनात्मक अस्थिरता तथा राहु से संबंधित भ्रम एवं असमंजस की शांति के लिए इस पूजा में विशेष प्रार्थना की जाती है।

मंत्र जप, देव आराधना, हवन एवं संकल्प के माध्यम से श्रद्धालु मानसिक स्पष्टता, आत्मबल, सकारात्मक चिंतन तथा आध्यात्मिक शांति की मंगलकामना करते हैं।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • श्रद्धालु के नाम एवं गोत्र के अनुसार वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्म कुंडली के आधार पर अनुष्ठान की विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • घर पर भी शास्त्रोक्त विधि से पूजा सम्पन्न कराने की व्यवस्था उपलब्ध है।
  • सम्पूर्ण पूजन सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
  • मंत्र जप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।

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हमारी गारंटी

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पूरी पूजा सामग्री शामिल
वैदिक विधि-विधान
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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    यह पवित्र शांति अनुष्ठान यजमान के घर पर 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कुंडली में चंद्रमा और राहु की युति से बनने वाले ग्रहण योग से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए यह पूजा की जाती है। अनुष्ठान में मानसिक शांति, भावनात्मक स्थिरता, भय एवं भ्रम से राहत तथा जीवन में सकारात्मकता की मंगलकामना की जाती है। यह पूजा लगभग 3 से 5 घंटे में संपन्न कराई जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश पूजन
    • मातृका पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • चंद्र देव पूजन
    • राहु देव पूजन
    • चंद्र मंत्र जाप — 11000 जप
    • ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
    • राहु मंत्र जाप — 1,8000 जप
    • ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • यजमान के घर पर पूर्ण वैदिक विधि-विधान से पूजा
    • 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शांति अनुष्ठान
    • पूजा की संपूर्ण व्यवस्था
    • अनुष्ठान के दौरान आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन
    • चंद्र-राहु योग से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान के लिए स्वच्छ एवं पारंपरिक वस्त्र
    • इस शांति पूजा में यजमान को नए वस्त्र धारण करने होंगे तथा पूजा पूर्ण होने के बाद वस्त्र सहित स्नान करना होगा
    • सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्य अपने साथ लेकर आएंगे

    यह पवित्र चंद्र-राहु योग शांति अनुष्ठान श्रद्धापूर्वक चंद्र देव एवं राहु देव की आराधना, मंत्र जाप, हवन और पूर्णाहुति के माध्यम से मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, स्थिरता और सकारात्मकता की मंगलकामना के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पूजा चंद्र-राहु से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन और यजमान के जीवन में सुख, शांति एवं मंगल की प्रार्थना के लिए संपन्न की जाती है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    समस्त पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹12,000₹15,00020% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान घर पर पूर्ण विधि-विधान के साथ 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा संपन्न कराया जाता है। यह पूजा जन्मकुंडली में चंद्र और राहु की युति से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अनुष्ठान के माध्यम से मानसिक अशांति, भय, भ्रम, अस्थिरता एवं नकारात्मक विचारों से राहत तथा मानसिक शांति और स्थिरता की मंगलकामना की जाती है। यह विशेष अनुष्ठान लगभग 6 से 8 घंटे में संपन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्ति वाचन
    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश पूजन
    • मातृका पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • चंद्र देव पूजन
    • राहु देव पूजन
    • चंद्र बीज मंत्र जाप — 11,000 जप
    • ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
    • राहु बीज मंत्र जाप — 18,000 जप
    • ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
    • महामृत्युंजय मंत्र जाप — 5,100 जप
    • रुद्राभिषेक
    • विशेष हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • यजमान के घर पर पूर्ण वैदिक विधि-विधान से अनुष्ठान
    • 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक पूजा
    • चंद्र एवं राहु से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • रुद्राभिषेक, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत अनुष्ठान
    • पूजा की संपूर्ण व्यवस्था आचार्यों द्वारा की जाएगी
    • पूजा की तिथि एवं आवश्यक निर्देश पहले से साझा किए जाएंगे

    आवश्यक जानकारी

    विशेष निर्देश: इस शांति पूजा में यजमान के लिए नए एवं स्वच्छ वस्त्र धारण करना आवश्यक है। पूजा पूर्ण होने के बाद यजमान को वस्त्रों सहित स्नान करना होगा।

    चंद्र देव, राहु देव एवं भगवान शिव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान चंद्र-राहु योग से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक शांति, भावनात्मक स्थिरता और सकारात्मकता की प्रार्थना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, रुद्राभिषेक, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में शांति, स्थिरता, सुरक्षा और मंगल की कामना की जाती है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    समस्त पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹25,000₹31,00019% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”

प्रिया शर्मा

मुंबई• Satyanarayan Puja

“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek

“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”

मीना अय्यर

बैंगलोर• Graha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।

  5. पुजारीजी

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    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।
पावन तीर्थों में पूजा

अपनी श्रद्धा को पावन तीर्थ तक ले जाएँ

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