“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

काल सर्प दोष तब बनता है जब कुंडली के सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, जिससे जीवन में बाधाएं, देरी और संघर्ष उत्पन्न होते हैं। यह पूजा मंत्र जाप, हवन और विधि-विधान के माध्यम से इसके प्रभाव को कम कर के राहत, प्रगति और सकारात्मक परिवर्तन प्रदान करती है।
Duration
2h – 4h
Starting price
₹5,100
कालसर्प दोष शांति पूजा
कालसर्प दोष एक विशेष ज्योतिषीय योग है, जो तब बनता है जब किसी जातक की जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित हो जाते हैं। राहु और केतु छाया ग्रह माने जाते हैं और इनका प्रभाव व्यक्ति के कर्म, मानसिक स्थिति और जीवन की दिशा पर गहरा पड़ता है।
शास्त्रों के अनुसार यह दोष पूर्व जन्म या पितृ ऋण से भी जुड़ा हुआ माना जाता है।
कालसर्प दोष को सामान्य दोष नहीं, बल्कि जीवन में बार-बार आने वाले संघर्ष, रुकावट और अस्थिरता का कारण माना गया है। इसी दोष की शांति के लिए कालसर्प दोष शांति पूजा कराई जाती है।
कालसर्प दोष के प्रकार (कुंडली के अनुसार)
कुंडली में राहु-केतु की स्थिति के आधार पर कालसर्प दोष के कई प्रकार होते हैं, जैसे—
अनंत कालसर्प दोष
कुलिक कालसर्प दोष
वासुकी कालसर्प दोष
शंखपाल कालसर्प दोष
पद्म कालसर्प दोष
महापद्म कालसर्प दोष
तक्षक कालसर्प दोष
कर्कोटक कालसर्प दोष
शेषनाग कालसर्प दोष
विषधर कालसर्प दोष
शेषनाग कालसर्प दोष
शंखचूड़ कालसर्प दोष
प्रत्येक दोष का प्रभाव और उसकी शांति विधि कुंडली के अनुसार अलग-अलग होती है। इसलिए बिना कुंडली देखे पूजा करना पूर्ण फलदायी नहीं माना जाता।
कालसर्प दोष के संभावित प्रभाव
कालसर्प दोष से पीड़ित जातक को जीवन में निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैः
बार-बार मेहनत के बाद भी सफलता न मिलना
स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ और मानसिक तनाव
विवाह में देरी या वैवाहिक विवाद
संतान संबंधी बाधाएँ
आर्थिक नुकसान, कर्ज या व्यापार में अस्थिरता
अचानक दुर्घटनाएँ या भय
निर्णय क्षमता की कमजोरी
हालाँकि हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव समान नहीं होता, यह कुंडली की दशा-अंतरदशा पर भी निर्भर करता है।
कालसर्प दोष शांति पूजा का उद्देश्य
कालसर्प दोष शांति पूजा का मुख्य उद्देश्य राहु और केतु के अशुभ प्रभावों को शांत करना और व्यक्ति के जीवन में संतुलन स्थापित करना है।
यह पूजाः
नकारात्मक ऊर्जा को शांत करती है
ग्रह बाधाओं को कम करती है
मानसिक शांति प्रदान करती है
जीवन में स्थिरता और सकारात्मकता लाती है
कुंडली के अनुसार पूजा विधि
कालसर्प दोष शांति पूजा एक जटिल और विस्तृत वैदिक अनुष्ठान है, जिसे केवल योग्य एवं अनुभवी पंडित द्वारा ही संपन्न कराया जाना चाहिए। कुंडली के अनुसार पूजा में निम्न चरण शामिल होते हैंः
यजमान का नाम, गोत्र एवं जन्म विवरण के साथ संकल्प
गणेश पूजन एवं देव आवाहन
नाग देवता एवं राहु-केतु पूजन
राहु-केतु मंत्र जाप
विशेष हवन एवं आहुति
पूर्णाहुति एवं आशीर्वाद
पूजा की विधि, मंत्र संख्या और हवन सामग्री कुंडली के दोष प्रकार के अनुसार निर्धारित की जाती है।
पूजा का शुभ समय
कालसर्प दोष शांति पूजा के लिए विशेष रूप सेः
अमावस्या
नाग पंचमी
श्रावण मास
राहु-केतु के विशेष मुहूर्त
अत्यंत शुभ माने जाते हैं। हालांकि अंतिम मुहूर्त चयन कुंडली देखकर ही किया जाता है।
पूजा के बाद मिलने वाले लाभ
मानसिक शांति एवं आत्मबल में वृद्धि
जीवन की बाधाओं में कमी
विवाह, संतान और करियर में सुधार
स्वास्थ्य एवं आर्थिक स्थिति में संतुलन
कालसर्प दोष के कारण होने वाले अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाते हैं।
व्यक्ति को सौभाग्य, समृद्धि और परिवार में सद्भाव प्रदान करता है।
व्यक्ति के जीवन में होने वाली असामयिक घटनाएं, बाधाएं या बाधाएं दूर हो जाती हैं।
नकारात्मक ग्रह प्रभावों में कमी
विशेष निर्देश – पूजा के वस्त्र के बारे में
पूजा के समय नए वस्त्र पहनना अनिवार्य है
पूजा पूर्ण होने के बाद, ये वस्त्र वहीं मंदिर में छोड़ना होता है
यह नियम सभी के लिए है — महिला एवं पुरुष दोनों
अतः पूजा में आने से पहले नए कपड़े साथ अवश्य लाएँ और पूजा के दौरान उन्हें ही धारण करें
निष्कर्षः कालसर्प दोष शांति पूजा कोई साधारण पूजा नहीं, बल्कि कुंडली-आधारित वैदिक समाधान है। यदि इसे सही विधि, सही स्थान और योग्य पंडित द्वारा कराया जाए, तो यह व्यक्ति के जीवन में नए सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।

त्र्यंबकेश्वर
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शुद्ध वैदिक अनुष्ठान—आपके घर या पवित्र तीर्थ स्थलों में
1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 1 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो काल सर्प पूजा को पवित्र तीर्थ क्षेत्र में विधि-विधान से सम्पन्न करने के लिए उपयुक्त है।
पूजा प्रक्रिया:
विशेष निर्देश:
2 वस्तुएँ शामिल
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 3 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो काल सर्प पूजा को पवित्र तीर्थ क्षेत्र में अधिक विस्तृत और प्रभावशाली रूप से सम्पन्न करता है।
इस विशेष अनुष्ठान में तांत्रिक राहु ग्रह मंत्र जाप (18,000) शामिल है, जो काल सर्प दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।
पूजा प्रक्रिया:
विशेष निर्देश:
2 वस्तुएँ शामिल
4 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 4 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो काल सर्प पूजा को पवित्र तीर्थ क्षेत्र में अत्यंत प्रभावशाली और विस्तृत रूप से सम्पन्न करता है।
इस विशेष अनुष्ठान में तंत्रोक्त राहु ग्रह मंत्र जाप (18,000) एवं केतु ग्रह मंत्र जाप (17,000) शामिल है, जो काल सर्प दोष के प्रभाव को कम करने में अत्यंत सहायक माना जाता है।
पूजा प्रक्रिया:
विशेष निर्देश:
2 वस्तुएँ शामिल
9 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस पैकेज में 9 आचार्य एवं सभी आवश्यक पूजा सामग्री शामिल है, जो काल सर्प पूजा को पवित्र तीर्थ क्षेत्र में अत्यंत शक्तिशाली और विस्तृत रूप से सम्पन्न करता है।
इस विशेष अनुष्ठान में वैदिक राहु ग्रह मंत्र जाप (18,000) एवं केतु ग्रह मंत्र जाप (17,000) शामिल है, जो काल सर्प दोष से मुक्ति और समग्र आध्यात्मिक सुरक्षा के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
पूजा प्रक्रिया:
विशेष निर्देश:
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
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